ग्वालियर में कांवड़ियों पर सरिया-हथौड़ों से हमला, 20 पर FIR

Gwalior me kavidyon per hamla image

ग्वालियर के किला गेट थाना क्षेत्र में कांवड़ियों पर सरिये और हथौड़ों से हमला, दो युवक गंभीर घायल। थाने के बाहर 3 घंटे प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 20 लोगों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां सावन के पवित्र महीने में हरिद्वार से कांवड़ लेने जा रहे शिवभक्तों पर बीच रास्ते हमला कर दिया गया। हमलावरों ने लाठी-डंडों के साथ-साथ लोहे के सरिये और हथौड़ों का इस्तेमाल किया, जिससे दो कांवड़िए गंभीर रूप से घायल हो गए।

कैसे हुई घटना?

जानकारी के मुताबिक, गुरुवार रात करीब 8:30 बजे ग्वालियर से चार-पांच युवक बाइक से हरिद्वार कांवड़ यात्रा के लिए रवाना हुए थे। किला गेट थाना क्षेत्र के घासमंडी इलाके से गुजरते समय उनकी बाइक आरोपी अरशद खान, गोलू और अकील खान की कार से टकरा गई।

वाहन टकराने के बाद दोनों पक्षों में मामूली कहासुनी शुरू हुई। बहस के दौरान एक युवक का हाथ 24 वर्षीय विवेक यादव के सिर पर लगा, जिससे विवाद और भड़क गया। देखते ही देखते दूसरे पक्ष के आठ से दस युवक मौके पर जुट गए और उनके हाथों में लाठी-डंडे, सरिया और हथौड़े थे।

हमले में दो युवक गंभीर घायल

आरोपियों ने कांवड़ियों पर सीधा हमला बोल दिया। इस हमले में विवेक यादव और शुभम यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विवेक के सिर पर हथौड़े से सीधा वार किया गया, जिससे उनके सिर पर गहरी चोट आई और कई टांके लगाने पड़े। हमला करने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

घायलों की मौजूदा स्थिति को लेकर पुलिस ने बताया कि एक गंभीर घायल युवक को ग्वालियर के अस्पताल में उपचार हेतु भर्ती कराया गया है, जबकि दूसरे घायल को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।

थाने के बाहर घंटों हंगामा, चक्काजाम

घटनास्थल किला गेट और बहोड़ापुर थाना क्षेत्र की सीमा के पास होने की वजह से क्षेत्राधिकार को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई। इससे नाराज कांवड़ियों के साथी और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता पहले बहोड़ापुर थाने पहुंचे, लेकिन वहां की पुलिस ने घटनास्थल दूसरे थाना क्षेत्र में बताते हुए उन्हें किला गेट थाने जाने को कहा।

इससे आक्रोशित लोगों ने करीब दो से तीन घंटे तक थाने के बाहर चक्काजाम कर नारेबाजी की, जिससे पूरे इलाके का यातायात ठप हो गया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस लाइन से अतिरिक्त फोर्स बुलानी पड़ी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाया, जिसके बाद देर रात जाम खुल सका।

पुलिस ने 20 लोगों पर दर्ज किया केस

पुलिस ने देर रात सख्त कार्रवाई करते हुए अरशद खान, गोलू और अकील खान सहित 14 नामजद तथा कुल 20 आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी समेत गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। पुलिस के अनुसार फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

पुलिस का आधिकारिक बयान

ग्वालियर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) सुजावल जग्गा ने आधिकारिक बयान में बताया कि यह मूलतः एक एक्सीडेंट (सड़क दुर्घटना) का मामला था, जो बाद में कहासुनी के कारण विवाद में तब्दील हो गया। फरियादी पक्ष की लिखित शिकायत पर मारपीट व उपद्रव की FIR दर्ज कर ली गई है और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निष्पक्ष जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान कर शीघ्र गिरफ्तारी की जाएगी।

Q1: ग्वालियर में कांवड़ियों पर हमला कब और कहां हुआ?

A1: यह घटना गुरुवार रात किला गेट थाना क्षेत्र के घासमंडी इलाके में हुई, जब हरिद्वार जा रहे कांवड़ियों की बाइक एक कार से टकरा गई।

Q2: हमले में कितने लोग घायल हुए?

A2: हमले में विवेक यादव और शुभम यादव नाम के दो कांवड़िए गंभीर रूप से घायल हुए। एक को अस्पताल में भर्ती कराया गया, दूसरे को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

Q3: पुलिस ने कितने लोगों पर FIR दर्ज की?

A3: पुलिस ने अरशद खान, गोलू और अकील खान सहित 14 नामजद तथा कुल 20 आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।

Q4: थाने के बाहर हंगामा क्यों हुआ?

A4: घटनास्थल दो थानों की सीमा पर होने से क्षेत्राधिकार को लेकर भ्रम बना, जिससे नाराज कांवड़ियों के साथियों और हिंदू संगठनों ने करीब 3 घंटे तक थाने के बाहर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया।

Q5: क्या यह हमला सुनियोजित था?

A5: पुलिस के अनुसार यह मूलतः एक सड़क दुर्घटना (एक्सीडेंट) का मामला था, जो बाद में कहासुनी के चलते हिंसक विवाद में बदल गया। ASP सुजावल जग्गा ने पुष्टि की कि यह सुनियोजित हमला नहीं था।

Q6: आरोपियों की मौजूदा स्थिति क्या है?

A6: सभी 20 आरोपी घटना के बाद से फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

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