Jharkhand JPSC-JSSC Protest: 15वें दिन भी नहीं थमा आंदोलन, सरकार से बातचीत बेनतीजा, अब 10 अगस्त को विधानसभा घेराव

Jharkhand JPSC Protest

Jharkhand में JPSC-JSSC परीक्षा अनियमितता को लेकर छात्रों का आंदोलन 15वें दिन भी जारी, सरकार से बातचीत बेनतीजा, अब 10 अगस्त को विधानसभा घेराव की तैयारी।

झारखंड की राजधानी रांची में JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर Jharkhand JPSC JSSC protest शुक्रवार को अपने 15वें दिन में प्रवेश कर गया। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हजारों अभ्यर्थी पिछले दो हफ्तों से धरने पर बैठे हैं, जिनमें से कई भूख हड़ताल पर भी हैं।

सरकार से पहली औपचारिक बातचीत बेनतीजा

शुक्रवार को छात्रों के 11-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल — जिसमें 8 छात्र प्रतिनिधि, एक वकील और दो तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे — ने रांची के गेस्ट हाउस में राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। यह आंदोलन के दौरान सरकार और छात्रों के बीच पहली औपचारिक बातचीत थी।

बैठक के बाद छात्र नेताओं ने कहा कि माहौल सकारात्मक रहा और सरकार ने सुधारों के प्रति इच्छाशक्ति दिखाई, लेकिन कोई ठोस समयसीमा नहीं दी गई। छात्र नेता रवींद्र पासवान ने साफ किया, “हमें कोई समयसीमा नहीं दी गई है, लेकिन हमने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार को जल्द से जल्द हमारी वाजिब मांगें माननी चाहिए। जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।”

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही समाधान निकाला जाएगा। वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद आगे आकर कहा कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है और हर छात्र की समस्या को गंभीरता से समझने की कोशिश कर रही है।

छात्रों की तीन प्रमुख मांगें

आंदोलनकारियों की मांगें मुख्यतः तीन बिंदुओं पर केंद्रित हैं:

  1. JPSC 14वीं प्रारंभिक परीक्षा विवाद को खत्म करते हुए यह परीक्षा रद्द की जाए
  2. TDPL एजेंसी द्वारा कराई गई सभी परीक्षाएं रद्द हों, साथ ही अभय तिवारी से जुड़ी सभी परीक्षाएं भी निरस्त की जाएं
  3. CBI या झारखंड से बाहर के रिटायर्ड हाईकोर्ट जजों की निगरानी में समयबद्ध, स्वतंत्र जांच कराई जाए

छात्रों ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के इस्तीफे की मांग नहीं, बल्कि JSSC exam cancellation demand Ranchi के केंद्र में JPSC और JSSC में संस्थागत सुधार की है।

Jharkhand Vidhan Sabha gherao 10 August की चेतावनी बरकरार

बातचीत के बावजूद छात्र संगठनों ने 10 अगस्त को प्रस्तावित ‘विधानसभा घेराव’ की योजना वापस नहीं ली है। छात्रों का कहना है कि जब तक मांगों पर स्पष्ट कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।

रांची प्रशासन ने एहतियातन 6 से 12 अगस्त तक विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है, ताकि AISA और AISF जैसे छात्र संगठनों के प्रस्तावित प्रदर्शन को नियंत्रित किया जा सके।

गुरुवार को विपक्षी विधायकों ने विधानसभा के अंदर भी इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया और नारेबाजी की। भाजपा समेत विपक्षी दलों ने मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग करते हुए सरकार को घेरा।

आंदोलन का समर्थन बढ़ता जा रहा है

आंदोलन को अब राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी का प्रतिनिधिमंडल पहले ही धरना स्थल पर पहुंचकर भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से मुलाकात कर चुका है। इसके अलावा All India Student’s Association (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी छात्रों के साथ मिलकर प्रदर्शन मार्च निकाला।

JPSC JSSC Reform Manch ने स्पष्ट किया है कि AISA का विधानसभा मार्च उनके संगठन से स्वतंत्र रूप से हो रहा है और उनका फोकस राजनीतिक न होकर संस्थागत सुधार पर केंद्रित है।

किन-किन ने दिया आंदोलन को समर्थन?

आंदोलन को अब तक कई राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों का समर्थन मिल चुका है:

राजनीतिक दल/नेता:

  • कांग्रेस नेता राहुल गांधी — उनका प्रतिनिधिमंडल धरना स्थल पर पहुंचकर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मिल चुका है
  • कांग्रेस पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर समर्थन दिया
  • भाजपा — विपक्षी विधायकों ने विधानसभा के अंदर मुद्दा उठाया और मानसून सत्र में CBI जांच की मांग की
  • Cockroach Janta Party (CJP) — नेता अभिजीत दीपके और आशुतोष ने फोन पर छात्रों से बात कर समर्थन जताया, दीपके ने खुद झारखंड जाकर समर्थन देने की बात कही

छात्र संगठन:

  • AISA (All India Student’s Association) — राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने खुद मार्च का नेतृत्व किया
  • AISF (All India Students Federation)
  • JSSU (Jharkhand State Students’ Union)
  • JPSC JSSC Reform Manch — यह मुख्य आयोजक संगठन है जो सरकार से बातचीत का नेतृत्व कर रहा है; इसने स्पष्ट किया कि AISA का मार्च उससे स्वतंत्र रूप से हो रहा है

सरकार की तरफ से:

  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद संवाद के लिए आगे आए और सुधारों का भरोसा दिलाया
  • मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भी जल्द समाधान का आश्वासन दिया

गौरतलब है कि सरकार की भूमिका “समर्थन” की नहीं बल्कि बातचीत और समाधान की है, जबकि बाकी सभी संगठन खुलकर छात्रों के आंदोलन के पक्ष में खड़े हैं।

आगे क्या?

फिलहाल छह प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर बने हुए हैं और उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ रही है। सरकार और छात्रों के बीच अगले दौर की बातचीत जल्द होने की उम्मीद है, लेकिन जब तक ठोस लिखित आश्वासन नहीं मिलता, छात्र संगठन 10 अगस्त के विधानसभा घेराव की तैयारी में जुटे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि राज्य सरकार इस आंदोलन को कैसे शांत करती है और मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे पर विपक्ष कितना दबाव बना पाता है।


FAQ

Q1. JPSC JSSC आंदोलन झारखंड में क्यों हो रहा है?

छात्र 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और JSSC द्वारा कराई गई कुछ परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं का आरोप लगाकर उन्हें रद्द करने और स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।

Q2. यह आंदोलन कब से चल रहा है?

यह आंदोलन 29 जुलाई 2026 से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम, रांची में लगातार चल रहा है और 8 अगस्त 2026 को इसका 15वां दिन है।

Q3. छात्रों की मुख्य मांगें क्या हैं?

14वीं JPSC परीक्षा रद्द करना, TDPL एजेंसी की सभी परीक्षाएं और अभय तिवारी से जुड़ी परीक्षाएं निरस्त करना, और CBI या बाहरी रिटायर्ड जजों से जांच कराना।

Q4. 10 अगस्त को क्या होने वाला है?

छात्र संगठनों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव की योजना बनाई है, अगर सरकार उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करती।

Q5. सरकार का क्या रुख है?

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बातचीत जारी रखने और सुधार लाने का आश्वासन दिया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समयसीमा तय नहीं हुई है।

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