तहलका के तरुण तेजपाल को बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2013 के रेप केस में दोषी करार दिया। जानें उनके फेमस होने की कहानी, केस की पूरी टाइमलाइन और अब सजा को लेकर आगे क्या होगा।
तहलका मैगजीन के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल को बॉम्बे हाईकोर्ट (गोवा बेंच) ने 6 अगस्त 2026 को 2013 के रेप केस में दोषी करार दे दिया है। 2021 में गोवा की सेशंस कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था, जिसे अब हाईकोर्ट ने पलट दिया है। यह मामला भारत के सबसे हाई-प्रोफाइल #MeToo केसों में से एक माना जाता है।
तरुण तेजपाल कैसे फेमस हुए?
तरुण तेजपाल की पहचान एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के तौर पर बनी, जिन्होंने साल 2000 में अनिरुद्ध बहल के साथ मिलकर तहलका (Tehelka) की शुरुआत की थी।
- 2000 में मैच फिक्सिंग स्टिंग: तहलका ने अपने पहले ही स्टिंग ऑपरेशन में भारतीय क्रिकेट में मैच फिक्सिंग का पर्दाफाश किया, जिससे तहलका और तेजपाल को रातों-रात पहचान मिली।
- 2001 का “ऑपरेशन वेस्ट एंड”: यह तेजपाल का सबसे चर्चित स्टिंग था, जिसमें तहलका के पत्रकारों ने खुद को हथियार डीलर बताकर रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों और नेताओं को घूस लेते कैमरे में कैद किया। इस खुलासे से तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस को इस्तीफा देना पड़ा और सत्तारूढ़ गठबंधन की दो पार्टियों के अध्यक्षों को भी पद छोड़ना पड़ा।
- इस स्टिंग के बाद तेजपाल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली — Business Week ने उन्हें एशिया के 50 सबसे प्रभावशाली बदलाव लाने वालों में शामिल किया और बाद में भारत के 50 सबसे ताकतवर लोगों में गिना।
- तेजपाल ने 2011 में “THiNK Fest” नाम से एक साहित्यिक-वैचारिक सम्मेलन भी शुरू किया, जो हर साल गोवा में होता था — इसी फेस्टिवल के दौरान 2013 में यह घटना हुई थी।
पूरी टाइमलाइन
| तारीख | घटना |
|---|---|
| 2000 | तेजपाल ने अनिरुद्ध बहल के साथ तहलका की शुरुआत की |
| 2001 | “ऑपरेशन वेस्ट एंड” स्टिंग से देशभर में पहचान बनी |
| नवंबर 2013 | गोवा में THiNK Fest के दौरान जूनियर सहकर्मी ने होटल की लिफ्ट में दो बार यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया |
| 30 नवंबर 2013 | गिरफ्तारी, गोवा पुलिस ने FIR दर्ज की |
| जुलाई 2014 | सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली |
| फरवरी 2014 | गोवा पुलिस ने 2,846 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की |
| 2017 | ट्रायल शुरू, इन-कैमरा सुनवाई की इजाजत मिली |
| मार्च 2018 | पीड़िता का बयान दर्ज हुआ |
| मई 2021 | गोवा सेशंस कोर्ट ने तेजपाल को सभी आरोपों से बरी किया |
| 2022 | गोवा सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील दाखिल की |
| 6 अगस्त 2026 | बॉम्बे हाईकोर्ट ने बरी होने का फैसला पलटा, तेजपाल को दोषी करार दिया |
किन धाराओं में दोषी पाया गया?
जस्टिस नीला गोखले और जस्टिस अमित जामसांडेकर की बेंच ने तेजपाल को इन धाराओं में दोषी ठहराया:
- धारा 376(2)(f) और (k) — भरोसे/अधिकार की स्थिति में किसी व्यक्ति द्वारा रेप
- धारा 354A — यौन उत्पीड़न
- धारा 354B — कपड़े उतारने के इरादे से हमला
तेजपाल को MeToo से क्यों जोड़ा जाता है?
- तेजपाल का केस भारत में वर्कप्लेस सेक्शुअल हैरेसमेंट को लेकर पहला बड़ा हाई-प्रोफाइल मामला माना जाता है — यह असल में एक तरह से 2018 वाले मूवमेंट का “पूर्ववर्ती” (precursor) था
- 2013 में ही इस केस के बाद ही भारत में Vishaka Guidelines से आगे बढ़कर POSH Act 2013 (Prevention of Sexual Harassment at Workplace Act) लागू हुआ था — यानी तेजपाल केस ने वर्कप्लेस हैरेसमेंट कानून को मजबूत करने में सीधा योगदान दिया
- जब 2018 में #MeToo लहर आई, तब मीडिया और एक्टिविस्ट्स ने अक्सर तेजपाल केस को “वो केस जो पहले आया लेकिन इंसाफ में देर हुई” के तौर पर याद किया — क्योंकि 2013 से 2021 तक ट्रायल ही चलता रहा
संक्षेप में: तेजपाल टेक्निकली #MeToo मूवमेंट (2018) का हिस्सा नहीं थे, बल्कि उनका केस उससे 5 साल पहले का था और उसे अक्सर भारत में वर्कप्लेस सेक्शुअल हैरेसमेंट डिस्कोर्स की शुरुआती और सबसे चर्चित मिसाल के तौर पर देखा जाता है।
अब आगे क्या होगा?
- फैसले के तुरंत बाद तेजपाल के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता आबाद पोंडा ने कोर्ट से सजा में नरमी बरतने की अपील की, यह तर्क देते हुए कि घटना को 13 साल से ज्यादा हो चुके हैं।
- पोंडा ने यह भी मांग की कि दोषसिद्धि के आदेश पर कम से कम 8 हफ्ते की रोक लगाई जाए, ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की जा सके — खासकर इसलिए क्योंकि यह मामला बरी होने के फैसले को पलटने का है।
- कोर्ट सजा (Quantum of Sentence) पर अलग से सुनवाई करेगी, जिसमें तय होगा कि तेजपाल को कितने साल की सजा मिलेगी।
- तेजपाल के पास सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का कानूनी अधिकार बचा हुआ है।
निष्कर्ष
तरुण तेजपाल का केस भारत में स्टिंग जर्नलिज्म के “पोस्टर बॉय” से लेकर एक हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामले में दोषी करार दिए जाने तक का सफर है। अभी सजा तय होना बाकी है और सुप्रीम कोर्ट में अपील की संभावना भी बनी हुई है — यह स्टोरी अभी विकसित हो रही है, आगे की अपडेट के लिए बने रहें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
तरुण तेजपाल कौन हैं? तरुण तेजपाल तहलका मैगजीन के सह-संस्थापक और पूर्व एडिटर-इन-चीफ हैं, जो अपने स्टिंग ऑपरेशनों, खासकर 2001 के “ऑपरेशन वेस्ट एंड” के लिए मशहूर हुए।
तरुण तेजपाल पर आरोप क्या था? नवंबर 2013 में गोवा में THiNK Fest के दौरान एक जूनियर सहकर्मी ने आरोप लगाया कि तेजपाल ने होटल की लिफ्ट में दो बार उनका यौन उत्पीड़न किया।
गोवा कोर्ट ने तेजपाल को बरी क्यों किया था? मई 2021 में सेशंस कोर्ट ने सबूतों में विरोधाभास और “गैर-पीड़ित जैसे व्यवहार” का हवाला देते हुए तेजपाल को सभी आरोपों से बरी किया था।
बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के बाद क्या तेजपाल जेल जाएंगे? यह अभी तय नहीं है। कोर्ट अलग से सजा पर सुनवाई करेगी, और बचाव पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में अपील के लिए दोषसिद्धि पर रोक की मांग की है।
क्या तेजपाल अब सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं? हां, उनके पास सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का कानूनी विकल्प मौजूद है।
