मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री स्कूटी योजना में राशि के दुरुपयोग पर अब वसूली और FIR तक हो सकती है। जानें नए नियम, पात्रता और अब तक कितने छात्रों को मिला लाभ।
मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत मिलने वाली राशि के इस्तेमाल पर सख्ती बढ़ा दी है। अब राशि पाकर भी तय वाहन नहीं खरीदने वाले विद्यार्थियों से न केवल पैसा वापस लिया जाएगा, बल्कि उनके पालक के खिलाफ FIR भी दर्ज हो सकती है। यह फैसला राज्य सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए योजना के क्रियान्वयन को लेकर जारी नए दिशा-निर्देशों में लिया है।
राशि के दुरुपयोग पर सरकार क्या कार्रवाई करेगी
नए निर्देशों के मुताबिक, योजना के तहत मिली राशि से तय ई-स्कूटी या मोटराइज्ड वाहन खरीदना अनिवार्य होगा। अगर कोई विद्यार्थी राशि पाकर भी वाहन नहीं खरीदता, तो उससे और उसके पालक दोनों से राशि की वसूली की जाएगी।
विदिशा के जिला शिक्षा अधिकारी एन.के. अहिरवार के अनुसार, ऐसे मामलों में संबंधित थाने में FIR भी दर्ज कराई जा सकती है। हालांकि यह कार्रवाई जांच और मामले की परिस्थितियों के आधार पर ही होगी, यह हर मामले में सीधे लागू नहीं होगी।
इसके अलावा योजना के तहत खरीदे गए वाहन को विद्यार्थी अगले तीन साल तक न तो बेच सकेगा और न ही किसी और के नाम ट्रांसफर कर सकेगा। इसके लिए वाहन के पंजीयन के समय ही तीन साल की हाइपोथिकेशन (बंधक) दर्ज कर दी जाएगी, ताकि सरकारी मदद से खरीदे गए वाहन का तुरंत दुरुपयोग या हस्तांतरण न हो सके।
निगरानी की जिम्मेदारी किसकी
राशि मिलने के बाद विद्यार्थी ने तय वाहन खरीदा या नहीं, इसकी निगरानी अब जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) करेंगे। इसके लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाएगी, जिसमें जिला परिवहन अधिकारी, जिला कोषालय अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी सदस्य होंगे।
योजना के तहत कितनी राशि मिलती है
पात्र विद्यार्थी अपनी पसंद का इलेक्ट्रिक वाहन चुन सकता है। ई-स्कूटी के लिए अधिकतम 1.20 लाख रुपये और मोटराइज्ड वाहन के लिए अधिकतम 90 हजार रुपये की राशि तय है। यह राशि सीधे विद्यार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है; बैंक खाता न होने की स्थिति में यह माता-पिता या अभिभावक के खाते में भी भेजी जा सकती है। वाहन के पंजीयन, बीमा और एसेसरीज से जुड़ी राशि सीधे वाहन विक्रेता को दी जाती है। निर्देशों में यह भी साफ किया गया है कि यह राशि किसी अन्य वाहन या सामान की खरीद में इस्तेमाल नहीं की जा सकती।
किन्हें मिलता है योजना का लाभ
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का लाभ मध्य प्रदेश के सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले उन विद्यार्थियों को मिलता है, जो 12वीं कक्षा की परीक्षा में प्रथम प्रयास में कम से कम 70 प्रतिशत अंक हासिल करते हैं और अपने विद्यालय में प्रथम स्थान पर आते हैं। यह योजना बेटों और बेटियों दोनों के लिए है।
किस बोर्ड और कितने अंक पर मिलेगी स्कूटी
यह योजना खास तौर पर मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) की 12वीं बोर्ड परीक्षा से जुड़ी है। यानी इसका लाभ सिर्फ MP बोर्ड से 12वीं पास करने वाले सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को ही मिलता है।
विद्यार्थी को स्कूल शिक्षा विभाग या जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल का नियमित परीक्षार्थी होना चाहिए। परीक्षा प्रथम प्रयास में ही पास करनी होगी; प्राइवेट परीक्षार्थी इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं। आमतौर पर हर स्कूल से एक छात्र और एक छात्रा, यानी दो विद्यार्थी इस योजना के लिए पात्र माने जाते हैं।
पात्रता की शर्त में हाल ही में बदलाव किया गया है। इसे बेहतर तरीके से समझने के लिए नीचे पुरानी और नई शर्त की तुलना दी गई है:
| शर्त | पुरानी व्यवस्था | नई व्यवस्था (सत्र 2025-26 से) |
|---|---|---|
| न्यूनतम अंक | 60 प्रतिशत | 70 प्रतिशत या उससे अधिक |
| स्कूल में स्थान | प्रथम स्थान जरूरी | प्रथम स्थान जरूरी (कोई बदलाव नहीं) |
| परीक्षार्थी का प्रकार | नियमित परीक्षार्थी | नियमित परीक्षार्थी, प्रथम प्रयास में उत्तीर्ण (कोई बदलाव नहीं) |
| बोर्ड | MPBSE (12वीं) | MPBSE (12वीं) — कोई बदलाव नहीं |
पहले स्कूल में प्रथम स्थान के साथ 60 प्रतिशत अंक भी योजना के लिए पर्याप्त माने जाते थे, लेकिन अब सिर्फ प्रथम आना काफी नहीं है — स्कूटी पाने के लिए 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाना भी अनिवार्य शर्त बन गई है।
दिलचस्प आंकड़े: अब तक कितने छात्रों को मिला लाभ
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना मध्य प्रदेश में 2023 से चल रही है। योजना शुरू होने के बाद से अब तक 23 हजार से अधिक विद्यार्थी इसका लाभ ले चुके हैं।
शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए 7,500 से अधिक विद्यार्थी इस योजना के तहत लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 सितंबर 2026 को भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिवाजी नगर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इन विद्यार्थियों को राशि और ई-स्कूटी का वितरण करेंगे। यह कार्यक्रम सुबह 10 बजे से प्रस्तावित है।
यह भी दिलचस्प है कि योजना में विद्यार्थी को खुद अपनी पसंद का इलेक्ट्रिक वाहन ब्रांड चुनने की छूट दी गई है, बशर्ते वह तय राशि सीमा के भीतर हो। साथ ही, वाहन खरीदने के बजाय राशि का कहीं और इस्तेमाल रोकने के लिए ही सरकार ने अब वसूली और FIR तक की व्यवस्था बनाई है, जो योजना की सबसे नई और सख्त शर्त है।
FAQ:
Q1. मुख्यमंत्री स्कूटी योजना की राशि का दुरुपयोग करने पर क्या कार्रवाई होगी?
Answer: राशि मिलने के बाद भी तय वाहन नहीं खरीदने पर विद्यार्थी और उसके पालक दोनों से राशि की वसूली की जाएगी। विदिशा DEO के अनुसार, मामले की परिस्थितियों के आधार पर संबंधित थाने में FIR भी दर्ज हो सकती है।
Q2. क्या वाहन खरीदने के बाद उसे तुरंत बेचा जा सकता है?
Answer: नहीं, योजना के तहत खरीदे गए वाहन को तीन साल तक बेचा या किसी और के नाम ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। पंजीयन के समय तीन साल की हाइपोथिकेशन दर्ज की जाएगी।
Q3. अब तक कितने विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिल चुका है?
Answer: योजना 2023 में शुरू हुई थी और अब तक 23 हजार से अधिक विद्यार्थी इसका लाभ ले चुके हैं। सत्र 2025-26 में 7,500 से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
Q4. योजना के तहत कितनी राशि दी जाती है?
Answer: ई-स्कूटी के लिए अधिकतम 1.20 लाख रुपये और मोटराइज्ड वाहन के लिए अधिकतम 90 हजार रुपये की राशि दी जाती है।
Q5. निगरानी की जिम्मेदारी किसकी होगी?
Answer: निगरानी की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) की होगी। इसके लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाएगी, जिसमें जिला परिवहन अधिकारी और जिला कोषालय अधिकारी भी शामिल होंगे।
Q6. योजना किस बोर्ड से जुड़ी है और अब कितने अंक जरूरी हैं?
Answer: यह योजना मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) की 12वीं बोर्ड परीक्षा से जुड़ी है। पहले 60 प्रतिशत अंक और स्कूल में प्रथम स्थान पर्याप्त माने जाते थे, लेकिन सत्र 2025-26 से न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक भी अनिवार्य कर दिए गए हैं।
SOURCE/FACT CHECK NOTE:
यह आर्टिकल दैनिक जागरण (dainikjagranmpcg.com, 16 सितंबर 2026 की रिपोर्ट) और अन्य समाचार स्रोतों (ibc24.in, khabardigital.com, inhnews.in, mpbreakingnews.in, malwaabhitak.com, mpeducationgyandeep.in, theindiadaily.com, thesootr.com) से एकत्रित जानकारी पर आधारित है, जो मुख्यमंत्री स्कूटी/ई-स्कूटी योजना के नए दिशा-निर्देशों, राशि के दुरुपयोग पर कार्रवाई, पात्रता में बदलाव (60% से 70%) और वितरण कार्यक्रम से जुड़ी हैं। कुछ स्रोतों में वितरण कार्यक्रम की तारीख 16 सितंबर और कुछ में 19 सितंबर 2026 बताई गई है — दैनिक जागरण की सबसे विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार यह कार्यक्रम 19 सितंबर 2026 को है, इसलिए इसी को प्राथमिकता दी गई है। “23,000 से अधिक विद्यार्थी” वाला आंकड़ा भी दैनिक जागरण की रिपोर्ट पर आधारित है। बोर्ड और अंक संबंधी नई शर्त (न्यूनतम 70 प्रतिशत) malwaabhitak.com और mpeducationgyandeep.in की रिपोर्ट्स पर आधारित है, जो योजना क्रमांक 1139 से जुड़े हाल के बदलाव का हवाला देती हैं। पाठकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी आधिकारिक पुष्टि के लिए मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग या संबंधित जिला शिक्षा कार्यालय से संपर्क करें।
