मानसून का कहर: दिल्ली से मध्य प्रदेश तक तबाही, बारिश से — पूरी रिपोर्ट

मानसून का कहर 2026

दिल्ली, केरल, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में मानसून का कहर जारी। जानिए कहां-कितनी मौतें, IMD का अलर्ट और आने वाले दिनों का पूरा पूर्वानुमान।

देशभर में इस साल का मानसून पूरी ताकत से बरस रहा है और अपने साथ भारी तबाही लेकर आया है। गुरुवार (9 जुलाई) को देश के कई राज्यों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 10 से ज्यादा लोगों की जान चली गई, जबकि सड़कें जलमग्न हो गईं, पेड़ उखड़ गए, इमारतें ढह गईं और बिजली गिरने से भी कई लोगों की मौत हुई। मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।


मानसून का कहर: मुख्य बिंदु (Highlights)

  • 10+ मौतें सिर्फ गुरुवार को देशभर में बारिश से जुड़ी घटनाओं में
  • दिल्ली: रोहिणी में इमारत गिरने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 3 हुई; कई इलाकों में जलभराव
  • केरल: वायनाड भूस्खलन में मृतकों की संख्या बढ़कर 6 हुई, 2 लोग अब भी लापता
  • गुजरात (सूरत): बीते कुछ दिनों में बारिश से जुड़ी मौतों का आंकड़ा 21 तक पहुंचा
  • महाराष्ट्र (पिंपरी-चिंचवड़, पुणे): कचरा प्रबंधन प्लांट में इमारत गिरने से रेस्क्यू जारी, 8 लोग अब भी दबे होने की आशंका
  • उत्तर प्रदेश: बिजली गिरने और दीवार गिरने की घटनाओं में 7 लोगों की मौत
  • हिमाचल प्रदेश: पत्थर गिरने से एक 14 वर्षीय लड़की की मौत, कई सड़कें बंद
  • IMD के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरे देश को कवर कर चुका है
  • जुलाई के पहले 9 दिनों में देश में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज — 101.9 मिमी बनाम सामान्य 73.8 मिमी

राज्यवार पूरी जानकारी

🏙️ दिल्ली: जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त

राजधानी में लगातार बारिश ने शहर के बड़े हिस्से को जलमग्न कर दिया। विकास मार्ग, पूर्वी दिल्ली, संगम विहार, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, मुनिरका, सदर बाजार, आलीपुर, बुराड़ी, बदरपुर और द्वारका जैसे इलाकों में पानी भर गया। आलीपुर में तो ट्रक और कारें आधी डूब गईं। ITO, रोहतक रोड, महरौली-बदरपुर रोड, NH-48, रिंग रोड, पंजाबी बाग और शादीपुर जैसी प्रमुख सड़कों पर भारी जाम लगा रहा।

रोहिणी में एक इमारत ढहने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 3 हो गई है। IMD ने दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी दी है। हालांकि विभाग का कहना है कि आज दोपहर/शाम से बारिश की तीव्रता में कमी आने की उम्मीद है।

🌊 केरल: वायनाड भूस्खलन में बढ़ी मौतों की संख्या

वायनाड में हुए भूस्खलन में गुरुवार को तीन और शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या 6 हो गई है। 2 लोग अब भी लापता हैं और तलाशी अभियान जारी है। IMD ने मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड के लिए ऑरेंज अलर्ट, जबकि छह अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

🌧️ गुजरात: सूरत में बाढ़ से हाहाकार

सूरत बीते कुछ दिनों की सबसे बुरी तरह प्रभावित जगहों में से एक रहा। बुधवार को शहर भारी बारिश की चपेट में आया था, और गुरुवार को पानी धीरे-धीरे उतरना शुरू हुआ, लेकिन इससे पहले 6 और शव बरामद हुए, जिससे शहर में कुल मौतों का आंकड़ा 21 तक पहुंच गया। पुलिस के मुताबिक अब तक 3,600 से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है और 4,300 से अधिक लोगों को निचले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है

⛰️ महाराष्ट्र: पुणे में मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी

पुणे के पास पिंपरी-चिंचवड़ में एक वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट में कचरे का बड़ा ढेर भारी बारिश के कारण ढह गया, जिससे वहां बनी एक इमारत क्षतिग्रस्त हो गई। गुरुवार को एक और शव बरामद हुआ, जबकि करीब 8 लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है। अब तक 9 लोगों को बचाया जा चुका है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस असामान्य बारिश को “फोर्स मेजर” (मानव नियंत्रण से बाहर की स्थिति) करार देते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि आमतौर पर पूरे मानसून सीजन में करीब 800 पेड़ गिरते हैं, लेकिन इस बार अकेले एक दिन में करीब 350 पेड़ गिर गए। मुंबई नगर निगम (BMC) को अब तक पेड़ और शाखाएं गिरने की 1,700 से ज्यादा शिकायतें मिली हैं, जो 2025 में मिलीं 855 शिकायतों से कहीं ज्यादा हैं।

⚡ उत्तर प्रदेश: बिजली गिरने और दीवार गिरने से 7 मौतें

गुरुवार को यूपी के अलग-अलग हिस्सों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 7 लोगों की मौत हुई:

  • संत कबीर नगर के अलग-अलग गांवों में दो महिलाओं की बिजली गिरने से मौत
  • कुशीनगर में बिजली गिरने से 14 वर्षीय लड़के की मौत
  • बुलंदशहर के मुंडाखेड़ा गांव में अस्थायी टेंट पर दीवार गिरने से 2 लोगों की मौत, 4 घायल

🏔️ हिमाचल प्रदेश: भूस्खलन और सड़कें बंद

चंबा में पत्थर गिरने से एक वाहन में सवार 14 वर्षीय लड़की की मौत हो गई। भारी बारिश के चलते चंबा और कुल्लू जिलों में फ्लैश फ्लड आया, जिससे कई प्रमुख सड़कें बंद हो गईं — चंबा-तीसा रोड (पंगोला नाला में फ्लैश फ्लड के कारण) और कुल्लू के लार्जी-सैंज रोड पर पगल नाला के पास यातायात बाधित हुआ। पार्बती पावर स्टेशन-III जलाशय से लगभग 50 क्यूमेक्स अतिरिक्त पानी को सैंज नदी में नियंत्रित तरीके से छोड़ा गया, क्योंकि जलाशय का स्तर लगातार बारिश से बढ़ गया था।

🌧️ मध्य प्रदेश: 22 मौतें, 29 जिलों में बारिश का कहर

मध्य प्रदेश मानसून की इस मार से सबसे बुरी तरह प्रभावित राज्यों में से एक बनकर उभरा है। FloodList की रिपोर्ट के अनुसार, 7 जुलाई से अब तक राज्य में बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 22 लोगों की जान जा चुकी है, और IMD ने आने वाले दिनों में और बारिश की चेतावनी दी है।

जिलेवार असर:

  • मंगलवार (8 जुलाई) को राज्य के 29 जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे जलभराव, सड़कें क्षतिग्रस्त होना और यातायात बाधित होने की घटनाएं सामने आईं
  • छतरपुर के खजुराहो में सबसे ज्यादा करीब 1.75 इंच बारिश दर्ज हुई
  • धार में 1.5 इंच से ज्यादा, जबकि राजगढ़ में करीब 1.25 इंच बारिश हुई
  • पन्ना के जिला अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर, सर्जिकल और मैटरनिटी वार्ड तक पानी भर गया
  • खजुराहो के पास बमीठा में नेशनल हाईवे 39 पर करीब तीन फीट पानी जमा हो गया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ
  • छतरपुर में खजुराहो-जटकरा रोड भारी बारिश से उफनी खुदार नदी के कारण बंद करनी पड़ी, जिससे एक पुल भी क्षतिग्रस्त हुआ
  • इंदौर में एक शादी समारोह स्थल पानी में डूब गया — दूल्हे को दुल्हन को गोद में उठाकर मंडप से हॉल तक ले जाना पड़ा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ
  • जबलपुर में एक बोलेरो गाड़ी उफनते नाले को पार करते समय बह गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि पांच लोग तैरकर बच निकले
  • पांढुर्णा में भारी बारिश से नदी किनारे बने पांच कच्चे मकान ढह गए, जिसमें घरेलू सामान और तीन बकरियां बह गईं
  • रतलाम के शिवपुर गांव में खेत जलमग्न हो गए, वहीं ग्वालियर में भी भारी बारिश दर्ज हुई
  • एक चर्चित घटना में, पुल पार कर रही एक कार नदी के तेज बहाव में बह गई; एक SAF जवान और ड्राइवर तैरकर बाल-बाल बचे

रेड और ऑरेंज अलर्ट: IMD ने बड़वानी और खंडवा के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जहां 24 घंटों में 8 इंच तक बारिश हो सकती है। इसके अलावा 19 जिलों को अलर्ट पर रखा गया है — रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, खरगोन, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा और बालाघाट में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जबकि इंदौर, देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर और पांढुर्णा में भारी बारिश की चेतावनी है।

मौसमी आंकड़े: राज्य में अब तक सीजन में 135.3 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य 156.1 मिमी से 13% कम है। हालांकि यह कमी पूरे राज्य में एक समान नहीं है — पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 35% कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में सामान्य से 8% ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। मौसम विभाग के अनुसार जून में बारिश कम रही थी, लेकिन जुलाई में यह कमी पूरी होने की उम्मीद है, क्योंकि जुलाई अकेले राज्य की कुल मानसूनी बारिश का करीब 40% हिस्सा लेकर आता है।

तापमान पर असर: भोपाल में अधिकतम तापमान गिरकर 29-31°C के आसपास आ गया, इंदौर में 30°C, ग्वालियर में 33-33.6°C, उज्जैन में 31.5-32°C और जबलपुर में 28.3-30.6°C दर्ज हुआ।

🌾 राजस्थान और हरियाणा

राजस्थान के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। सीकर के श्रीमाधोपुर में पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा 75 मिमी बारिश दर्ज हुई। हरियाणा के अंबाला और फरीदाबाद में भी भारी जलभराव देखा गया, जहां स्कूलों में भी पानी घुस गया।

🌊 ओडिशा और पश्चिम बंगाल

ओडिशा में लगातार तीसरे दिन भारी बारिश जारी रही, जिसके बाद पूरे राज्य को अलर्ट पर रखा गया है। मछुआरों को उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों की ओर 7 जुलाई तक न जाने की सलाह दी गई थी।


IMD का पूर्वानुमान: आगे क्या?

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून 9 जुलाई को पूरे देश को कवर कर चुका है — यह सामान्य तारीख से एक दिन देरी से हुआ। इसके साथ ही जुलाई महीने के पहले 9 दिनों में देश में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है (101.9 मिमी बनाम सामान्य 73.8 मिमी)।

अगले कुछ दिनों का पूर्वानुमान:

  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 10-15 जुलाई तक व्यापक से बहुत व्यापक बारिश की संभावना, कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश
  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 10 जुलाई को व्यापक बारिश, इसके बाद 11-15 जुलाई तक छिटपुट बारिश
  • पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना
  • पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 13-15 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश
  • कोंकण-गोवा क्षेत्र में 10-15 जुलाई तक व्यापक से अत्यधिक व्यापक बारिश जारी रहने का अनुमान
  • केरल में 10 जुलाई को व्यापक बारिश और 11-15 जुलाई तक जारी रहने की संभावना
  • पूर्वोत्तर राज्यों (नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय) में 10-11 जुलाई को कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश

हालांकि, IMD की 9 जुलाई की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अगले 6-7 दिनों में मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां कम रहने की उम्मीद है — यानी महाराष्ट्र, कर्नाटक और आसपास के इलाकों को थोड़ी राहत मिल सकती है।


असर और नुकसान: एक नज़र में

राज्य/शहरघटनाअसर
दिल्लीइमारत गिरना (रोहिणी) + जलभराव3 मौतें, कई इलाके जलमग्न
केरल (वायनाड)भूस्खलन6 मौतें, 2 लापता
गुजरात (सूरत)बाढ़21 मौतें, 3,600+ बचाए गए
महाराष्ट्र (पुणे)इमारत गिरना (कचरा प्लांट)1 मौत, 8 लोग दबे होने की आशंका
उत्तर प्रदेशबिजली गिरना + दीवार गिरना7 मौतें
हिमाचल प्रदेशपत्थर गिरना + फ्लैश फ्लड1 मौत, सड़कें बंद
राजस्थानभारी बारिशफसलों और जलाशयों को फायदा, कुछ इलाकों में जलभराव
ओडिशालगातार बारिशराज्यव्यापी अलर्ट

एक सकारात्मक पहलू भी

भारी बारिश के बीच एक राहत की बात यह है कि इससे खरीफ फसल को फायदा हुआ है और जून के कमजोर मानसून के दौरान जलाशयों के स्तर को लेकर जो चिंता थी, वह अब काफी हद तक कम हो गई है। दिल्ली में भी बारिश के चलते हवा साफ हुई है — शहर का वर्तमान AQI स्तर 39 है, जिसे “अच्छा” (Good) श्रेणी में रखा गया है।


लोगों के लिए सुझाव (एडवाइजरी)

  • रेड/ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें
  • जलभराव वाली सड़कों और निचले इलाकों में जाने से परहेज करें
  • बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और ऊंचे धातु ढांचों से दूर रहें
  • पहाड़ी इलाकों में यात्रा करते समय भूस्खलन और पत्थर गिरने की चेतावनियों पर विशेष ध्यान दें
  • स्थानीय प्रशासन और IMD की ताज़ा चेतावनियों पर नज़र बनाए रखें

यह एक विकसित हो रही स्थिति है। मृतकों की संख्या और नुकसान का आकलन बदल सकता है, क्योंकि रेस्क्यू और राहत अभियान अब भी कई जगहों पर जारी हैं। ताज़ा अपडेट के लिए स्थानीय प्रशासन और IMD की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखें।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में कुल कितनी मौतें हुई हैं?

9 जुलाई को अकेले एक दिन में देशभर में 10 से ज्यादा मौतें दर्ज की गईं। अलग-अलग राज्यों को जोड़ें तो मध्य प्रदेश में 22 (7 जुलाई से), गुजरात के सूरत में 21, केरल के वायनाड में 6, उत्तर प्रदेश में 7 और महाराष्ट्र में पूरे मानसून सीजन में अब तक 62 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं।

मध्य प्रदेश में बाढ़ से कितनी मौतें हुई हैं?

FloodList की रिपोर्ट के अनुसार 7 जुलाई से अब तक मध्य प्रदेश में बाढ़ और बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 22 लोगों की मौत हो चुकी है, और राज्य के 29 जिले प्रभावित हुए हैं।

दिल्ली में मानसून की स्थिति अभी कैसी है? दिल्ली में भारी बारिश से जलभराव और यातायात जाम की समस्या रही, रोहिणी में इमारत गिरने से 3 मौतें हुईं। हालांकि बारिश के कारण दिल्ली की हवा भी बेहतर हुई है — AQI फिलहाल “अच्छी” श्रेणी में है। IMD ने शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

किन राज्यों में IMD ने रेड अलर्ट जारी किया है? मध्य प्रदेश के बड़वानी और खंडवा में रेड अलर्ट है, जबकि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और कोंकण-गोवा क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज/रेड अलर्ट जारी है।

क्या मानसून पूरे भारत में पहुंच चुका है?

हां, IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 9 जुलाई 2026 को पूरे देश में पहुंच चुका है, जो सामान्य तारीख से सिर्फ एक दिन देरी से हुआ।

अगले कुछ दिनों में मौसम कैसा रहेगा?

उत्तर भारत (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, दिल्ली-एनसीआर, यूपी) और पश्चिमी तट (कोंकण-गोवा, केरल) में अगले 5-6 दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। हालांकि मध्य और दक्षिण भारत (महाराष्ट्र, कर्नाटक) में अगले हफ्ते बारिश की गतिविधि में कमी आने की उम्मीद है।

केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन में कितने लोग लापता हैं?

वायनाड में एक सुरंग निर्माण परियोजना स्थल के पास हुए भूस्खलन में अब तक 6 शव बरामद हो चुके हैं, जबकि 2 लोग अब भी लापता हैं। मृतकों में मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड के प्रवासी मजदूर भी शामिल हैं।

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