दतिया में बवाल! नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटा, पत्थरबाजी में SP समेत 6 घायल, NH-44 पर 15KM जाम

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दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटते ही समर्थकों का हंगामा, पथराव में SP समेत 6 पुलिसकर्मी घायल, NH-44 पर 15KM लंबा जाम। जानें पूरी वजह और आगे क्या होगा।

मध्य प्रदेश की राजनीति में इस वक्त सबसे बड़ी खबर दतिया विधानसभा उपचुनाव से आ रही है। भाजपा द्वारा पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। नाराज समर्थकों ने नेशनल हाईवे-44 पर घंटों चक्का जाम किया, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें दतिया के SP मयूर खंडेलवाल समेत 6 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए।

दतिया में उपचुनाव की वजह क्या है?

दतिया सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने से खाली हुई। 2023 के विधानसभा चुनाव में भारती ने तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को करीब 7,500 वोटों से हराया था, लेकिन अप्रैल 2026 में दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें एक पुराने कोऑपरेटिव बैंक धोखाधड़ी मामले में 3 साल की सजा सुना दी, जिससे उनकी विधायकी रद्द हो गई। निर्वाचन आयोग के मुताबिक इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को नतीजे घोषित होंगे।

नरोत्तम मिश्रा का टिकट क्यों कटा? (Inside Story)

भाजपा ने आधिकारिक तौर पर कारण नहीं बताया, लेकिन पार्टी सूत्रों के मुताबिक इसके पीछे कई वजहें हैं:

  1. 2023 की हार — गृह मंत्री रहते चुनाव हारना पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ा झटका माना गया।
  2. गोपनीय इंटरनल सर्वे — दिल्ली से भेजी गई एक केंद्रीय सर्वे टीम ने दतिया में लगातार फीडबैक जुटाया। सूत्रों के अनुसार इस सर्वे में नरोत्तम मिश्रा की जीत की संभावना कमजोर और उनके खिलाफ एंटी-इंकंबेंसी की बात सामने आई, जिसके बाद आलाकमान ने चेहरा बदलने का फैसला लिया।
  3. रणनीतिक टाइमिंग — पार्टी को पहले से अंदाजा था कि टिकट बदलने पर विरोध हो सकता है, इसीलिए 18-19 जुलाई को प्रस्तावित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक भी टाल दी गई।

समर्थकों का आरोप है कि भाजपा जानबूझकर नरोत्तम मिश्रा का राजनीतिक करियर खत्म करना चाहती है — 2023 की हार के बाद न राज्यसभा टिकट मिला, न लोकसभा, न प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, और अब विधानसभा टिकट भी छीन लिया गया। पूर्व भाजपा विधायक ममता मीना ने इसे नेता की राजनीतिक “हत्या” तक करार दिया और आशंका जताई कि भाजपा में भी कांग्रेस जैसी टूट हो सकती है।

आशुतोष तिवारी कौन हैं?

आशुतोष तिवारी भाजपा के पुराने संगठन नेता और पूर्व संभागीय संगठन मंत्री रह चुके हैं। टिकट मिलने के बाद उन्होंने डैमेज कंट्रोल की कोशिश करते हुए कहा कि नरोत्तम मिश्रा उनके अभिभावक समान हैं और उनका आशीर्वाद उनके साथ है। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने खुलकर कहा कि “दतिया की जनता और जमीनी कार्यकर्ता आशुतोष तिवारी को पहचानते तक नहीं हैं।”

समर्थकों का हिंसक प्रदर्शन — पूरी टाइमलाइन

  • शुक्रवार शाम करीब 6 बजे टिकट की घोषणा होते ही 3,000 से अधिक समर्थक सड़कों पर उतर आए
  • मुख्य बाजार जबरन बंद करवाए गए, हाईवे पर टायर जलाए गए
  • ग्वालियर-झांसी हाईवे (NH-44) पर करीब 15 किलोमीटर लंबा जाम लग गया
  • शनिवार तड़के करीब 4-4:30 बजे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच सीधी झड़प हुई
  • प्रदर्शनकारियों ने भारी पथराव किया, पुलिस ने हल्का बल और आंसू गैस के गोले इस्तेमाल किए
  • SP मयूर खंडेलवाल और ASP समेत 6+ पुलिसकर्मी घायल, अस्पताल में भर्ती
  • कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए, एक वाहन पलट भी दिया गया
  • कुछ समर्थकों ने खुद को स्थानीय भाजपा कार्यालय में बंद कर लिया

पार्टी संगठन में खुली बगावत

  • जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को खुला पत्र लिखकर सामूहिक इस्तीफे की घोषणा की, फैसले को “एकतरफा” बताया
  • जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, छह मंडल अध्यक्ष, सभी पार्षद और 291 बूथ इकाइयों के पदाधिकारियों के इस्तीफे की खबर
  • नगर मंत्री और कोषाध्यक्ष ने भी पद छोड़ा
  • समर्थकों ने शनिवार को “दतिया बंद” का ऐलान किया

अब भाजपा क्या करेगी?

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक भाजपा में अब तक ऐसा कोई उदाहरण नहीं है कि कार्यकर्ताओं के दबाव में किसी उम्मीदवार का टिकट वापस लेकर दोबारा दिया गया हो। ऐसा होने पर यह पार्टी में नई परंपरा बन जाएगी, इसलिए संभावना है कि पार्टी अपने फैसले पर कायम रहेगी। फिलहाल क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सबकी नजर इस पर है कि क्या नरोत्तम मिश्रा खुद आशुतोष तिवारी के लिए प्रचार में उतरते हैं, या पार्टी को भीतरघात का सामना करना पड़ता है।


FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1. दतिया उपचुनाव में भाजपा का उम्मीदवार कौन है?

भाजपा ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को दतिया उपचुनाव का आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है।

Q2. नरोत्तम मिश्रा का टिकट क्यों काटा गया?

सूत्रों के मुताबिक 2023 की हार, केंद्रीय इंटरनल सर्वे में कमजोर जीत की संभावना और एंटी-इंकंबेंसी फीडबैक इसकी मुख्य वजहें मानी जा रही हैं। भाजपा ने आधिकारिक तौर पर कारण सार्वजनिक नहीं किया है।

Q3. दतिया में हिंसा में कितने पुलिसकर्मी घायल हुए?

SP मयूर खंडेलवाल और ASP समेत 6 से अधिक पुलिसकर्मी पथराव में घायल हुए हैं।

Q4. NH-44 पर जाम कितनी देर और कितना लंबा था?

समर्थकों ने रातभर हाईवे जाम रखा, जिससे करीब 15 किलोमीटर लंबा जाम लगा और आम यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

Q5. दतिया उपचुनाव में वोटिंग और नतीजे कब हैं?

मतदान 30 जुलाई 2026 को होगा और नतीजे 3 अगस्त 2026 को घोषित किए जाएंगे।

Q6. क्या भाजपा नरोत्तम मिश्रा का टिकट वापस बहाल करेगी?

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक फिलहाल इसकी संभावना बेहद कम है, क्योंकि भाजपा में कार्यकर्ताओं के दबाव में टिकट बदलने की कोई परंपरा नहीं रही है।

Q7. दतिया सीट पर उपचुनाव क्यों हो रहा है?

कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को एक पुराने धोखाधड़ी मामले में 3 साल की सजा होने से उनकी सदस्यता रद्द हुई, जिससे यह सीट खाली हुई।

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