जयपुर के प्रताप नगर में LLB छात्रा आयुषी शर्मा ने सरकारी नौकरी और करोड़ों की संपत्ति के लिए मां नीरज शर्मा की 7 लाख की सुपारी दे हत्या करवाई। पढ़ें पूरी सच्चाई।
राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने मां-बेटी के रिश्ते को शर्मसार कर दिया। प्रताप नगर इलाके में रहने वाली 23 वर्षीय आयुषी शर्मा, जो LLB की पढ़ाई कर रही थी, पर आरोप है कि उसने सरकारी नौकरी और करोड़ों रुपये की पारिवारिक संपत्ति हड़पने के लिए अपनी ही मां नीरज शर्मा (45) की सुपारी देकर हत्या करवा दी। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड बेटी समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जयपुर हत्याकांड का पूरा मामला क्या है?
नीरज शर्मा जयपुर की एक अदालत में लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) के पद पर कार्यरत थीं। करीब एक साल पहले उनके पति (आयुषी के पिता) का निधन हो गया था, जो खुद कोर्ट में कर्मचारी थे। नियमों के मुताबिक, पिता की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति के तहत परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिलनी थी।
आयुषी चाहती थी कि वह नौकरी उसे मिले, लेकिन घर में एक 16 साल का मानसिक रूप से दिव्यांग बेटा भी है। बेटे के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए मां नीरज शर्मा ने खुद वह नौकरी जॉइन कर ली। पुलिस के मुताबिक, यही फैसला आयुषी को इतना नागवार गुजरा कि उसने अपनी ही मां को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली।
साजिश की शुरुआत — घर छोड़कर ताऊ के यहां रहने लगी बेटी
मां के नौकरी जॉइन करने के बाद आयुषी घर छोड़कर अपने ताऊ मोहन स्वरूप के घर जाकर रहने लगी। वहां उसने अपने चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि के साथ मिलकर मां की हत्या का प्लान तैयार किया। जांच में सामने आया कि पिछले दो-तीन सालों से मां-बेटी के बीच संपत्ति को लेकर भी विवाद चल रहा था — आगरा रोड और भरतपुर की करीब 10 करोड़ रुपये की जमीन और जयपुर के दो मकान इस विवाद के केंद्र में थे।
7 लाख की सुपारी और नाकाम पहला हमला
आयुषी, मोहन स्वरूप और बलराम ने भरतपुर निवासी हेमंत शर्मा को 7 लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी। हेमंत ने अपने चार साथियों — आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा, मोहित शर्मा और रोहित जाटव — को इस काम में शामिल किया।
- सबसे पहले आरोपियों ने एक किराए की थार गाड़ी से नीरज शर्मा को उनके घर के बाहर कुचलने की कोशिश की, लेकिन वे बच गईं
- इस हमले के बाद नीरज शर्मा डर गईं, उन्होंने घर में जाली लगवाई और 4 CCTV कैमरे लगवाए, और अपने भाई को इस बारे में आगाह भी किया
- करीब एक महीने तक आरोपियों ने नीरज शर्मा की गतिविधियों पर नजर रखी
3 जुलाई 2026 — मौत की टक्कर
3 जुलाई की शाम करीब 4:45 बजे, जब नीरज शर्मा अपने दिव्यांग बेटे को कोचिंग सेंटर छोड़कर पैदल घर लौट रही थीं, तभी हरियाणा नंबर की एक सफेद स्कॉर्पियो करीब 120-130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आई और उन्हें पीछे से टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भयानक थी कि नीरज शर्मा हवा में उछलकर करीब 100 फीट दूर जा गिरीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई, जबकि साथ चल रहा उनका बेटा सुरक्षित बच गया। घटना के बाद आरोपी गाड़ी को लावारिस छोड़कर बाइक से फरार हो गए। गाड़ी की नंबर प्लेट पर मिट्टी पुती हुई थी ताकि पहचान छुपाई जा सके।
पुलिस ने कैसे खोला राज?
शुरुआत में इसे सामान्य हिट-एंड-रन सड़क हादसा माना जा रहा था। लेकिन जब मृतका के भाई ने प्रॉपर्टी विवाद और हत्या की आशंका जताते हुए शिकायत दर्ज कराई, तो जांच का रुख बदल गया।
CCTV फुटेज खंगालने पर पुलिस को चौंकाने वाले सुराग मिले — सड़क पूरी तरह खाली थी, कोई ओवरटेक जैसी स्थिति नहीं थी, और स्कॉर्पियो अचानक गलत दिशा में जाकर सिर्फ नीरज शर्मा को ही निशाना बना रही थी। एक अन्य फुटेज में वही गाड़ी पहले से रेकी करती नजर आई। पूछताछ में आयुषी के बयानों में अंतर मिलने पर पुलिस ने सख्ती की, और आखिरकार उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
अब तक की गिरफ्तारियां
पुलिस ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- आयुषी शर्मा (मास्टरमाइंड बेटी)
- मोहन स्वरूप (ताऊ)
- मोहित शर्मा, आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा, हेमंत शर्मा, रोहित जाटव (सुपारी किलर्स)
मुख्य सह-साजिशकर्ता बलराम उर्फ रवि (चचेरा भाई) अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद भी आयुषी के चेहरे पर मां को खोने का कोई पछतावा नजर नहीं आया।
क्या महिलाओं की सोच वाकई बदल रही है? एक जरूरी नजरिया
इस तरह की खबरें पढ़कर सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर लड़कियां और महिलाएं अपराध में क्यों शामिल हो रही हैं। लेकिन इस सवाल का जवाब सावधानी से समझना जरूरी है, क्योंकि एक अकेली घटना के आधार पर पूरे लिंग-वर्ग की मानसिकता के बारे में राय बनाना न सही है, न आंकड़ों से साबित होता है।
संपत्ति और लालच से जुड़े अपराध जेंडर-न्यूट्रल हैं आपराधिक मनोविज्ञान (criminal psychology) में संपत्ति विवाद, लालच और पारिवारिक कलह से जुड़े अपराध हमेशा से पुरुषों और महिलाओं दोनों में पाए जाते रहे हैं — बेटों द्वारा माता-पिता की हत्या, भाई-बहनों के बीच जायदाद के झगड़े, पति-पत्नी विवाद जैसे मामले लगातार सामने आते रहे हैं। इस केस में भी पुरुष सह-आरोपी (ताऊ, चचेरा भाई और सुपारी किलर्स) बराबर के भागीदार हैं।
जो बदलाव असल में देखे जा रहे हैं, वे ये हैं:
- आर्थिक स्वतंत्रता और शिक्षा का बढ़ना — जैसे-जैसे महिलाएं आर्थिक रूप से अधिक निर्णय लेने की स्थिति में आ रही हैं, वैसे-वैसे संपत्ति और नौकरी जैसे मुद्दों में उनकी सक्रिय भागीदारी (सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह से) भी बढ़ रही है
- परिवारों में संयुक्त ढांचे का टूटना — एकल और बिखरते परिवारों में संपत्ति बंटवारे को लेकर तनाव पहले से ज्यादा खुलकर सामने आ रहा है
- भौतिकवाद और तुरंत लाभ की चाहत — मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, सोशल मीडिया और उपभोक्तावादी जीवनशैली के दौर में “जल्दी सब कुछ पाने” की मानसिकता उम्र और लिंग दोनों की सीमाओं से परे बढ़ी है
- रिपोर्टिंग और जांच बेहतर हुई है — CCTV, फॉरेंसिक जांच और मीडिया कवरेज के कारण ऐसे मामले पहले से ज्यादा उजागर हो रहे हैं, जो पहले दब जाते थे या हादसा मानकर बंद कर दिए जाते थे
निष्कर्ष यह नहीं निकाला जाना चाहिए कि “महिलाएं ज्यादा अपराधी हो रही हैं”, बल्कि यह कि परिवार, संपत्ति और रिश्तों से जुड़े अपराध अब समाज में लिंग की सीमाओं के बिना सामने आ रहे हैं — और इसकी जड़ में लालच, टूटते पारिवारिक मूल्य और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दे हैं, न कि किसी एक जेंडर की “बदलती मानसिकता”।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. जयपुर हत्याकांड में मुख्य आरोपी कौन है?
मुख्य आरोपी 23 वर्षीय आयुषी शर्मा है, जिस पर अपनी मां नीरज शर्मा की हत्या की साजिश रचने का आरोप है।
Q2. आयुषी ने अपनी मां की हत्या क्यों करवाई?
पुलिस के मुताबिक, अनुकंपा नियुक्ति के तहत मिलने वाली सरकारी नौकरी और करीब 10 करोड़ रुपये की पारिवारिक संपत्ति हासिल करने के लिए यह साजिश रची गई।
Q3. हत्या के लिए कितनी सुपारी दी गई थी?
आरोपियों ने भरतपुर निवासी हेमंत शर्मा को 7 लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी थी।
Q4. यह घटना कब और कहां हुई?
यह घटना 3 जुलाई 2026 की शाम करीब 4:45 बजे जयपुर के प्रताप नगर थाना क्षेत्र में हुई।
Q5. अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
पुलिस ने आयुषी शर्मा समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य सह-साजिशकर्ता बलराम उर्फ रवि अभी फरार है।
Q6. पुलिस को यह हत्या की साजिश होने का पता कैसे चला?
शुरुआत में इसे सड़क हादसा माना गया, लेकिन CCTV फुटेज में गाड़ी की गलत दिशा और रेकी के सबूत मिलने पर जांच में यह सुनियोजित हत्या साबित हुई।
Q7. मृतका नीरज शर्मा क्या काम करती थीं?
नीरज शर्मा (45) जयपुर की एक अदालत में लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) के पद पर कार्यरत थीं।
