Female Serial Killers in India| भारत की 10 महिला सीरियल किलर, जिनकी क्रूरता ने देश को हिला दिया

Bharat ki mahila serial killer

भारत की 10 सबसे खतरनाक महिला सीरियल किलर (Female Serial Killers in India) की पूरी कहानी। जानिए साइनाइड मल्लिका से लेकर जॉली जोसफ तक के जुर्म की टाइमलाइन, तरीका और कोर्ट की सजा।

जब भी ‘सीरियल किलर’ (Serial Killer) शब्द हमारे सामने आता है, तो अक्सर दिमाग में किसी क्रूर पुरुष की छवि बनती है। लेकिन भारत के आपराधिक इतिहास (Indian Crime History) में कुछ ऐसे काले पन्ने भी दर्ज हैं, जहां महिलाओं ने क्रूरता और चालाकी की सारी हदें पार कर दीं। पैसों का लालच, संपत्ति की भूख या फिर सिर्फ बदला—इन वजहों से इन महिलाओं ने एक के बाद एक कई मासूमों को मौत के घाट उतार दिया।

आइए जानते हैं भारत की 10 सबसे खतरनाक महिला सीरियल किलर (10 Female Serial Killers in India) के जुर्म की पूरी टाइमलाइन, उनके काम करने का तरीका (Modus Operandi) और अदालत द्वारा उन्हें दी गई सजा के बारे में।

1. साइनाइड मल्लिका (Cyanide Mallika) – भारत की पहली अधिकारिक महिला सीरियल किलर

  • असली नाम: के. डी. केमपम्मा (K. D. Kempamma)
  • सक्रिय काल: 1999 से 2007
  • स्थान: कर्नाटक
  • शिकार: 6 महिलाएं

जुर्म का तरीका (Modus Operandi)

मल्लिका खुद को एक ‘साध्वी’ या ‘गॉडवुमन’ के रूप में पेश करती थी। वह बड़े मंदिरों में ऐसी अमीर महिलाओं को ढूंढती थी जो किसी पारिवारिक क्लेश या बीमारी से परेशान हों। उन्हें ठीक करने का झांसा देकर वह उन्हें दूर किसी सुनसान जगह या होटल में पूजा के लिए बुलाती थी। पूजा के दौरान आंखें बंद कराते ही वह उन्हें प्रसाद या तीर्थ जल में साइनाइड (Cyanide) मिलाकर दे देती थी और उनकी मौत के बाद गहने लेकर फरार हो जाती थी।

टाइमलाइन और सजा

  • 1999: मल्लika ने पहली हत्या होसकोटे के एक मंदिर में ममता नाम की महिला की की। इसके बाद 2007 तक उसने 5 और महिलाओं को अपना शिकार बनाया।
  • दिसंबर 2007: पुलिस ने उसे बेंगलुरु के एक बस स्टैंड से उस वक्त गिरफ्तार किया जब वह लूटे हुए गहने बेचने की फिराक में थी।
  • सजा: 2010 में कोर्ट ने इसे फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे 2012 में कर्नाटक हाई कोर्ट ने बदलकर आजीवन कारावास (Life Imprisonment) कर दिया। वह अभी भी जेल में है।

2. रेणुका शिंदे और सीमा गावित (The Gavit Sisters)

  • सह-आरोपी: मां अंजना बाई
  • सक्रिय काल: 1990 से 1996
  • स्थान: महाराष्ट्र (कोल्हापुर और पुणे)
  • शिकार: 5 से अधिक बच्चे (दावा 9+ का था)

जुर्म का तरीका (Modus Operandi)

यह दोनों बहनें अपनी मां अंजना बाई के साथ मिलकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में चोरी और पॉकेटमारी करती थीं। लोगों का ध्यान भटकाने या पकड़े जाने पर सहानुभूति पाने के लिए ये छोटे बच्चों का अपहरण (Kidnap) कर लेती थीं। इन बच्चों से ये भीख मंगवाती और चोरी करवाती थीं। जब बच्चा रोने लगता या बीमार हो जाता, तो ये उसे बेरहमी से मार देती थीं (जैसे दीवार पर सिर पटकना या गला घोटना)।

टाइमलाइन और सजा

  • 1990: इन्होंने अपनी पहली हत्या 1 साल की बच्ची की की, जिसका सिर इन्होंने सिर्फ इसलिए दीवार पर पटक दिया क्योंकि वह रो रही थी।
  • 1996: एक पुलिस अधिकारी की बेटी का अपहरण और हत्या करने के बाद पुलिस ने इस पूरे गैंग को गिरफ्तार किया।
  • सजा: 2001 में कोल्हापुर सेशंस कोर्ट ने दोनों बहनों को फांसी की सजा सुनाई, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा। हालांकि, दया याचिका (Mercy Petition) पर फैसला आने में 8 साल की देरी की वजह से 2022 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने इनकी फांसी को बिना किसी पैरोल के आजीवन कारावास (Life Imprisonment until natural death) में बदल दिया।

3. जॉली जोसफ (Jolly Joseph) – कूडाथाई साइनाइड मर्डर केस

  • सक्रिय काल: 2002 से 2019
  • स्थान: कूडाथाई, केरल
  • शिकार: एक ही परिवार के 6 लोग

जुर्म का तरीका (Modus Operandi)

जॉली जोसफ बाहर की दुनिया के लिए एक संस्कारी गृहणी और NIT कालीकट की नकली प्रोफेसर थी। लेकिन घर के अंदर, परिवार की संपत्ति और नियंत्रण पाने के लिए वह अपने ही लोगों के खाने और सूप में साइनाइड मिला देती थी। करीब 14 साल तक इन मौतों को सामान्य ‘हार्ट अटैक’ माना जाता रहा।

टाइमलाइन और सजा

  • 2002–2016: जॉली ने सबसे पहले अपनी सास, फिर ससुर, अपने पति (रॉय थॉमस), अपने मामा-ससुर, और अपने दूसरे होने वाले पति की पहली पत्नी और 2 साल की बच्ची को साइनाइड देकर मार डाला।
  • 2019: अमेरिका में रह रहे रॉय थॉमस के भाई को वसीयत पर शक हुआ और केस दोबारा खुला। कब्रों से लाशें निकालकर फॉरेंसिक जांच की गई, जिसमें साइनाइड के अंश मिले। अक्टूबर 2019 में जॉली को गिरफ्तार किया गया।
  • सजा: जॉली जोसफ वर्तमान में न्यायिक हिरासत (Jail) में है और उस पर कोर्ट में ट्रायल चल रहा है।

4. नेहा वर्मा (Neha Verma) – इंदौर ट्रिपल मर्डर केस

  • सक्रिय काल: जून 2011
  • स्थान: इंदौर, मध्य प्रदेश
  • शिकार: एक ही घर की 3 महिलाएं

जुर्म का तरीका (Modus Operandi)

नेहा वर्मा पेशे से ब्यूटी पार्लर चलाती थी और रातों-रात अमीर बनना चाहती थी। उसने इंदौर के एक पॉश इलाके में रहने वाले देशपांडे परिवार की रेकी की। ब्यूटी प्रोडक्ट्स बेचने के बहाने वह उनके घर गई और जब उसे यकीन हो गया कि घर में मोटी रकम है, तो उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर डकैती और हत्या की खौफनाक साजिश रची।

टाइमलाइन और सजा

  • 19 जून 2011: नेहा अपने साथियों के साथ घर में घुसी और वहां मौजूद सास रोहिणी (70), बहू मेघा (42) और पोती अश्लेषा (21) की चाकू और गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी।
  • जुलाई 2011: पुलिस ने सीसीटीवी और कॉल रिकॉर्ड्स के जरिए नेहा को लूटे हुए कैश और जेवर के साथ गिरफ्तार किया।
  • सजा: इस केस को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मानते हुए कोर्ट ने नेहा वर्मा और उसके दोनों साथियों को फांसी की सजा (Death Penalty) सुनाई, जो आज भी बरकरार है।

5. अनुराधा (Anuradha) – आंध्र प्रदेश की साइको किलर

  • सक्रिय काल: 2005 से 2007
  • स्थान: आंध्र प्रदेश और तेलंगाना
  • शिकार: 4 से 6 लोग (मुख्यतः ट्रक ड्राइवर और पुरुष)

जुर्म का तरीका (Modus Operandi)

अनुराधा अपने प्रेमी के साथ मिलकर हाईवे पर लूटपाट और हत्या की वारदातों को अंजाम देती थी। वह देर रात हाईवे पर अकेले जा रहे ट्रक ड्राइवरों या कार मालिकों से लिफ्ट मांगती थी या उन्हें अपनी बातों में फंसाकर सुनसान जगह ले जाती थी। वहां वह उन्हें नशीली दवा देती और फिर भारी हथियार से सिर पर वार करके या गला घोंटकर उनकी हत्या कर देती थी।

टाइमलाइन और सजा

  • 2007: लगातार हो रहे हाईवे मर्डर्स की जांच करते हुए पुलिस ने एक पीड़ित के मोबाइल और गाड़ी की लोकेशन ट्रैक की, जिससे अनुराधा पकड़ी गई।
  • सजा: कोर्ट ने इसे और इसके प्रेमी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की सजा सुनाई।

6. साइनाइड चंद्रकला (Cyanide Chandrakala)

  • सक्रिय काल: 2008 से 2010
  • स्थान: दक्षिण भारत
  • शिकार: 3 लोग

जुर्म का तरीका (Modus Operandi)

चंद्रकला का तरीका बिल्कुल अलग था। वह लोगों से मोटी रकम उधार (Loan) लेती थी। जब लोग अपने पैसे वापस मांगते, तो वह उन्हें पैसे लौटाने के बहाने किसी सुनसान जगह या अपने घर बुलाती थी। वहां वह उन्हें प्रसाद या कोल्ड ड्रिंक में साइनाइड मिलाकर दे देती थी, जिससे उनकी तुरंत मौत हो जाती थी।

टाइमलाइन और सजा

  • 2010: एक ही इलाके में लेन-देन से जुड़े तीन लोगों की रहस्यमयी मौत के बाद पुलिस ने चंद्रकला के कॉल रिकॉर्ड खंगाले, जिससे उसके जुर्म का पर्दाफाश हुआ।
  • सजा: ठोस सबूतों और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर चंद्रकला को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा दी।

7. शोभा अय्यर (Shobha Iyer) – महाराष्ट्र की ‘ब्लैक विडो’

  • सक्रिय काल: 1990 के दशक का अंत
  • स्थान: मुंबई और पुणे (महाराष्ट्र)
  • शिकार: 3 से 4 पुरुष

जुर्म का तरीका (Modus Operandi)

शोभा अय्यर अमीर और अकेले रहने वाले पुरुषों को अपना निशाना बनाती थी। वह पहले उनसे नजदीकियां बढ़ाती, उनका भरोसा जीतती और फिर उनके बैंक खातों और प्रॉपर्टी के पेपर्स की जानकारी निकाल लेती थी। इसके बाद वह उन्हें नशीली दवाओं का ओवरडोज या जहर देकर मार देती थी और जाली दस्तावेजों (Fake Documents) के जरिए उनकी संपत्ति अपने नाम कर लेती थी।

टाइमलाइन और सजा

  • 1999: एक पीड़ित के रिश्तेदारों ने जब उसकी अचानक गुमशुदगी और संपत्ति के ट्रांसफर पर सवाल उठाए, तब पुलिस जांच में शोभा का नाम सामने आया और उसे गिरफ्तार किया गया।
  • सजा: लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अदालत ने उसे हत्या और धोखाधड़ी का दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

8. अंजना बाई (Anjana Bai) – जुर्म की मास्टरमाइंड

  • सक्रिय काल: 1990 से 1996
  • स्थान: महाराष्ट्र
  • शिकार: रेणुका और सीमा की मां (मास्टरमाइंड)

जुर्म का तरीका (Modus Operandi)

अंजना बाई खुद एक पेशेवर अपराधी थी और उसने ही अपनी दोनों बेटियों (रेणुका और सीमा गावित) को अपराध की दुनिया में धकेला था। बच्चों के अपहरण और चोरी के इस पूरे नेक्सस की मास्टरमाइंड अंजना ही थी। वह बच्चों को बेरहमी से टॉर्चर करने और उन्हें मारने का आदेश देती थी।

टाइमलाइन और सजा

  • 1996: अपनी बेटियों के साथ गिरफ्तार हुई।
  • सजा: अंजना बाई को कानूनन सजा नहीं मिल सकी क्योंकि 1998 में ट्रायल के दौरान ही जेल के अंदर बीमारी (Kidney Failure) के कारण उसकी मौत हो गई

9. रिंकी (Rinki) – हनीट्रैप और हाईवे किलर

  • सक्रिय काल: 2012 से 2014
  • स्थान: पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR
  • शिकार: 3 उद्योगपति (Businessmen)

जुर्म का तरीका (Modus Operandi)

रिंकी एक बेहद शातिर ‘Spree Killer’ थी जो अमीर व्यापारियों को हनीट्रैप (Honeytrap) में फंसाती थी। वह उन्हें शादी या दोस्ती का झांसा देकर किसी फ्लैट या हाईवे के किनारे बुलाती थी, जहां उसके गैंग के सदस्य पहले से घात लगाकर बैठे होते थे। वहां पीड़ित को बंधक बनाकर सारा पैसा और गाड़ी लूट ली जाती थी और पहचान छिपाने के लिए उसका गला घोंट दिया जाता था।

टाइमलाइन और सजा

  • 2014: पुलिस ने एक संदिग्ध सिम कार्ड और टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज की मदद से रिंकी और उसके गैंग को नोएडा के पास से गिरफ्तार किया।
  • सजा: मर्डर और गैंगस्टर एक्ट के तहत कोर्ट ने रिंकी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

10. मुन्नी देवी (Munni Devi) – फिरौती और बदले की कातिल

  • सक्रिय काल: 2015 से 2017
  • स्थान: बिहार और झारखंड बॉर्डर
  • शिकार: 3 बच्चे

जुर्म का तरीका (Modus Operandi)

बिहार-झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में मुन्नी देवी का खौफ था। वह अपनी दुश्मनी निकालने या फिर अमीर परिवारों से मोटी फिरौती (Ransom) वसूलने के लिए उनके छोटे बच्चों (5 से 10 साल) का अपहरण कर लेती थी। अगर फिरौती मिलने में थोड़ी भी देरी होती या पुलिस की हलचल दिखती, तो वह बिना किसी रहम के बच्चों का गला दबाकर उन्हें मार देती थी।

टाइमलाइन और सजा

  • 2017: एक बच्चे के अपहरण के बाद जब उसने फिरौती के लिए फोन किया, तो पुलिस ने सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस कर उसे दबोच लिया। उसके घर के पीछे से दफन किए गए बच्चों के कंकाल बरामद हुए।
  • सजा: अदालत ने मासूमों की निर्मम हत्या के लिए मुन्नी देवी को आजीवन कारावास (बिना किसी रिहाई/Remission के) की सजा सुनाई।

निष्कर्ष (Conclusion)

इन 10 मामलों से साफ है कि अपराध की दुनिया में जेंडर (लिंग) मायने नहीं रखता, बल्कि आपराधिक मानसिकता मायने रखती है। इन महिलाओं ने पैसों, संपत्ति और सनक के लिए जो रास्ते चुने, उनका अंत सिर्फ और सिर्फ जेल की सलाखों के पीछे हुआ। भारतीय न्याय व्यवस्था और फॉरेंसिक साइंस ने समय-समय पर इन शतिर अपराधियों को पकड़कर यह साबित किया है कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs) – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. भारत की पहली महिला सीरियल किलर कौन है?

Ans: कर्नाटक की रहने वाली के. डी. केमपम्मा उर्फ ‘साइनाइड मल्लिका’ (Cyanide Mallika) को भारत की पहली आधिकारिक तौर पर दोषी ठहराई गई महिला सीरियल किलर माना जाता है। उसने 6 महिलाओं की साइनाइड देकर हत्या की थी।

Q2. कूडाथाई साइनाइड मर्डर केस (Koodathayi Murder Case) क्या है?

Ans: यह केरल का एक बेहद चर्चित मामला है जहां जॉली जोसफ नाम की महिला ने साल 2002 से 2019 के बीच अपने ही परिवार के 6 सदस्यों (जिसमें उसका पति और सास-ससुर भी शामिल थे) को खाने में साइनाइड देकर धीरे-धीरे मार डाला था।

Q3. क्या भारत में किसी महिला सीरियल किलर को फांसी हुई है?

Ans: भारत में रेणुका शिंदे और सीमा गावित (गावित बहनें) को सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी। लेकिन दया याचिका में बहुत ज्यादा देरी होने के कारण 2022 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने उनकी फांसी की सजा को ताउम्र आजीवन कारावास में बदल दिया। फिलहाल भारत में किसी महिला को सीरियल किलिंग के लिए फांसी के फंदे पर नहीं लटकाया गया है।

Q4. सीरियल किलर (Serial Killer) और मास किलर (Mass Killer) में क्या अंतर है?

Ans: सीरियल किलर वह होता है जो एक निश्चित अंतराल (Cooling-off period) के बाद एक-एक करके तीन या तीन से अधिक लोगों की हत्या करता है (जैसे साइनाइड मल्लिका)। वहीं, मास किलर या स्प्री किलर वह होता है जो एक ही समय पर या बहुत कम समय के भीतर कई लोगों को मार डालता है (जैसे इंदौर की नेहा वर्मा)।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *