मध्य प्रदेश के धार जिले में बन रहे PM मित्रा पार्क में अरविंद ग्रुप 1200 करोड़ का निवेश करेगा। जानें पार्क की पूरी जानकारी, रोजगार के मौके और लेटेस्ट अपडेट।
मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति मिल रही है। धार जिले के बदनावर तहसील स्थित भैंसोला गांव में बन रहे देश के पहले PM मित्रा पार्क (PM MITRA Park) को लेकर लगातार बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आ रहे हैं। ताजा अपडेट में अहमदाबाद की जानी-मानी टेक्सटाइल कंपनी अरविंद ग्रुप (Arvind Limited) ने इस पार्क में करीब 1200 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है, जिससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे खुलेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अहमदाबाद में अरविंद लिमिटेड के वाइस चेयरमैन कुलिन लालभाई के साथ बैठक कर इस निवेश प्रस्ताव पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुरूप PM मित्रा पार्क में उत्पादन अगले साल तक शुरू होने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे प्रदेश के युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा।
क्या है PM मित्रा पार्क?
PM मित्रा (Mega Integrated Textile Region and Apparel) पार्क केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य टेक्सटाइल सेक्टर की पूरी वैल्यू चेन — कताई (spinning), बुनाई (weaving), प्रोसेसिंग, डाइंग और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग — को एक ही जगह लाना है। इस योजना के तहत देशभर में सात राज्यों — तमिलनाडु, तेलंगाना, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र — में PM मित्रा पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। इसे कपड़ा मंत्रालय (Ministry of Textiles) संचालित कर रहा है और यह पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित हो रहा है।
धार जिले का पार्क देश का पहला ऐसा PM मित्रा पार्क है, जिसका शिलान्यास खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2025 को अपने जन्मदिन के मौके पर भैंसोला गांव में किया था। इसे करीब 1,563 एकड़ भूमि पर विकसित किया जा रहा है और इसकी कुल लागत लगभग 2,100 करोड़ रुपये आंकी गई है।
धार-बदनावर लोकेशन के फायदे
भैंसोला गांव की लोकेशन औद्योगिक दृष्टि से बेहद रणनीतिक मानी जा रही है:
- इंदौर से 110 किलोमीटर की दूरी पर स्थित
- पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र से 85 किलोमीटर दूर
- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से रतलाम होते हुए सिर्फ 50 किलोमीटर
- फोर-लेन एक्सेस रोड के जरिए नेशनल हाईवे नेटवर्क से जुड़ाव
पार्क में अब तक कितना निवेश और कितना रोजगार?
PM मित्रा पार्क में निवेश का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। अभी तक की जानकारी के मुताबिक:
- पार्क के दूसरे चरण में 320 एकड़ भूमि 13 कंपनियों को आवंटित की जा चुकी है, जिनका प्रस्तावित निवेश करीब 7,500 करोड़ रुपये है।
- कुल मिलाकर 38 कंपनियों से मिले निवेश प्रस्ताव 21,500 करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुके हैं, जिससे करीब 55,000 रोजगार के अवसर बनने का अनुमान है।
- अब तक कुल 1,140 एकड़ भूमि का आवंटन हो चुका है और तीसरे चरण की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं, जिसमें करीब 2,156 एकड़ भूमि और शामिल की जाएगी।
- MPIDC (मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम) लीज डीड और प्लॉट पजेशन प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर रहा है।
- पार्क को देखने के लिए ताइवान का एक औद्योगिक प्रतिनिधिमंडल भी हाल ही में साइट विजिट कर चुका है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस प्रोजेक्ट की बढ़ती साख को दिखाता है।
लंबी अवधि के अनुमानों के मुताबिक पूरा प्रोजेक्ट पूरी तरह विकसित होने पर करीब 2 लाख रोजगार (50,000 प्रत्यक्ष और 1.5 लाख अप्रत्यक्ष) पैदा कर सकता है।
अरविंद ग्रुप का निवेश: क्या-क्या तय हुआ?
अरविंद लिमिटेड ने PM मित्रा पार्क में करीब 1200 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिसके लिए कंपनी को 105 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इंदौर की पेपकॉन प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौते के तहत सालाना करीब 70 लाख गारमेंट्स का उत्पादन किया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कंपनी को CCIP के तहत आवेदन प्रक्रिया तेज करने और सरकारी स्तर पर जल्द मंजूरी दिलाने का भरोसा दिया।
बैठक में कंपनी को टेक्सटाइल और अपैरल सेक्टर के लिए मिलने वाली प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी भी दी गई, जिनमें शामिल हैं:
- कैपिटल सब्सिडी
- ब्याज सब्सिडी
- स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट
- ग्रीन इंडस्ट्रियलाइजेशन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट सपोर्ट
गौरतलब है कि अरविंद ग्रुप मध्य प्रदेश में तीन अलग-अलग जगहों — देवास के पास बरलाई, धार का PM मित्रा पार्क और इंदौर का बेटमा — में अपनी यूनिट्स स्थापित कर रहा है।
पानी के पुनः उपयोग पर भी हुई चर्चा
बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों में पानी के पुनः उपयोग को बढ़ावा देने पर भी बात हुई। जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) सॉल्यूशंस को टेक्सटाइल, फार्मा और अन्य औद्योगिक क्लस्टरों में लागू करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। साथ ही, नगर निगमों के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP) को औद्योगिक पार्कों से जोड़कर ‘सर्कुलर वॉटर इकोनॉमी’ मॉडल विकसित करने का सुझाव भी सामने आया।
सिंहस्थ-2028 के लिए मॉडर्न कम्युनिकेशन सिस्टम पर भी बातचीत
बैठक में सिंहस्थ-2028 के दौरान मिशन-क्रिटिकल कम्युनिकेशन नेटवर्क के इस्तेमाल की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। अरविंद लिमिटेड और JM बक्सी ग्रुप के संयुक्त उपक्रम आर्य ओम्नीटॉक सॉल्यूशंस द्वारा पुलिस, सुरक्षा बलों, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए वॉकी-टॉकी नेटवर्क और पब्लिक सेफ्टी कम्युनिकेशन सॉल्यूशंस मुहैया कराने की योजना पर बात हुई।
पार्क की खासियतें
PM मित्रा पार्क को अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ विकसित किया जा रहा है:
- 20 MLD जीरो लिक्विड डिस्चार्ज कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट
- 10 MW सोलर पावर प्लांट
- बॉयलरों में कोयले के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध
- प्लग-एंड-प्ले BTS (बिल्ट-टू-सूट) यूनिट्स
- वर्कर्स हॉस्टल और आवासीय परिसर
- ट्रेनिंग व स्किल डेवलपमेंट सेंटर
GIS-2027 का न्योता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अरविंद लिमिटेड को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS)-2027 में भाग लेने का भी न्योता दिया। बता दें कि 1931 में स्थापित और अहमदाबाद मुख्यालय वाला अरविंद ग्रुप देश की अग्रणी टेक्सटाइल कंपनियों में शुमार है, जिसमें 60,000 से ज्यादा लोग कार्यरत हैं और यह एक लाख से ज्यादा कपास किसानों से कच्चा माल खरीदता है।
कब तक शुरू होगा उत्पादन?
निर्माण कार्य के मौजूदा टाइमलाइन के अनुसार पार्क का पहला चरण 2026 की आखिरी तिमाही तक ऑपरेशनल होने की उम्मीद है, जबकि अरविंद ग्रुप जैसी कंपनियों में उत्पादन अगले साल (2027) तक शुरू होने का लक्ष्य रखा गया है।
क्या सिर्फ टेक्सटाइल उद्योग ही खुलेंगे PM मित्रा पार्क में?
बहुत से लोगों के मन में सवाल है कि क्या PM मित्रा पार्क में सिर्फ टेक्सटाइल कंपनियां ही आएंगी या दूसरी इंडस्ट्रीज को भी जगह मिलेगी। इसका जवाब साफ है — PM मित्रा पार्क पूरी तरह टेक्सटाइल सेक्टर के लिए डेडिकेटेड योजना है, ये कोई मल्टी-इंडस्ट्री पार्क नहीं है। केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय की इस स्कीम का मकसद ही टेक्सटाइल की पूरी वैल्यू चेन को एक जगह लाना है, जिसमें शामिल हैं:
- कताई (Spinning)
- बुनाई (Weaving)
- डाइंग व प्रोसेसिंग
- गारमेंट व अपैरल मैन्युफैक्चरिंग
- डिजाइन सेंटर, टेस्टिंग लैब और इनक्यूबेशन सेंटर जैसी सपोर्ट फैसिलिटीज
यानी ऑटोमोबाइल, फार्मा, IT या फूड प्रोसेसिंग जैसी अनरिलेटेड इंडस्ट्रीज को इस पार्क में जगह नहीं मिलेगी, क्योंकि योजना की शर्त ही यही है कि यह एक इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल हब बने। हालांकि टेक्सटाइल इकोसिस्टम से सीधे जुड़े सहायक (ancillary) उद्योग — जैसे पैकेजिंग यूनिट्स, डाइज व केमिकल सप्लायर और लॉजिस्टिक्स-वेयरहाउसिंग कंपनियां — जरूर पार्क का हिस्सा बन सकती हैं, क्योंकि ये टेक्सटाइल वैल्यू चेन को सपोर्ट करती हैं।
PM मित्रा पार्क से MP को क्या फायदा होगा?
टेक्सटाइल-केंद्रित होने के बावजूद यह पार्क मध्य प्रदेश के लिए कई बड़े फायदे लेकर आएगा:
- वन-स्टॉप वैल्यू चेन: कपास से लेकर तैयार गारमेंट तक की पूरी प्रक्रिया एक ही जगह होने से ट्रांसपोर्ट लागत और समय दोनों की बचत होगी।
- प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर: छोटी और मझोली कंपनियों को भी भारी शुरुआती निवेश के बिना यूनिट लगाने का मौका मिलेगा।
- कॉटन इकॉनमी को बूस्ट: मध्य प्रदेश देश का पांचवां सबसे बड़ा कॉटन उत्पादक राज्य है — अब राज्य में उगने वाला कच्चा कपास राज्य में ही प्रोसेस हो सकेगा, जिससे किसानों को भी फायदा मिलेगा।
- बड़े पैमाने पर रोजगार, खासकर महिलाओं के लिए: टेक्सटाइल व गारमेंट सेक्टर में करीब 60-70% वर्कफोर्स महिलाएं होती हैं, इसलिए यह पार्क महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी अहम कदम साबित होगा।
- बेहतरीन कनेक्टिविटी: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और इंदौर-पीथमपुर औद्योगिक क्लस्टर से नजदीकी होने से एक्सपोर्ट और लॉजिस्टिक्स दोनों आसान होंगे।
- ग्रीन व सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर: जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लांट, सोलर पावर और कोयला-मुक्त बॉयलर जैसी सुविधाओं से पर्यावरण अनुकूल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।
- सरकारी इंसेंटिव्स: कैपिटल सब्सिडी, इंटरेस्ट सब्सिडी और स्टाम्प ड्यूटी में छूट जैसी सुविधाएं बड़ी कंपनियों को यहां निवेश के लिए आकर्षित करेंगी।
- वैश्विक पहचान: ताइवान जैसे देशों से आ रहे औद्योगिक प्रतिनिधिमंडलों के दौरे बताते हैं कि यह पार्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी निवेशकों की नजर में है, जिससे आने वाले समय में विदेशी निवेश (FDI) की संभावना भी बढ़ेगी।
इस तरह, भले ही PM मित्रा पार्क में सिर्फ टेक्सटाइल और उससे जुड़े उद्योग ही स्थापित होंगे, लेकिन इसका असर पूरे मालवा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, रोजगार और किसानों की आय पर व्यापक रूप से पड़ेगा।
FAQ Schema
Q1. PM मित्रा पार्क क्या है? PM मित्रा (Mega Integrated Textile Region and Apparel) पार्क केंद्र सरकार की एक योजना है, जिसके तहत टेक्सटाइल सेक्टर की पूरी वैल्यू चेन — कताई, बुनाई, प्रोसेसिंग और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग — एक ही जगह विकसित की जाती है।
Q2. मध्य प्रदेश का PM मित्रा पार्क कहां स्थित है? यह धार जिले की बदनावर तहसील के भैंसोला गांव में बनाया जा रहा है, जो इंदौर से करीब 110 किलोमीटर दूर है।
Q3. PM मित्रा पार्क का शिलान्यास कब हुआ था? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2025 को इसका शिलान्यास किया था।
Q4. अरविंद ग्रुप ने कितना निवेश प्रस्तावित किया है? अरविंद लिमिटेड ने PM मित्रा पार्क में करीब 1200 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है और उसे 105 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।
Q5. पार्क से कितने रोजगार मिलने की उम्मीद है? अब तक मिले प्रस्तावों के आधार पर करीब 55,000 रोजगार के अवसर बनने का अनुमान है, जबकि पूरा प्रोजेक्ट पूरी तरह विकसित होने पर करीब 2 लाख रोजगार (प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष) पैदा कर सकता है।
Q6. देश में कुल कितने PM मित्रा पार्क बन रहे हैं? देशभर में सात राज्यों — तमिलनाडु, तेलंगाना, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र — में PM मित्रा पार्क स्थापित किए जा रहे हैं।
Q7. अब तक कुल कितनी भूमि आवंटित हो चुकी है? अब तक कुल 1,140 एकड़ भूमि का आवंटन हो चुका है और तीसरे चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
Q8. पार्क में उत्पादन कब तक शुरू होने की उम्मीद है? पार्क का पहला चरण 2026 की आखिरी तिमाही तक ऑपरेशनल होने की उम्मीद है, जबकि अरविंद ग्रुप जैसी कंपनियों में उत्पादन 2027 तक शुरू होने का लक्ष्य है।
Q9. PM मित्रा पार्क किस मंत्रालय के तहत आता है? यह योजना केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय (Ministry of Textiles) द्वारा संचालित की जा रही है।
Q10. PM मित्रा पार्क को कौन विकसित कर रहा है? इसे मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) की देखरेख में केंद्र और राज्य सरकार की साझेदारी वाले स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) के जरिए विकसित किया जा रहा है।
Q11. क्या PM मित्रा पार्क में सिर्फ टेक्सटाइल इंडस्ट्री ही खुलेगी? हां, यह पार्क पूरी तरह टेक्सटाइल सेक्टर के लिए डेडिकेटेड है — इसमें कताई, बुनाई, डाइंग, प्रोसेसिंग और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियां ही आएंगी। हालांकि पैकेजिंग, केमिकल सप्लाई और लॉजिस्टिक्स जैसे सहायक (ancillary) उद्योग भी शामिल हो सकते हैं।
Q12. PM मित्रा पार्क से मध्य प्रदेश को क्या मुख्य फायदे होंगे? इससे कॉटन इकॉनमी को बढ़ावा, बड़े पैमाने पर रोजगार (खासकर महिलाओं के लिए), बेहतर कनेक्टिविटी, ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर और विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करने जैसे फायदे मिलेंगे।
