नवरात्रि से पहले ‘रेंट ए गरबा पार्टनर’ पोस्ट वायरल हैं। पुलिस ने ठगी की आशंका जताई है। जानें ट्रेंड क्या है, कैसे बचें और ठगी पर कहाँ करें शिकायत।
प्रकाशित: 4 अक्टूबर 2026 | जानकारी इस तारीख तक verified: 4 अक्टूबर 2026
हर साल नवरात्रि के साथ गरबा-डांडिया की तैयारियाँ शुरू होती हैं, और इस बार सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड भी आ गया है: “रेंट ए गरबा पार्टनर”। पोस्टों में सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम पैकेज के नाम पर पैसे देकर गरबा के लिए “पार्टनर” उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है।
पुलिस ने इस पर नज़र रखनी शुरू कर दी है। इस ब्लॉग में समझिए कि यह ट्रेंड क्या है, इसमें जोखिम कहाँ है और खुद को कैसे सुरक्षित रखें।
यह ट्रेंड शुरू कैसे हुआ?
उपलब्ध रिपोर्ट्स के अनुसार इसकी शुरुआत गुजरात के एक इंस्टाग्राम यूज़र की मज़ाक़िया पोस्ट से हुई। बाद में दूसरे अकाउंट्स ने भी ऐसे ऑफर शेयर करने शुरू किए। अहमदाबाद पुलिस के साइबर क्राइम विभाग ने इन पोस्टों की जाँच शुरू की। साइबर क्राइम की DCP लवीना सिन्हा ने कहा कि पुलिस देख रही है कि इनके पीछे धोखाधड़ी या कोई और गलत मंशा तो नहीं है।
पोस्टों में बताए गए पैकेज की क़ीमत अलग-अलग रिपोर्ट्स में अलग है। कहीं 500 से 6,500 रुपये लिखा है, कहीं 1,000 से 6,000 रुपये। पैकेज में डांस, फोटो, रील और आउटिंग जैसी सुविधाओं का दावा किया गया है।
अभी तक की स्थिति क्या है?
इस पर साफ़ और ईमानदार तस्वीर रखना ज़रूरी है:
- पुष्टि हुई है: अहमदाबाद, बिलासपुर और कई दूसरे इलाक़ों में पुलिस और साइबर विशेषज्ञों ने चेतावनी जारी की है और पोस्टों की जाँच हो रही है।
- पुष्टि नहीं हुई है: बड़े पैमाने पर ठगी, पीड़ितों की संख्या या नुकसान की रक़म के आँकड़े सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
यानी यह अभी आशंका और जाँच का चरण है। पर सावधानी पहले से बरतना समझदारी है, क्योंकि ठगी अक्सर ऐसे ही वायरल ट्रेंड की आड़ में होती है।
ठग किन तरीकों से फंसा सकते हैं?
उत्तर प्रदेश पुलिस के साइबर सिक्योरिटी एडवाइज़र राहुल मिश्रा के अनुसार संभावित तरीके ये हैं:
1. एडवांस पेमेंट। “बुकिंग कन्फर्म करने” के नाम पर पहले पैसे माँगे जाते हैं। पैसे जाने के बाद अकाउंट ग़ायब हो सकता है।
2. फर्जी UPI लिंक या QR कोड। याद रखें, QR स्कैन करने पर आपके खाते से पैसा कटता है, आता नहीं। “रिफंड” या “पेमेंट रिसीव करने” के नाम पर भेजे गए QR से सावधान रहें।
3. OTP और बैंक डिटेल की माँग। बुकिंग कन्फर्मेशन या रिफंड के बहाने OTP, कार्ड नंबर या UPI PIN पूछा जा सकता है। कोई भी असली सेवा ये जानकारी नहीं माँगती।
4. निजी जानकारी इकट्ठा करना। पोस्टर पर क्लिक करवाकर नाम, नंबर और दूसरी जानकारी भरवाई जाती है, जिसके बाद रकम जमा करने को कहा जाता है। राजस्थान की रिपोर्ट में इसी तरह के तरीके का ज़िक्र है।
सिर्फ़ गरबा पार्टनर ही नहीं, त्योहारी स्कैम भी
वायरल ट्रेंड के अलावा त्योहारों के मौसम में ये स्कैम भी आम हैं:
- फर्जी शॉपिंग और डिस्काउंट ऑफर
- नकली गरबा पास या टिकट बिक्री
- डिलीवरी और पेमेंट के नाम पर आने वाले संदिग्ध मैसेज
कोई ऑफर वायरल है, इसका मतलब यह नहीं कि वह असली है। भीड़ की देखादेखी भरोसा करना ठगों के लिए सबसे आसान रास्ता है।
ख़तरे की पहचान: कैसे करें जाँच?
| संकेत | क्या सोचें |
|---|---|
| नया अकाउंट, बहुत कम पोस्ट | असली नहीं, सिर्फ़ ऑफर के लिए बना हो सकता है |
| तस्वीरें बहुत “परफेक्ट” या कहीं और दिखीं | चुराई या AI से बनी हो सकती हैं (Google Lens/reverse image search से जाँचें) |
| “आज ही बुक करें, सीमित स्लॉट” | जल्दबाज़ी का दबाव डालना ठगों की पुरानी चाल है |
| पहले पेमेंट, फिर मुलाक़ात | सबसे बड़ा रेड फ़्लैग |
| OTP/PIN की माँग | बिना सोचे इनकार करें |
क्या करें और क्या न करें
✅ करें
- गरबा पास सिर्फ़ आयोजकों के आधिकारिक चैनल या भरोसेमंद टिकटिंग प्लेटफ़ॉर्म से लें
- किसी से पैसे का लेन-देन करने से पहले उसकी पहचान जाँचें
- संदिग्ध पोस्ट को प्लेटफ़ॉर्म पर रिपोर्ट करें
- परिवार के कम तकनीकी लोगों और किशोरों को भी बताएं
❌ न करें
- अनजान अकाउंट को एडवांस पैसे न भेजें
- OTP, UPI PIN, CVV कभी साझा न करें
- “रिफंड” वाले लिंक या QR पर क्लिक न करें
- निजी फोटो, ID कार्ड या लोकेशन अनजान लोगों को न दें। यह सामान्य सावधानी है और इस ट्रेंड में ऐसे किसी मामले की पुष्टि नहीं हुई है।
ठगी हो जाए तो क्या करें?
समय यहाँ सबसे अहम है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जितनी जल्दी शिकायत होती है, खाते ब्लॉक कराने और रकम वापस दिलाने की कोशिश उतनी ही प्रभावी होती है।
- तुरंत 1930 पर कॉल करें (राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन)।
- cybercrime.gov.in पर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करें। शिकायत ID मिलेगी, जिससे स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।
- सबूत सुरक्षित रखें: भुगतान का स्क्रीनशॉट, चैट, प्रोफ़ाइल लिंक, UPI ID और ट्रांज़ैक्शन ID।
- अपने बैंक को सूचित करें और ज़रूरत हो तो स्थानीय थाने में भी शिकायत दें।
एक संतुलित नज़रिया
यह सच है कि बहुत से लोग इन पोस्टों को मज़ाक़ या ट्रेंड की तरह ले रहे हैं, और हर पोस्ट ठगी हो, यह साबित नहीं हुआ है। मुंबई में एक व्यक्ति ने पोस्टों की जाँच की माँग भी की है। पर यह उनका आरोप और माँग है, पुलिस का निष्कर्ष नहीं। जब तक जाँच पूरी नहीं होती, सबसे सुरक्षित रास्ता यही है कि पैसे और निजी जानकारी के मामले में अनजान लोगों पर भरोसा न करें।
FAQ
‘रेंट ए गरबा पार्टनर’ असली सेवा है?
इसकी वैधता की पुष्टि नहीं है। पुलिस जाँच कर रही है कि पोस्ट के पीछे कौन है और मक़सद क्या है।
क्या सारे ऐसे पोस्ट ठगी हैं?
ऐसा दावा नहीं किया जा सकता। पर पैसे या निजी जानकारी माँगने वाले अनजान अकाउंट जोखिम भरे हैं।
पैसे भेज दिए, अब क्या करूँ?
तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
शिकायत करने में पैसे लगते हैं?
नहीं। cybercrime.gov.in या पुलिस स्टेशन पर शिकायत मुफ़्त है।
नवरात्रि कब से शुरू है?
पंचांग-आधारित रिपोर्ट्स में 11 या 12 अक्टूबर 2026 बताया गया है। स्रोतों में अंतर है, इसलिए अपने पंचांग से पुष्टि कर लें।
जानकारी 4 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स (प्रभात खबर, पत्रिका, ETV भारत, नवभारत लाइव आदि) पर आधारित है। जाँच आगे बढ़ने पर इसे अपडेट किया जाएगा।
