ग्वालियर में 12 अक्टूबर को टेलीकॉम ज़ोन का शिलान्यास, शाह और मोहन यादव के आने की संभावना

ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारी

ग्वालियर में देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के शिलान्यास की तैयारी है। जानिए कार्यक्रम, ज़मीन, निवेश, रोज़गार और जुड़ने वाली कंपनियों की जानकारी।

Published: 4 अक्टूबर 2026 | Updated: 4 अक्टूबर 2026

ग्वालियर में देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) की नींव रखने की तैयारी शुरू हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक शिलान्यास कार्यक्रम 12 अक्टूबर (सोमवार) को मेला ग्राउंड में प्रस्तावित है। इसमें केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आने की संभावना है। दोनों नेताओं की उपस्थिति की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

यह ज़ोन ग्वालियर के SADA (श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी) क्षेत्र में बनेगा। इससे शहर में निवेश, उद्योग और रोज़गार के नए मौक़े बनने की उम्मीद है।

कार्यक्रम की तैयारी

आयोजन की ज़िम्मेदारी SADA और मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (MPSTDC) के पास है। पर्यटन विभाग 12 एजेंसियों के पैनल में से एक इवेंट एजेंसी चुनने की प्रक्रिया में है और चयन 5 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य है।

मेला ग्राउंड में जर्मन हैंगर तकनीक का बड़ा डोम बनाने की योजना है। इसकी चौड़ाई करीब 60 मीटर और लंबाई करीब 300 मीटर बताई गई है, यानी लगभग 18,000 वर्ग मीटर का क्षेत्र। मुख्य सभागार में 3,000 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी, जिनमें 425 VIP और 2,575 आम मेहमान रहेंगे।

सुरक्षा के लिए करीब 2,000 पुलिसकर्मी और अधिकारी लगाए जाने की संभावना है। पुलिस एयरपोर्ट से मेला ग्राउंड तक के रास्ते के लिए ट्रैफ़िक और सुरक्षा योजना बना रही है। VIP मूवमेंट और पार्किंग की व्यवस्था भी इसी में शामिल है।

प्रोजेक्ट क्या है

30 जुलाई 2026 को केंद्र के दूरसंचार विभाग (DoT) और मध्य प्रदेश सरकार ने नई दिल्ली में समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में हुआ।

DoT के अनुसार पहले चरण का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठा रही है, और कोर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए लगभग 49.3 करोड़ रुपये दिए गए हैं। मध्य प्रदेश सरकार करीब 170 एकड़ ज़मीन बिना शुल्क उपलब्ध कराएगी।

सिंधिया ने 20 सितंबर को साइट का दौरा किया। उन्होंने बताया कि यहाँ किसी एक फ़ैक्ट्री की जगह 24-25 टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स का पूरा इकोसिस्टम बनाया जाएगा।

ज़मीन और कंपनियाँ

पहले चरण की लगभग 170 एकड़ ज़मीन में से 90 एकड़ से ज़्यादा SADA में और 70 एकड़ से ज़्यादा IT पार्क में है। संचार मंत्रालय के मुताबिक अब तक 24 कंपनियों ने यूनिट लगाने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। आवेदन उपलब्ध ज़मीन से ज़्यादा आए हैं, इसलिए ज़रूरत पड़ने पर और ज़मीन चिह्नित की जाएगी।

Light Reading की रिपोर्ट के अनुसार शुरुआती निवेश प्रतिबद्धता देने वालों में HFCL, VVDN Technologies, Dixon Technologies, Syrma SGS और Elcina के सदस्य शामिल हैं। सभी 24 आवेदक कंपनियों की सूची अभी सार्वजनिक नहीं है।

राज्य सरकार ने टेलीकॉम उद्योग के लिए अलग प्रोत्साहन पैकेज तैयार किया है, जिसमें ज़मीन लीज़, बिजली, रोज़गार और उत्पादन से जुड़े इंसेंटिव हैं। DoT ने क़रीब 500 करोड़ रुपये के कॉमन टेस्टिंग लैब का प्रस्ताव भी रखा है।

निवेश और रोज़गार: आँकड़े अलग-अलग क्यों

अलग-अलग बयानों में आँकड़े अलग चरणों और तारीख़ों के हैं:

चरण/संदर्भनिवेशप्रत्यक्ष रोज़गारस्रोत
पहला चरण (जुलाई)लगभग 2,000 करोड़4,500 से ज़्यादाDoT सचिव
पहला चरण (प्रेस विज्ञप्ति)—लगभग 3,500Light Reading
कुल (प्रेस विज्ञप्ति)—लगभग 14,000Light Reading
अगला चरणकम से कम 10,000 करोड़—DoT सचिव
दीर्घकालिक12,000-15,000 करोड़—Light Reading
सितंबर का आकलनलगभग 5,500 करोड़18,000 से ज़्यादासंचार मंत्रालय

अंतिम आँकड़ों के लिए कार्यक्रम के बाद जारी होने वाला सरकारी बयान देखना बेहतर होगा।

कनेक्टिविटी

मंत्रालय के अनुसार लगभग 120 किमी लंबा आगरा-ग्वालियर हाई-स्पीड कॉरिडोर बन रहा है। ग्वालियर एयरपोर्ट करीब 650 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है। शहर से हर साल क़रीब 25,000 इंजीनियरिंग छात्र निकलते हैं, जिसे मंत्रालय कुशल कार्यबल का आधार बता रहा है।

आगे क्या

शिलान्यास के बाद कंपनियों को ज़मीन आवंटन और यूनिट निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसकी आधिकारिक समय-सीमा अभी जारी नहीं हुई है, इसलिए कोई अनुमान नहीं दिया गया है।


13. Key Highlights

  • शिलान्यास कार्यक्रम 12 अक्टूबर (सोमवार) को ग्वालियर के मेला ग्राउंड में प्रस्तावित है।
  • अमित शाह और मोहन यादव के आने की संभावना है, आधिकारिक पुष्टि बाक़ी है।
  • 30 जुलाई 2026 को DoT और MP सरकार के बीच MoU हुआ।
  • पहले चरण के लिए लगभग 170 एकड़ ज़मीन है और 24 कंपनियों ने आवेदन प्रक्रिया शुरू की है।
  • पहले चरण का खर्च केंद्र उठाएगा और ज़मीन राज्य सरकार बिना शुल्क देगी।

14. Important Details

विषयजानकारी
तारीख़12 अक्टूबर 2026 (प्रस्तावित)
स्थानमेला ग्राउंड, ग्वालियर
आयोजकSADA और MPSTDC
मुख्य सभागार3,000 सीटें (425 VIP + 2,575 आम)
सुरक्षालगभग 2,000 कर्मी
परियोजना स्थलSADA (90+ एकड़) और IT पार्क (70+ एकड़)
आवेदक कंपनियाँ24
कॉमन टेस्टिंग लैबलगभग 500 करोड़ का प्रस्ताव

15. FAQ

ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन का शिलान्यास कब है?
रिपोर्ट्स के अनुसार 12 अक्टूबर 2026 को मेला ग्राउंड में प्रस्तावित है।

क्या अमित शाह और मोहन यादव का आना पक्का है?
अभी दोनों के आने की “संभावना” बताई गई है। आधिकारिक कार्यक्रम जारी होने तक इसे पक्का न मानें।

टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन क्या होता है?
यह टेलीकॉम उपकरण बनाने वाली कंपनियों के लिए तय औद्योगिक क्षेत्र है, जहाँ ज़मीन, साझा टेस्टिंग सुविधा और इंसेंटिव एक जगह मिलते हैं।

ज़ोन कहाँ बनेगा?
मुख्य रूप से SADA क्षेत्र और ग्वालियर के IT पार्क में।

कितनी नौकरियाँ मिलेंगी?
अलग-अलग बयानों में पहले चरण के लिए 3,500 से 4,500 और कुल मिलाकर 14,000 से 18,000 से ज़्यादा प्रत्यक्ष रोज़गार का ज़िक्र है। अंतिम आँकड़ा तय होना बाक़ी है।

कौन-सी कंपनियाँ जुड़ रही हैं?
HFCL, VVDN, Dixon, Syrma SGS और Elcina के सदस्य शुरुआती प्रतिबद्धता वालों में बताए गए हैं। कुल 24 कंपनियों ने आवेदन प्रक्रिया शुरू की है।

17. Sources

  • संचार मंत्रालय / PIB और दूरसंचार विभाग (DoT) के बयान
  • मध्य प्रदेश सरकार / जनसंपर्क विभाग
  • NewKerala, 30 जुलाई 2026 (MoU)
  • Developing Telecoms, जुलाई 2026 (केंद्र का वित्त पोषण, ज़मीन)
  • Light Reading, 31 जुलाई 2026 (निवेशक कंपनियाँ, चरणवार आँकड़े)
  • CXO Digital Pulse (DoT सचिव का बयान)

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