रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की महारैली: CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग

रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की महारैली के दौरान विपक्षी नेता

1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की महारैली में राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार पर हमला बोला। भाषण, भीड़ के दावे, BJP की प्रतिक्रिया और सुरक्षा इंतजाम जानें।

प्रकाशित: 2 नवंबर 2026 | घटना: 1 नवंबर 2026

रविवार, 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली हुई। इसका मुख्य मुद्दा कथित वोट चोरी और SIR (मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण) में गड़बड़ी था। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। यह आयोजन विपक्षी नेताओं के मार्च के बाद हुआ, जिसमें Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Vadra, Akhilesh Yadav, Mamata Banerjee और Tejashwi Yadav के शामिल होने की खबर है।

मुख्य बातें

  • विपक्ष ने CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की।
  • Rahul Gandhi ने CEC के जेल जाने तक की बात कही। BJP ने इसे राजनीतिक बयान बताया।
  • भीड़ के आंकड़ों पर विवाद है। आयोजकों ने 10 लाख लोगों के आने का दावा किया, जबकि BJP ने खाली कुर्सियों का सवाल उठाया।
  • दिल्ली पुलिस ने 4,000 से अधिक जवान और 200 से ज्यादा कैमरे तैनात किए।
  • रैली की तारीख 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी से मेल खाने पर BJP ने आपत्ति जताई।

भाषण में क्या कहा गया

Rahul Gandhi ने मंच से CEC ज्ञानेश कुमार पर सीधा हमला किया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाएगा और वे जेल जाएंगे। उन्होंने किसानों, बेरोजगारी और धन के कुछ हाथों में केंद्रित होने जैसे मुद्दे भी उठाए। उनका कहना था कि यह आंदोलन किसी एक पार्टी या नेता का नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ है।

रामलीला मैदान में कितनी भीड़ आई? अलग-अलग दावे

स्वतंत्र एजेंसी या पुलिस का अंतिम आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।

  • आयोजक/विपक्ष: लगभग 10 लाख लोगों के जुटने का आह्वान किया गया था।
  • BJP: सांसद Sambit Patra ने कहा कि 28,000 कुर्सियों में से दोपहर साढ़े तीन से चार बजे के बीच लगभग 5,000 से 7,000 खाली थीं।
  • पुलिस: DCP रोहित राजबीर सिंह के अनुसार मैदान के अंदर की क्षमता लगभग 45 से 50 हजार है।

BJP की प्रतिक्रिया

BJP ने रैली को “ठगों का मेला” और “सुपर फ्लॉप” कहा। गृह मंत्री Amit Shah ने रैली की तारीख पर सवाल उठाए और इसे 1984 की बरसी से जोड़ा। BJP ने दिल्ली और हरियाणा में अपने जवाबी मार्च भी निकाले।

सुरक्षा और तैयारी

दिल्ली पुलिस ने मैदान को 14 जोन में बांटा, 4,000 से अधिक पुलिसकर्मी और केंद्रीय बलों की तैनाती की और 200 से ज्यादा CCTV से निगरानी की। कुछ रिपोर्टों में बैरिकेडिंग तोड़ने की बात भी आई है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पृष्ठभूमि

विपक्ष पहले से SIR के खिलाफ “public impeachment” जैसे कार्यक्रम चला रहा था, जो बारिश के कारण टला था। इसी कड़ी में 1 नवंबर का मार्च और रैली हुई।

अभी क्या स्पष्ट नहीं है

  • भीड़ का स्वतंत्र आंकड़ा।
  • वोट चोरी के आरोपों के सबूत।
  • CEC के खिलाफ किसी कानूनी प्रक्रिया की स्थिति।
  • आगे की रणनीति पर कोई आधिकारिक घोषणा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

रामलीला मैदान रैली कब हुई?
रविवार, 1 नवंबर 2026 को।

रैली का मुख्य मुद्दा क्या था?
कथित वोट चोरी और SIR में गड़बड़ी, और CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग।

रैली में कौन-कौन नेता शामिल हुए?
खबरों के अनुसार Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Vadra, Akhilesh Yadav, Mamata Banerjee और Tejashwi Yadav।

रामलीला मैदान में कितनी भीड़ थी?
स्वतंत्र आंकड़ा नहीं मिला। आयोजकों ने 10 लाख का दावा किया, जबकि BJP ने मैदान का बड़ा हिस्सा खाली होने का आरोप लगाया।

तारीख पर विवाद क्यों हुआ?
1 नवंबर 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी होने से BJP ने आपत्ति जताई।

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