राम मंदिर चढ़ावा चोरी की चार्जशीट में बाथरूम की नकदी, 105 CCTV घटनाएं और आरोपियों की संपत्ति का ब्योरा। केस की 7 दिलचस्प बातें पढ़ें।
Published: 5 अक्टूबर 2026
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित चोरी के मामले में पुलिस की SIT ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। करीब 74 हजार पन्नों के इस दस्तावेज में आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का दावा है कि गिनती कक्ष से नकदी हटाने की 105 घटनाएं CCTV में दर्ज हुईं।
ये सब पुलिस की जांच के आरोप हैं। अदालत में इन्हें साबित करना अभी बाकी है।
इस केस की 7 दिलचस्प बातें
- राज खोलने वाले गिनती कर्मी ही थे। चढ़ावा गिनने वाले एक कर्मी ने ही बाथरूम में मिली नोटों की गड्डियों का वीडियो बनाकर ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय को भेजा।
- वीडियो ट्रेन में पहुंचा। 4 जून की रात चंपत राय दिल्ली से ट्रेन से अयोध्या लौट रहे थे, तभी उनके मोबाइल पर वीडियो और संदेश आया। संदेश में बताया गया था कि कई दिनों से चोरी हो रही है।
- चेकिंग शुरू होते ही रकम बाथरूम पहुंची। पुलिस के अनुसार जैसे ही गिनती कक्ष के गेट पर तलाशी शुरू हुई, नकदी बाथरूम में छिपा दी गई। वहीं से 2.25 लाख रुपये मिले।
- एक अकेले आरोपी पर 85 बार रकम निकालने का आरोप। चार्जशीट के मुताबिक अविनाश शुक्ला उर्फ शनि ने गिनती के दौरान 85 बार रकम निकाली। एक और आरोपी को दो बार रकम निकालते और 68 बार चोरी में मदद करते देखा गया। यही आंकड़े मिलकर 105 घटनाओं तक पहुंचते हैं।
- रकम छिपाने की जगहें चौंकाने वाली थीं। जांच में बताया गया कि नकदी घरों, शौचालयों, भूसे के ढेर और उपलों के बीच छिपाई गई थी। कुल करीब 79.85 लाख रुपये नकद, गहने और अमेरिकी डॉलर बरामद होने का दावा है।
- चोरी की रकम से मकान, कार और प्लॉट खरीदने का आरोप। पुलिस ने आरोपियों और उनके परिजनों के बैंक खातों व संपत्तियों की जांच की। दावा है कि अनुकल्प मिश्रा के पिता के नाम खरीदे गए करीब 55 लाख के मकान में 54.5 लाख रुपये अपराध की रकम से लगे। रमाशंकर मिश्रा के परिजनों के खातों में 20.92 लाख रुपये नकद जमा हुए। टिन्नू यादव के नाम बुलेट, अर्टिगा और बेटे के नाम करीब 9.50 लाख की संपत्ति का जिक्र है।
- मुख्य साजिशकर्ता रिश्तेदार निकले। पुलिस ने अनुकल्प मिश्रा को मुख्य साजिशकर्ता बताया है। आरोप है कि वह अपने रिश्तेदार लवकुश मिश्रा और अविनाश शुक्ला से संदेशों के जरिए नकदी रखने, छिपाने और इधर-उधर करने की बातें करता था।
4 जून को क्या हुआ
चार्जशीट के अनुसार 4 जून 2026 को संदिग्ध कर्मचारियों पर नजर रखी जा रही थी। एक कर्मचारी को नोटों की गड्डी हटाते देखे जाने के बाद ट्रस्ट और बैंक के कर्मचारियों को सूचना दी गई। इसके बाद गणना कक्ष के गेट पर चेकिंग शुरू हुई और बाथरूम से रकम मिली। घटना की जानकारी उसी रात चंपत राय तक पहुंचाई गई।
आठ आरोपी कौन हैं
आरोपियों के नाम हैं: अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू।
इनमें गिनती के लिए तैनात बैंक कर्मचारी, सुपरवाइजर सुभाष श्रीवास्तव और ट्रस्ट के महासचिव के पूर्व ड्राइवर टिन्नू यादव शामिल बताए गए हैं।
सबूत क्या हैं
पुलिस की जांच CCTV फुटेज, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन, संपत्ति के विवरण, डिजिटल साक्ष्य और फोरेंसिक ऑडिट पर टिकी है। इनमें CCTV को सबसे अहम सबूत बताया गया है।
गवाह और जमानत
इस मामले में करीब 98 लोग गवाह बनाए गए हैं। चंपत राय, ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा और गोपाल राव के बयान भी गवाह के तौर पर दर्ज हैं। ये तीनों आरोपी नहीं हैं।
अयोध्या की विशेष अदालत ने छह आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं।
राजनीति और सवाल
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सवाल उठाया है कि जांच सिर्फ रकम निकालने वाले कर्मचारियों तक सीमित रहेगी या निगरानी और प्रशासनिक स्तर की जिम्मेदारी भी तय होगी। कुछ विश्लेषकों ने भी इस पर सवाल उठाए हैं कि ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारी गवाह हैं, आरोपी नहीं। ये राजनीतिक और विश्लेषणात्मक राय हैं, जांच के निष्कर्ष नहीं।
आगे क्या
अब मामला अदालत में आरोप तय होने और सुनवाई की ओर बढ़ेगा। अगली सुनवाई की तारीख और ट्रस्ट का औपचारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कितने आरोपी हैं?
आठ।
CCTV में कितनी घटनाओं का दावा है?
105। इनमें से 85 एक ही आरोपी से जुड़ी बताई गई हैं।
बाथरूम से कितनी रकम मिली थी?
2.25 लाख रुपये।
कुल बरामदगी कितनी है?
पुलिस के अनुसार करीब 79.85 लाख रुपये नकद, साथ में गहने और डॉलर।
क्या चंपत राय आरोपी हैं?
नहीं, वे गवाह हैं।
क्या आरोपी दोषी साबित हो चुके हैं?
नहीं। अभी चार्जशीट दाखिल हुई है, फैसला अदालत करेगी।
