शहज़ाद भट्टी नेटवर्क भंडाफोड़: अमित शाह ने बताया 200+ ISI एजेंट गिरफ्तार। जानिए कौन है शहज़ाद भट्टी, MP के ग्वालियर-दतिया के युवाओं का कनेक्शन और पूरी टाइमलाइन।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को एक बड़ा दावा करते हुए बताया कि मोदी सरकार ने स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले पाकिस्तान समर्थित शहज़ाद भट्टी नेटवर्क (SBN) को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। X (पूर्व में Twitter) पर पोस्ट करते हुए अमित शाह ने लिखा कि सुरक्षा एजेंसियों ने देशभर में समन्वित कार्रवाई करते हुए 200 से ज्यादा ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार किया है और इस नेटवर्क की आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले में मध्य प्रदेश के ग्वालियर और दतिया जिले का भी सीधा कनेक्शन सामने आया है, जहां के युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए इस आतंकी नेटवर्क में भर्ती किया गया था।
शहज़ाद भट्टी कौन है?
शहज़ाद भट्टी एक पाकिस्तानी गैंगस्टर है जो फिलहाल पाकिस्तान में बैठकर भारत में आतंकी गतिविधियां संचालित कर रहा है। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI (Inter-Services Intelligence) के इशारे पर काम करता है और कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का पुराना प्रतिद्वंद्वी माना जाता है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) पहले ही उसे जालंधर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रोजर संधू के घर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में फरार आरोपी घोषित कर चुकी है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, भट्टी हरियाणा के सिरसा महिला थाने में हुए धमाके (नवंबर 2025) और अंबाला के बलदेव नगर थाने पर हुए बम धमाके (जनवरी 2026) का भी मास्टरमाइंड रहा है।
शहज़ाद भट्टी नेटवर्क का आतंकी मॉड्यूल क्या था?
गृह मंत्रालय (MHA) के मुताबिक, शहज़ाद भट्टी नेटवर्क (SBN) एक पाकिस्तान आधारित, ISI समर्थित आतंकी सिंडिकेट है, जिसका काम इस तरह फैला हुआ था:
- ग्रेनेड, IED और पेट्रोल बम हमले — देशभर में कई जगहों पर टारगेटेड धमाके करवाना
- टारगेट किलिंग — विशेष व्यक्तियों की हत्या की साजिश रचना
- स्थानीय ऑपरेटिव्स की भर्ती — पुलिस थानों, रक्षा प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थलों की रेकी कराना
- जासूसी नेटवर्क — संवेदनशील ठिकानों पर स्पाई CCTV कैमरे लगवाना
- हथियारों की तस्करी — पाकिस्तान से हथियार और ग्रेनेड भारत में भेजना
- सोशल मीडिया रिक्रूटमेंट — Instagram और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए भारतीय युवाओं को पैसों का लालच देकर भर्ती करना
12 अगस्त का बड़ा ऑपरेशन: आंकड़ों में पूरी कार्रवाई
गृह मंत्रालय के अनुसार, 12 अगस्त 2026 को रियल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग सिस्टम की मदद से 14 राज्यों में एक साथ समन्वित कार्रवाई की गई:
- कुल 253 लोगों को हिरासत में लिया गया
- 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां दर्ज हुईं
- 80 से ज्यादा FIR दर्ज की गईं
- गिरफ्तारियां UAPA, BNS, आर्म्स एक्ट, NDPS एक्ट और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट के तहत हुईं
राज्यवार गिरफ्तारी के आंकड़े:
| राज्य | गिरफ्तारियां |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 62 |
| हरियाणा | 52 |
| दिल्ली | 51 |
| पंजाब | 44 |
| राजस्थान | 15 |
| महाराष्ट्र | 8 |
| उत्तराखंड | 5 |
| कर्नाटक, गुजरात, बिहार | 3-3 |
| तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, J&K, केरल | 2-2 |
छापेमारी के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और जासूसी में इस्तेमाल होने वाले CCTV कैमरे बरामद किए। पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड मिलने से नेटवर्क का सीधा सीमा-पार कनेक्शन भी पुख्ता हो गया है।
मध्य प्रदेश कनेक्शन: ग्वालियर-दतिया के युवा कैसे बने मोहरे?
यह मामला सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है — मध्य प्रदेश के छोटे कस्बों के युवा भी इस नेटवर्क का हिस्सा बनाए गए, जो इस स्टोरी को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण बनाता है।
केस 1: ग्वालियर के डबरा से दो युवा गिरफ्तार
अप्रैल 2026 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजवीर (21) और विवेक बंजारा (19) को गिरफ्तार किया था, दोनों ग्वालियर जिले के डबरा के रहने वाले हैं। जांच में सामने आया कि:
- दोनों को शहज़ाद भट्टी ने Instagram के जरिए संपर्क किया और पैसों का लालच देकर भर्ती किया
- दोनों की कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं थी
- विवेक बंजारा को पहले 16 अप्रैल को डबरा से पकड़ा गया, फिर उसकी निशानदेही पर राजवीर को दिल्ली के सराय काले खां से गिरफ्तार किया गया
- राजवीर, भट्टी के निर्देश पर दिल्ली-NCR के एक प्रमुख होटल पर हमले की तैयारी कर रहा था
- दोनों 9 अप्रैल को अमृतसर गए थे, जहां से उन्होंने पिस्तौल, 15-20 जिंदा कारतूस और 20,000 रुपये एक तय जगह से लिए थे
- ज़ीरकपुर के एक क्लब पर फायरिंग की कोशिश भी की गई थी, जो पिस्तौल में तकनीकी खराबी की वजह से नाकाम रही
केस 2: दतिया के युवक का गुरदासपुर ग्रेनेड हमले से कनेक्शन
एक और मामले में दतिया (मध्य प्रदेश) के रहने वाले विकास प्रजापति (19) को दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने गुरदासपुर सिटी पुलिस थाने पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि:
- प्रजापति ने Instagram के जरिए आसान पैसों के लालच में भट्टी से संपर्क साधा था
- भट्टी ने उसे गुरदासपुर से एक पार्सल (जिसमें ग्रेनेड था) कलेक्ट करने भेजा था
- उसे गुरदासपुर और अमृतसर के थानों की रेकी करने और वीडियो भेजने का काम भी सौंपा गया था
- बाद में उसने यह ग्रेनेड अपने साथियों को सौंपा, जिन्होंने गुरदासपुर थाने के बाहर हमला किया
इन दोनों मामलों से साफ है कि शहज़ाद भट्टी का नेटवर्क सिर्फ पंजाब-हरियाणा तक सीमित नहीं था, बल्कि मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के छोटे शहरों तक भी फैला हुआ था, जहां बेरोजगार युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए टारगेट किया जा रहा था।
इस ऑपरेशन की 5 अनोखी बातें, जो इसे खास बनाती हैं
- सोशल मीडिया रिक्रूटमेंट मॉडल — यह नेटवर्क पारंपरिक तरीकों की बजाय Instagram जैसे प्लेटफॉर्म से युवाओं को टारगेट कर रहा था, वो भी बिना किसी आपराधिक इतिहास वाले लड़कों को।
- लॉरेंस बिश्नोई से रिश्ता — शहज़ाद भट्टी को खुफिया एजेंसियां कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का पुराना प्रतिद्वंद्वी मानती हैं, जिससे गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ का नया एंगल सामने आया है।
- छोटे शहरों को निशाना — डबरा (ग्वालियर) और दतिया जैसे छोटे कस्बों को चुना जाना दिखाता है कि ISI अब बड़े शहरों की बजाय कम निगरानी वाले इलाकों को टारगेट कर रहा है।
- रियल-टाइम इंटेलिजेंस मॉडल — केंद्र और राज्य पुलिस के बीच रियल-टाइम खुफिया साझाकरण से 14 राज्यों में एक साथ छापेमारी संभव हो पाई, जो भारत की काउंटर-टेररिज्म रणनीति में एक बड़ा बदलाव दिखाता है।
- पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री की पुष्टि — बरामद ग्रेनेड पर मिली आधिकारिक पाकिस्तानी सैन्य मार्किंग ने सीमा-पार टेरर फंडिंग के सबूत को और मजबूत कर दिया।
संपादकीय नोट
यह जानकारी गृह मंत्री अमित शाह के आधिकारिक X पोस्ट और गृह मंत्रालय (MHA) के बयान पर आधारित है। “नेटवर्क ध्वस्त” जैसे दावे सरकार की ओर से किए गए हैं; अदालत में मामला अभी विचाराधीन है, इसलिए आरोपियों को दोषी नहीं बल्कि “आरोपी” के तौर पर संदर्भित किया गया है।
FAQ (8 Questions)
Q1: शहज़ाद भट्टी नेटवर्क क्या है?
शहज़ाद भट्टी नेटवर्क (SBN) एक पाकिस्तान आधारित, ISI समर्थित आतंकी सिंडिकेट है जो भारत में ग्रेनेड, IED और पेट्रोल बम हमलों के साथ-साथ टारगेट किलिंग की साजिशों में शामिल रहा है।
Q2: शहज़ाद भट्टी कौन है और वह कहां रहता है?
शहज़ाद भट्टी एक पाकिस्तानी गैंगस्टर है जो पाकिस्तान में बैठकर ISI के इशारे पर भारत में आतंकी गतिविधियां संचालित करता है। NIA उसे जालंधर ग्रेनेड हमले के मामले में फरार आरोपी घोषित कर चुकी है।
Q3: 12 अगस्त के ऑपरेशन में कुल कितने लोग गिरफ्तार हुए?
गृह मंत्रालय के अनुसार, 14 राज्यों में हुई कार्रवाई में 253 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से 200 से ज्यादा को गिरफ्तार किया गया।
Q4: क्या मध्य प्रदेश का इस नेटवर्क से कोई कनेक्शन है?
हां, ग्वालियर जिले के डबरा से राजवीर और विवेक बंजारा नाम के दो युवाओं को अप्रैल 2026 में गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा दतिया के विकास प्रजापति को गुरदासपुर ग्रेनेड हमले के मामले में गिरफ्तार किया गया।
Q5: शहज़ाद भट्टी युवाओं को कैसे भर्ती करता था?
जांच के मुताबिक, भट्टी Instagram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को पैसों का लालच देकर भर्ती करता था, खासकर उन्हें जिनकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं थी।
Q6: छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?
सुरक्षा एजेंसियों ने IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और जासूसी में इस्तेमाल होने वाले CCTV कैमरे बरामद किए।
Q7: गिरफ्तार लोगों पर कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
आरोपियों पर UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम), BNS, आर्म्स एक्ट, NDPS एक्ट और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
Q8: क्या शहज़ाद भट्टी का लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कोई संबंध है?
खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, शहज़ाद भट्टी को कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का पुराना प्रतिद्वंद्वी माना जाता है, जो पंजाब में हथियारों और विस्फोटकों की सप्लाई का मुख्य सूत्रधार रहा है।
