‘छात्रों की गूंज’: प्रयागराज में राहुल गांधी बोले- हजार में सिर्फ 12 को मिलती है पक्की नौकरी

Rahul Gandhi Prayagraj image

प्रयागराज के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था पर सरकार को घेरा, कहा- रोजगार के सारे रास्ते बंद हैं।

प्रयागराज। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शनिवार, 8 अगस्त को प्रयागराज पहुंचे, जहां उन्होंने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के तहत हजारों छात्रों के साथ राहुल गांधी प्रयागराज छात्र संवाद किया। राहुल गांधी KP ग्राउंड प्रयागराज में आयोजित इस कार्यक्रम में यूपी कांग्रेस के मुताबिक पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से करीब डेढ़ लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। कार्यक्रम का केंद्रीय एजेंडा शिक्षा, पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर युवाओं की आवाज उठाना था।

‘रोजगार के सारे रास्ते बंद’ — राहुल का सीधा हमला

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि छात्र पढ़ाई करते हैं, पैसा खर्च करते हैं, लेकिन देश में रोजगार के सारे रास्ते बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि लाखों-करोड़ों रुपए खर्च कर छात्रों को शिक्षा प्रमाणपत्र तो मिल जाते हैं, लेकिन ये सर्टिफिकेट नौकरी की गारंटी नहीं देते। यह बयान उनके राहुल गांधी बेरोजगारी भाषण का केंद्रीय हिस्सा रहा, जिसमें उन्होंने एक आंकड़ा भी सामने रखा कि हर हजार युवाओं में से महज 12 को ही स्थायी (परमानेंट) नौकरी मिल पाती है।

राहुल ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि सिस्टम ने युवाओं को एक ‘चक्रव्यूह’ में फंसा रखा है, जहां से निकलने के रास्ते जानबूझकर बंद किए गए हैं।

’40 करोड़ ऊर्जावान युवा — अमेरिका, चीन, रूस भी पीछे’

अपने भाषण में राहुल गांधी ने भारत की युवा आबादी को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि देश में करीब 40 करोड़ ऊर्जावान युवा हैं और 21वीं सदी में किसी भी देश की तरक्की मुख्य रूप से दो चीजों पर निर्भर करती है — युवा शक्ति और डेटा। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर चीन, अमेरिका और रूस जैसी महाशक्तियों की बात करते हैं, लेकिन भारत के युवाओं की क्षमता के सामने ये देश भी फीके पड़ जाते हैं।

राहुल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का जिक्र करते हुए कहा कि सभी लोग AI की बात करते हैं, लेकिन छात्रों के डेटा के बिना AI का कोई मतलब नहीं है — यानी असली ताकत डेटा और युवाओं के हाथ में है, न कि सिर्फ तकनीक में।

पेपर लीक, भर्ती में देरी और बेरोजगारी पर घेरा

कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार, बेरोजगारी, राहुल गांधी पेपर लीक बयान और भर्ती प्रक्रिया में देरी जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक की समस्या मेहनती छात्रों और उनके परिवारों को अनिश्चितता और मानसिक तनाव में धकेल देती है। उन्होंने इसे एक व्यवस्थागत (सिस्टमेटिक) विफलता करार दिया।

आयोजन स्थल पर दो मंच बनाए गए थे — एक मुख्य मंच राहुल गांधी के लिए, और दूसरा उन परिवारों के लिए जिनके बच्चों ने परीक्षा के दबाव या पेपर लीक के कारण आत्महत्या जैसा कदम उठाया। इससे कार्यक्रम की भावनात्मक गंभीरता और स्पष्ट हो गई।

संपादकीय स्पष्टीकरण: छात्रों की आत्महत्या से जुड़े मामलों में हर घटना के पीछे के कारण अलग-अलग हो सकते हैं और इनकी अलग से पुष्टि जरूरी है। यह रिपोर्ट कार्यक्रम में हुए संबोधन और भावनात्मक संदर्भ पर आधारित है।

भाजपा-आरएसएस पर निशाना, ‘वोट चोरी’ का आरोप

राहुल गांधी ने अपने भाषण में भाजपा और आरएसएस को भी सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ‘वोट चोरी’ करवाती है और देश की तमाम संस्थाओं में आरएसएस से जुड़े प्रचारकों को बैठाया गया है। उन्होंने छात्रों से कहा कि नफरत नहीं करनी है, बल्कि सिस्टम बदलना है और यह लड़ाई प्यार के साथ लड़नी है।

संपादकीय नोट: ‘वोट चोरी’ का आरोप राहुल गांधी का राजनीतिक बयान है, जिसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि या चुनाव आयोग की ओर से पुष्टि नहीं हुई है। यह आरोप विशुद्ध रूप से कांग्रेस के राजनीतिक रुख को दर्शाता है।

भाजपा का पलटवार

राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे से पहले ही सियासी माहौल गरम हो गया था और पोस्टर वार तक देखने को मिला। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने राहुल गांधी पर छात्रों और युवाओं के मुद्दों के जरिए राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करने की कोशिश सफल नहीं होगी।

भाजपा प्रवक्ता के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर कई स्तरों पर काम किया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में सरकारी क्षेत्र में नौ लाख से अधिक नौकरियां दी गई हैं और युवाओं को कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है।

संपादकीय स्पष्टीकरण: भाजपा की ओर से दिए गए नौ लाख नौकरियों के आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि आधिकारिक सरकारी रिकॉर्ड से नहीं की गई है। पाठकों को यह आंकड़ा प्रवक्ता के बयान के तौर पर ही लिया जाना चाहिए।

‘छात्रों की गूंज’ अभियान की पृष्ठभूमि

छात्रों की गूंज कार्यक्रम कांग्रेस के व्यापक जनसंपर्क अभियान का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत राजस्थान के कोटा से हुई थी, इसके बाद यह देहरादून पहुंचा और अब कांग्रेस छात्र कार्यक्रम प्रयागराज के रूप में आयोजित हुआ। इस अभियान का मकसद छात्रों को सीधे जोड़कर शिक्षा व्यवस्था और रोजगार को लेकर सरकार से जवाबदेही मांगना है।

UP चुनाव 2027 राहुल गांधी की रणनीति के तहत, 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए इसे कांग्रेस की युवा मतदाताओं तक पहुंचने की एक रणनीतिक कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। कार्यक्रम के लिए महीनों पहले से तैयारी की गई थी और मिस्ड कॉल तथा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन लिंक के जरिए छात्रों को जोड़ा गया था।

कांग्रेस पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि पार्टी हर छात्र के भविष्य के लिए संघर्ष जारी रखेगी और प्रयागराज से उठी यह आवाज पूरे देश में सुनाई देगी।


FAQ सेक्शन (Schema-Ready)

Q1. राहुल गांधी का प्रयागराज छात्र संवाद कब और कहां हुआ?

यह कार्यक्रम शनिवार, 8 अगस्त 2026 को प्रयागराज के KP ग्राउंड में आयोजित हुआ।

Q2. ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में कितने छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था?

यूपी कांग्रेस के अनुसार पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से करीब डेढ़ लाख (1.5 लाख) छात्रों ने कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था।

Q3. राहुल गांधी ने कार्यक्रम में किन मुद्दों पर बात की?

राहुल गांधी ने पेपर लीक, बेरोजगारी, भर्ती प्रक्रिया में देरी, शिक्षा व्यवस्था और AI तथा डेटा के महत्व जैसे मुद्दों पर बात की।

Q4. राहुल गांधी ने रोजगार को लेकर क्या आंकड़ा दिया?

राहुल गांधी ने दावा किया कि हर हजार युवाओं में से सिर्फ 12 को ही स्थायी (परमानेंट) नौकरी मिल पाती है।

Q5. ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत कहां से हुई थी?

यह अभियान राजस्थान के कोटा से शुरू हुआ, इसके बाद देहरादून और अब प्रयागराज में आयोजित हुआ।

Q6. भाजपा ने राहुल गांधी के इस कार्यक्रम पर क्या प्रतिक्रिया दी?

भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी छात्रों के मुद्दों के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं, और दावा किया कि प्रदेश में नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

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