राहुल गांधी ने PM मोदी के आवास के बाहर धरना दिया, पुलिस ने हिरासत में लिया। जानें पूरी घटना, चोटें, केंद्र सरकार से 5 बड़ी मांगें और कांग्रेस-BJP की प्रतिक्रिया
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को 21 जुलाई 2026 को दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर धरना देने के दौरान हिरासत में ले लिया। इस दौरान उन्हें मामूली चोटें भी आईं। हिरासत से रिहा होने के बाद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के सामने पांच बड़ी मांगें रखीं। पूरा घटनाक्रम जानने के लिए पढ़ें यह पूरी रिपोर्ट।
घटना कब और कहां हुई
यह घटना 21 जुलाई 2026 (मंगलवार) को नई दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग पर हुई, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आधिकारिक आवास स्थित है। यह संसद के मानसून सत्र का दूसरा दिन था, और इससे ठीक एक दिन पहले ‘Cockroach Janata Party’ (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस और छात्रों/प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें कई लोग घायल हुए थे।
क्या हुआ — पूरा घटनाक्रम
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेता NEET परीक्षा विवाद और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करते हुए धरने पर बैठ गए। NCP(SP) सांसद सुप्रिया सुले भी प्रदर्शन में शामिल हुईं, जबकि शरद पवार और अरविंद केजरीवाल ने समर्थन जताया।
अचानक हुए इस प्रदर्शन को देखते हुए केंद्र सरकार ने PMO राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और गृह सचिव गोविंद मोहन को मौके पर बातचीत के लिए भेजा। बातचीत का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, और मंत्री के जाने के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और अन्य नेताओं को जबरन हटाकर हिरासत में ले लिया।
हिरासत के दौरान क्या हुआ
पुलिसकर्मियों की वर्दी पर नेमप्लेट न होने और नेताओं को सड़क पर घसीटकर वाहनों में डालने की रिपोर्ट्स सामने आईं। राहुल गांधी जमीन पर लेट गए और हटाए जाने का विरोध करते रहे, जिस दौरान उन्हें चोटें आईं — आंख के नीचे चोट और हाथ-पैरों पर मामूली चोटें बताई गई हैं। उन्हें बाद में मॉडल टाउन स्थित छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया। प्रियंका गांधी वाड्रा की भी तस्वीरें सामने आईं जिनमें वे चलती पुलिस बस के दरवाज़े को पकड़े हुए दिखीं।
राहुल गांधी की 5 बड़ी मांगें
हिरासत से रिहा होने के बाद जारी वीडियो संदेश में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के सामने ये पांच प्रमुख मांगें रखीं:
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा — NEET पेपर लीक मामले को लेकर
- गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा — छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की जिम्मेदारी लेते हुए
- छात्रों को पीटने और अपमानित करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
- छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएं
- संसद में तुरंत बहस — लोकसभा और राज्यसभा दोनों में NEET मुद्दे पर अगले ही दिन चर्चा हो
शुरुआत में विपक्षी नेताओं ने NEET विवाद और पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के इस्तीफे की मांग भी की थी।
सरकार का पक्ष
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बातचीत के दौरान अपनी बात से पलट गए — पहले सिर्फ संसद में चर्चा की मांग रखी गई थी, लेकिन बाद में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को भी शर्त बना दिया गया। सिंह के मुताबिक सरकार NEET से जुड़े सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। वहीं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी मानसून सत्र में व्यवधान पैदा करने के लिए छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है।
कांग्रेस और विपक्ष की प्रतिक्रिया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर सवाल बताया। कांग्रेस नेताओं ने ऐलान किया कि हिरासत के बावजूद आने वाले दिनों में प्रदर्शन जारी रहेगा। अखिलेश यादव ने कहा कि छात्रों की मांगें सुनना प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी है।
पृष्ठभूमि: विवाद की जड़
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे NEET (मेडिकल प्रवेश परीक्षा) पेपर लीक विवाद है, जिसे लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलनरत हैं। 20 जुलाई को CJP के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुई पुलिस झड़प के अगले ही दिन कांग्रेस और विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करने का फैसला किया, जिसने इस पूरे टकराव को जन्म दिया।
निष्कर्ष
राहुल गांधी की हिरासत और उनकी पांच मांगों ने संसद के मानसून सत्र के दौरान सरकार-विपक्ष टकराव को और तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे पर बहस होने या न होने से यह तय होगा कि यह विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. राहुल गांधी को हिरासत में क्यों लिया गया?
राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर NEET विवाद और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में धरने पर बैठे थे, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें जबरन हटाकर हिरासत में ले लिया।
Q2. यह घटना कब और कहां हुई?
यह घटना 21 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग पर, प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुई।
Q3. क्या राहुल गांधी को चोट लगी?
हां, हिरासत के दौरान उन्हें आंख के नीचे चोट और हाथ-पैरों पर मामूली चोटें आईं।
Q4. राहुल गांधी की केंद्र सरकार से 5 मांगें क्या हैं?
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, 2) गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा, 3) छात्रों को पीटने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, 4) छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएं, 5) संसद में NEET मुद्दे पर तत्काल बहस।
Q5. क्या यह प्रदर्शन CM हाउस के बाहर हुआ था?
नहीं, यह प्रदर्शन मुख्यमंत्री आवास के बाहर नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास (लोक कल्याण मार्ग, दिल्ली) के बाहर हुआ था।
Q6. सरकार ने इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार संसद में चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन राहुल गांधी ने बाद में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की नई शर्त जोड़ दी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस पर छात्रों का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
Q7. इस विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
यह विवाद NEET पेपर लीक मामले और उससे जुड़े छात्र आंदोलन से शुरू हुआ, जो 20 जुलाई को CJP मार्च के दौरान पुलिस झड़प के बाद और तेज हो गया।
Q8. क्या कांग्रेस आगे भी प्रदर्शन जारी रखेगी?
हां, कांग्रेस नेताओं ने हिरासत के बावजूद आने वाले दिनों में प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है।
