Madhya Pradesh के 10 सबसे कुख्यात गैंगस्टरों की पूरी जानकारी — किसने कौन सी हत्या, लूट, वसूली की, कितने मुकदमे दर्ज हैं और आज उनकी क्या स्थिति है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट
भूमिका
मध्य प्रदेश में बीते दो दशकों में हत्या, जमीन कब्जे, जबरन वसूली और गैंगवार जैसी घटनाओं ने राज्य के कई शहरों — भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन — में कुख्यात गैंगस्टरों को जन्म दिया। इनमें से कुछ पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए, कुछ आपसी गैंगवार में मारे गए, तो कुछ आज भी जेल की सलाखों के पीछे सजा काट रहे हैं। यहां पेश है मध्य प्रदेश के 10 सबसे चर्चित गैंगस्टरों की पूरी कुंडली — उनका अपराध रिकॉर्ड, दर्ज मुकदमे और मौजूदा स्थिति।
1. विजय यादव (जबलपुर)
जबलपुर के कुख्यात गैंगस्टर विजय यादव पर हत्या और अवैध वसूली सहित दर्जन भर से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे। कुकू पंजाबी और कांग्रेस नेता राजू मिश्रा से वर्चस्व की लड़ाई में उसने 2017 में दोनों की हत्या कर दी थी। इसके बाद फरार चल रहे विजय यादव को पुलिस ने मुठभेड़ में घेरा, जिसमें वह और उसका एक साथी मारा गया।
दर्ज मामले: हत्या, अवैध वसूली सहित 12+ मामले स्टेटस: पुलिस एनकाउंटर में मृत (2017)
2. दुर्लभ कश्यप (उज्जैन)
खुद को “महाकाल का भक्त” कहने वाला दुर्लभ कश्यप सिर्फ 20 साल की उम्र में अपराध जगत में एक अलग पहचान बना चुका था — माथे पर गोल टीका और काले कपड़े उसकी पहचान थे। उस पर हत्या और जबरन वसूली के दर्जनों मामले दर्ज थे। सितंबर 2020 में दूसरे गैंग से हुई झड़प में चाकू घोंपकर उसकी हत्या कर दी गई।
दर्ज मामले: हत्या, जबरन वसूली के दर्जनों मामले स्टेटस: गैंगवार में मृत (सितंबर 2020)
3. परमाल सिंह तोमर (ग्वालियर)
ग्वालियर के सबसे चर्चित गैंगस्टरों में शुमार परमाल सिंह तोमर पर हत्या, हत्या की कोशिश, लूट और जबरन वसूली के कई मामले दर्ज हैं। जुलाई 2019 में प्रॉपर्टी कारोबारी पंकज सिकरवार की हजीरा इलाके में दिनदहाड़े गोलियों से हत्या की साजिश का मास्टरमाइंड परमाल तोमर ही था — रमन चौहान, संजय तोमर और अनिल यादव इस वारदात में उसके साथी थे। करीब साढ़े चार महीने फरार रहने के बाद पुलिस ने जलालपुर तिराहे के पास मुठभेड़ में उसे घुटने में गोली मारकर गिरफ्तार किया था।
इससे पहले 2013 के सूरज सिंह हत्याकांड में भी वह मुख्य आरोपी था। ग्वालियर जिला न्यायालय ने इस केस में परमाल तोमर सहित 6 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
दर्ज मामले: हत्या, हत्या की कोशिश, लूट, जबरन वसूली (पंकज सिकरवार व सूरज सिंह हत्याकांड सहित कई मामले) स्टेटस: जेल में, आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा है
4. मुख्तार मलिक (भोपाल — “भोपाल का डॉन”)
अपने दौर में पूरे देश में चर्चित रहा मुख्तार मलिक “भोपाल के डॉन” के नाम से जाना जाता था। उस पर 50 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे। 1996 में एक गैंगवार केस में भोपाल जिला अदालत और बाद में हाईकोर्ट ने उसे फांसी की सजा सुनाई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसे बरी कर दिया। भोपाल से फरार होकर राजस्थान के झालावाड़ पहुंचा मुख्तार गैंगवार में घायल हुआ और दो दिन जंगल में भूख-प्यास से तड़पने के बाद उसकी मौत हो गई।
दर्ज मामले: 50 से ज्यादा आपराधिक मामले स्टेटस: मृत
5. शाकिर चाचा (इंदौर)
इंदौर के शाकिर चाचा पर हत्या, लूट और जबरन वसूली के कई मामले दर्ज हैं। 2015 में जमीन और केबल के कारोबार में दबदबा बनाने के लिए उसने अपने गैंग के साथ मिलकर जीतू यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तभी से वह जेल में बंद है।
दर्ज मामले: हत्या, लूट, जबरन वसूली स्टेटस: जीतू हत्याकांड में जेल में बंद
6. बबलू पांडा (जबलपुर)
जबलपुर के बबलू पांडा पर हत्या, हत्या की कोशिश और लूट सहित कुल 35 आपराधिक मामले दर्ज थे। उसने पहले अपनी पत्नी की भरे बाजार में गोली मारकर हत्या की, फिर कुछ दिनों बाद अपने ही एक दोस्त का अपहरण कर उसकी हत्या कर लाश कटनी के पास जंगल में फेंक दी। हिस्ट्रीशीटर बबलू पांडा की खुद की हत्या 2021 में जुए के रुपयों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में की गई — यह गैंगवार का मामला नहीं था।
दर्ज मामले: हत्या, हत्या की कोशिश, लूट सहित 35 मामले स्टेटस: मृत (2021)
7. सतीश भाऊ (इंदौर)
इंदौर का गैंगस्टर सतीश भाऊ विष्णु उस्ताद हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहा है। वह मुख्यतः विवादित जमीनों (डिस्प्यूटेड लैंड्स) से जुड़े मामलों में सक्रिय था। उसकी दहशत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जेल में भी उसे सबसे आखिरी बैरक में रखा गया है, जहां किसी को उससे मिलने की इजाजत नहीं है।
दर्ज मामले: हत्या (विष्णु उस्ताद हत्याकांड) स्टेटस: जेल में, उम्रकैद की सजा
8. युवराज उस्ताद (इंदौर)
अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए युवराज उस्ताद ने जेल में बंद जीतू ठाकुर की हत्या करवाई थी और इसी के साथ अपराध जगत में कदम रखा। उस पर हत्या, हत्या की कोशिश और लूट जैसे कई मामले दर्ज हैं। उसकी दहशत को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने उस पर रासुका (NSA) लगाई थी। 20 जनवरी 2020 को उसके खिलाफ वारंट जारी होने के बाद क्राइम ब्रांच ने उसे घर वालों से मिलने आने पर गिरफ्तार कर लिया।
दर्ज मामले: हत्या, हत्या की कोशिश, लूट + NSA स्टेटस: गिरफ्तार
9. छोटू चौबे (जबलपुर)
जबलपुर के छोटू चौबे पर हत्या, लूट और अवैध वसूली के कई मामले दर्ज हैं। अपराध के साथ-साथ वह शहर में “2222” नाम से अपना गैंग भी चलाता था। 2018 में पकड़े जाने से बचने के लिए उसने पुलिस पर फायरिंग तक कर दी थी। 2020 में फरार चल रहे छोटू चौबे को पुलिस ने उसके तीन साथियों समेत गिरफ्तार किया।
दर्ज मामले: हत्या, लूट, अवैध वसूली स्टेटस: गिरफ्तार (2020) — प्रकाशन से पहले वर्तमान स्थिति पुनः वेरिफाई करें
10. सलमान लाला
लिस्ट में शामिल यह नाम किसी बड़े गैंगस्टर की राह पर चलने के लिए जाना जाता है, हालांकि इसके अपराध रिकॉर्ड और मुकदमों का सार्वजनिक विवरण सीमित है।
एक और मोर्चा: ड्रग/नशा माफिया (हालिया मामले)
गैंगस्टरों की परंपरागत लिस्ट के अलावा, हाल के महीनों में मध्य प्रदेश में ड्रग माफिया पर भी बड़ी कार्रवाइयां हुई हैं:
- मंदसौर MD ड्रग्स भंडाफोड़: पुलिस ने एक खेत में चल रही MD ड्रग्स बनाने की तैयारी पकड़ी, तैयार ड्रग्स, केमिकल और दो कारें जब्त कीं। दो आरोपी गिरफ्तार, चार फरार।
- सुनील मीणा (ड्रग माफिया): राजस्थान-एमपी सीमा पर सक्रिय इस तस्कर पर NDPS एक्ट, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी सहित 19 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। राजस्थान पुलिस की नारको टॉप-25 सूची में शामिल इस माफिया पर 1.84 लाख रुपये का इनाम था — हाल ही में पुलिस ने 15 दिन शिकार बनकर उसे गिरफ्तार किया।
FAQ
Q1. मध्य प्रदेश का सबसे कुख्यात गैंगस्टर कौन माना जाता है?
भोपाल के मुख्तार मलिक (जिस पर 50+ मामले दर्ज थे) और ग्वालियर के परमाल सिंह तोमर को राज्य के सबसे चर्चित गैंगस्टरों में गिना जाता है।
Q2. पंकज सिकरवार हत्याकांड में किसे सजा हुई?
पंकज सिकरवार हत्याकांड के मास्टरमाइंड परमाल सिंह तोमर को पुलिस ने साढ़े चार महीने फरार रहने के बाद मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। इसी से जुड़े सूरज सिंह हत्याकांड में ग्वालियर कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
Q3. क्या मध्य प्रदेश के ज्यादातर टॉप गैंगस्टर अभी जिंदा हैं?
नहीं। लिस्ट में शामिल विजय यादव, दुर्लभ कश्यप, मुख्तार मलिक और बबलू पांडा — इन चारों की मुठभेड़ या गैंगवार में मौत हो चुकी है। बाकी अधिकतर अभी जेल में सजा काट रहे हैं।
Q4. मध्य प्रदेश में गैंगस्टरों के अलावा और किस तरह का संगठित अपराध सक्रिय है?
हाल के महीनों में ड्रग/नशा माफिया पर पुलिस की सक्रियता बढ़ी है — मंदसौर में MD ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ और सुनील मीणा जैसे तस्करों की गिरफ्तारी इसके उदाहरण हैं।
