Muzaffarpur Prasad Hospital Fire Live Update: बिहार के मुजफ्फरपुर से आज सुबह (4 जून 2026) एक ऐसी खबर आई है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। शहर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र स्थित नामचीन प्रसाद हॉस्पिटल (Prasad Hospital) के आईसीयू (ICU) वार्ड में तड़के सुबह अचानक भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे 4 गंभीर मरीजों की दम घुटने से मौत हो गई।
मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी (DM) सुब्रत कुमार सेन ने चार मौतों की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। अस्पताल के भीतर का नजारा इतना खौफनाक था कि हर तरफ चीख-पुकार मची हुई थी। आशंका जताई जा रही है कि हताहतों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।
तड़के सुबह 3 बजे जब ICU बना ‘गैस चैंबर’
रोजाना की तरह अस्पताल में सब कुछ शांत था। पांचवीं मंजिल पर बने आईसीयू वार्ड में करीब 15 मरीज लाइफ सपोर्ट और वेंटिलेटर पर थे। तभी सुबह करीब 3:00 से 3:30 बजे के बीच आईसीयू के मॉनिटरिंग सिस्टम या ऑक्सीजन यूनिट के पास एक जोरदार धमाका हुआ।
शुरुआती जांच के मुताबिक, यह धमाका शॉर्ट सर्किट (Short Circuit) की वजह से हुआ था। देखते ही देखते वेंटिलेटर और प्लास्टिक के मेडिकल उपकरणों ने आग पकड़ ली। आईसीयू पूरी तरह पैक होने के कारण वहां चंद मिनटों में इतना जहरीला और काला धुआं भर गया कि मरीजों को सांस लेने तक का मौका नहीं मिला।
अस्पताल स्टाफ की शर्मनाक लापरवाही: तड़पते मरीजों को छोड़ भागे
इस हादसे ने अस्पताल प्रशासन की संवेदनशीलता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। रोते-बिलखते परिजनों का आरोप है कि जैसे ही आग लगी, मरीजों की जान बचाने के बजाय अस्पताल के डॉक्टर, नर्स और अन्य स्टाफ अपनी जान बचाकर वहां से भाग खड़े हुए। जब फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची, तो उन्हें गाइड करने वाला भी कोई नहीं था। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि अस्पताल का खुद का ‘फायर हाइड्रेंट’ (आग बुझाने का सिस्टम) ऐन वक्त पर फेल साबित हुआ।
शीशे तोड़कर दमकलकर्मियों ने बचाई कई जानें
घटना की भयानकता को देखते हुए फायर ब्रिगेड की 12 दमकल गाड़ियों को तुरंत मोर्चे पर लगाया गया। फायर विभाग के अधिकारी राम निवास पांडे की देखरेख में जांबाज दमकलकर्मियों और स्थानीय युवाओं ने अपनी जान पर खेलकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
- खिड़कियां तोड़ी गईं: जहरीले धुएं को बाहर निकालने के लिए पांचवीं मंजिल के कांच और खिड़कियों को हथौड़ों से तोड़ा गया।
- मैन्युअल ऑक्सीजन सपोर्ट: वेंटिलेटर बंद होने के कारण दमकलकर्मियों ने मरीजों को गोद में उठाया और मैन्युअली ऑक्सीजन पंप करते हुए नीचे लाए।
- तुरंत शिफ्टिंग: आईसीयू और सीसीयू से सुरक्षित निकाले गए करीब 15 से 20 गंभीर मरीजों को तुरंत श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) और शहर के अन्य प्राइवेट अस्पतालों में शिफ्ट किया गया, जहां डॉक्टर्स की स्पेशल टीम उनका इलाज कर रही है।
नीतीश-सम्राट सरकार एक्शन में: 4-4 लाख का मुआवजा
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में हुए इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि (Ex-gratia) देने का ऐलान किया है। साथ ही जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि घायलों के इलाज में कोई कोताही न बरती जाए, उनका पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
DM सुब्रत कुमार सेन का कड़ा रुख: “यह बेहद गंभीर और दुखद मामला है। हमने पुलिस, फायर और मजिस्ट्रेट की एक हाई-लेवल संयुक्त जांच टीम बना दी है। अस्पताल के फायर सेफ्टी एनओसी की जांच की जा रही है। अगर सुरक्षा मानकों में रत्ती भर भी लापरवाही मिली, तो अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।”
बड़ा सवाल: आखिर कब तक मासूम बनते रहेंगे शिकार?
कल ही दिल्ली के मालवीय नगर में एक होटल में आग लगने से 21 लोगों की जान गई थी, और आज मुजफ्फरपुर का यह हादसा। ये घटनाएं चीख-चीख कर कह रही हैं कि हमारे कमर्शियल और मेडिकल संस्थानों में फायर सेफ्टी ऑडिट सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) – मुजफ्फरपुर प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड
Q1. मुजफ्फरपुर के किस अस्पताल में आग लगी है? उत्तर: बिहार के मुजफ्फरपुर में ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र स्थित प्रसाद हॉस्पिटल (Prasad Hospital) की पांचवीं मंजिल पर बने आईसीयू (ICU) वार्ड में आग लगी है।
Q2. मुजफ्फरपुर प्रसाद हॉस्पिटल हादसे में कितने लोगों की जान गई है? उत्तर: मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन के मुताबिक, इस हादसे में अब तक 4 मरीजों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनकी मौत धुएं के कारण दम घुटने से हुई।
Q3. अस्पताल के आईसीयू में आग लगने की मुख्य वजह क्या थी? उत्तर: प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट (Short Circuit) बताई जा रही है, जिससे वेंटिलेटर और मॉनिटरिंग उपकरणों में आग फैल गई।
Q4. सरकार द्वारा पीड़ितों को क्या मदद दी जा रही है? उत्तर: बिहार सरकार ने मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है और सभी घायलों का मुफ्त इलाज मुजफ्फरपुर के अन्य अस्पतालों में कराया जा रहा है।
Q5. क्या प्रसाद अस्पताल के खिलाफ कोई कार्रवाई की जा रही है? उत्तर: हां, डीएम के आदेश पर एक विशेष संयुक्त जांच टीम का गठन किया गया है। फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी पाए जाने पर अस्पताल प्रबंधन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
