Assam में बाढ़ का कहर जारी, मृतकों की संख्या 78 पहुंची; IMD ने अगले तीन दिन भारी बारिश की चेतावनी दी

Assam Flood 2026

Assam में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 78 हुई, 3 लाख लोग प्रभावित। IMD ने 1 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी दी, तिनसुकिया में ऑरेंज अलर्ट जारी।

गुवाहाटी: असम में बाढ़ की स्थिति भले ही कुछ जिलों में सुधर रही हो, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य में 30 जुलाई से 1 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है, जिससे उन इलाकों में फिर से बाढ़ की आशंका बढ़ गई है जो अभी हाल ही में जलस्तर घटने के बाद राहत की सांस ले रहे थे।

अब तक 78 लोगों की मौत, तीन लाख से ज्यादा प्रभावित

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में तीन और लोगों की मौत हो गई, जिससे इस साल की बाढ़ में मरने वालों की कुल संख्या 78 हो गई है। इनमें से दो मौतें शिवसागर जिले में और एक गोलाघाट जिले में दर्ज की गई।

राज्य में अभी भी करीब 3,00,031 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। सबसे ज्यादा असर चराइदेव जिले में देखा गया है, जहां 1,37,561 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद शिवसागर (84,600) और जोरहाट (49,911) जिले सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल हैं। कुल सात जिले अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं।

बेघर हुए 16,500 से अधिक लोगों ने राज्य भर के 71 राहत शिविरों में शरण ली है, जबकि 30 राहत वितरण केंद्रों के जरिए 72,000 से ज्यादा लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है।

ऊपरी असम में राहत, लेकिन नए खतरे की आशंका

ASDMA के एक अधिकारी के अनुसार, गुरुवार को अधिकांश बाढ़ प्रभावित ऊपरी असम जिलों में बारिश नहीं हुई, जिससे जलस्तर में लगातार गिरावट आई और गांवों में लोगों को कुछ राहत मिली। बांध, सड़कें, स्कूल और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है।

लेकिन IMD के ताज़ा पूर्वानुमान ने चिंता फिर बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने असम के साथ-साथ पड़ोसी अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में भी 30 जुलाई से 1 अगस्त के बीच गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसका असर असम के तिनसुकिया, धेमाजी और लखीमपुर जिलों पर पड़ने की आशंका है।

तिनसुकिया में ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों को सतर्क रहने की सलाह

तिनसुकिया जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसी तरह नागालैंड के मोन, मोकोकचुंग और वोखा जिलों के लिए भी अलर्ट जारी हुआ है, जिसका असर पड़ोसी असम जिलों चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट पर पड़ सकता है, क्योंकि ये इलाके नदी प्रणालियों और भौगोलिक रूप से आपस में जुड़े हुए हैं।

अरुणाचल प्रदेश के ईस्ट सियांग, लोहित, नामसाई, लोंगडिंग, लोअर सुबनसिरी और लोअर दिबांग वैली में रोजाना 6 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश होने का अनुमान है, जबकि पापुमपारे जिले के कुछ हिस्सों में 20 सेंटीमीटर तक अत्यधिक भारी बारिश दर्ज हो सकती है। इसका असर आसपास के असम जिलों पर भी पड़ सकता है।

ASDMA ने संबंधित जिलों के निवासियों से सतर्क रहने और सभी जरूरी एहतियात बरतने की अपील की है। प्राधिकरण ने कहा कि स्थिति की ताज़ा जानकारी उसकी आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल के जरिए समय-समय पर साझा की जाती रहेगी।

बिजली संकट भी बरकरार

गौरीसागर, शिवसागर, नाजिरा, आमगुरी और डेमाऊ इलाकों के करीब 13,000 घरों में अभी भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है, जिससे बाढ़ प्रभावित लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

केंद्र सरकार का हस्तक्षेप, राहत के लिए वित्तीय छूट

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बातचीत कर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पहले मुख्यमंत्री सरमा से बात कर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया था।

एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम ने हाल ही में बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन पूरा किया है। राज्य सरकार के अधिकारियों ने टीम को बताया कि 19 जुलाई को हुई अत्यधिक बारिश से पैदा हुई इस साल की बाढ़ एक असाधारण घटना थी, जिसने चराइदेव और शिवसागर जैसे सामान्यतः सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों को भी जलमग्न कर दिया।

राहत के तौर पर, शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट और जोरहाट जिलों के कर्जदारों को 19 जुलाई से आवास, शिक्षा, वाहन और कृषि ऋण पर छह महीने की मोहलत (मोरेटोरियम) दी गई है। पात्र कर्जदार अपनी ऋण चुकौती अवधि को एक साल तक बढ़ा भी सकते हैं।

लोगों के लिए सलाह

  • रोज़ाना यात्रा करने वालों और लंबी दूरी के यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और सफर की योजना सावधानी से बनाएं।
  • निचले और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को बाढ़ या भूस्खलन के संकेतों पर नजर रखने को कहा गया है।
  • प्रशासन ने आम जनता से केवल आधिकारिक अलर्ट पर भरोसा करने की अपील की है।

FAQ Section

Q1. असम में अब तक बाढ़ से कितने लोगों की मौत हो चुकी है?

30 जुलाई 2026 तक असम में इस साल की बाढ़ में मरने वालों की संख्या 78 पहुंच चुकी है।

Q2. असम में सबसे ज्यादा कौन सा जिला बाढ़ से प्रभावित है?

चराइदेव जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां 1,37,561 लोग बाढ़ की चपेट में हैं, इसके बाद शिवसागर और जोरहाट का स्थान है।

Q3. IMD ने असम के लिए क्या चेतावनी जारी की है?

IMD ने 30 जुलाई से 1 अगस्त तक असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। तिनसुकिया जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट है।

Q4. बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए सरकार ने क्या राहत दी है?

शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट और जोरहाट जिलों के कर्जदारों को आवास, शिक्षा, वाहन और कृषि ऋण पर छह महीने की मोहलत दी गई है, साथ ही चुकौती अवधि एक साल तक बढ़ाने का विकल्प भी दिया गया है।

Q5. असम में कितने राहत शिविर चल रहे हैं?

राज्य भर में 71 राहत शिविर संचालित हैं जिनमें 16,500 से ज्यादा लोगों ने शरण ली है, जबकि 30 राहत वितरण केंद्रों के जरिए 72,000 से अधिक लोगों को सहायता मिल रही है।

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