MP में लाड़ली बहना योजना से 7 लाख महिलाएं बाहर होने की खबर वायरल — जानें यह मध्य प्रदेश की है या महाराष्ट्र की, और 39वीं किस्त कब आएगी, पूरी जानकारी यहां पढ़ें।
मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और कुछ वेबसाइट्स पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है “लाड़ली बहना योजना 7 लाख महिलाएं वंचित”। इस खबर ने प्रदेश की करीब 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के बीच चिंता पैदा कर दी है। लेकिन क्या यह दावा मध्य प्रदेश से जुड़ा है? इस Ladli Behna Yojana update 2026 में हम आपको बताएंगे पूरी सच्चाई, साथ ही लाड़ली बहना योजना किस्त कब आएगी, मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना लिस्ट में नाम कैसे चेक करें, लाड़ली बहना योजना रक्षाबंधन बोनस की स्थिति और लाड़ली बहना आवास योजनाकी ताजा जानकारी भी।
क्या है “लाड़ली बहना योजना 7 लाख महिलाएं वंचित” वाला असली मामला?
तथ्यों की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि7 लाख से अधिक महिलाओं को बाहर करने वाली खबर मध्य प्रदेश की नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की “लाडकी बहिण योजना महाराष्ट्र” से जुड़ी है, जो मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से प्रेरित होकर वहां शुरू की गई थी। दोनों योजनाओं के नाम मिलते-जुलते होने के कारण यह भ्रम फैला है।
महाराष्ट्र सरकार ने सामान्य प्रशासन विभाग, आईटी विभाग और आधार-आधारित सत्यापन प्रणाली की मदद से लाभार्थियों की दोबारा जांच की, जिसमें सामने आया कि:
2,656 सरकारी कर्मचारी फर्जी दस्तावेजों के जरिए योजना का लाभ ले रहे थे
– जिन महिलाओं के परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक थी, उन्हें अपात्र घोषित किया गया
– जो महिलाएं पहले से किसी अन्य सरकारी योजना से नियमित आर्थिक सहायता ले रही थीं, उन्हें भी हटाया गया
– हर अपात्र लाभार्थी से ₹13,500 की पूरी राशि वापस वसूलने का निर्णय लिया गया है
मध्य प्रदेश में असल स्थिति क्या है?
मध्य प्रदेश की अपनी लाड़ली बहना योजना में इस स्तर पर कोई बड़ा “7 लाख महिलाओं को हटाने” वाला फैसला सामने नहीं आया है। हालांकि कुछ स्थानीय स्तर पर बदलाव जरूर हुए हैं:
बुरहानपुर जिले में करीब 7,000 से अधिक महिलाएं योजना से बाहर हुई हैं, जिनमें ज्यादातर वे महिलाएं शामिल हैं जिनकी उम्र योजना की अधिकतम निर्धारित सीमा (60 वर्ष) पार कर चुकी है
– चुनाव आयोग की सख्ती के चलते पहले भी किस्त के समय को लेकर कुछ जिलों में देरी हुई थी
इसके अलावा, राज्य सरकार अब 1.25 करोड़ लाभार्थी महिलाओं पर एक बड़ा रियलिटी-चेक सर्वे करवाने जा रही है। इस सर्वे का मकसद सिर्फ मौजूदा लाभार्थियों की जांच करना नहीं, बल्कि यह भी पता लगाना है कि तकनीकी दिक्कत, दस्तावेजों की कमी या अन्य कारणों से कितनी पात्र महिलाएं अभी भी योजना के दायरे से बाहर हैं।
लाड़ली बहना योजना किस्त कब आएगी? 39वीं किस्त को लेकर ताजा अपडेट
अब बात करते हैं उस सवाल की, जो हर लाड़ली बहन के मन में है लाड़ली बहना योजना किस्त कब आएगी?
1– अब तक सरकार ने 39वीं किस्त की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है
2– पिछली यानी 38वीं किस्त 12 जुलाई 2026 को जारी हुई थी, जिसमें भिंड जिले के लहार से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ₹1,835 करोड़ की राशि जारी की थी
3 – सामान्यतः किस्त हर महीने की 1 से 15 तारीख के बीच जारी की जाती है
4 – 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच से इस योजना की तारीफ करते हुए कहा कि यह 1 करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों के सशक्तिकरण का माध्यम बनी है — लेकिन उन्होंने किस्त की सटीक तारीख नहीं बताई
5– इससे पहले 10 अगस्त को राजगढ़ में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को भोपाल से वर्चुअली संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने संकेत दिया था कि बहनों के खातों में राशि जल्द भेजी जाएग
क्या रक्षाबंधन पर मिलेगा अतिरिक्त बोनस?
पिछले साल रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनों को नियमित राशि के अलावा ₹250 अतिरिक्त देने की घोषणा की थी। इस बार भी कुछ रिपोर्ट्स में ₹300 अतिरिक्त मिलने की चर्चा है, लेकिन सरकार की तरफ से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बहनों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अपुष्ट खबर पर भरोसा न करें और केवल सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें।
लाड़ली बहना आवास योजना: क्या है यह अलग स्कीम?
बहुत सी बहनों को लाड़ली बहना योजना और लाड़ली बहना आवास योजना को लेकर भ्रम रहता है — ये दोनों अलग-अलग योजनाएं हैं। मासिक ₹1,500 वाली किस्त मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत आती है, जबकि लाड़ली बहना आवास योजना उन पात्र महिलाओं के लिए है जिन्होंने पक्का मकान बनाने के लिए आवेदन किया है। इस योजना के तहत पहली किस्त की राशि केवल उन्हीं महिलाओं को मिलती है जिनका नाम लाड़ली बहना आवास योजना की फाइनल लाभार्थी सूची में शामिल है। अगर आपने आवास योजना के लिए आवेदन किया है, तो अपनी पात्रता और भुगतान स्थिति आधिकारिक पोर्टल पर जरूर चेक करें।
योजना पर सरकार का खर्च
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना पर राज्य सरकार लगातार बड़ी राशि खर्च कर रही है:
| वित्तीय वर्ष | खर्च राशि |
|—|—|
| 2023-24 | ₹14,726.05 करोड़ |
| 2024-25 | ₹19,051.39 करोड़ |
| 2025-26 | ₹20,318.53 करोड़ |
| 2026-27 (बजट प्रावधान) | ₹23,882.81 करोड़ |
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना लिस्ट में अपना नाम कैसे चेक करें?
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना लिस्ट में अपना नाम चेक करने के लिए नीचे दिए गए आसान स्टेप्स फॉलो करें:
1. आधिकारिक वेबसाइट **cmladlibahna.mp.gov.in** पर जाएं
2. होमपेज पर “आवेदन और भुगतान की स्थिति” विकल्प चुनें
3. अपना समग्र आईडी या आवेदन क्रमांक दर्ज करें
4. कैप्चा भरकर सबमिट करें, स्थिति स्क्रीन पर दिख जाएगी
जरूरी सलाह: किसी भी अनाधिकारिक वेबसाइट या व्हाट्सएप मैसेज पर भरोसा न करें, केवल सरकार की आधिकारिक साइट का ही इस्तेमाल करें।
FAQ Schema
प्रश्न 1: क्या मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना से 7 लाख महिलाएं बाहर हुई हैं?**
उत्तर: नहीं, यह खबर मध्य प्रदेश की नहीं बल्कि महाराष्ट्र की “लाडकी बहिण योजना” से जुड़ी है। दोनों योजनाओं के नाम मिलते-जुलते होने के कारण यह भ्रम फैला है।
प्रश्न 2: मध्य प्रदेश में कितनी महिलाएं योजना से बाहर हुई हैं?
उत्तर: बुरहानपुर जिले में करीब 7,000 से अधिक महिलाएं मुख्यतः उम्र सीमा पार करने के कारण योजना से बाहर हुई हैं। राज्यव्यापी बड़ा आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है, हालांकि एक व्यापक सर्वे जल्द शुरू होने वाला है।
प्रश्न 3: लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त कब आएगी?
उत्तर: सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। सामान्यतः किस्त हर महीने की 1 से 15 तारीख के बीच जारी होती है।
प्रश्न 4: क्या इस बार रक्षाबंधन पर अतिरिक्त राशि मिलेगी?
उत्तर: पिछले साल ₹250 अतिरिक्त बोनस दिया गया था, इस बार ₹300 की चर्चा है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रश्न 5: मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना लिस्ट में अपना नाम कैसे चेक करें?
उत्तर: cmladlibahna.mp.gov.in पर जाकर समग्र आईडी या आवेदन क्रमांक से स्टेटस चेक किया जा सकता है।
प्रश्न 6: लाड़ली बहना आवास योजना और मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में क्या अंतर है?
उत्तर: मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत हर महीने ₹1,500 की किस्त दी जाती है, जबकि लाड़ली बहना आवास योजना उन पात्र महिलाओं के लिए है जिन्होंने पक्का मकान बनाने हेतु आवेदन किया है। दोनों की लाभार्थी सूची और प्रक्रिया अलग-अलग है।
