राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का लेटेस्ट अपडेट: चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव पर आरोप, SIT जांच रिपोर्ट, FIR में नाम, अब तक बरामद कैश-डॉलर-संपत्ति और ED-IT एंट्री की पूरी जानकारी।
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र से करोड़ों रुपये के कथित गबन का मामला बीते तीन हफ्तों से देशभर में सुर्खियों में है। SIT जांच, FIR, गिरफ्तारियां, बरामदगी और अब ED-IT की एंट्री — पूरा घटनाक्रम एक जगह।मामला कैसे सामने आया
राम मंदिर चढ़ावा विवाद राष्ट्रीय स्तर पर 7 जून 2026 को सुर्खियों में आया, जब समाजवादी पार्टी नेता पवन पांडेय ने दानपात्र से करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी का सार्वजनिक आरोप लगाया। इसके बाद विपक्षी दलों — सपा, कांग्रेस, आप — ने भी मामले को जोर-शोर से उठाया। दबाव बढ़ने पर 13 जून 2026 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की SIT जांच कराने का अनुरोध किया।
पुलिस के अनुसार, दानपात्र से सबसे बड़ी चोरी 2025 की शुरुआत में हुए महाकुंभ मेले के दौरान हुई, जब देश-विदेश से आए करोड़ों श्रद्धालुओं का बेशुमार चढ़ावा आया, जिसकी पूरी रिकॉर्ड-एंट्री संभव नहीं थी। आरोपियों ने इसी मौके का भरपूर फायदा उठाया।
SIT का गठन
मुख्यमंत्री के निर्देश पर तीन सदस्यीय SIT बनाई गई:
- विजय विश्वास पंत — मंडलायुक्त, लखनऊ (IAS)
- किरण एस. — IG रेंज (IPS)
- नील रतन — विशेष सचिव, वित्त विभाग
शुरू में SIT को 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट (7 दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट) देने को कहा गया था।
टाइमलाइन: घटनाक्रम एक नज़र में
| तारीख | घटना |
|---|---|
| 7 जून 2026 | सपा नेता पवन पांडेय ने चढ़ावा गबन का आरोप लगाया |
| 13 जून 2026 | ट्रस्ट के अनुरोध पर CM योगी ने 3-सदस्यीय SIT गठित की |
| 23 जून 2026 | SIT ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी |
| 25 जून 2026 | SIT की सिफारिश पर राम जन्मभूमि थाने में 8 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज |
| 26–27 जून 2026 | सभी 8 नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी, नकदी व अन्य सामान बरामद |
| 29 जून 2026 | गोपाल राव से निर्माण सहायक की जिम्मेदारी छीनी गई; चंपत राय-अनिल मिश्रा के इस्तीफे की चर्चा |
| 30 जून – 1 जुलाई 2026 | जांच का दायरा और विस्तृत; SIT को 15 दिन का अतिरिक्त समय |
| 1–2 जुलाई 2026 | ED और आयकर विभाग को शामिल करने की तैयारी; पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों को पत्र लिखने का फैसला किया |
SIT को अब 15 जुलाई 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपनी है।
FIR: किन 8 लोगों पर केस दर्ज हुआ?
ट्रस्ट के नवनियुक्त ट्रस्टी कृष्ण मोहन की तहरीर पर राम जन्मभूमि कोतवाली में दर्ज FIR (मुकदमा संख्या 90/26) में नामजद आरोपी:
- रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव — चंपत राय का निजी ड्राइवर, दानपात्र की निगरानी व गणना कक्ष तक पहुंचाने का जिम्मा; मामले का “मास्टरमाइंड” बताया जा रहा
- अनुकल्प मिश्रा — कैश काउंटिंग टीम का सदस्य, आरोप है गिनती के दौरान नोट बाथरूम में छिपाता था
- लवकुश मिश्रा — नकदी गिनने वाली टीम में शामिल
- अविनाश शुक्ला — दानपात्र से रकम गणना कक्ष तक लाने व गिनने का जिम्मा; सबसे ज्यादा बरामदगी इन्हीं से हुई
- सुभाष चंद्र श्रीवास्तव — कैश काउंटिंग स्टाफ का प्रभारी, निगरानी में जानबूझकर लापरवाही का आरोप
- करुणेश पांडेय — दानपात्र से गणना कक्ष तक राशि पहुंचाने में शामिल
- मनीष कुमार यादव — कैश काउंटिंग टीम का हिस्सा (टिन्नू यादव का भतीजा)
- रामशंकर मिश्रा — दान राशि गणना कक्ष तक लाने व निगरानी का काम
लगाई गई धाराएं: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306 (नौकर/कर्मचारी द्वारा मालिक की संपत्ति की चोरी), 316 व 316(5) (आपराधिक विश्वासघात), 317, 317(4), 317(5) (चोरी की संपत्ति बेईमानी से रखना), 61 व 3(5) (आपराधिक साजिश), साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की धाराएं।
सभी आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर फैजाबाद के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में पेश किया गया।
चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव — क्या कार्रवाई हुई?
यह सबसे विवादित पहलू है। FIR में तीनों बड़े पदाधिकारियों का नाम नहीं है, जबकि शिकायतकर्ताओं और विपक्ष का सीधा आरोप है कि असली जिम्मेदारी इन्हीं की बनती है:
चंपत राय (महासचिव, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट)
- SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में मंदिर प्रबंधन और सुरक्षा-निगरानी की मुख्य जिम्मेदारी होने के चलते प्रथम दृष्टया दोषी ठहराया गया, हालांकि रिपोर्ट अभी आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं है।
- उन पर जमीन खरीद-फरोख्त में भारी वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप हैं। सांसद संजय सिंह ने SIT को 11 दस्तावेज सौंपते हुए दावा किया:
- 2.92 करोड़ रुपये कीमत की सरकारी (नजूल) जमीन चंपत राय को 24 करोड़ रुपये में बेची गई (2 अप्रैल 2024)
- एक जमीन 41.60 लाख की बाजार कीमत के बदले 2 करोड़ रुपये में खरीदी गई
- पूर्व भाजपा मेयर के भतीजे दीपनारायण से जुड़ी जमीन सौदों में चंपत राय की सीधी भूमिका
- उनके भतीजे चंदन राय ने भी अयोध्या के माझा इलाके में कई बीघा जमीन व हरिद्वार में होटल खरीदा
- SIT जांच के दौरान चंपत राय से करीब 3 घंटे तक पूछताछ हुई, जिसमें उन्होंने पूर्ण सहयोग का दावा किया। टिन्नू यादव (अपने ड्राइवर) पर उन्होंने कहा — “उसने मुझे धोखा दिया, मुझे उससे ऐसी उम्मीद नहीं थी।”
- इस्तीफे को लेकर असमंजस: 26 जून के आसपास मीडिया में खबरें आईं कि चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन ट्रस्ट ने इस पर अंतिम फैसला अभी तक नहीं लिया — कहा गया कि निर्णय जुलाई की बैठक में होगा।
अनिल मिश्रा (ट्रस्टी/सदस्य)
- उन पर निर्माण कार्य व जमीन सौदों में 40 प्रतिशत कमीशन लेने का गंभीर आरोप है, जिसकी SIT तेजी से जांच कर रही है।
- साढ़े 18 करोड़ रुपये की एक संदिग्ध जमीन डील (जिसमें जमीन खरीदने के महज 5 मिनट बाद ही ट्रस्ट को बेच दी गई) में अनिल मिश्रा गवाह के तौर पर शामिल थे।
- इस्तीफे की खबरें आईं, पर आधिकारिक पुष्टि लंबित।
गोपाल राव (निर्माण सहायक/विशेष आमंत्रित सदस्य)
- शिकायतकर्ताओं का आरोप — “राम भक्तों के दान को लूटने” में सीधी भूमिका।
- 29 जून 2026 को गोपाल राव से निर्माण सहायक की पूरी जिम्मेदारी छीन ली गई। उन्हें दिल्ली बुलाए जाने की चर्चा है; घटनाक्रम शुरू होने के बाद से वे अयोध्या में मौजूद नहीं हैं।
- उनके रिश्तेदार “सोम” की भूमिका भी सीधे तौर पर संदिग्ध पाई गई है।
- ट्रस्ट की जुलाई की बैठक में उनके पद पर अंतिम फैसला संभावित।
- VHP महासचिव बजरंग लाल बांगड़ा ने इस्तीफे की खबरों को “पूरी तरह भ्रामक अफवाह” बताकर खारिज किया है।
व्यापक आलोचना
- विपक्ष (सपा, कांग्रेस, AAP) लगातार आरोप लगा रहा है कि “फुनगी को फांसी, शाखाओं को माफी” — यानी छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर बड़े पदाधिकारियों को बचाया जा रहा है (अखिलेश यादव का बयान)।
- अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या पहुंचकर आरोप लगाया कि SIT बड़े लोगों को बचाने के लिए “लीपापोती” कर रही है।
- शिकायतकर्ता संतोष दुबे ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन भेजकर चंपत राय, अनिल मिश्रा व गोपाल राव के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई तथा ट्रस्ट को भंग करने की मांग की है।
- ट्रस्ट के बैंकिंग पार्टनर SBI के कुछ संविदा कर्मचारियों (जो पदाधिकारियों के रिश्तेदार/करीबी बताए गए) की भूमिका भी शक के घेरे में है, लेकिन FIR में किसी बैंक अधिकारी का नाम नहीं है।
अब तक क्या-क्या बरामद हुआ? (नकदी, डॉलर, ज्वेलरी)
पुलिस के अनुसार आठ में से सात आरोपियों से कुल ₹79,85,493 (करीब 80 लाख रुपये) नकद बरामद हो चुके हैं, साथ ही विदेशी मुद्रा व आभूषण भी मिले हैं:
| आरोपी | बरामद नकदी | अन्य बरामदगी |
|---|---|---|
| अविनाश शुक्ला | ₹20,39,220 | 1,121 अमेरिकी डॉलर, सोने की 2 चेन, 1 अंगूठी, चांदी के आभूषण; रहने की जगह से पैसों से भरा संदूक व पेटीएम QR कोड वाला बॉक्स भी बरामद |
| अनुकल्प मिश्रा | ₹16,82,040 | — |
| करुणेश पांडेय | ₹18,07,063 | — |
| लवकुश मिश्रा | ₹14,25,000 | — |
| रामशंकर मिश्रा | ₹7,32,170 | चांदी व सफेद धातु के आभूषण |
| मनीष कुमार यादव | ₹2,00,000 | — |
| रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव | ₹1,00,000 | (कुछ रिपोर्टों में टिन्नू के पुश्तैनी घर से अलग से ₹36 लाख बरामद होने का भी जिक्र) |
कुछ रिपोर्टों के अनुसार अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त रिकवरी ₹89 लाख के आसपास आंकी गई है। इसके अतिरिक्त संजय सिंह जैसे नेताओं ने दावा किया है कि मंदिर से समय-समय पर 2 किलो, 8 किलो चांदी और यहां तक कि रामलला का मुख्य हार व पादुकाएं चोरी होने की भी खबरें आई हैं, जिनकी अलग से पुष्टि लंबित है।
संपत्ति बरामदगी: पुलिस अब तक आरोपियों (खासकर “जीजा-साले” की जोड़ी — लवकुश व अनुकल्प मिश्रा) से जुड़ी आधा दर्जन से ज्यादा प्रॉपर्टी खोज चुकी है, जो चोरी के पैसों से खरीदी गई बताई जा रही हैं। साथ ही कंबलों में नोटों की गड्डियां छिपाने की बात भी सामने आई है।
ED और आयकर विभाग की एंट्री
- मामले में मनी ट्रेल (पैसों के लेन-देन का रास्ता) समझना पुलिस के लिए मुश्किल हो रहा है, इसलिए अयोध्या पुलिस अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग (Income Tax) को औपचारिक रूप से जांच में शामिल करने की तैयारी कर रही है।
- SSP अयोध्या जल्द ही इस संबंध में केंद्रीय एजेंसियों को आधिकारिक पत्र लिख सकते हैं।
- सबसे ज्यादा नकदी अविनाश शुक्ला के पास से मिलने के चलते आयकर विभाग को पहले ही सूचित किया जा चुका है।
- पुलिस का तर्क है कि चूंकि मामले में विदेशी मुद्रा (डॉलर) और बड़े पैमाने पर बेनामी संपत्तियां सामने आई हैं, इसलिए मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से ED की जांच जरूरी है।
- स्पष्टीकरण: अभी तक ED ने औपचारिक रूप से केस दर्ज (ECIR) नहीं किया है — मामला “एंट्री की तैयारी/प्रस्ताव” के चरण में है, राज्य पुलिस से पत्र मिलने के बाद ही ED औपचारिक कार्रवाई शुरू करेगी।
अन्य महत्वपूर्ण एंगल
- 400 निजी सुरक्षाकर्मी SIT के रडार पर — ये सभी बिहार के एक पूर्व सांसद की निजी सिक्योरिटी कंपनी से जुड़े हैं, जिस पर ट्रस्ट हर महीने करीब ₹1 करोड़ खर्च करता था। इनके ड्यूटी रोस्टर, बायोमेट्रिक एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
- चढ़ावा गिनने में शामिल करीब 50 कर्मचारियों और CCTV सिस्टम की भी बारीकी से जांच हो रही है।
- SIT अब तक 29 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है।
- जांच का दायरा अब दान की पूरी प्रक्रिया, अकाउंट बुक और ट्रस्ट पदाधिकारियों से पूछताछ तक बढ़ा दिया गया है।
आगे क्या होगा?
- SIT को 15 जुलाई 2026 तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपनी है, जिसके बाद बड़े पदाधिकारियों पर कार्रवाई की दिशा तय होगी।
- ट्रस्ट की जुलाई में प्रस्तावित बैठक में चंपत राय-अनिल मिश्रा के इस्तीफे और गोपाल राव के पद को लेकर अंतिम निर्णय हो सकता है।
- ED व आयकर विभाग की औपचारिक एंट्री और मनी ट्रेल जांच अगले चरण में शुरू होने की उम्मीद है।
- विपक्ष और कारसेवकों का दबाव बना हुआ है कि जांच सिर्फ छोटे कर्मचारियों तक सीमित न रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला क्या है? अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र (दान पेटी) से गिनती के दौरान करोड़ों रुपये की कथित चोरी व गबन का मामला है, जो 7 जून 2026 को सार्वजनिक हुआ। पुलिस का कहना है कि सबसे बड़ी चोरी 2025 के महाकुंभ के दौरान हुई।
2. राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं? FIR में नामजद सभी 8 आरोपियों — रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, करुणेश पांडेय, मनीष कुमार यादव और रामशंकर मिश्रा — को गिरफ्तार किया जा चुका है।
3. क्या चंपत राय के खिलाफ FIR दर्ज हुई है? नहीं, अब तक दर्ज FIR में चंपत राय, अनिल मिश्रा या गोपाल राव में से किसी का भी नाम नहीं है। हालांकि SIT की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में इन्हें प्रबंधन व निगरानी की नाकामी के लिए “प्रथम दृष्टया जिम्मेदार” बताया गया है, और जमीन खरीद व कमीशन से जुड़े आरोपों की अलग से जांच चल रही है।
4. चंपत राय पर क्या आरोप हैं? चंपत राय पर मंदिर के लिए जमीन खरीद-फरोख्त में भारी वित्तीय अनियमितता के आरोप हैं, जिसमें सरकारी (नजूल) जमीन को बाजार मूल्य से कई गुना ज्यादा कीमत पर खरीदने के दस्तावेजी दावे शामिल हैं।
5. अनिल मिश्रा और गोपाल राव पर क्या आरोप हैं? अनिल मिश्रा पर निर्माण व जमीन सौदों में 40% कमीशन लेने का आरोप है। गोपाल राव पर दान की रकम में हेराफेरी और मंदिर प्रबंधन से जुड़े फैसलों में संदिग्ध भूमिका का आरोप है; उनसे निर्माण सहायक की जिम्मेदारी छीन ली गई है।
6. क्या चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है? मीडिया में इस्तीफे की खबरें आई थीं, लेकिन ट्रस्ट ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कहा जा रहा है कि अंतिम फैसला जुलाई की ट्रस्ट बैठक में होगा।
7. अब तक कुल कितना पैसा बरामद हुआ है? सात आरोपियों से मिलाकर करीब ₹79.85 लाख (लगभग 80 लाख रुपये) नकद बरामद हुए हैं, साथ ही 1,121 अमेरिकी डॉलर, सोने-चांदी के गहने और आधा दर्जन से अधिक संपत्तियां भी बरामद की गई हैं।
8. क्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में ED (प्रवर्तन निदेशालय) की एंट्री हो गई है? अभी तक ED ने औपचारिक रूप से केस (ECIR) दर्ज नहीं किया है। अयोध्या पुलिस मनी ट्रेल की जांच के लिए ED और आयकर विभाग को औपचारिक पत्र लिखने की तैयारी में है — यानी मामला “एंट्री की प्रक्रिया” में है।
9. SIT की अंतिम रिपोर्ट कब आएगी? SIT को 15 जुलाई 2026 तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपनी है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
10. राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं? BNS की धारा 306, 316, 316(5), 317, 317(4), 317(5), 61, 3(5) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
