IND vs AFG Test 2026: भारत ने अफगानिस्तान को पारी और 300 रनों से हराकर रचा टेस्ट इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉर्ड। जानें गिल, राहुल, पंत और डेब्यू स्टार मानव सुथार के जादुई स्पेल का पूरा रोमांच।
भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए मोहाली के नए स्टेडियम से एक ऐसी खबर आई है, जिसने हर हिंदुस्तानी का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। टीम इंडिया ने अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए इकलौते टेस्ट मैच में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए उसे एक पारी और 300 रनों के भारी-भरकम अंतर से हरा दिया है। रनों और पारी के लिहाज से यह टेस्ट क्रिकेट के पूरे इतिहास में भारत की अब तक की सबसे बड़ी और सबसे धमाकेदार जीत है।
इस मैच में भारतीय शेरों का ऐसा दबदबा रहा कि अफगानिस्तान की टीम खेल के किसी भी विभाग में टिक नहीं सकी। कप्तान शुभमन गिल और केएल राहुल के शानदार शतकों के बाद, ऋषभ पंत के गगनचुंबी छक्कों और पहली बार देश के लिए खेल रहे युवा स्पिनर मानव सुथार की जादुई गेंदबाजी ने मैच को पूरी तरह से एकतरफा बना दिया।
आखिर क्यों इतना खास और यादगार है यह मुकाबला?
क्रिकेट के गलियारों में चर्चा है कि भले ही यह मैच आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का हिस्सा नहीं था, फिर भी यह भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए बहुत अहम क्यों है? इसकी 3 बड़ी वजहें हैं:
- इतिहास की सबसे बड़ी जीत: भारत ने टेस्ट क्रिकेट में रनों के लिहाज से अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इससे पहले 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पारी और 272 रनों की जीत हमारी सबसे बड़ी जीत थी।
- भविष्य के नए ‘स्टार’ की एंट्री: रविचंद्रन अश्विन के संन्यास और रवींद्र जडेजा के करियर के आखिरी पड़ाव को देखते हुए भारत को एक मैच-विनर स्पिनर की तलाश थी, जो इस मैच के बाद पूरी होती दिख रही है।
- इको-फ्रेंडली (पर्यावरण अनुकूल) क्रिकेट की नई मिसाल: न्यू चंडीगढ़ का यह खूबसूरत स्टेडियम देश का पहला ऐसा मैदान बना है जहां पूरी तरह पर्यावरण को ध्यान में रखकर मैच कराया गया। सोलर पावर, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और जीरो-प्लास्टिक वेस्ट जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर खेल के साथ-साथ प्रकृति का भी पूरा ख्याल रखा गया।
बल्लेबाजों का जलवा: शुभमन गिल और केएल राहुल का कप्तानी शो
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने पहली पारी में 564 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा करके पारी घोषित की।
- कप्तान शुभमन गिल का शतक: नए टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने मोर्चे से टीम की अगुवाई की और 126 रनों की बेहद सधी हुई और खूबसूरत पारी खेली।
- केएल राहुल की धाकड़ वापसी: उप-कप्तान केएल राहुल ने मिडिल ऑर्डर में आकर मोर्चा संभाला और सूझबूझ से खेलते हुए 100 रन बनाए। इन दोनों की शतकीय पारियों ने अफगानिस्तान को मैच से पहले ही दिन बाहर कर दिया।
- साई सुदर्शन (81 रन) ने भी ओपनिंग में कमाल का खेल दिखाया।
ऋषभ पंत के गगनचुंबी छक्के: गिलक्रिस्ट के वर्ल्ड रिकॉर्ड के बेहद करीब
एक्सीडेंट के बाद टेस्ट क्रिकेट में लौटे ऋषभ पंत इस मैच में अपने पुराने और आक्रामक अंदाज में नजर आए। उन्होंने अफगानी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए मात्र 121 गेंदों में 81 रन ठोक दिए।
इस पारी के दौरान पंत ने 3 लंबे-लंबे छक्के जड़े। इन छक्कों के साथ ही पंत टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 100 छक्के लगाने के एडम गिलक्रिस्ट (137 पारियां) के वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ने के बेहद करीब पहुंच गए हैं। पंत ने अपनी 100 से भी कम पारियों में यह मुकाम हासिल करने की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं।
डेब्यू स्टार मानव सुथार का कहर: तोड़ा 38 साल पुराना रिकॉर्ड
इस मैच की सबसे खूबसूरत कहानी लिखी 23 साल के युवा स्पिनर मानव सुथार ने। अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे मानव ने अपनी फिरकी के जाल में अफगानिस्तान के बल्लेबाजों को ऐसा फंसाया कि वे पानी मांगते नजर आए।
मानव सुथार का जादुई स्पेल: मानव ने पहली पारी में कंजूस गेंदबाजी करते हुए 22 ओवरों में 10 मेडन डाले और महज 33 रन देकर 6 विकेट (6/33) चटकाए।
यह पिछले 38 सालों में किसी भी भारतीय स्पिनर का डेब्यू मैच में सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले 1988 में नरेंद्र हिरवानी ने ऐतिहासिक डेब्यू किया था। अपने इस चमत्कारी प्रदर्शन के लिए मानव सुथार को अपने पहले ही मैच में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ (मैन ऑफ द मैच) के खिताब से नवाजा गया।
मैच का पूरा हाल (स्कोरकार्ड पर एक नजर)
- भारत (पहली पारी): 564/8 विकेट पर घोषित (शुभमन गिल 126, केएल राहुल 100, ऋषभ पंत 81)
- अफगानिस्तान (पहली पारी): 152 रन पर ऑलआउट (मानव सुथार 6/33)
- अफगानिस्तान (दूसरी पारी – फॉलोऑन): 112 रन पर ऑलआउट (वाशिंगटन सुंदर 4/36, कुलदीप यादव 3/30)
- नतीजा: भारत एक पारी और 300 रनों से जीता।
पहली पारी में ढेर होने के बाद जब अफगानिस्तान को फॉलोऑन मिला, तो दूसरी पारी में वाशिंगटन सुंदर (4 विकेट) और कुलदीप यादव (3 विकेट) ने मिलकर रही-सही कसर पूरी कर दी और मैच तीसरे ही दिन खत्म हो गया। टीम इंडिया की इस ऐतिहासिक जीत ने यह साबित कर दिया है कि घरेलू मैदानों पर भारतीय टीम को हराना फिलहाल नामुमकिन है।
