CJP प्रोटेस्ट के बीच शिक्षा मंत्रालय का बड़ा एक्शन: NTA के 47 अफसरों पर गाज, सरकार से वार्ता में 2 मांगें मानीं

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NEET पेपर लीक पर CJP प्रोटेस्ट के बीच NTA के 47 अफसरों पर गिर सकती है गाज, सचिव बदले गए। सरकार से वार्ता में मुआवजा-FIR वापसी पर सहमति, शनिवार अगली बैठक।

नई दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को घटनाक्रम ने कई बड़े मोड़ लिए। एक तरफ केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बड़े स्तर पर फेरबदल की तैयारी शुरू की, तो दूसरी तरफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सरकार के बीच दूसरे दौर की बातचीत में तीन में से दो मांगों पर सहमति बन गई। हालांकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर टकराव अब भी बरकरार है।

NTA में बड़ी सर्जरी: 47 अधिकारियों पर गिर सकती है गाज

सूत्रों के हवाले से सामने आ रही जानकारी के मुताबिक, NTA के करीब 47 अधिकारियों को एक साथ हटाया जा सकता है, जबकि कुछ अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की भी संभावना जताई जा रही है। हालांकि इस आंकड़े की सरकार की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से बताया जा रहा है कि अगले एक महीने के भीतर NTA के कामकाज में नए बदलाव लागू किए जा सकते हैं, जिसमें एजेंसी की आउटसोर्सिंग नीतियों और परीक्षा संचालन प्रक्रिया में भी अहम बदलाव संभव हैं। यह पूरी कवायद एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर की जाएगी, जिसका मकसद पेपर लीक और परीक्षा गड़बड़ियों पर रोक लगाना है। फिलहाल NTA जेईई, नीट और सीयूईटी सहित करीब 20 राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करती है।

सचिव स्तर पर पहले ही हो चुका है बदलाव

छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच सरकार ने 23 जुलाई को शिक्षा मंत्रालय में सचिव स्तर पर भी बड़ा बदलाव किया था। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी को पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय भेज दिया गया, जबकि उनकी जगह नरेश पाल गंगवार को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को भी बदला गया। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया था कि पेपर लीक मामले में उदासीनता बरतने के चलते शिक्षा सचिव को हटाया गया है। गौरतलब है कि जून की शुरुआत में भी CBSE प्रमुख और सचिव को NTA से ट्रांसफर किया जा चुका है, जब ऑन-स्क्रीन मार्किंग को लेकर विवाद खड़ा हुआ था।

पहली वार्ता बेनतीजा, दूसरी में बनी आंशिक सहमति

CJP और सरकार के बीच पहले दौर की बातचीत 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर हुई थी, जो बेनतीजा रही। CJP ने नड्डा के निजी आवास पर बातचीत से इनकार करते हुए न्यूट्रल वेन्यू की मांग रखी थी। सरकार का कहना था कि उसने CJP को चार बार बातचीत के लिए बुलाया, लेकिन संगठन नहीं पहुंचा।

इसके बाद शुक्रवार, 24 जुलाई को दोपहर करीब 12:30 बजे दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में दूसरे दौर की बातचीत हुई। इस बैठक में CJP की ओर से पार्टी प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका शामिल हुए, जबकि सरकार की तरफ से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बातचीत की।

किन दो मांगों पर बनी सहमति

बैठक के बाद CJP प्रवक्ताओं ने बताया कि सरकार ने उनकी दो मांगों पर सैद्धांतिक रूप से सकारात्मक रुख दिखाया है:

  1. मुआवजा: NEET परीक्षा की तैयारी के दौरान आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग पर सरकार सकारात्मक सोच रखती है।
  2. FIR वापसी: आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर और अन्य कानूनी मामलों को वापस लेने की मांग पर भी सरकार का रुख अनुकूल बताया जा रहा है।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अब भी अड़ा है पेच

CJP की तीसरी और सबसे बड़ी मांग — शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा — पर अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। संगठन ने साफ कर दिया है कि इस मांग से वह पीछे नहीं हटेगा। वहीं सरकारी सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल इस्तीफे पर विचार नहीं किया जा रहा, क्योंकि सरकार का मानना है कि इस्तीफा देना जिम्मेदारी से बचने जैसा होगा। CJP ने मांग की है कि शनिवार दोपहर तक सरकार इस मुद्दे पर अपना अंतिम रुख स्पष्ट करे।

फास्ट ट्रैक कोर्ट और सोनम वांगचुक का अनशन खत्म

बातचीत के समानांतर सरकार ने पेपर लीक से जुड़े मामलों की तेज सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में यह विशेष अदालत अधिसूचित भी कर दी गई है, और कैबिनेट ने पेपर लीक में कठोर सजा के प्रावधान वाला बिल भी पास कर दिया है। इसी बीच एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के आश्वासन के बाद अपना 26 दिन लंबा अनिश्चितकालीन अनशन देर रात समाप्त कर दिया।

अब आगे क्या

दोनों पक्षों के बीच अगली और संभवतः निर्णायक बैठक शनिवार, 25 जुलाई को दोपहर आयोजित होने वाली है। इस बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि यही तय करेगी कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर टकराव का कोई हल निकलता है, या आंदोलन आगे भी जारी रहता है। वहीं NTA में प्रस्तावित 47 अधिकारियों की हटाई जाने की खबर पर भी सरकार की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. क्या NTA के 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है?

अभी तक यह आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं है। सूत्रों के मुताबिक करीब 47 अधिकारियों को हटाए जाने की संभावना है, लेकिन सरकार ने औपचारिक पुष्टि नहीं की है।

2. शिक्षा मंत्रालय में सचिव स्तर पर क्या बदलाव हुआ है?

उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को पंचायती राज मंत्रालय भेजा गया, उनकी जगह नरेश पाल गंगवार नए उच्च शिक्षा सचिव बने। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव भी बदले गए।

3. CJP और सरकार के बीच दूसरे दौर की वार्ता कब और कहां हुई?

यह वार्ता शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में दोपहर करीब 12:30 बजे हुई।

4. दूसरे दौर की बातचीत में किन मांगों पर सहमति बनी?

पीड़ित परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा और आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने की मांगों पर सरकार ने सैद्धांतिक सहमति के संकेत दिए हैं।

5. क्या शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देंगे?

अभी तक इस पर सहमति नहीं बनी। CJP इस्तीफे की मांग पर अड़ा है, सरकार फिलहाल इस पर विचार नहीं कर रही।

6. अगली बैठक कब होगी?

सरकार और CJP के बीच अगली बैठक शनिवार, 25 जुलाई 2026 को दोपहर आयोजित होगी।


नोट: यह रिपोर्ट 24 जुलाई 2026 शाम तक उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। NTA के 47 अधिकारियों वाला आंकड़ा अभी सूत्रों पर आधारित है — प्रकाशन से पहले नवीनतम आधिकारिक अपडेट जरूर देख लें। शनिवार की बैठक के नतीजे आने पर भी अपडेट करें।

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