धर्मेंद्र प्रधान का राजनीतिक सफर, परिवार, पत्नी-बच्चों की नेट वर्थ, NEET पेपर लीक विवाद, उन पर लगे आरोप और उसकी सच्चाई — पूरी जानकारी एक जगह पढ़ें।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इन दिनों NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में चर्चा के केंद्र में हैं। विपक्ष और छात्र संगठन उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, वहीं सरकार उन्हें कैबिनेट में बनाए रखने के संकेत दे रही है। इस रिपोर्ट में जानिए धर्मेंद्र प्रधान का राजनीतिक सफर, पारिवारिक पृष्ठभूमि, उनकी और उनकी पत्नी की संपत्ति, उन पर लगे आरोप, और इन आरोपों की जमीनी सच्चाई क्या है।
धर्मेंद्र प्रधान कौन हैं?
धर्मेंद्र प्रधान का जन्म 26 जून 1969 को ओडिशा के अंगुल जिले के तालचेर में हुआ था। वे वर्तमान में केंद्रीय शिक्षा मंत्री हैं और ओडिशा की संबलपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं। उन्होंने उत्कल विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर से एंथ्रोपोलॉजी (नृविज्ञान) में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री 1990 में पूरी की थी।
राजनीतिक सफर: छात्र नेता से केंद्रीय मंत्री तक
- 1983 — तालचेर कॉलेज में पढ़ाई के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े।
- 1985 — तालचेर कॉलेज छात्र संघ के अध्यक्ष बने।
- 1995 — ABVP के राष्ट्रीय सचिव नियुक्त हुए।
- 1998 — भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे और अपने पिता के नक्शेकदम पर BJP से जुड़े।
- 2000 — ओडिशा की पल्लाहरा सीट से विधायक चुने गए (2004 तक)।
- 2002 — BJP के राष्ट्रीय सचिव बने।
- 2004 — देवगढ़ लोकसभा सीट से पहली बार सांसद चुने गए।
- 2012–2018 — बिहार से राज्यसभा सांसद रहे।
- 2018–2024 — मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद रहे।
- 2024 — संबलपुर लोकसभा सीट से लोकसभा सांसद चुने गए।
केंद्र सरकार में उन्होंने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, इस्पात मंत्रालय जैसे कई महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले। जुलाई 2021 से वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री का जिम्मा संभाल रहे हैं और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लागू करवाने में उनकी अहम भूमिका रही है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
- पिता — डॉ. देवेंद्र प्रधान: BJP के वरिष्ठ नेता, वाजपेयी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री और ओडिशा के देवगढ़ से लोकसभा सांसद रह चुके थे। पेशे से डॉक्टर (MBBS) और RSS से जुड़े रहे। 17 मार्च 2025 को दिल्ली में 83 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।
- माता — बसंता मंजरी प्रधान: गृहिणी।
- बड़े भाई — सौमेंद्र प्रधान।
- पत्नी — मृदुला प्रधान (ठाकुर): 1998 में विवाह हुआ। वे भी पूर्व में ABVP से जुड़ी रही हैं।
बच्चे क्या करते हैं?
धर्मेंद्र प्रधान के दो संतानें हैं — एक बेटा और एक बेटी।
- बेटी — नैमिषा प्रधान: उन्होंने अमेरिका की टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के फ्लेचर स्कूल से 2023 में LLM (मास्टर ऑफ लॉ) की डिग्री पूरी की। इसके बाद वे US-India Strategic Partnership Forum (USISPF) में सीनियर एसोसिएट के तौर पर कार्यरत हैं। हाल ही में NEET विवाद के बीच सोशल मीडिया पर उन्हें विदेश में पढ़ाई को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट निष्क्रिय कर दिया।
- बेटा — निशांत प्रधान: चुनावी हलफनामे में उनकी संपत्ति का ब्योरा दर्ज है, लेकिन उनके पेशे को लेकर सार्वजनिक रूप से विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
धर्मेंद्र प्रधान की नेट वर्थ कितनी है?
2024 के लोकसभा चुनाव हलफनामे के अनुसार धर्मेंद्र प्रधान और उनके परिवार की संपत्ति का ब्योरा इस प्रकार है:
| विवरण | राशि |
|---|---|
| कुल पारिवारिक संपत्ति | करीब ₹6.92 करोड़ |
| धर्मेंद्र प्रधान की निजी संपत्ति | करीब ₹1.99 करोड़ (चल ₹1.39 करोड़ + अचल ₹92 लाख) |
| कुल देनदारी (लायबिलिटी) | करीब ₹53.38 लाख |
| सालाना आय (2022-23) | ₹12.74 लाख |
उनकी संपत्ति में बैंक जमा, PPF, फिक्स्ड डिपॉजिट, म्यूचुअल फंड (₹80.40 लाख), बीमा पॉलिसी (₹67.72 लाख), ओडिशा में कृषि भूमि (करीब ₹12 लाख) और गैर-कृषि भूमि (करीब ₹20.50 लाख) शामिल है। पंजाब नेशनल बैंक और IDBI बैंक से करीब ₹31.38 लाख का होम लोन भी दर्ज है। गाजियाबाद के इंदिरापुरम में एक फ्लैट और भुवनेश्वर में एक आवासीय संपत्ति भी परिवार के नाम है।
पत्नी मृदुला प्रधान की नेट वर्थ
धर्मेंद्र प्रधान की तुलना में उनकी पत्नी मृदुला प्रधान (ठाकुर) की संपत्ति अधिक है:
- मृदुला प्रधान की कुल संपत्ति: करीब ₹4 से ₹4.12 करोड़
- उनकी सालाना आय (2022-23): ₹49.92 लाख — यानी पति से लगभग चार गुना ज्यादा
- बेटी नैमिषा की संपत्ति: करीब ₹25 लाख (आय ₹4.61 लाख)
- बेटे निशांत की संपत्ति: करीब ₹1.62 लाख
यानी परिवार की ज्यादातर संपत्ति और आय पत्नी मृदुला प्रधान के नाम दर्ज है, जबकि खुद धर्मेंद्र प्रधान की व्यक्तिगत संपत्ति परिवार के कुल आंकड़े का करीब एक-तिहाई ही है।
अभी क्या विवाद चल रहा है? (NEET पेपर लीक 2026)
धर्मेंद्र प्रधान इस समय NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर सबसे ज्यादा सुर्खियों में हैं:
- नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई और 7 मई 2026 को हुई NEET-UG परीक्षाएं रद्द कर दीं, जिसके बाद 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा कराई गई। मामले की जांच CBI कर रही है।
- कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उनके समर्थकों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
- सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल ने इस आंदोलन को और हवा दी, और कई बॉलीवुड हस्तियों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
- कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित विपक्ष के कई नेताओं ने संसद में इस मुद्दे को उठाया और भारत की परीक्षा प्रणाली को “फ्रॉड” तक करार दिया।
- सूत्रों के मुताबिक सरकार फिलहाल धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट में बनाए रखने के पक्ष में दिख रही है।
यह पहली बार नहीं है जब उन्हें ऐसे विरोध का सामना करना पड़ा हो — 2024 में भी NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष ने उनके इस्तीफे की मांग की थी, जब पटना में पेपर लीक का मामला सामने आया था।
उन पर क्या-क्या आरोप लगे हैं?
- विपक्ष का आरोप है कि NTA द्वारा आयोजित परीक्षाओं में बार-बार गड़बड़ियां हो रही हैं और शिक्षा मंत्री के तौर पर इसकी जिम्मेदारी धर्मेंद्र प्रधान की बनती है।
- 2024 में AltNews के विश्लेषण के मुताबिक, NEET-UG परिणाम आने (4 जून) के बाद धर्मेंद्र प्रधान करीब 8 दिन (12 जून तक) तक इस मुद्दे पर चुप रहे थे, जिसे विपक्ष ने “जानबूझकर टालमटोल” बताया।
- कुछ विपक्षी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अन्य परीक्षाएं रद्द कर रही है लेकिन NEET को रद्द नहीं कर रही, क्योंकि इसमें कुछ BJP नेताओं की संलिप्तता हो सकती है — हालांकि इस आरोप का कोई पुख्ता प्रमाण सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आया है।
- सोशल मीडिया पर उनकी बेटी नैमिषा को भी निशाना बनाया गया, यह कहते हुए कि शिक्षा मंत्री की बेटी विदेश में पढ़ रही है जबकि भारत की परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
सच्चाई क्या है?
तथ्यों के आधार पर स्थिति को समझें तो:
- धर्मेंद्र प्रधान का लगातार कहना रहा है कि पिछले सात वर्षों में NTA द्वारा कराई गई परीक्षाओं में कोई बड़े स्तर का पेपर लीक नहीं हुआ और 2024 वाला मामला सिर्फ पटना के एक परीक्षा केंद्र तक सीमित था। यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन (sub judice) है।
- उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार उन पर 5 आपराधिक मामले लंबित हैं, लेकिन ये सभी 2005, 2006 और 2010 में हुए विरोध-प्रदर्शनों/आंदोलनों से जुड़े हैं (गैरकानूनी जमावड़ा, समूहों के बीच वैमनस्य फैलाना, आपराधिक धमकी जैसी धाराएं) — किसी भी मामले में उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है।
- 2019 में दर्ज दो अन्य मामले पुलिस की फाइनल रिपोर्ट के बाद बंद हो चुके हैं।
- NEET पेपर लीक में उनकी व्यक्तिगत संलिप्तता का कोई पुष्ट प्रमाण अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है — यह मामला जांच और अदालती प्रक्रिया के अधीन है, इसलिए अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
- उनकी संपत्ति के हलफनामों की जांच से यह भी साफ है कि उनके पास किसी बड़े निजी व्यवसाय या कारोबारी आय का कोई सत्यापित प्रमाण नहीं है — उनकी संपत्ति मुख्यतः वेतन, निवेश और पारिवारिक बचत पर आधारित है।
कुल मिलाकर, धर्मेंद्र प्रधान पर लगे आरोप ज्यादातर राजनीतिक और जवाबदेही से जुड़े हैं (शिक्षा मंत्री के तौर पर परीक्षा प्रणाली की चूक की जिम्मेदारी), न कि किसी सिद्ध भ्रष्टाचार या आपराधिक कृत्य के। जांच एजेंसियों और अदालत की प्रक्रिया पूरी होने तक इस मामले में अंतिम सच्चाई कहना जल्दबाजी होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. धर्मेंद्र प्रधान की कुल नेट वर्थ कितनी है?
2024 के लोकसभा चुनाव हलफनामे के अनुसार धर्मेंद्र प्रधान और उनके परिवार की कुल संपत्ति करीब ₹6.92 करोड़ है, जिसमें उनकी निजी संपत्ति लगभग ₹1.99 करोड़ है।
Q2. धर्मेंद्र प्रधान की पत्नी मृदुला प्रधान की नेट वर्थ कितनी है?
मृदुला प्रधान की संपत्ति करीब ₹4 से ₹4.12 करोड़ है, जो धर्मेंद्र प्रधान की निजी संपत्ति से दोगुने से भी ज्यादा है। उनकी सालाना आय भी पति से करीब चार गुना अधिक (₹49.92 लाख) है।
Q3. धर्मेंद्र प्रधान के बच्चे क्या करते हैं?
बेटी नैमिषा प्रधान ने टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से LLM किया है और वर्तमान में US-India Strategic Partnership Forum में सीनियर एसोसिएट हैं। बेटे निशांत प्रधान के पेशे के बारे में सार्वजनिक रूप से विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
Q4. धर्मेंद्र प्रधान पर इस समय कौन सा विवाद चल रहा है?
वे 2026 NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर विरोध का सामना कर रहे हैं। CJP और विपक्षी दलों ने उनके इस्तीफे की मांग की है, जबकि सरकार ने उन्हें कैबिनेट में बनाए रखने के संकेत दिए हैं।
Q5. क्या धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज है?
हां, चुनावी हलफनामे के अनुसार उन पर 5 मामले लंबित हैं, जो पुराने विरोध-प्रदर्शनों से जुड़े हैं। किसी भी मामले में उन्हें अब तक दोषी नहीं ठहराया गया है, और 2019 के दो मामले पुलिस जांच के बाद बंद हो चुके हैं।
यह रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध चुनावी हलफनामों, संसदीय रिकॉर्ड और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए ताज़ा अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोतों से जुड़े रहें।
