मानसून सत्र 2026 में अखिलेश यादव और केसी वेणुगोपाल के बीच NEET पेपर लीक मुद्दे पर संसद में तीखी नोकझोंक। जानें पूरी घटना, बयान और सियासी प्रतिक्रिया।
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन सियासी पारा उस समय चरम पर पहुंच गया जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इस दौरान अखिलेश यादव ने वेणुगोपाल से कहा — “मुझे आपसे राजनीति सीखने की जरूरत नहीं है।” यह बयान सोशल मीडिया और सियासी गलियारों में तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।
पूरा मामला क्या है?
22 जुलाई 2026 को लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में NEET पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच गतिरोध बना रहा।
- कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने पेपर लीक मामले और दिल्ली में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग रखी।
- संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आश्वासन दिया कि सरकार सभी दलों के फ्लोर लीडर्स से चर्चा के बाद इस मुद्दे पर बहस के लिए तैयार है।
- इसी बीच अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा है और सदन में सभी दलों को बोलने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद संसद में इस पर बयान क्यों नहीं देते।
- चर्चा में प्राथमिकता और नेतृत्व को लेकर मतभेद के दौरान ही अखिलेश यादव और वेणुगोपाल के बीच तीखी बहस छिड़ गई, जिसमें अखिलेश ने अपनी तल्ख टिप्पणी की।
रिजिजू के आश्वासन के बावजूद विपक्ष का प्रदर्शन जारी रहा, जिसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
काले कपड़ों में विरोध-प्रदर्शन
इसी दिन विपक्षी I.N.D.I.A गठबंधन के नेताओं ने काले कपड़े पहनकर संसद परिसर के बाहर प्रदर्शन किया:
- राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेता इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
- विपक्ष ने गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान — दोनों के इस्तीफे की मांग दोहराई।
- इससे पहले प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में भी लिया था।
एक अन्य घटनाक्रम में, लोकसभा में TMC सांसद कल्याण बनर्जी को महिला सदस्यों के खिलाफ अभद्र भाषा इस्तेमाल करने पर मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।
क्यों अहम है यह टकराव?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना I.N.D.I.A गठबंधन के भीतर सपा और कांग्रेस के बीच नेतृत्व और मुद्दों को उठाने की प्राथमिकता को लेकर मौजूद तनाव को उजागर करती है। हालांकि दोनों दल सत्र के दौरान NEET पेपर लीक जैसे साझा मुद्दों पर एकजुट नजर आए, लेकिन सदन में बोलने का मौका किसे पहले मिले — इस पर मतभेद खुलकर सामने आ गया।
नोट: इस रिपोर्ट में शामिल विवरण उपलब्ध समाचार स्रोतों पर आधारित हैं। बहस के दौरान हुई शब्दश: बातचीत का पूर्ण विवरण अभी सत्यापित हो रहा है, अपडेट मिलते ही खबर में जोड़ा जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. अखिलेश यादव और केसी वेणुगोपाल के बीच बहस किस मुद्दे पर हुई? यह बहस NEET पेपर लीक मामले और इससे जुड़े छात्र आंदोलन पर संसद में चर्चा की प्राथमिकता को लेकर हुई।
2. अखिलेश यादव ने वेणुगोपाल से क्या कहा? अखिलेश यादव ने कहा, “मुझे आपसे राजनीति सीखने की जरूरत नहीं है,” जब सदन में चर्चा को लेकर मतभेद सामने आया।
3. यह घटना कब और कहां हुई? यह घटना 22 जुलाई 2026 को संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन, नई दिल्ली में हुई।
4. केसी वेणुगोपाल ने संसद में क्या मांग रखी थी? वेणुगोपाल ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए NEET पेपर लीक और छात्र प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया था।
5. क्या संसद की कार्यवाही स्थगित हुई?
हां, हंगामे के बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
6. क्या यह I.N.D.I.A गठबंधन में दरार का संकेत है?
फिलहाल यह सिर्फ मुद्दे उठाने की प्राथमिकता को लेकर हुआ मतभेद माना जा रहा है, न कि गठबंधन में बड़ी दरार। दोनों दल साझा एजेंडे पर एकसाथ नजर आए।
7. मानसून सत्र 2026 कब तक चलेगा?
संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त 2026 तक चलना तय है।
