ग्वालियर के गौरव : क्या आप जानते हैं कि कार्तिक आर्यन, अटल बिहारी वाजपेयी और तानसेन में क्या समानता है? जानिए ग्वालियर के उन प्रसिद्ध व्यक्तियों के बारे में जिन्होंने पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया।
क्या आप जानते हैं कि भारतीय इतिहास, संगीत, सिनेमा और राजनीति की दिशा बदलने वाली कई महान हस्तियों का सीधा कनेक्शन ग्वालियर से है? मध्य प्रदेश का यह ऐतिहासिक शहर न सिर्फ अपने किलों और महलों के लिए मशहूर है, बल्कि इसने देश को ऐसे ‘रत्न’ दिए हैं जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में इतिहास रच दिया।
आइए जानते हैं ग्वालियर से ताल्लुक रखने वाले उन दिग्गजों के बारे में, जिन पर पूरे देश को गर्व है।
## 1. संगीत की जननी: तानसेन से लेकर मीत ब्रदर्स तक
ग्वालियर और संगीत का रिश्ता सदियों पुराना है। ‘ग्वालियर घराना’ शास्त्रीय संगीत के सबसे पुराने घरानों में से एक है।
- तानसेन: मुगल सम्राट अकबर के नवरत्नों में से एक और सर्वकालिक महान संगीतकार, जिनका नाम सुनते ही राग दीपक और मेघ मल्हार याद आ जाते हैं।
- उस्ताद अमजद अली खान: दुनिया के सबसे मशहूर सरोद वादक और संगीतकार, जिन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई।
- कृष्णराव शंकर पंडित और मीता पंडित: ग्वालियर घराने की समृद्ध गायकी परंपरा को जीवित रखने वाले और इसे आगे बढ़ाने वाले दिग्गज संगीतकार।
- मीत ब्रदर्स (Meet Bros): आज के बॉलीवुड के मशहूर संगीतकार भाई (मनमीत और हरमीत), जो अपने फुट-टैपिंग गानों के लिए जाने जाते हैं, ग्वालियर से ही हैं।
- ममता शर्मा: “मुन्नी बदनाम हुई” फेम बॉलीवुड की मशहूर प्लेबैक सिंगर ममता शर्मा का जन्म भी ग्वालियर में हुआ था।
## 2. राजनीति के चाणक्य: अटल जी से सिंधिया राजघराने तक
भारतीय राजनीति की दशा और दिशा तय करने में ग्वालियर का बहुत बड़ा योगदान रहा है।
- अटल बिहारी वाजपेयी: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, प्रखर वक्ता और कवि, जिनका जन्म और शुरुआती शिक्षा ग्वालियर में हुई थी।
- सिंधिया राजवंश: राजमाता विजयराजे सिंधिया, पूर्व कैबिनेट मंत्री माधवराव सिंधिया और वर्तमान केंद्रीय नेता ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया ने भारतीय राजनीति में ग्वालियर का नाम हमेशा शीर्ष पर रखा।
- नरेंद्र सिंह तोमर: भारतीय राजनीति के कद्दावर नेता, सांसद और केंद्रीय मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राजनेता।
## 3. बॉलीवुड और थियेटर के सितारे: कार्तिक आर्यन से पीयूष मिश्रा तक
ग्वालियर ने मनोरंजन की दुनिया को ऐसे कलाकार दिए हैं जो आज करोड़ों दिलों पर राज कर रहे हैं।
- कार्तिक आर्यन (कार्तिक तिवारी): आज के समय के बॉलीवुड के ‘पोस्टर बॉय’ और यूथ आइकॉन कार्तिक आर्यन का जन्म और परवरिश ग्वालियर में ही हुई।
- शरद केलकर: अपनी दमदार आवाज और बेहतरीन अदाकारी के लिए मशहूर अभिनेता शरद केलकर भी ग्वालियर के ही रहने वाले हैं।
- पीयूष मिश्रा: थियेटर के जादूगर, लेखक, संगीतकार और अभिनेता पीयूष मिश्रा की कला की जड़ें भी ग्वालियर से जुड़ी हैं।
- जावेद अख्तर: भारतीय सिनेमा के जादुई गीतकार और लेखक जावेद अख्तर साहब का जन्म भी इसी ऐतिहासिक धरती पर हुआ था।
सिंधिया स्कूल कनेक्शन: बॉलीवुड के सुल्तान सलमान खान, उनके भाई अरबाज खान और मशहूर फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने ग्वालियर के प्रतिष्ठित ‘द सिंधिया स्कूल’ से ही अपनी शिक्षा पूरी की है।
## 4. साहित्य और कलम के जादूगर
ग्वालियर की मिट्टी में साहित्य और शायरी की महक हमेशा से घुली रही है।
- गणेश शंकर विद्यार्थी: देश के महान पत्रकार, स्वतंत्रता सेनानी और प्रसिद्ध हिंदी लेखक गणेश शंकर विद्यार्थी का जन्म ग्वालियर में ही हुआ था।
- निदा फ़ज़ली: उर्दू के मशहूर शायर और गीतकार, जिनकी लिखी गजलें सीधे दिल को छूती हैं, ग्वालियर की ही देन हैं।
## 5. खेल के मैदान के सिकंदर
सिर्फ कला ही नहीं, खेल के मैदान में भी ग्वालियर ने भारत का झंडा बुलंद किया है।
- रूप सिंह: भारतीय हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के भाई और महान ओलंपियन रूप सिंह ग्वालियर के थे। उन्हीं के नाम पर ग्वालियर का मशहूर ‘कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम’ बना है।
- शिवेंद्र सिंह: भारतीय राष्ट्रीय हॉकी टीम के पूर्व तेजतर्रार फॉरवर्ड खिलाड़ी शिवेंद्र सिंह का जन्म भी ग्वालियर में हुआ और वे यहीं रहते हैं।
## 6. बिजनेस और क्रिएटिविटी के किंग
- सुनील भारती मित्तल: भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में से एक, ‘भारती एयरटेल’ के सीईओ सुनील मित्तल ने भी अपनी पढ़ाई ग्वालियर के सिंधिया स्कूल से की है।
- प्राण कुमार शर्मा: हमारे बचपन को ‘चाचा चौधरी’ और ‘साबू’ जैसे किरदारों से सजाने वाले मशहूर कार्टूनिस्ट प्राण कुमार शर्मा विभाजन के बाद ग्वालियर आकर ही बस गए थे।
### निष्कर्ष (Conclusion)
तानसेन की तान से लेकर अटल जी की कविताओं तक, और कार्तिक आर्यन के स्टाइल से लेकर एयरटेल के बिजनेस अंपायर तक— ग्वालियर ने हर क्षेत्र में देश को बेस्ट दिया है। यह शहर सिर्फ इतिहास समेटे हुए नहीं है, बल्कि यह देश का भविष्य गढ़ने वाले दिग्गजों की जन्मस्थली और कर्मस्थली भी है।
