नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में गोवा में निधन हो गया। जानिए उस सुबह क्या हुआ, पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की स्थिति और उनका पूरा सफर।
Published: 8 अक्टूबर 2026 | Updated: 8 अक्टूबर 2026
घटना: 8 अक्टूबर 2026, सुबह लगभग 5:20 बजे
नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन, गोवा में दिल का दौरा पड़ा
अपने तीखे संवादों और गहरी आंखों वाले अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे। हिंदी और मराठी सिनेमा के इस दिग्गज कलाकार ने 8 अक्टूबर 2026 की सुबह गोवा में अंतिम सांस ली। वे 75 वर्ष के थे।
डॉक्टरों के मुताबिक गुरुवार तड़के उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट हुआ और सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। यह खबर इसलिए भी चौंकाने वाली है कि चार दिन पहले ही वे गोवा में एक कार्यक्रम में लोगों से बात करते नजर आए थे।
उस सुबह क्या हुआ
बताया जा रहा है कि घर पर नाना पाटेकर को सीने में तेज तकलीफ हुई। डॉक्टर बुलाए गए, पर तब तक वे बेहोश हो चुके थे। उन्हें दोना पावला के अपने आवास से मणिपाल अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि करीब पपौन घंटे तक लगातार CPR दी गई, लेकिन उनकी धड़कन वापस नहीं आ सकी। इसके बाद उन्हें मृत घोषित किया गया।
पोस्टमार्टम क्यों हो रहा है
अस्पताल ने मेडिको-लीगल केस दर्ज किया है, इसलिए पोस्टमार्टम कराया जाएगा। घर पर हुई अचानक मौत में यह एक नियमित कानूनी प्रक्रिया है। इसे किसी गड़बड़ी का संकेत नहीं मानना चाहिए। फिलहाल दिल के दौरे को ही प्रारंभिक कारण बताया गया है। मौत की आधिकारिक वजह रिपोर्ट आने के बाद साफ होगी।
परिवार और अंतिम संस्कार
नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने पिता के निधन की पुष्टि की है और वे गोवा पहुंच रहे हैं। अंतिम संस्कार कब और कहां होगा, यह पोस्टमार्टम व बाकी औपचारिकताओं के बाद मल्हार की ओर से बताया जाएगा। अभी इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। परिवार का विस्तृत बयान भी आना बाकी है।
चार दिन पहले मंच पर थे
4 अक्टूबर को नाना पाटेकर दोना पावला में सम्राट क्लब इंटरनेशनल के एक पदग्रहण समारोह में शामिल हुए थे और वहां उन्होंने भाषण भी दिया था। उस मौके की तस्वीरों या वीडियो से ऐसा कोई संकेत सामने नहीं आया कि उनकी तबीयत खराब थी।
नेताओं और कलाकारों ने क्या कहा
- देवेंद्र फडणवीस (मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र): उन्होंने नाना को अपना करीबी दोस्त बताया और कहा कि वे मराठी और हिंदी सिनेमा को एक पूरा दौर दे गए। फडणवीस के मुताबिक सूखे के इन हालात में नाना लोगों की मदद के लिए आगे आते, पर वे बहुत जल्दी चले गए।
- सुनेत्रा अजित पवार (उपमुख्यमंत्री): उन्होंने नाना और पवार परिवार के आत्मीय रिश्ते को याद किया और बात करते हुए भावुक हो गईं।
- रोहित पवार: उनके शब्दों में देश ने एक प्रभावशाली और बहुमुखी कलाकार खो दिया है।
- फिल्म जगत: रितेश देशमुख और मुकेश छाबड़ा सहित कई लोगों ने नाना को एक सीधे-सरल इंसान के तौर पर याद किया।
नाना पाटेकर कौन थे
उनका असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। उनका जन्म 1 जनवरी 1951 को मुरुड-जंजीरा में हुआ। मुंबई के जे.जे. इंस्टीट्यूट ऑफ अप्लाइड आर्ट से उन्होंने पढ़ाई की। 1978 में उनकी शादी नीलकांति पाटेकर से हुई।
उन्होंने 1978 में फिल्म ‘गमन’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा। इसके बाद पांच दशक तक वे खलनायक, गैंगस्टर, नेता, पुलिस अफसर और आम आदमी, हर तरह के किरदारों में दिखे। उनकी खासियत थी कि कम बोलकर भी वे पूरे दृश्य पर पकड़ बना लेते थे।
करियर की खास फिल्में
- ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’: इसे उन्होंने खुद निर्देशित भी किया था।
- ‘परिंदा’: इसका खौफनाक गैंगस्टर उनकी पहचान बन गया।
- ‘क्रांतिवीर’: इसके तीखे डायलॉग आज भी याद किए जाते हैं।
- ‘अग्निसाक्षी’: इसके लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता) मिला।
- ‘वेलकम’ और ‘वेलकम बैक’: उदय शेट्टी के मजेदार गैंगस्टर वाले किरदार ने उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाया।
- ‘राजनीति’: इसमें उनकी राजनेता वाली भूमिका की खूब चर्चा हुई।
- मराठी सिनेमा: ‘नटसम्राट’ में उनके अभिनय को खास माना जाता है।
- विदेशी पर्दा: 1986 की ब्रिटिश टीवी सीरीज़ ‘लॉर्ड माउंटबैटन: द लास्ट वायसराय’ में उन्होंने नाथूराम गोडसे की भूमिका निभाई थी।
हाल के वर्षों में वे ‘वनवास’, मराठी फिल्म ‘ओले आले’, ‘द कन्फेशन’ और ‘हाउसफुल 5’ में नजर आए। ‘द कन्फेशन’ को उनकी चार साल से अधिक लंबे अंतराल के बाद वापसी माना गया था।
सेना से रिश्ता
नाना पाटेकर को 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। वे टेरिटोरियल आर्मी से जुड़े थे। कारगिल संघर्ष के दौरान उनकी तैनाती मराठा लाइट इन्फैंट्री के साथ रही और 2013 में सेना से अलग होने तक वे लेफ्टिनेंट कर्नल के पद तक पहुंचे।
पर्दे के बाहर की पहचान
नाम फाउंडेशन: 2015 में उन्होंने मराठी अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर यह संस्था बनाई। पहले ही दिन इसमें करीब 80 लाख रुपये का दान आया। संस्था सूखा-पीड़ित किसानों और आर्थिक संकट में फंसे परिवारों की मदद करती रही और गांवों में जल संरक्षण से जुड़े काम भी किए।
सीमावर्ती इलाकों में राहत: अपनी दूसरी संस्था निर्मला गजानन फाउंडेशन के जरिए उन्होंने राजौरी और पुंछ के उन 117 परिवारों को 42 लाख रुपये की सहायता दी, जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी गोलाबारी से प्रभावित हुए थे।
जुड़ा रहा एक विवाद
अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने 2008 में ‘हॉर्न ओके प्लीज़’ के सेट पर नाना पाटेकर पर बदसलूकी का आरोप लगाया था और 2018 में इसे दोबारा उठाया। नाना ने इन आरोपों को नकार दिया था। यह जानकारी सिर्फ पृष्ठभूमि के लिए है।
अब आगे क्या
पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद परिवार अंतिम संस्कार का समय और स्थान तय करेगा। जानकारी आते ही इस खबर को अपडेट किया जाएगा।
Key Highlights
- नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को 75 साल की उम्र में गोवा में निधन हुआ।
- डॉक्टरों के अनुसार सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित किया गया।
- करीब 45 मिनट CPR देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
- बेटे मल्हार पाटेकर ने निधन की पुष्टि की है। अंतिम संस्कार की घोषणा वही करेंगे।
- पोस्टमार्टम बाकी है, इसलिए मौत का अंतिम कारण अभी तय नहीं है।
- निधन से चार दिन पहले वे गोवा में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखे थे।
- पद्मश्री और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित नाना ने पांच दशक तक सिनेमा में काम किया।
Important Details
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| पूरा नाम | विश्वनाथ पाटेकर |
| जन्म | 1 जनवरी 1951, मुरुड-जंजीरा |
| निधन | 8 अक्टूबर 2026 (उम्र 75) |
| समय | सुबह लगभग 5:20 बजे |
| स्थान | दोना पावला, गोवा; अस्पताल: मणिपाल |
| प्रारंभिक कारण | दिल का दौरा (पोस्टमार्टम बाकी) |
| परिवार | पत्नी नीलकांति, बेटा मल्हार |
| आखिरी सार्वजनिक कार्यक्रम | 4 अक्टूबर 2026, दोना पावला |
| पहली फिल्म | ‘गमन’ (1978) |
| सम्मान | पद्मश्री (2013), राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार |
| संस्थाएं | नाम फाउंडेशन, निर्मला गजानन फाउंडेशन |
| अंतिम संस्कार | घोषणा बाकी |
FAQ
1. क्या नाना पाटेकर के निधन की खबर सही है?
हां। अस्पताल के डॉक्टर और परिवार की ओर से इसकी पुष्टि हो चुकी है।
2. उनकी मौत कैसे हुई?
शुरुआती जानकारी के अनुसार सीने में तकलीफ के बाद वे घर पर बेहोश मिले और दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हुआ। अंतिम कारण पोस्टमार्टम के बाद पता चलेगा।
3. अंतिम संस्कार कब होगा?
अभी तारीख और समय तय नहीं हुआ है। बेटे मल्हार पाटेकर पोस्टमार्टम के बाद इसकी जानकारी देंगे।
4. निधन के समय उनकी उम्र कितनी थी?
75 साल। उनका जन्म 1 जनवरी 1951 को हुआ था।
5. उन्हें आखिरी बार कब देखा गया?
4 अक्टूबर 2026 को गोवा के दोना पावला में एक सामाजिक कार्यक्रम के मंच पर।
6. मेडिको-लीगल केस का क्या मतलब है?
घर पर या अचानक हुई मौत में दर्ज होने वाला कानूनी रिकॉर्ड, जिसके साथ पोस्टमार्टम होता है। यह किसी अपराध का संकेत नहीं है।
7. नाम फाउंडेशन क्या करता है?
इसे नाना पाटेकर और मकरंद अनासपुरे ने 2015 में शुरू किया। यह महाराष्ट्र के सूखा-प्रभावित किसानों और जरूरतमंद परिवारों के लिए काम करता है।
8. उनकी सबसे चर्चित फिल्में कौन सी हैं?
परिंदा, क्रांतिवीर, अग्निसाक्षी, प्रहार, वेलकम, वेलकम बैक, राजनीति और मराठी में नटसम्राट।
Sources / Fact-Check
| Claim | स्थिति | स्रोत |
|---|---|---|
| निधन 8 अक्टूबर 2026, सुबह 5:20 बजे | ✅ Verified | ANI (Variety, The Statesman, India TV में रिपोर्ट) |
| 45 मिनट CPR, मेडिको-लीगल केस, पोस्टमार्टम | ✅ Verified | ANI / डॉ. शेखर साळकर |
| बेटे मल्हार की पुष्टि और अंतिम संस्कार की घोषणा | ✅ कई रिपोर्ट्स में | NewsX, Sunday Guardian, Bombay Samachar |
| 4 अक्टूबर का कार्यक्रम | ✅ PTI visuals के हवाले से | Sunday Guardian |
| फडणवीस और सुनेत्रा पवार की श्रद्धांजलि | ✅ Verified | ANI, The News Mill |
| रोहित पवार की श्रद्धांजलि | ✅ Verified | India TV |
| नाम फाउंडेशन और राजौरी-पुंछ राहत | ✅ Verified | ANI, Tribune, Wikipedia |
| अंतिम संस्कार की तारीख, समय, स्थान | ❌ अभी घोषित नहीं | परिवार की घोषणा का इंतजार |
