MP कर्मचारियों के प्रमोशन पर बड़ा अपडेट: 2027 की DPC भी इसी साल, जानें नया आदेश

2026 और 2027 की DPC प्रमोशन की नई समय-सीमा

MP में GAD ने सभी विभागों को प्रमोशन की DPC बैठकों की समय-सीमा दी है। 2026 की लंबित बैठकें तुरंत और 2027 के रिक्त पदों की बैठकें सितंबर से नवंबर 2026 के बीच। जानें पूरा आदेश।

मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से अटकी पदोन्नति प्रक्रिया पर सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सख्ती दिखाई है। विभाग ने सभी विभागों, संभागायुक्तों, विभागाध्यक्षों और कलेक्टरों को विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठकें तय समय-सीमा में कराने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश का सीधा असर उन कर्मचारियों पर पड़ेगा जिनकी पदोन्नति 2026 और 2027 के रिक्त पदों से जुड़ी है।

GAD का यह पत्र बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को जारी हुआ और इसकी खबर अमर उजाला सहित कई स्थानीय समाचार माध्यमों ने दी। पत्र में मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के नियम-6 का हवाला दिया गया है। इसके मुताबिक हर चयन वर्ष की DPC आम तौर पर उससे पिछले वर्ष में सितंबर से नवंबर के बीच होनी चाहिए।

2026 की लंबित DPC तुरंत

जिन विभागों ने 2026 की DPC प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं की है, उन्हें तुरंत बैठक करने को कहा गया है। इसमें वे रिक्तियां शामिल हैं जो 2026 में बनीं और प्रतीक्षा सूची से नहीं भरी जा सकीं, साथ ही 31 दिसंबर 2026 तक होने वाली संभावित रिक्तियां भी। हालांकि जिन विभागों ने 31 दिसंबर 2025 तक की रिक्तियों के साथ 31 दिसंबर 2026 तक की संभावित रिक्तियों की प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली है, उन्हें दोबारा DPC कराने की जरूरत नहीं बताई गई है।

2027 के लिए भी इसी साल बैठक

पत्र का दूसरा हिस्सा 2027 के चयन वर्ष से जुड़ा है। 31 दिसंबर 2027 तक की संभावित रिक्तियों के लिए, और 2026 में बनी ऐसी अप्रत्याशित रिक्तियों के लिए जो अभी भरी नहीं जा सकीं, DPC सितंबर से नवंबर 2026 के बीच कराने को कहा गया है। यानी 2027 की पदोन्नति की तैयारी इसी साल से शुरू होगी।

पृष्ठभूमि

कुछ समाचार रिपोर्टों के अनुसार मध्य प्रदेश में करीब 10 साल से पदोन्नति की प्रक्रिया रुकी हुई थी, जिसे 2026 में दोबारा शुरू किया गया। एक रिपोर्ट में मुख्यमंत्री के हवाले से बताया गया कि पहले चरण की DPC के बाद करीब एक लाख अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति दी जा चुकी है। यह आंकड़ा मुख्यमंत्री के बयान के रूप में रिपोर्ट हुआ है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी इस लेख के लिए नहीं हो पाई है।

क्या देखना जरूरी है

DPC की बैठक होना और किसी कर्मचारी को पदोन्नति मिलना अलग-अलग बातें हैं। बैठक में पात्रता पर विचार होता है, और पदोन्नति तभी मिलती है जब नियमों के तहत योग्यता और रिक्ति दोनों पूरे हों। किस विभाग में कितने पद खाली हैं और किस श्रेणी में कितनी बैठकें होंगी, यह उस विभाग की सूची पर निर्भर करेगा।

एक नोट

सोशल मीडिया और कुछ वेबसाइटों पर इस आदेश को “डबल तोहफा” कहा जा रहा है। यह शब्द सरकारी आदेश का हिस्सा नहीं है। आदेश का सार यही है कि 2026 की लंबित DPC जल्द कराई जाए और 2027 की DPC भी इसी साल सितंबर से नवंबर के बीच हो।.

Key Highlights

  • GAD ने सभी विभागों और कलेक्टरों को DPC की बैठकें तय समय-सीमा में कराने के निर्देश दिए।
  • 2026 की लंबित DPC तुरंत कराने को कहा गया है।
  • 2027 के चयन वर्ष की DPC भी सितंबर से नवंबर 2026 के बीच करने के निर्देश हैं।
  • जिन विभागों ने पहले से प्रक्रिया पूरी कर ली है, उन्हें दोबारा DPC कराने की जरूरत नहीं बताई गई।
  • आधार मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का नियम-6 है।

Important Details

  • आदेश जारी होने की तारीख: 7 अक्टूबर 2026 (बुधवार)
  • जारी करने वाला विभाग: सामान्य प्रशासन विभाग (GAD), मध्य प्रदेश
  • नियम: मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025, नियम-6 और नियम-6(2)
  • 2026 की DPC: तत्काल, लंबित विभागों के लिए
  • 2027 की DPC: सितंबर से नवंबर 2026 के बीच
  • रिक्तियों की गणना की अवधि: 31 दिसंबर 2026 और 31 दिसंबर 2027 तक की संभावित रिक्तियां
  • सामान्य प्रक्रिया: DPC बैठक → पात्र कर्मचारियों पर विचार → पदोन्नति आदेश
  • पात्रता, वेतनमान और दस्तावेज: आदेश में इनका विवरण इस खबर के स्रोतों में नहीं मिला। इसलिए इन्हें यहां नहीं लिखा गया है।

FAQ

Q1. मध्य प्रदेश में DPC क्या होती है?
DPC यानी विभागीय पदोन्नति समिति। यह बैठक तय करती है कि किन कर्मचारियों को अगली श्रेणी या पद पर पदोन्नति के लिए विचार किया जाए।

Q2. GAD के नए आदेश में किन वर्षों की DPC की बात है?
2026 की लंबित DPC तुरंत कराने और 2027 के चयन वर्ष की DPC सितंबर से नवंबर 2026 के बीच कराने की बात है।

Q3. क्या सभी विभागों को दोबारा DPC करानी होगी?
नहीं। जिन विभागों ने 31 दिसंबर 2025 तक की रिक्तियों के साथ 31 दिसंबर 2026 तक की संभावित रिक्तियों की प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली है, उन्हें दोबारा DPC कराने की जरूरत नहीं बताई गई।

Q4. क्या DPC होने का मतलब तुरंत प्रमोशन है?
नहीं। DPC में पात्र कर्मचारियों पर विचार होता है। पदोन्नति आदेश उसके बाद जारी होते हैं और यह योग्यता व रिक्ति पर निर्भर करता है।

Q5. आदेश की मूल प्रति कहां देखें?
GAD का मूल पत्र आपके विभाग या सामान्य प्रशासन विभाग के आधिकारिक माध्यमों से देखें। अपने विभाग की DPC तारीख के लिए अपने कार्यालय से संपर्क करें।

18. Sources / Fact-Check

Claim: GAD ने सभी विभागों को DPC की समय-सीमा दी; 2026 की लंबित DPC तुरंत और 2027 की DPC सितंबर-नवंबर 2026 में।

Verified: अमर उजाला (7 अक्टूबर 2026, भोपाल ब्यूरो) ने GAD के बुधवार को जारी पत्र का हवाला देकर यह जानकारी दी। MP Breaking News (8 अक्टूबर 2026) ने भी यही निर्देश रिपोर्ट किए हैं। दोनों में नियम-6 और समय-सीमा का उल्लेख समान है।

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