ग्वालियर व्यापार मेला 15 दिसंबर 2026 से 15 फरवरी 2027 तक लगेगा। दुकानों का आवंटन एमपी ऑनलाइन से होगा और बकाया जमा करने पर ही मिलेगी NOC।
Published: 7 अक्टूबर 2026 | Updated: — | जानकारी 7 अक्टूबर 2026 तक की
दिसंबर की ठंड में ग्वालियर का सबसे बड़ा बाज़ार फिर सजने वाला है। व्यापार मेला 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक चलेगा। इस बार भी मेले में दुकान पाने का रास्ता एमपी ऑनलाइन पोर्टल से होकर जाएगा। एक शर्त साफ़ है: पिछले सीज़न का हिसाब बराबर करने के बाद ही NOC मिलेगी।
मेला सचिव सुनील त्रिपाठी के अनुसार दुकान आवंटन से जुड़ी हर प्रक्रिया ऑनलाइन रहेगी, यहाँ तक कि नो-ड्यूज भी। 2025-26 की बकाया रकम चुकाने वाले दुकानदार ऑनलाइन NOC ले सकेंगे। इसी के बाद वे 2026-27 की दुकान के लिए पात्र माने जाएंगे।
किस बकाये की बात हो रही है
तीन तरह की रकम गिनी गई है:
- कवर्ड एरिया का बकाया
- ज़्यादा बिजली लोड का अतिरिक्त शुल्क
- तय समय के बाद दुकान लगाए रखने की पेनल्टी
इनमें से कुछ भी बाकी हो तो NOC अटक सकती है।
आवेदन में अटकें तो
मेला परिसर के कलारंग मंच हॉल में आवेदन के लिए किओस्क सेंटर लगाया गया है। ऑनलाइन दिक्कत के लिए एमपी ऑनलाइन के प्रभारी आशीष सक्सेना का नंबर 7049923890 रिपोर्ट में दिया गया है।
ऑनलाइन व्यवस्था नई नहीं
हेडलाइन पढ़कर लग सकता है कि यह नियम पहली बार आया है, पर ऐसा नहीं है। पिछले साल (2025-26) भी आवंटन इसी पोर्टल से हुआ था। तब आवेदन के लिए पिछले वर्ष का आवंटन आदेश, नो-ड्यूज प्रमाण-पत्र, फोटो, पैन कार्ड और निवास प्रमाण पत्र अपलोड करने पड़े थे। इस साल की सूची अलग से प्राधिकरण से पूछ लें। पिछले सीज़न में एक पड़ाव पर 1,117 दुकानों के ऑनलाइन आवेदन आ चुके थे, यानी व्यापारी इस व्यवस्था के आदी हो चुके हैं।
ग्वालियर मेले की वो बातें, जो कम लोग जानते हैं
अकाल के दौर में जन्मा था यह मेला। इसकी शुरुआत 1905 में सागरताल में हुई थी, जब पूरी रियासत अकाल से जूझ रही थी। तत्कालीन शासक माधवराव सिंधिया ने इसे शुरू किया था। शुरुआत पशु मेले के रूप में हुई, जो आगे चलकर करोड़ों के कारोबार तक पहुँचा।
तब और अब का फ़र्क। पत्रिका की एक रिपोर्ट के अनुसार 1937 में मेले का टर्नओवर 5-6 लाख रुपये था। आज उसे करोड़ों में गिना जाता है।
एक छोटा शहर। मेला रेसकोर्स रोड पर 104 एकड़ में फैला है और कई ब्लॉक व सेक्टरों में बँटा है। इसे “मध्य प्रदेश का प्रगति मैदान” भी कहा जाता है। इसका संचालन ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण करता है, जो एक स्वायत्त संस्था है।
खरीदारी के साथ महफ़िल भी। हास्य कवि सम्मेलन, कव्वाली दंगल, मुशायरे, संगीत की शामें और देशभर के कारीगरों वाला शिल्प बाज़ार इसकी पहचान रहे हैं।
गाड़ी खरीदारों की पसंद। 2024 की एक रिपोर्ट के अनुसार मेले में वाहन खरीद पर रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट मिलती थी, इसलिए ऑटोमोबाइल सेक्टर यहाँ खास रहा है। इस साल की छूट की घोषणा अभी नहीं देखी, इसलिए इसे पक्का मानकर न चलें।
परिसर साल भर व्यस्त। जुलाई में यहीं श्रावण मेला लगा था। अब 21 अक्टूबर से आयोजकों के अनुसार पहली बार 15 दिन का स्वदेशी मेला लगेगा, जिसमें लगभग 500 स्टॉल होंगे।
आगे क्या
आवेदन की अंतिम तारीख, शुल्क और 2026-27 का पोर्टल लिंक रिपोर्ट में नहीं हैं। आधिकारिक सूचना आते ही यह खबर अपडेट होगी।
14. Key Highlights
- मेला 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक लगेगा।
- दुकान आवंटन और नो-ड्यूज दोनों एमपी ऑनलाइन से होंगे।
- 2025-26 का बकाया चुकाने पर ही NOC मिलेगी।
- ऑनलाइन आवंटन पिछले साल से चल रहा है, यह इस साल की नई बात नहीं है।
- मेला 1905 में अकाल के समय पशु मेले के रूप में शुरू हुआ था।
- 21 अक्टूबर से परिसर में स्वदेशी मेला भी लगेगा।
15. Important Details
| विषय | जानकारी | स्थिति |
|---|---|---|
| मेले की अवधि | 15 दिसंबर 2026 से 15 फरवरी 2027 | पुष्ट |
| आवंटन का माध्यम | एमपी ऑनलाइन | पुष्ट |
| NOC के लिए बकाया | कवर्ड एरिया, अतिरिक्त विद्युत लोड, देर से दुकान लगाने की पेनल्टी | पुष्ट |
| सहायता केंद्र | कलारंग मंच हॉल, मेला परिसर | पुष्ट |
| हेल्प नंबर | 7049923890 (आशीष सक्सेना, एमपी ऑनलाइन प्रभारी) | समाचार में प्रकाशित |
| आवेदन की अंतिम तारीख | उल्लेख नहीं | बाकी |
| शुल्क / दस्तावेज | इस साल की सूची नहीं मिली | बाकी |
| 2026-27 पोर्टल लिंक | पिछले साल की साइट www.gwaliormela.mponline.gov.in थी | इस साल के लिए पुष्टि बाकी |
16. FAQ
पहले वाले 6 सवाल वैसे ही रहेंगे। उनके साथ ये दो जोड़ें:
ग्वालियर व्यापार मेले की शुरुआत कब और कैसे हुई?
1905 में तत्कालीन शासक माधवराव सिंधिया ने इसकी शुरुआत सागरताल में की थी। शुरू में यह पशु मेला था।
मेला कहाँ लगता है और कितने में फैला है?
रेसकोर्स रोड (मेला रोड) पर, लगभग 104 एकड़ में।
18. Sources / Fact-Check (नए स्रोत)
- पुरानी खबर: नवभारत (7 अक्टूबर 2026, सचिव का बयान), पत्रिका (मेले की तारीख)।
- इतिहास और आँकड़े: पत्रिका की मेले के इतिहास और टर्नओवर पर रिपोर्टें, विकिपीडिया का “Gwalior trade fair” पन्ना।
- स्वदेशी मेला: नवभारत की रिपोर्ट।
- रोड टैक्स: ज़ी न्यूज़ की 2024 की रिपोर्ट।
