ग्वालियर गैंगवार: छोटू राजावत की हत्या में 5 नामजद, पूरा मामला

Chotu rajawat muder case

ग्वालियर गैंगवार: ग्वालियर में तानसेन नगर ओवरब्रिज पर छोटू राजावत की गोली मारकर हत्या। भोला सिकरवार केस से जुड़ी रंजिश, 5 नामजद और अब तक की पुलिस जांच की पूरी जानकारी।

ग्वालियर के तानसेन नगर रेलवे ओवरब्रिज पर मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब 12 बजे छोटू राजावत को बाइक से खींचकर सीने और सिर में गोली मार दी गई। पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में मामला पुरानी रंजिश का लग रहा है, जिसे शराब तस्कर भोला सिकरवार की हत्या से जोड़कर देखा जा रहा है।

मृतक के साथी के बयान पर हेमू सिकरवार, दीनू सिकरवार, रानू, राजवीर और अजीत के खिलाफ नामजद मामला दर्ज हुआ है। पुलिस की टीमें इनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

वारदात कैसे हुई

पुलिस और प्रत्यक्षदर्शी के बयान के आधार पर सामने आई जानकारी के अनुसार, छोटू राजावत अपने दोस्तों के साथ सिरोल इलाके में पार्टी करने गया था। रात करीब 12 बजे सभी बाइक से घर लौट रहे थे। छोटू अपने दोस्त नितेश परमार के साथ एक बाइक पर था, बाकी दोस्त दूसरी बाइक पर।

रेसकोर्स रोड से मेला रोड पर एलएनआईपीई के सामने बने रेलवे ओवरब्रिज (तानसेन नगर आरओबी) पर पहुंचते ही हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक तीन बाइकों पर 8-9 हथियारबंद लोग थे।

आरोप है कि दो हमलावरों ने छोटू को कॉलर से पकड़कर बाइक से नीचे खींचा और बेहद करीब से सीने और सिर में गोली मारी। छोटू की मौके पर ही मौत हो गई। हमलावर हथियार लहराते हुए फरार हो गए।

लल्लूराम की रिपोर्ट में वारदात की जगह को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के सरकारी बंगले से करीब 200 से 300 मीटर दूर बताया गया है। मौके से कारतूस के खाली खोखे बरामद होने की जानकारी भी इसी रिपोर्ट में है।

नामजद कौन हैं और पुलिस ने क्या कहा

पुलिस के अनुसार नितेश परमार के बयान पर हेमू सिकरवार, दीनू सिकरवार, रानू, राजवीर और अजीत के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। नितेश ने इन्हें भोला सिकरवार के भाई और उनके साथी बताया है। पत्रिका की रिपोर्ट में महाराजपुरा सर्किल के सीएसपी नागेन्द्र सिंह सिकरवार के हवाले से कहा गया है कि प्रत्यक्षदर्शी ने कुल 8-9 लोगों के नाम बताए हैं और पुलिस सभी की तलाश कर रही है।

ग्वालियर के एएसपी सुजावल बग्गा ने आईएएनएस से कहा कि शुरुआती जांच में हत्या का संबंध पुरानी रंजिश से लग रहा है। उनके मुताबिक अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं और आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी हो रही है। सीएसपी नागेन्द्र सिंह सिकरवार और पड़ाव थाना प्रभारी शैलेंद्र भार्गव मौके पर पहुंचे थे। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है।

ये सभी आरोप पुलिस और शिकायतकर्ता के बयान पर आधारित हैं। अदालत में इनमें से कुछ भी सिद्ध नहीं हुआ है।

कौन था छोटू राजावत

छोटू राजावत हजीरा क्षेत्र के कांच मिल इलाके का रहने वाला था। नवभारत लाइव की रिपोर्ट के अनुसार वह पेशे से ड्राइवर था। पुलिस ने उसे हिस्ट्रीशीटर बताया है और उस पर एक दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज होने की बात कही है।

वह भोला सिकरवार हत्याकांड में आरोपी था। पुलिस के मुताबिक उसे इसी मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और कुछ दिन पहले ही वह जमानत पर बाहर आया था।

भोला सिकरवार हत्याकांड: रंजिश की जड़

छोटू की हत्या को समझने के लिए पिछले साल की घटना देखनी होगी। 2 जून 2025 की रात करीब 10 बजे हजीरा के बिरलानगर इलाके में हिस्ट्रीशीटर भोला सिकरवार को उसके घर के पास गोली मार दी गई थी। हमले में उसका एक साथी भी घायल हुआ था। भोला की मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार भोला और गैंगस्टर बंटी भदौरिया के बीच शराब के अवैध धंधे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पत्रिका के मुताबिक यह दुश्मनी करीब सात साल पुरानी है। हम समवेत की जून 2025 की रिपोर्ट में इसकी शुरुआत छह साल पहले हुए एक जानलेवा हमले से बताई गई थी।

उस रिपोर्ट के अनुसार बंटी भदौरिया पर पहले भी भोला और उसके साथियों ने होटल में गोलीबारी की थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हुआ था। बंटी 22 अप्रैल 2025 को जमानत पर जेल से बाहर आया था और 10 मई को उस पर भोला के साथी पर फायरिंग का आरोप लगा। भोला की हत्या से कुछ घंटे पहले उसके भाई दीनू सिकरवार ने सोशल मीडिया पर बंटी को चुनौती देने वाला स्टेटस डाला था।

भोला की हत्या के बाद हेमू सिकरवार की शिकायत पर हजीरा थाने में नौ आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। बंटी भदौरिया करीब 20 दिन फरार रहा और जून 2025 में उटीला के बंधोली गांव के जंगल में पुलिस मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक उसके पैर में गोली लगी और पिस्टल बरामद हुई। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने उस समय उसके खिलाफ करीब 25 गंभीर मामले दर्ज होने की बात कही थी।

छोटू पर मुखबिरी का शक क्यों

आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार भोला की हत्या की जांच के दौरान पुलिस ने आरोप लगाया था कि छोटू राजावत ने भोला की लोकेशन बंटी भदौरिया को बताई थी। इसी आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना था कि बंटी दीनू को ढूंढने गया था, वह नहीं मिला तो भोला को निशाना बनाया गया।

पत्रिका के अनुसार भोला के परिजन को शक था कि छोटू की मुखबिरी पर ही भोला की हत्या हुई। पुलिस की प्रारंभिक जांच में इसी रंजिश को छोटू की हत्या की वजह माना जा रहा है। नवभारत लाइव ने यह भी लिखा है कि छोटू को भोला केस में क्लीन चिट मिल चुकी थी, लेकिन इसकी पुष्टि पुलिस के किसी आधिकारिक बयान से नहीं हो पाई है।

रास्ते की जानकारी और छिपने के दावे

कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हमलावर ओवरब्रिज पर पहले से घात लगाकर बैठे थे। एक रिपोर्ट में यह दावा भी है कि हमलावरों को पता था कि छोटू इसी रेलवे पुल से गुजरेगा और वारदात के बाद वे तानसेन नगर इलाके में छिपे। पुलिस के जो बयान अब तक सार्वजनिक हुए हैं, उनमें इन दोनों बातों की अलग से पुष्टि नहीं मिली है।

शराब तस्करी का एंगल भी इस मामले से जुड़ा है। पत्रिका की रिपोर्ट और जून 2025 की पुरानी रिपोर्ट्स में भोला और बंटी भदौरिया के बीच रंजिश की वजह शराब का अवैध धंधा बताई गई है। पुलिस इसी विवाद की कड़ी में छोटू की हत्या को भी देख रही है।

अलग-अलग रिपोर्ट्स में मिली भिन्न जानकारी

कुछ बातों पर रिपोर्ट्स एकमत नहीं हैं। नवभारत लाइव ने वारदात को गोला का मंदिर थाना क्षेत्र का बताया है, जबकि आईएएनएस के अनुसार पड़ाव थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। हमलावरों की संख्या अमर उजाला और नवभारत लाइव में 8-9 बताई गई है, जबकि लल्लूराम ने एक्टिवा पर दो बदमाशों का जिक्र किया है।

भोला की हत्या का समय भी अलग-अलग बताया गया है। आईएएनएस ने इसे “करीब एक साल पहले” लिखा है, जबकि पत्रिका ने 2 जून की घटना को “करीब 16 महीने पहले” बताया है। जून 2025 की रिपोर्ट्स के अनुसार सही तारीख 2 जून 2025 है। भोला के घर की लाइन नंबर को लेकर भी रिपोर्ट्स में फर्क है।

अभी क्या स्थिति है

छोटू का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और मर्ग कायम कर जांच शुरू हुई। एसपी के निर्देश पर शहर में नाकेबंदी की गई थी। अब तक देखी गई रिपोर्ट्स में किसी नामजद आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद ही हत्या की पूरी वजह और हर आरोपी की भूमिका स्पष्ट होगी।

FAQ:

Q1. छोटू राजावत की हत्या कहां और कब हुई?

Answer: पुलिस के अनुसार मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब 12 बजे ग्वालियर में मेला रोड पर एलएनआईपीई के सामने बने तानसेन नगर रेलवे ओवरब्रिज पर उसे गोली मारी गई।

Q2. हत्या के मामले में किन्हें नामजद किया गया है?

Answer: मृतक के साथी नितेश परमार के बयान पर हेमू सिकरवार, दीनू सिकरवार, रानू, राजवीर और अजीत के खिलाफ नामजद मामला दर्ज हुआ है। ये आरोप अभी अदालत में सिद्ध नहीं हुए हैं।

Q3. छोटू राजावत कौन था?

Answer: पुलिस के अनुसार वह हिस्ट्रीशीटर था और उस पर एक दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज थे। वह भोला सिकरवार हत्याकांड में आरोपी था और कुछ दिन पहले ही जमानत पर बाहर आया था।

Q4. इस हत्या का भोला सिकरवार हत्याकांड से क्या संबंध बताया जा रहा है?

Answer: पुलिस का आरोप रहा है कि छोटू ने भोला की लोकेशन बंटी भदौरिया को बताई थी। भोला के परिजन को भी ऐसा शक था। पुलिस इसी पुरानी रंजिश के एंगल से जांच कर रही है।

Q5. क्या आरोपी पकड़े गए हैं?

Answer: 24 सितंबर 2026 तक देखी गई रिपोर्ट्स में किसी नामजद आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं है। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

SOURCE/FACT CHECK NOTE:

  • पत्रिका, 23 सितंबर 2026 (सीएसपी नागेन्द्र सिंह सिकरवार का बयान, नितेश परमार का बयान, 2 जून की घटना)
  • आईएएनएस (पंजाब केसरी हिंदी/अंग्रेजी, तरुण मित्र), 23 सितंबर 2026 (एएसपी सुजावल बग्गा का बयान, नामजद पांच नाम, पड़ाव थाना प्रभारी)
  • नवभारत लाइव, अमर उजाला, इनखबर, लल्लूराम, 23 सितंबर 2026 (घटनाक्रम, 8-9 हमलावर, मौके का विवरण)

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