सागर में जहरीली शराब से 11 मौतें, शरीर पर नीले निशान; आबकारी-पुलिस के 5 अधिकारी सस्पेंड

Sagar जहरीली शराब

मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से दो दिन में 11 मौतें। पीड़ितों के शरीर पर नीले निशान, आबकारी-पुलिस के 5 अधिकारी निलंबित।

मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से दो दिन में 11 लोगों की जान जा चुकी है। मामला बंडा तहसील के नौरोज, घुघरा खुर्द और पाटन गांवों से जुड़ा है, जहां शनिवार तड़के करीब साढ़े चार बजे लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी थी।

पीड़ितों में कई लोगों के हाथ-पैर कुछ ही घंटों में अकड़ने लगे और शरीर पर नीले निशान उभर आए। नौरोज गांव के दिग्विजय लोधी (28) और करतार लोधी (30) की भी इसी तरह मौत हुई है, दोनों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है।

कितने लोग बीमार, कितनी मौतें – आंकड़ों में अंतर

अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों और बीमार लोगों की संख्या को लेकर थोड़ा अंतर है। ज्यादातर मीडिया रिपोर्टों में मरने वालों की संख्या 11 बताई गई है, हालांकि दैनिक अवंतिका की रिपोर्ट के मुताबिक कलेक्टर ने अब तक केवल 10 मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है।

भर्ती मरीजों के आंकड़े में भी फर्क है। तरुण मित्र और अमर उजाला की रिपोर्ट में 24 लोगों के भर्ती होने और इनमें से 8 की हालत गंभीर बताई गई है, जबकि हिंदी खबर और दैनिक अवंतिका ने यह संख्या करीब 35 बताई है। गंभीर मरीजों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) सागर और जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

सागर की कलेक्टर प्रतिभा पाल के मुताबिक, आने वाले 24 से 48 घंटे संवेदनशील हैं और मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि तबीयत बिगड़ने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें या सीधे जिला सिविल अस्पताल में जांच कराएं।

मौके पर पहुंचे प्रशासन के आला अधिकारी

घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर प्रतिभा पाल, एसपी अनुराग सुजानिया समेत सागर संभागायुक्त और आईजी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया।

प्रशासन ने प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों के जरिए शराब पीने वाले लोगों की स्क्रीनिंग शुरू करा दी है, ताकि लक्षण दिखने वालों को समय रहते अस्पताल लाया जा सके। सागर में शराब की दुकानों को भी सील किया गया है।

आबकारी और पुलिस विभाग के 5 अधिकारी निलंबित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार सुबह ही साफ कह दिया था कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद राज्य शासन ने आबकारी और पुलिस विभाग के कुल 5 अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।

निलंबित किए गए अधिकारियों में सहायक आबकारी आयुक्त सागर कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते, आबकारी उप निरीक्षक (वृत्त बंडा) प्रोशनी उरेती, बंडा थाना प्रभारी सतीश कुशवाहा और गूगरा चौकी प्रभारी उप निरीक्षक पूरन लाल लड़िया शामिल हैं। इसके अलावा सागर संभाग की उपायुक्त एवं फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को मुख्यालय ग्वालियर अटैच किया गया है।

विपक्ष का आरोप और यूपी कनेक्शन का दावा

घटना के विरोध में गांव के लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बंडा में शव सड़क पर रखकर चक्का जाम भी किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार असली आंकड़ा छिपा रही है और वास्तविक मौतें 10 से ज्यादा, यहां तक कि 15 तक हो सकती हैं। पार्टी ने आबकारी और पुलिस विभाग के बीच सांठगांठ के भी आरोप लगाए हैं। प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई अलग से बयान सामने नहीं आया है।

वहीं अमर उजाला की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह शराब उत्तर प्रदेश में बनाई जाती थी और फर्जी क्यूआर कोड वाले रैपर लगाकर बेची जाती थी। इस दावे की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

मध्य प्रदेश में जहरीली शराब से मौतों का पुराना रिकॉर्ड

सागर की यह घटना मध्य प्रदेश में जहरीली शराब से हुई पहली त्रासदी नहीं है। अमर उजाला की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में पिछले सात साल में जहरीली शराब से 60 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं, फिर भी अवैध कारोबार का नेटवर्क नहीं टूटा है।

इसी रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2020 में उज्जैन में जहरीली शराब से हुई मौतों ने पूरे प्रदेश को हिला दिया था, जिसमें 16 लोगों की जान गई थी। विसरा जांच में कुछ मृतकों के शरीर में एथिल और मिथाइल अल्कोहल मिलने की पुष्टि हुई थी।

इसके कुछ महीनों बाद, जनवरी 2021 में मुरैना के छैरा और मानपुर गांवों में जहरीली शराब पीने से 24 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना में कई पीड़ितों की आंखों की रोशनी तक चली गई थी। मामले में नवंबर 2025 में 14 आरोपियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। जुलाई 2021 में मंदसौर क्षेत्र में भी इस तरह की मौतें दर्ज की गई थीं।

सागर की घटना से पहले, अगस्त 2026 में उज्जैन से जुड़ा एक और मामला गुजरात के भावनगर में सामने आया था, जहां जहरीली शराब पीने से सात लोगों की मौत हुई थी। पुलिस के मुताबिक, उज्जैन से लाई गई शराब की बोतलों में स्थानीय स्तर पर मिलावट की गई थी, जिसके बाद चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी सागर मामले को लेकर कहा है कि प्रदेश में अवैध शराब का यह पहला मामला नहीं है और सरकार पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, अकेले वर्ष 2026 में मध्य प्रदेश में हुई ऐसी घटनाओं की कोई अलग, आधिकारिक गिनती अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।

आगे की कार्रवाई

प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है कि मौतें जहरीली शराब से हुईं या किसी अन्य वजह से। पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें शराब के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर और सख्त कदम उठाए जाने की बात कही जा रही है।

FAQ:

Q1. सागर जहरीली शराब कांड में अब तक कितनी मौतें हुई हैं?

Answer: ज्यादातर रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 11 बताई गई है, हालांकि सागर कलेक्टर ने अब तक 10 मौतों की ही आधिकारिक पुष्टि की है।

Q2. यह घटना कहां हुई?

Answer: यह घटना सागर जिले की बंडा तहसील के नौरोज, घुघरा खुर्द और पाटन गांवों में हुई है।

Q3. अब तक कितने अधिकारी निलंबित किए गए हैं?

Answer: आबकारी और पुलिस विभाग के कुल 5 अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, जबकि एक अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया है।

Q4. गंभीर मरीजों का इलाज कहां चल रहा है?

Answer: गंभीर मरीजों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) सागर और जिला अस्पताल सागर रेफर किया गया है।

Q5. क्या मौतों का आंकड़ा और बढ़ सकता है?

Answer: कलेक्टर प्रतिभा पाल के मुताबिक अगले 24 से 48 घंटे संवेदनशील हैं और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई गई है।

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