केरल में सत्ता परिवर्तन: V.D. सतीशन कैबिनेट का आज शपथ ग्रहण, 20 मंत्रियों की लिस्ट जारी; जानें किसे क्या मिला

Kerala Cabinet Swearing in, V.D. Satheesan CM Kerala,

Kerala Cabinet Swearing-in Ceremony 2026: केरल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की नई सरकार आज यानी सोमवार (18 मई, 2026) को शपथ लेने जा रही है। रविवार को मुख्यमंत्री पद के दावेदार V.D. सतीशन (V.D. Satheesan) ने अपने 20 सदस्यीय मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) के नामों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।

इस बार कैबिनेट के गठन में कांग्रेस को काफी पापड़ बेलने पड़े हैं। कुल 102 विधायकों वाले मजबूत UDF गठबंधन में अकेले कांग्रेस के 63 विधायक हैं। ज़ाहिर है, आकांक्षाएं बहुत थीं, लेकिन सामाजिक, क्षेत्रीय और जातिगत समीकरणों को साधने के चक्कर में कई बड़े और योग्य चेहरों को इस बार मायूस होना पड़ा है। खुद वी.डी. सतीशन ने यह बात स्वीकार की है।


कौन हैं V.D.सतीशन? मुख्यमंत्री बनने से पहले किस पद पर थे?

केरल के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे वी.डी. सतीशन कांग्रेस के कोई नए चेहरे नहीं हैं, बल्कि वे राज्य की राजनीति के सबसे चतुर और पढ़े-लिखे रणनीतिकारों में गिने जाते हैं।

मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने से ठीक पहले, V.D.सतीशन केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता (Leader of Opposition – LoP) के बेहद महत्वपूर्ण पद पर थे। मई 2021 में जब यूडीएफ चुनाव हार गई थी, तब कांग्रेस हाईकमान ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए पार्टी के कई पुराने कद्दावर नेताओं (जैसे रमेश चेन्निथला) की जगह वी.डी. सतीशन को विपक्ष का नेता चुना था। इसके अलावा वे केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं और परावूर (Paravur) विधानसभा सीट से लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं।


क्यों और कैसे बने V.D. सतीशन मुख्यमंत्री? (The Inside Story)

केरल की सत्ता के शिखर तक पहुँचने के पीछे वी.डी. सतीशन की कड़ी मेहनत, साफ-सुथरी छवि और कांग्रेस का अंदरूनी बदलाव सबसे बड़ा कारण रहा है। आइए समझते हैं वो 3 मुख्य वजहें जिन्होंने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया:

  1. विपक्ष के नेता के रूप में आक्रामक छवि: 2021 में विपक्ष के नेता का पद संभालने के बाद सतीशन ने विधानसभा के भीतर और बाहर तत्कालीन सरकार को हर मोर्चे पर घेरा। भ्रष्टाचार, प्रशासनिक कमियों और जनता से जुड़े मुद्दों पर उनकी गहरी रिसर्च और आक्रामक भाषणों ने यूडीएफ के कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया था।
  2. पार्टी हाईकमान का भरोसा और ‘जेनरेशन शिफ्ट’: कांग्रेस आलाकमान केरल में काफी समय से एक ‘जेनरेशन शिफ्ट’ (पीढ़ी परिवर्तन) चाहता था। सतीशन को आगे करके राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्य में गुटबाजी (A-Group और I-Group) को खत्म करने की कोशिश की। सतीशन की बेदाग और सबको साथ लेकर चलने वाली छवि ने उन्हें गुटीय राजनीति से ऊपर उठा दिया।
  3. चुनावों में शानदार रणनीतिक जीत: इस बार के चुनावों में वी.डी. सतीशन और केपीसीसी अध्यक्ष के. सुधाकरन की जोड़ी ने जमीन पर जबरदस्त काम किया। टिकट बंटवारे से लेकर गठबंधन के सहयोगियों (जैसे IUML) के साथ तालमेल बिठाने तक, सतीशन का मैनेजमेंट बेहद सटीक रहा। इस शानदार चुनावी जीत का पूरा श्रेय सतीशन की लीडरशिप को मिला, जिसके बाद मुख्यमंत्री पद के लिए उनके नाम पर सर्वसम्मति बन गई।

कांग्रेस के कोटे से आए ये 11 दिग्गज चेहरे

यूडीएफ सरकार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी स्वाभाविक रूप से कांग्रेस की है। कांग्रेस के खाते में मुख्यमंत्री के अलावा 11 मंत्री पद आए हैं। इन नामों में अनुभव और युवा जोश का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन देखने को मिल रहा है।

कांग्रेस मंत्रियों की पूरी सूची:

  1. रमेश चेन्निथला (Ramesh Chennithala)
  2. सनी जोसेफ (Sunny Joseph)
  3. के. मुरलीधरन (K. Muraleedharan)
  4. ए.पी. अनिल कुमार (A.P. Anil Kumar)
  5. पी.सी. विष्णुनाथ (P.C. Vishnunadh)
  6. टी. सिद्दीकी (T. Siddique)
  7. बिंदु कृष्णा (Bindu Krishna)
  8. के.ए. तुलसी (K.A. Thulasi)
  9. रोजी एम. जॉन (Roji M. John)
  10. एम. लिजू (M. Liju)
  11. ओ.जे. जनीश (O.J. Janeesh)

IUML को मिली बड़ी हिस्सेदारी, ढाई साल वाला ‘सीक्रेट फॉर्मूला’ भी लागू

गठबंधन की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) को कैबिनेट में 5 सीटें मिली हैं।

IUML के ये 5 नेता लेंगे शपथ:

  • पी.के. कुन्हालीकुट्टी (P.K. Kunhalikutty)
  • एन. शमसुद्दीन (N. Shamsudeen)
  • के.एम. शाजी (K.M. Shaji)
  • पी.के. बशीर (P.K. Basheer)
  • वी.ई. अब्दुल गफूर (V.E. Abdul Gafoor)

कोझिकोड फैक्टर (Kozhikode Factor): आईयूएमएल ने साफ किया है कि कोझिकोड जिले को कैबिनेट में प्रतिनिधित्व देने के लिए, ढाई साल (2.5 Years) के बाद उनके एक मंत्री की जगह पराक्कल अब्दुल्ला (Parakkal Abdulla) को मंत्री बनाया जाएगा।


अन्य सहयोगी दलों को भी मिला कैबिनेट में स्थान

गठबंधन के अन्य छोटे लेकिन महत्वपूर्ण सहयोगियों को भी वी.डी. सतीशन ने अपनी टीम में जगह दी है:

मंत्री का नामपार्टी का नाम
मोंस जोसेफ (Mons Joseph)केरल कांग्रेस – जोसेफ
शिबू बेबी जॉन (Shibu Baby John)रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP)
अनूप जैकब (Anoop Jacob)केरल कांग्रेस – जैकब
सी.पी. जॉन (C.P. John)कम्युस्टि मार्क्सवादी पार्टी (CMP)

स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के नामों का भी हुआ फैसला

मंत्रियों के अलावा विधानसभा को सुचारू रूप से चलाने के लिए दो बेहद अनुभवी चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है:

  • थिरुवंचूर राधाकृष्णन (Thiruvanchoor Radhakrishnan): कांग्रेस के इस बेहद वरिष्ठ और कद्दावर नेता को केरल विधानसभा का नया स्पीकर (Speaker) बनाया जाएगा।
  • शानीमोल उस्मान (Shanimol Usman): कांग्रेस की तेजतर्रार महिला नेता शानीमोल उस्मान केरल विधानसभा की नई डिप्टी स्पीकर (Deputy Speaker) होंगी।

इनसाइड स्टोरी: क्यों आसान नहीं था V.D.सतीशन के लिए यह फैसला?

63 विधायकों वाली कांग्रेस के भीतर मंत्रियों के चयन को लेकर भारी माथापच्ची हुई है। केरल एक ऐसा राज्य है जहां राजनीतिक योग्यता के साथ-साथ त्रावणकोर, कोच्चि और मालाबार जैसे क्षेत्रीय संतुलन और विभिन्न समुदायों के सामाजिक समीकरणों को भी तौलना पड़ता है।

सतीशन ने खुद मीडिया के सामने माना कि कई ऐसे विधायक थे जो मंत्री पद के पूरी तरह हकदार थे, लेकिन गठबंधन सरकार की मजबूरियों और सामाजिक समीकरणों के चलते इस बार उन्हें ड्रॉप करना पड़ा। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री के रूप में वी.डी. सतीशन इस नई टीम के साथ केरल की जनता की उम्मीदों पर कितना खरे उतर पाते हैं।


आपकी क्या राय है? क्या वी.डी. सतीशन को मुख्यमंत्री बनाना कांग्रेस का सही फैसला है? नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय हमारे साथ जरूर शेयर करें!

ऐसी ही और भी ताज़ा राजनीतिक खबरों और विश्लेषणों के लिए हमारे ब्लॉग को सब्सक्राइब करना न भूलें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *