सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: CBI ने संभाली जांच, 3 शूटर गिरफ्तार; यूपी-बिहार से जुड़े तार

सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ हत्याकांड

पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की निर्मम हत्या के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने औपचारिक रूप से जांच की कमान संभाल ली है। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री में अब तक तीन शूटरों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनसे पूछताछ के आधार पर बड़ी साजिश का खुलासा होने की उम्मीद है।

यहाँ इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी गई है:

चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: अब तक की बड़ी अपडेट्स

1. CBI ने गठित की SIT (विशेष जांच टीम)

ताजा जानकारी के अनुसार, सीबीआई ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 7 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। इस टीम का नेतृत्व DIG रैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की थी, जिसके बाद एजेंसी ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।

2. तीन शार्पशूटर गिरफ्तार

पुलिस और SIT की तत्परता से उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न इलाकों से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है:

  • मयंक राज मिश्रा और विकी मौर्य: बिहार के बक्सर से हिरासत में लिए गए।
  • राज सिंह: उत्तर प्रदेश के बलिया/अयोध्या क्षेत्र से पकड़ा गया।

अदालत ने इन तीनों को 24 मई 2026 तक पुलिस/जांच एजेंसी की हिरासत में भेज दिया है। बताया जा रहा है कि यह एक पेशेवर ‘कॉन्ट्रैक्ट किलिंग’ थी, जिसके लिए करीब 30-40 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी।

3. कैसे पकड़े गए आरोपी? (डिजिटल फुटप्रिंट्स)

शूटरों ने वारदात को अंजाम देने के बाद भागने की कोशिश की, लेकिन दो तकनीकी गलतियों ने उन्हें सलाखों के पीछे पहुँचा दिया:

  • टोल प्लाजा पर UPI भुगतान: आरोपियों ने टोल टैक्स भरने के लिए UPI का इस्तेमाल किया, जिससे उनके बैंक विवरण और मोबाइल नंबर पुलिस के हाथ लग गए।
  • फर्जी नंबर प्लेट और CCTV: जिस गाड़ी का इस्तेमाल हत्या में किया गया, उसकी नंबर प्लेट फर्जी थी, लेकिन सीसीटीवी फुटेज के जरिए गाड़ी के मूवमेंट को ट्रैक कर लिया गया।

क्या था पूरा मामला?

चंद्रनाथ रथ, जो कि भारतीय वायु सेना (IAF) के पूर्व अनुभवी थे और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी माने जाते थे, की 6 मई 2026 की रात उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

यह घटना पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के महज दो दिन बाद हुई, जिसमें सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया था। सुवेंदु अधिकारी ने इस हत्या को “राजनैतिक प्रतिशोध” करार दिया है।


मुख्य बिंदु और जांच के दायरे

  • मास्टरमाइंड की तलाश: पकड़े गए तीनों आरोपी केवल ‘शूटर’ हैं। सीबीआई अब उस मुख्य साजिशकर्ता (Mastermind) का पता लगा रही है जिसने इस हत्या की सुपारी दी थी।
  • हथियारों का स्रोत: हत्या में इस्तेमाल किए गए अत्याधुनिक हथियारों और चोरी की बाइक/कार के स्रोत की जांच की जा रही है।
  • राजनीतिक तनाव: इस घटना के बाद बंगाल में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। सीबीआई की एंट्री से अब कई बड़े चेहरों पर शिकंजा कसने की संभावना है।

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