गुजरात-महाराष्ट्र-ओडिशा में IMD का रेड अलर्ट, असम में बाढ़ से 66 की मौत और 7 लाख प्रभावित, हिमाचल में लैंडस्लाइड से 134 सड़कें बंद। पूरी अपडेट पढ़ें।
देश के कई राज्य इस समय मानसून की मार झेल रहे हैं। एक तरफ गुजरात, महाराष्ट्र और ओडिशा में मौसम विभाग ने भारी से अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, तो दूसरी तरफ असम में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जहां अब तक 66 लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग प्रभावित हैं। वहीं पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश से हो रहे लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड ने 134 सड़कों को बंद कर दिया है।
गुजरात, महाराष्ट्र और ओडिशा में रेड अलर्ट, IMD की चेतावनी
मौसम विभाग (IMD) ने गुजरात, महाराष्ट्र और ओडिशा में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मानसून सक्रिय होने के चलते इन राज्यों में आज भारी से अति भारी बारिश हो सकती है, और कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़, गुजरात और कोंकण-गोवा क्षेत्र में भी भारी बारिश का अनुमान जताया है।
गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ इलाकों के साथ-साथ झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में जमीन के पहले से पानी सोखने की क्षमता खत्म होने के कारण फ्लैश फ्लड का खतरा भी जताया गया है। गुजरात के पाटन जिले के सांतलपुर में बीते 24 घंटों में 390 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई, जो इस हफ्ते देश में सबसे ज्यादा बारिश वाले इलाकों में शामिल है। राधनपुर और डीसा जैसे इलाकों में भी भारी बारिश दर्ज हुई है।
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी राजस्थान, कोंकण-गोवा और ओडिशा में भी भारी से अति भारी बारिश हो सकती है, जहां बारिश का आंकड़ा 115 से 204 मिलीमीटर तक पहुंच सकता है। निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि पानी का स्तर तेजी से बढ़ सकता है।
असम में बाढ़ का कहर, 66 लोगों की मौत, 6.5 लाख से ज्यादा प्रभावित
असम में इस साल की बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों में चार और लोगों की मौत होने से मरने वालों की कुल संख्या 66 हो गई है। इनमें से तीन मौतें शिवसागर जिले में और एक चराईदेव जिले में हुई। कुल मृतकों में 65 सामान्य बाढ़ से जुड़ी मौतें और एक शहरी बाढ़ से जुड़ी मौत शामिल है।
शुक्रवार को नौ जिलों में 7 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित थे, जो शनिवार को थोड़ा घटकर करीब 6.54 लाख रह गए। गोलाघाट, चराईदेव, कामरूप, होजाई, डिब्रूगढ़, शिवसागर, जोरहाट, सोनितपुर, कामरूप (मेट्रो) और नगांव — इन 10 जिलों में बाढ़ का असर अब भी बना हुआ है। सबसे ज्यादा प्रभावित शिवसागर जिला है, जहां करीब 2.9 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं, इसके बाद चराईदेव (करीब 1.88 लाख) और जोरहाट (करीब 1.32 लाख) का नंबर आता है।
रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में 28 राजस्व सर्कल के 810 गांव पानी में डूबे हुए हैं, जिससे खेती को भारी नुकसान पहुंचा है। करीब 34,970 हेक्टेयर फसल क्षेत्र अब भी पानी में डूबा हुआ है। बाढ़ ने बुनियादी ढांचे को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया है — 143 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, मुख्य रूप से शिवसागर, जोरहाट और चराईदेव में। इसके अलावा 10 तटबंधों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें अकेले शिवसागर में सात जगह तटबंध टूटे हैं। पशुधन को भी भारी नुकसान हुआ है — करीब 4.54 लाख जानवर प्रभावित हुए हैं और 3,021 जानवर व मुर्गी-पालन बाढ़ के पानी में बह गए।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शिवसागर में बाढ़ राहत शिविरों का दौरा किया और हालात को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रभावित लोगों की मदद के लिए काम कर रही हैं। NDRF और SDRF की टीमें लगातार बचाव अभियान चला रही हैं और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं। केंद्र सरकार की एक छह सदस्यीय इंटर-मिनिस्ट्रियल टीम भी नुकसान का आकलन करने के लिए ऊपरी असम के प्रभावित जिलों के दौरे पर पहुंच चुकी है।
हिमाचल प्रदेश में लैंडस्लाइड से 134 सड़कें बंद, ऑरेंज अलर्ट जारी
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश के चलते हो रहे भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और फ्लैश फ्लड की वजह से राज्य में 134 सड़कें वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद हो गई हैं। इनमें सबसे ज्यादा 58 सड़कें मंडी जिले में बंद हैं, इसके बाद कुल्लू में 33, चंबा में 14, सिरमौर में 12, शिमला में सात, कांगड़ा में पांच, लाहौल-स्पीति में चार और ऊना जिले में एक सड़क बंद है।
मौसम विभाग ने आगे की स्थिति को लेकर भी चेतावनी जारी की है। शिमला मौसम केंद्र ने राज्य के चार जिलों में 28 से 30 जुलाई के बीच भारी से अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही चंबा, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में रविवार सुबह तक फ्लैश फ्लड का हल्का से मध्यम खतरा भी जताया गया है, क्योंकि जमीन पहले से ही पानी से भरी हुई है और निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है। राज्य में 30 जून को मानसून शुरू होने के बाद से अब तक भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की घटनाओं में करीब 15 लोगों की जान जा चुकी है।
आगे क्या रहेगा मौसम का हाल?
मौसम विभाग के मुताबिक मानसून अभी सक्रिय बना हुआ है और आने वाले दिनों में भी देश के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी रहने की आशंका है। असम, मेघालय, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में भी भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. असम में बाढ़ से अब तक कितने लोगों की मौत हो चुकी है?
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के मुताबिक अब तक बाढ़ से 66 लोगों की मौत हो चुकी है।
2. असम में बाढ़ से कितने लोग प्रभावित हैं?
असम के 10 जिलों में करीब 6.54 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। शुक्रवार को यह आंकड़ा 7 लाख से भी ज्यादा था।
3. असम में सबसे ज्यादा बाढ़ प्रभावित जिला कौन सा है?
शिवसागर जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां करीब 2.9 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
4. हिमाचल प्रदेश में कितनी सड़कें बंद हैं?
भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की वजह से हिमाचल प्रदेश में 134 सड़कें वाहनों के लिए बंद हैं, जिनमें सबसे ज्यादा मंडी जिले में हैं।
5. गुजरात, महाराष्ट्र और ओडिशा में रेड अलर्ट क्यों जारी हुआ है?
मानसून के सक्रिय होने और भारी से अति भारी बारिश के अनुमान के चलते मौसम विभाग ने इन राज्यों में रेड अलर्ट जारी किया है, साथ ही फ्लैश फ्लड का खतरा भी जताया है।
6. गुजरात में सबसे ज्यादा बारिश कहां दर्ज हुई?
गुजरात के पाटन जिले के सांतलपुर में बीते 24 घंटों में सबसे ज्यादा 390 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
7. असम में बाढ़ राहत के लिए कौन-कौन सी एजेंसियां काम कर रही हैं?
NDRF, SDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें बचाव और राहत अभियान चला रही हैं, और केंद्र सरकार की एक इंटर-मिनिस्ट्रियल टीम भी नुकसान का आकलन कर रही है।
