भारत में भ्रष्टाचार एक ऐसी समस्या है जो विकास की गति को बाधित करती है। हालांकि डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस के आने से जमीनी स्तर पर काफी बदलाव आए हैं, लेकिन कई राज्यों में आज भी “कमीशन” और “सुविधा शुल्क” का बोलबाला है।
NCRB (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) और हालिया ट्रांसपेरेंसी सर्वे के आधार पर, यहाँ 2025-26 के सबसे भ्रष्ट राज्यों और उनके सबसे प्रभावित विभागों की सूची दी गई है।
भारत के 10 सबसे भ्रष्ट राज्य (नवीनतम आंकड़े)
| रैंक | राज्य | सबसे भ्रष्ट विभाग | मुख्य कारण |
| 1 | महाराष्ट्र | पुलिस विभाग | यहाँ हर साल सबसे अधिक भ्रष्टाचार के मामले (ACB Cases) दर्ज किए जाते हैं। |
| 2 | राजस्थान | राजस्व (Revenue) | जमीन की रजिस्ट्री और नामांतरण (Mutation) में भारी घूसखोरी की शिकायतें। |
| 3 | कर्नाटक | लोक निर्माण (PWD) | सरकारी टेंडरों में “कमीशन कल्चर” और ठेकेदारी में धांधली के लिए चर्चित। |
| 4 | तमिलनाडु | नगर निगम | नागरिक सुविधाओं और बिल्डिंग परमिशन के लिए रिश्वत के मामले। |
| 5 | उत्तर प्रदेश | पुलिस और तहसील | स्थानीय स्तर पर छोटे-मोटे कामों और FIR के लिए घूसखोरी की समस्या। |
| 6 | ओडिशा | खनन और वन | अवैध खनन और बड़े प्रोजेक्ट्स की मंजूरी में भ्रष्टाचार के मामले। |
| 7 | तेलंगाना | जमीन पंजीकरण | धरणी पोर्टल और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में बिचौलियों का प्रभाव। |
| 8 | आंध्र प्रदेश | नगरपालिका | शहरी विकास और टाउन प्लानिंग में भ्रष्टाचार की उच्च धारणा। |
| 9 | बिहार | ग्रामीण विकास | सरकारी योजनाओं (जैसे मनरेगा और आवास योजना) में फंड की हेराफेरी। |
| 10 | पश्चिम बंगाल | शिक्षा विभाग | शिक्षक भर्ती और नियुक्तियों में बड़े घोटाले हाल के वर्षों में सामने आए हैं। |
इन विभागों में क्यों है सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार?
1. पुलिस विभाग (Police Department)
देश भर में पुलिस विभाग को सबसे भ्रष्ट माना जाता है। इसका मुख्य कारण आम जनता का उनसे सीधा जुड़ाव है। ट्रैफिक चालान, पासपोर्ट वेरिफिकेशन और एफआईआर दर्ज करने के नाम पर अक्सर अवैध वसूली की जाती है।
2. राजस्व विभाग (Revenue/Land Records)
जमीन से जुड़े काम हमेशा से भ्रष्टाचार का केंद्र रहे हैं। जमीन का मालिकाना हक बदलना हो या रजिस्ट्री, अधिकारियों और बिचौलियों का गठजोड़ यहाँ “स्पीड मनी” की मांग करता है।
3. लोक निर्माण विभाग (PWD)
इस विभाग में भ्रष्टाचार “परसेंटेज” के खेल पर चलता है। सड़कों और सरकारी इमारतों के निर्माण के बजट का एक बड़ा हिस्सा अधिकारियों और नेताओं की जेब में जाने के आरोप लगते रहते हैं।
निष्कर्ष: क्या डिजिटल इंडिया से सुधार हुआ?
2026 में भ्रष्टाचार का स्वरूप बदला है। DBT (Direct Benefit Transfer) की वजह से पेंशन और राशन में होने वाली चोरी कम हुई है। लेकिन बड़े स्तर के सरकारी टेंडरों और लैंड डील्स में अभी भी पारदर्शिता की भारी कमी है।
विशेष नोट: गौर करने वाली बात यह है कि जिन राज्यों में ज्यादा केस दर्ज होते हैं, उसका मतलब यह भी हो सकता है कि वहाँ की Anti-Corruption Bureau (ACB) ज्यादा सक्रिय है और दोषियों को पकड़ रही है।
