भारत में भ्रष्टाचार लंबे समय से एक बड़ी प्रशासनिक और सामाजिक चुनौती रहा है। सरकारी विभागों में रिश्वत की शिकायतों से लेकर बड़े स्तर के भ्रष्टाचार के मामलों तक, समय-समय पर अलग-अलग राज्यों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई सामने आती रहती है।
लेकिन क्या किसी एक राज्य को आधिकारिक रूप से “भारत का सबसे भ्रष्ट राज्य” कहा जा सकता है?
इसका जवाब इतना सीधा नहीं है। भारत सरकार या Transparency International की ऐसी कोई आधिकारिक 2026 राज्यवार ranking उपलब्ध नहीं है, जिसमें सभी राज्यों को भ्रष्टाचार के आधार पर 1 से 10 तक रखा गया हो। इसलिए किसी राज्य को केवल शिकायतों या ACB मामलों की संख्या के आधार पर “सबसे भ्रष्ट” कहना सही नहीं होगा।
इस रिपोर्ट में हम उपलब्ध ताजा आंकड़ों के आधार पर भारत में भ्रष्टाचार की स्थिति, प्रमुख संस्थाओं के आंकड़े और उन सरकारी विभागों को समझेंगे जहां भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें अक्सर चर्चा में रहती हैं।
2026 में भारत में भ्रष्टाचार की स्थिति
Transparency International के Corruption Perceptions Index 2025 में भारत को 39/100 का score मिला और भारत 182 देशों में 91वें स्थान पर रहा। 2024 की तुलना में भारत के score में 1 अंक का सुधार हुआ।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि CPI राज्यों की ranking नहीं करता। यह अलग-अलग देशों में public-sector corruption की perceived स्थिति को मापता है।
इसलिए CPI के आधार पर महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश या किसी अन्य राज्य को भारत का “सबसे भ्रष्ट राज्य” कहना सही नहीं होगा।
क्या भारत में सबसे भ्रष्ट राज्यों की कोई आधिकारिक ranking है?
नहीं।
भारत में अलग-अलग agencies भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों, FIR, trap cases, investigations और prosecutions का data रखती हैं। लेकिन इन आंकड़ों को जोड़कर पूरे देश के राज्यों की कोई एक official “Top 10 Most Corrupt States” ranking जारी नहीं की जाती।
यही वजह है कि किसी राज्य में भ्रष्टाचार के मामले ज्यादा दर्ज होने का अर्थ हमेशा यह नहीं होता कि वहां भ्रष्टाचार सबसे ज्यादा है।
इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:
- राज्य की आबादी बड़ी होना
- शिकायत दर्ज कराने की बेहतर व्यवस्था
- Anti-Corruption Bureau की सक्रियता
- जांच एजेंसियों की कार्रवाई
- सरकारी विभागों की संख्या
- नागरिकों में शिकायत दर्ज कराने की जागरूकता
भारत में भ्रष्टाचार के आंकड़ों को कैसे समझें?
भ्रष्टाचार की स्थिति समझने के लिए केवल एक आंकड़े को देखना पर्याप्त नहीं है। अलग-अलग indicators को साथ देखना जरूरी है।
| Indicator | क्या बताता है? |
|---|---|
| Corruption complaints | लोगों द्वारा की गई शिकायतें |
| Trap cases | रिश्वत लेते पकड़े गए अधिकारियों के मामले |
| FIR/Investigation | दर्ज और जांच किए जा रहे मामले |
| Prosecution | अदालत में चल रहे मामले |
| Conviction | दोषसिद्धि के मामले |
| Public perception | लोगों की भ्रष्टाचार को लेकर धारणा |
इसलिए ज्यादा cases = सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार का सीधा निष्कर्ष निकालना सही नहीं है।
Lokpal के पास कितनी भ्रष्टाचार शिकायतें आईं?
केंद्र स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायतों से निपटने वाली प्रमुख संस्थाओं में Lokpal भी शामिल है।
सरकार द्वारा मार्च 2026 में संसद में दी गई जानकारी के अनुसार:
| वित्त वर्ष | शिकायतें दर्ज | शिकायतें निपटाईं |
|---|---|---|
| 2025-26* | 389 | 336 |
| 2024-25 | 292 | 260 |
| 2023-24 | 166 | 161 |
| 2022-23 | 320 | 316 |
| 2021-22 | 149 | 147 |
*2025-26 का आंकड़ा 28 फरवरी 2026 तक का है।
इन आंकड़ों से यह पता चलता है कि Lokpal के पास आने वाली शिकायतों की संख्या अलग-अलग वर्षों में बदलती रही है। हालांकि, ये आंकड़े राज्यों की corruption ranking नहीं हैं।
भारत में किन सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार की शिकायतें ज्यादा चर्चा में रहती हैं?
अलग-अलग राज्यों में स्थिति अलग हो सकती है, लेकिन आम नागरिक के सरकारी कामकाज से जुड़े कुछ विभाग भ्रष्टाचार की शिकायतों के संदर्भ में अक्सर चर्चा में रहते हैं।
1. पुलिस विभाग
पुलिस से जुड़े मामलों में रिश्वत, शिकायत दर्ज करने, जांच, कार्रवाई और अन्य प्रशासनिक कामों से संबंधित आरोप समय-समय पर सामने आते हैं।
हालांकि किसी राज्य की पुलिस को “सबसे भ्रष्ट” कहना तभी उचित होगा जब इसके लिए comparable और official data उपलब्ध हो।
2. राजस्व और भूमि विभाग
जमीन के रिकॉर्ड, नामांतरण, सीमांकन, रजिस्ट्री और अन्य राजस्व सेवाओं से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार की शिकायतें कई राज्यों में सामने आती रही हैं।
इस क्षेत्र में डिजिटल land records और online services का उद्देश्य मानवीय हस्तक्षेप कम करना और पारदर्शिता बढ़ाना भी है।
3. नगर निगम और स्थानीय निकाय
Building permission, property assessment, नक्शा स्वीकृति, लाइसेंस और अन्य municipal services से जुड़े मामलों में भी रिश्वत के आरोप सामने आ सकते हैं।
Digital applications और online approval systems का एक उद्देश्य ऐसे मामलों में transparency बढ़ाना है।
4. PWD और सरकारी निर्माण विभाग
सड़क, पुल, सरकारी भवन और अन्य infrastructure projects में tender, contract और payment से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच होती रही है।
लेकिन केवल किसी विभाग में मामले दर्ज होने के आधार पर पूरे विभाग को भ्रष्ट कहना उचित नहीं है।
5. परिवहन विभाग
Driving licence, vehicle registration, permits और अन्य transport-related services से जुड़े मामलों में भी रिश्वत की शिकायतें सामने आती हैं।
Online services और faceless processes ऐसे मामलों को कम करने में मदद कर सकते हैं।
क्या ज्यादा भ्रष्टाचार के मामले वाला राज्य सबसे भ्रष्ट होता है?
जरूरी नहीं।
मान लीजिए राज्य A में 1,000 corruption cases दर्ज हुए और राज्य B में 500।
इससे सीधे यह साबित नहीं होता कि राज्य A में भ्रष्टाचार दोगुना है।
राज्य A में:
- population ज्यादा हो सकती है
- anti-corruption agency ज्यादा active हो सकती है
- reporting system बेहतर हो सकता है
- लोग ज्यादा complaints दर्ज कराते हो सकते हैं
इसलिए cases की संख्या को population, government workforce, complaints per lakh population, investigation और conviction जैसे indicators के साथ देखना चाहिए।
भारत में भ्रष्टाचार के खिलाफ कौन-कौन सी प्रमुख संस्थाएं काम करती हैं?
भारत में भ्रष्टाचार के खिलाफ कई संस्थाएं अलग-अलग स्तर पर काम करती हैं।
Lokpal
Lokpal केंद्र स्तर पर लोक सेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों से निपटने वाली प्रमुख statutory institution है। Lokpal and Lokayuktas Act, 2013 के तहत इसका गठन हुआ था।
Central Vigilance Commission
Central Vigilance Commission यानी CVC केंद्रीय सरकारी संस्थानों में vigilance और integrity से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
राज्य Anti-Corruption Bureau
राज्य स्तर पर ACB या समान anti-corruption agencies रिश्वत और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में trap और investigation जैसी कार्रवाई करती हैं।
भारत का Corruption Perceptions Index में कितना score है?
Transparency International के 2025 CPI में भारत का score 39/100 और global rank 91/182 है। 2024 के मुकाबले score में 1 अंक का सुधार हुआ है।
ध्यान रहे कि CPI का score राज्यों की ranking नहीं है।
क्या महाराष्ट्र भारत का सबसे भ्रष्ट राज्य है?
ऐसा कहने के लिए पर्याप्त official evidence नहीं है।
महाराष्ट्र को भारत का नंबर-1 सबसे भ्रष्ट राज्य बताने वाली कोई official nationwide 2026 ranking उपलब्ध नहीं है।
अगर किसी report में महाराष्ट्र में corruption cases की संख्या ज्यादा दिखाई देती है, तो उसे उस report के methodology और reporting context के साथ समझना जरूरी है।
इसी तरह राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश या किसी भी अन्य राज्य को केवल cases की संख्या के आधार पर “सबसे भ्रष्ट” कहना सही नहीं होगा।
2026 में भ्रष्टाचार को लेकर सबसे जरूरी बात
भारत में भ्रष्टाचार की समस्या को समझने के लिए केवल “Top 10 Most Corrupt States” जैसी list पर्याप्त नहीं है।
एक बेहतर assessment के लिए इन आंकड़ों को साथ देखना चाहिए:
- भ्रष्टाचार की शिकायतें
- population-adjusted complaints
- trap cases
- FIR और investigation
- prosecution
- conviction rate
- public perception
- government transparency
- digital governance
यही वजह है कि भारत के सबसे भ्रष्ट राज्यों की definitive 2026 ranking देने के बजाय state-wise verified data को देखना ज्यादा सही तरीका है।
FAQs
भारत का सबसे भ्रष्ट राज्य कौन सा है?
भारत सरकार की ओर से 2026 में राज्यों की भ्रष्टाचार के आधार पर कोई official “सबसे भ्रष्ट राज्य” ranking जारी नहीं की गई है। इसलिए किसी एक राज्य को नंबर-1 कहना सही नहीं होगा।
क्या Transparency International राज्यों की ranking जारी करता है?
नहीं। Transparency International का Corruption Perceptions Index देशों और territories में public-sector corruption की perceived स्थिति को मापता है। 2025 CPI में भारत 39/100 score के साथ 91वें स्थान पर था।
2025-26 में Lokpal के पास कितनी शिकायतें आईं?
28 फरवरी 2026 तक Lokpal के पास वित्त वर्ष 2025-26 में 389 complaints registered हुई थीं, जिनमें से 336 dispose की गईं।
क्या ज्यादा corruption cases का मतलब राज्य ज्यादा भ्रष्ट है?
नहीं। ज्यादा cases कई बार बेहतर reporting, ज्यादा population या अधिक सक्रिय anti-corruption agencies की वजह से भी हो सकते हैं।
भारत में भ्रष्टाचार की शिकायत कहां की जा सकती है?
शिकायत का माध्यम मामले की प्रकृति और संबंधित सरकारी संस्था पर निर्भर करता है। केंद्र स्तर के कुछ मामलों में Lokpal और vigilance mechanisms लागू हो सकते हैं, जबकि राज्य स्तर पर संबंधित Lokayukta या Anti-Corruption Bureau की व्यवस्था हो सकती है।
भारत में भ्रष्टाचार कम करने के लिए क्या किया जा रहा है?
Digital governance, online public services, vigilance mechanisms, anti-corruption investigations और Lokpal जैसी संस्थाओं के माध्यम से transparency और accountability बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
निष्कर्ष
भारत में भ्रष्टाचार को केवल “सबसे भ्रष्ट राज्य” की एक सूची से समझना मुश्किल है। अलग-अलग राज्यों में शिकायतों, investigations और anti-corruption action की स्थिति अलग होती है।
2025 Corruption Perceptions Index में भारत का score 39/100 रहा और देश 91वें स्थान पर रहा। वहीं केंद्र स्तर पर Lokpal को 2025-26 में 28 फरवरी 2026 तक 389 शिकायतें मिलीं।
इसलिए किसी राज्य को बिना comparable official data के “भारत का सबसे भ्रष्ट राज्य” कहना सही नहीं होगा। आंकड़ों की सही interpretation ही भ्रष्टाचार पर सबसे विश्वसनीय तस्वीर देती है।
Source
- Transparency International, Corruption Perceptions Index 2025
- भारत सरकार / Press Information Bureau
- Lokpal and Lokayuktas Act, 2013
- Department of Personnel & Training
