ग्वालियर के सिटी सेंटर में एसपी दफ्तर से करीब 100 मीटर दूर बैंक एग्जीक्यूटिव पर 4-5 राउंड फायरिंग हुई। जानें बाइक रिकवरी विवाद से जुड़ा पूरा मामला।
ग्वालियर में पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय से करीब 100 मीटर की दूरी पर एक बैंक एग्जीक्यूटिव पर बदमाशों ने 4 से 5 राउंड फायरिंग कर दी। घटना सिटी सेंटर इलाके में हुई, जहां बाइक की रिकवरी को लेकर हुआ एक विवाद अचानक हिंसक झगड़े में बदल गया। पुलिस दफ्तर के इतने करीब और भीड़भाड़ वाले इलाके में गोलियां चलने से आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
बीच-बचाव करना पड़ा भारी
पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक, बैंक एग्जीक्यूटिव अपने ऑफिस के बाहर खड़े थे, जब उन्होंने दो पक्षों के बीच कहासुनी होते देखी। विवाद बढ़ता देख वे बीच-बचाव करने पहुंच गए और दोनों पक्षों को शांत कराकर मौके से जाने के लिए कह दिया।
कुछ ही देर बाद विवाद में शामिल एक पक्ष के लोग अपने साथ कुछ और साथियों को लेकर वहां लौटे। आरोप है कि इन लोगों ने बीच-बचाव करने वाले एग्जीक्यूटिव को ही निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। पीड़ित का कहना है कि उनकी गलती सिर्फ इतनी थी कि उन्होंने झगड़ा रुकवाने की कोशिश की थी, जिससे नाराज होकर आरोपियों ने गोली चला दी।
बाइक की रिकवरी बनी विवाद की वजह
मामले की जांच के लिए पहुंचे सीएसपी रवि भदौरिया के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में यह विवाद दो कलेक्शन (रिकवरी) एजेंटों के बीच हुआ बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, एक फाइनेंस कंपनी से फाइनेंस पर ली गई मोटरसाइकिल को उसके मालिक ने बिना बकाया चुकाए दूसरी पार्टी को बेच दिया था। इसी मोटरसाइकिल की रिकवरी को लेकर दोनों पक्षों के एजेंटों के बीच विवाद खड़ा हुआ, जो बाद में फायरिंग तक जा पहुंचा।
पुलिस का कहना है कि विवाद की असल वजह और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
एसपी दफ्तर के पास, वीवीआईपी मूवमेंट के बीच दहशत
यह घटना ग्वालियर के सिटी सेंटर स्थित नगर निगम की स्मार्ट पार्किंग के सामने, सालासर मॉल के पास हुई। यह इलाका पुलिस अधीक्षक कार्यालय से महज कुछ मीटर की दूरी पर है और शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्रों में शुमार है। बताया जा रहा है कि फायरिंग के वक्त इलाके में वीवीआईपी मूवमेंट भी चल रहा था, जिसकी वजह से पुलिस अमला पहले से मौजूद था।
अचानक गोलियों की आवाज गूंजने से आसपास के दफ्तरों में काम करने वाले लोग, कोचिंग संस्थानों के छात्र और राहगीर दहशत में आ गए। कुछ देर बाद माहौल शांत हुआ और आरोपी युवक मौके से फरार हो गए।
हाई अलर्ट के बीच हुई फायरिंग, वजह थी न्यायिक सम्मेलन
गौर करने वाली बात यह है कि जिस दिन यह फायरिंग हुई, उसी दिन यानी 26 सितंबर से ग्वालियर में वेस्ट जोन रीजनल ज्यूडिशियरी कॉन्फ्रेंस शुरू हुई थी। यह दो दिवसीय सम्मेलन राजमाता विजयराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के नवीन परिसर में आयोजित हुआ, जिसमें देशभर से सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और जिला अदालतों के 60 से ज्यादा न्यायमूर्तियों के पहुंचने की जानकारी थी। इसी वजह से शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम और वीवीआईपी मूवमेंट के चलते पुलिस पहले से ही अलर्ट पर थी।
इतने बड़े सुरक्षा घेरे के बावजूद पुलिस मुख्यालय से चंद मीटर की दूरी पर सरेआम गोलियां चलना पुलिस की चौकसी पर भी सवाल खड़े कर गया।
एक हफ्ते में शहर में फायरिंग की यह अकेली घटना नहीं
यह घटना ग्वालियर में हाल के दिनों में हुई फायरिंग की इकलौती वारदात नहीं है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक इसी दिन शहर के मुरार थाना क्षेत्र में ऋषि गालव स्कूल के पास एक जमीन कारोबारी पर भी बाइक और कार सवार हथियारबंद बदमाशों ने दिनदहाड़े फायरिंग की थी। इसके अलावा, इससे कुछ दिन पहले मुरार के लोचन नगर इलाके में महज 5 हजार रुपये के उधार विवाद में भी 12 से 15 राउंड फायरिंग हो चुकी थी। यानी बीते कुछ ही दिनों में ग्वालियर के अलग-अलग हिस्सों में फायरिंग की यह लगातार तीसरी बड़ी घटना है, जिससे शहर की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस की कार्रवाई, सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही
सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से खाली कारतूस बरामद किए हैं, हालांकि बरामद कारतूसों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आई हैं। पीड़ित एग्जीक्यूटिव के मुताबिक आरोपियों ने पिस्टल से करीब 5 से 6 राउंड फायर किए, जबकि पुलिस ने मौके से सीमित संख्या में ही खाली राउंड बरामद किए हैं।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि फायरिंग में शामिल सभी आरोपियों की पहचान हो सके। पुलिस का कहना है कि फुटेज और बयानों के आधार पर जल्द ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।
अब तक की स्थिति
घटना के वक्त तक इस मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज तथा गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
FAQ:
Q1. ग्वालियर में फायरिंग की यह घटना कब और कहां हुई?
Answer: यह घटना ग्वालियर के सिटी सेंटर इलाके में, नगर निगम की स्मार्ट पार्किंग के सामने और सालासर मॉल के पास हुई, जो एसपी कार्यालय से करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित है।
Q2. फायरिंग की वजह क्या बताई जा रही है?
Answer: पुलिस के अनुसार, शुरुआती जानकारी में यह विवाद दो कलेक्शन एजेंटों के बीच फाइनेंस पर ली गई एक मोटरसाइकिल की रिकवरी को लेकर हुआ था, जिसे मालिक ने दूसरी पार्टी को बेच दिया था।
Q3. फायरिंग में निशाना किसे बनाया गया?
Answer: फायरिंग का निशाना एक बैंक एग्जीक्यूटिव बने, जो दो पक्षों के बीच हो रहे विवाद में बीच-बचाव करने पहुंचे थे।
Q4. क्या इस मामले में पुलिस ने किसी को गिरफ्तार किया है?
Answer: अब तक इस मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
Q5. घटनास्थल पर पुलिस को क्या सबूत मिले?
Answer: पुलिस ने घटनास्थल से खाली कारतूस बरामद किए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
Q6. उस दिन ग्वालियर में हाई अलर्ट क्यों था?
Answer: 26-27 सितंबर को ग्वालियर में वेस्ट जोन रीजनल ज्यूडिशियरी कॉन्फ्रेंस आयोजित हो रही थी, जिसमें देशभर से 60 से ज्यादा न्यायमूर्तियों के पहुंचने की जानकारी थी। इसी वजह से शहर में वीवीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे।
SOURCE/FACT-CHECK NOTE:
यह रिपोर्ट मुख्य रूप से दो स्वतंत्र स्थानीय समाचार स्रोतों — Lalluram.com (26 सितंबर 2026) और MP Breaking News (26 सितंबर 2026) — की रिपोर्टिंग पर आधारित है, जिनमें ग्वालियर के सिटी सेंटर इलाके में एसपी कार्यालय के निकट हुई इस फायरिंग की घटना की पुष्टि होती है। दोनों स्रोतों के अनुसार पीड़ित का नाम संदीप गुर्जर है, जिसने दो पक्षों के बीच का विवाद निपटाने का प्रयास किया था, जिसके बाद उस पर फायरिंग की गई।
कुछ आंकड़ों में मामूली अंतर पाया गया है, जिसे पारदर्शिता के लिए यहां स्पष्ट किया जा रहा है:
- फायरिंग के राउंड की संख्या: पीड़ित के बयान के अनुसार 5-6 राउंड, जबकि शुरुआती ब्रीफ में 4-5 राउंड बताया गया था। पुलिस ने घटनास्थल से सीमित संख्या में ही खाली कारतूस बरामद किए।
- दूरी: एक रिपोर्ट में इसे एसपी कार्यालय से “चंद कदम” (बहुत नजदीक) बताया गया है, जबकि शुरुआती ब्रीफ में यह दूरी करीब 100 मीटर बताई गई थी। दोनों विवरण इलाके के एसपी दफ्तर के बिल्कुल नजदीक होने की पुष्टि करते हैं।
