राम मंदिर चढ़ावा चोरी: 70 नहीं 105 बार हुई चोरी, टिन्नू यादव से चंपत राय तक पूरी कहानी

राम मंदिर चढ़ावा चोरी

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने बताया 70 नहीं 105 बार हुई चोरी, जानें टिन्नू यादव, 8 आरोपियों की भूमिका और चंपत राय क्लीन चिट की पूरी कहानी.

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच अब बड़े मोड़ पर पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट को सोमवार को बताया गया कि CCTV फुटेज में चोरी की 70 नहीं, बल्कि पूरी 105 घटनाएं कैद हुई हैं। SIT 25 सितंबर तक इस मामले में चार्जशीट दाखिल करेगी। जून में सामने आए इस मामले में अब तक 8 लोग गिरफ्तार होकर जेल में हैं, और खुद आरोपियों के बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की भूमिका को लेकर परस्पर विरोधी बयान सामने आ चुके हैं।

SIT की ताजा रिपोर्ट में क्या नया खुलासा हुआ?

सोमवार को सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मंदिर परिसर के CCTV फुटेज की जांच में दान की रकम गिनने वाले कमरे से बिना अनुमति पैसे हटाने या छिपाने की 105 घटनाएं सामने आई हैं। इससे पहले SIT की शुरुआती जांच में करीब 70 संदिग्ध घटनाओं का ही जिक्र था।

SIT ने अब तक 173 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें ट्रस्ट के अधिकारी, अकाउंट्स विभाग के कर्मचारी, बैंक अधिकारी, सिक्योरिटी स्टाफ, CCTV ऑपरेटर और चार्टर्ड अकाउंटेंट शामिल हैं। जांच में 86 ऐसे कीमती सामान भी मिले जो कथित तौर पर बिना रसीद के दान किए गए थे, जबकि TCS सॉफ्टवेयर के जरिए 803 कीमती सामानों की रसीदों की पुष्टि हो चुकी है। दान में मिली चांदी को लेकर भी जांच हुई- 200 किलोग्राम चांदी की ईंटों, 38.288 किलोग्राम चांदी, चांदी के हार, चरण पादुका और रामचरितमानस से जुड़े दान की जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली। ट्रस्ट ने 944.411 किलोग्राम सफेद धातु (जिसे चांदी माना जा रहा है) सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के पास पिघलाने के लिए भेजी थी, जिसके रिकॉर्ड की भी SIT ने जांच की।

मामला शुरू कैसे हुआ? जून से सितंबर तक की पूरी टाइमलाइन

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला जून 2026 के पहले सप्ताह में सामने आया था। SIT की प्राथमिक जांच रिपोर्ट के बाद 25 जून 2026 को रामजन्मभूमि कोतवाली में ट्रस्ट के सदस्य श्रीकृष्ण मोहन की तहरीर पर आठ आरोपियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज हुई। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306, 316, 317, 317(4), 317(5), 61, 3(5) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं लगाई गईं।

इसके बाद जुलाई में मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और उसके भतीजे मनीष यादव को पुलिस रिमांड पर लिया गया। 39 घंटे की रिमांड पूरी होने के बाद 20 जुलाई को दोनों को जेल भेज दिया गया। 6 सितंबर को सभी 8 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 18 सितंबर तक के लिए बढ़ाई गई थी। संसद के मानसून सत्र (20 जुलाई से शुरू) में विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को उठाने की बात कही थी।

कौन हैं मामले के 8 आरोपी और किस पर क्या आरोप?

FIR में नामजद आठ आरोपियों में टिन्नू यादव (रामशंकर यादव, जिसे टिन्नू मिश्रा के नाम से भी जाना जाता है), अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ल, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, करुणेश पांडेय, मनीष यादव और रामशंकर मिश्रा शामिल हैं। इनमें ज्यादातर मंदिर में आने वाली दान राशि की गिनती, निगरानी और दानपात्र से गणना कक्ष तक रकम पहुंचाने जैसे कामों से जुड़े थे।

मुख्य आरोपी टिन्नू यादव ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का ड्राइवर है और दानपात्र की देखरेख के साथ उन्हें बेसमेंट तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संभालता था। आरोप है कि उसने चोरी के जरिए करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई। लवकुश मिश्रा चढ़ावे और नकदी की गिनती करने वाले कर्मचारियों में शामिल था, उसके घर से 12 लाख रुपये नकद बरामद हुए। अनुकल्प मिश्रा पर आरोप है कि वह गिनती के दौरान पैसे चोरी कर बाथरूम में छिपाता था। सुभाष चंद्र श्रीवास्तव कैश काउंटिंग स्टाफ का प्रभारी था, उस पर निगरानी में जानबूझकर लापरवाही बरतने का आरोप है।

करुणेश पांडेय दानपात्र से गणना कक्ष तक रकम पहुंचाने के काम में शामिल था, आरोप है कि उसने चोरी के पैसों से अयोध्या और आसपास जमीन खरीदी। मनीष यादव भी कैश काउंटिंग टीम का हिस्सा था, उसके घर से पुलिस ने 36 लाख रुपये नकद बरामद किए। अविनाश शुक्ल और रामशंकर मिश्रा भी दानपात्र से रकम गणना कक्ष तक पहुंचाने और गिनती की प्रक्रिया से जुड़े थे, इन दोनों पर भी गड़बड़ी और चोरी के पैसों से संपत्ति बनाने का आरोप है।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये सभी अभी आरोप हैं और अदालत में इन्हें साबित होना बाकी है।

चंपत राय की भूमिका पर सवाल: क्लीन चिट या बचाव?

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की कथित भूमिका को लेकर रही। दिलचस्प बात यह है कि खुद मुख्य आरोपी टिन्नू यादव ने पुलिस पूछताछ में चंपत राय को क्लीन चिट दी। टिन्नू ने बताया कि चढ़ावा चोरी की जानकारी चंपत राय को नहीं थी और बैंक के साथ मिलकर गिनती की प्रक्रिया सही तरीके से पूरा कराना ट्रस्टी अनिल मिश्रा की जिम्मेदारी थी। इसके बाद 18 अगस्त को SIT की जांच में भी चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दे दी गई।

हालांकि टिन्नू के भाई दिनेश यादव ने मीडिया के सामने एक अलग ही कहानी बताई। उन्होंने आरोप लगाया कि चंपत राय और अनिल मिश्रा ने ही उनके भाई को फंसाया है, और बड़े पदाधिकारी खुद को बचाने के लिए टिन्नू को मोहरा बना रहे हैं। दिनेश ने टिन्नू को पूरी तरह निर्दोष बताया। यानी जहां जांच एजेंसी और मुख्य आरोपी की अपनी गवाही दोनों चंपत राय को क्लीन चिट देती हैं, वहीं आरोपी के परिवार का आरोप बिल्कुल उलट दिशा में है। यह विरोधाभास अभी तक सुलझा नहीं है।

अब तक की कार्रवाई और आगे क्या होगा?

मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट के दो वरिष्ठ पदाधिकारी इस्तीफा दे चुके हैं। सभी 8 आरोपी गिरफ्तार होकर जेल में बंद हैं और उनकी न्यायिक हिरासत बार-बार बढ़ाई जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने SIT की स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया है और कहा है कि आगे की कार्रवाई कानून के मुताबिक संबंधित अदालत द्वारा की जाएगी।

अब सबकी नजर 25 सितंबर तक दाखिल होने वाली चार्जशीट पर टिकी है, जिसके बाद आरोपों, सबूतों और हर आरोपी की भूमिका को लेकर तस्वीर और साफ होगी। SIT ने कोर्ट को यह भी बताया है कि जांच का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है, लेकिन चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी जरूरत पड़ने पर आगे की जांच जारी रह सकती है। मामले में अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी।

FAQ

Q1. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने सुप्रीम कोर्ट को क्या ताजा जानकारी दी?

Answer: SIT ने बताया कि CCTV फुटेज की जांच में चढ़ावा चोरी की 105 घटनाएं सामने आई हैं, जबकि पहले करीब 70 संदिग्ध घटनाओं का जिक्र था। SIT 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करेगी।

Q2. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कब और कैसे FIR दर्ज हुई थी?

Answer: यह मामला जून 2026 के पहले सप्ताह में सामने आया था। 25 जून 2026 को ट्रस्ट के सदस्य श्रीकृष्ण मोहन की शिकायत पर रामजन्मभूमि कोतवाली में आठ आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज हुई।

Q3. इस मामले में मुख्य आरोपी कौन है और उस पर क्या आरोप है?

Answer: मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव है, जो ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का ड्राइवर था और दानपात्र की देखरेख करता था। उस पर करोड़ों रुपये की चोरी का आरोप है।

Q4. क्या इस मामले में चंपत राय की भूमिका पर सवाल उठे हैं?

Answer: मुख्य आरोपी टिन्नू यादव और SIT की जांच दोनों ने चंपत राय को क्लीन चिट दी है, लेकिन टिन्नू के भाई दिनेश यादव ने आरोप लगाया है कि चंपत राय और अनिल मिश्रा ने ही उनके भाई को फंसाया। यह विरोधाभास अभी सुलझा नहीं है।

Q5. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आगे क्या होगा?

Answer: SIT 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करेगी, जिसके बाद आरोपों और सबूतों की तस्वीर साफ होगी। मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी।

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