ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को नई रेल कनेक्टिविटी मिली। कैलारस-बिरपुर सेक्शन के उद्घाटन से बिरपुर, विजयपुर और सबलगढ़ को ग्वालियर से सीधा जुड़ाव मिलेगा। जानें पूरी खबर
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए मंगलवार का दिन एक बड़ी सौगात लेकर आया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ मिलकर वर्चुअल माध्यम से गेज-परिवर्तित कैलारस-सबलगढ़-बिरपुर रेल सेक्शन का उद्घाटन किया। साथ ही ग्वालियर-कैलारस ट्रेन सेवा को बिरपुर तक बढ़ाए जाने का शुभारंभ भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया गया।
56 किलोमीटर का नया रेल सेक्शन, 100+ गांवों को फायदा
इस 56 किलोमीटर लंबे कैलारस-बिरपुर रेल सेक्शन से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के 100 से अधिक गांवों को सीधा फायदा मिलेगा। ट्रेन सेवा के विस्तार से अब बिरपुर, विजयपुर और सबलगढ़ को ग्वालियर से सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे खासकर ग्रामीण और आदिवासी इलाकों के यात्रियों को सस्ता और सुविधाजनक सफर मिल सकेगा। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, कैलारस सेक्शन पर रोजाना करीब 10,000 यात्री सफर करते हैं।
मंत्रियों ने क्या कहा
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मौके को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक दिन बताते हुए कैलारस से बिरपुर तक की इस रेल लाइन के विस्तार को क्षेत्र के लिए “नई शुरुआत” करार दिया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी सुविधाओं तक पहुंच बेहतर होगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मध्य प्रदेश में रेलवे विकास पर बात करते हुए बताया कि राज्य के लिए रेलवे बजट 2009-14 के दौरान 632 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026-27 में 15,188 करोड़ रुपये हो गया है — यानी करीब 24 गुना इजाफा। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में मध्य प्रदेश में करीब 1.55 लाख करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं चल रही हैं। इसके अलावा राज्य में 80 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास हो रहा है, पांच वंदे भारत ट्रेनें और सात अमृत भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि रेल नेटवर्क के विस्तार से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र और मालवा के बीच संपर्क मजबूत होगा, जिससे नए औद्योगिक अवसर पैदा होंगे। उन्होंने बैटरी एनर्जी स्टोरेज, फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग, हाइड्रोजन उत्पादन और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में क्षेत्र की संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी इन सेक्टरों को बढ़ावा देगी।
इस मौके पर मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और मुरैना सांसद शिवमंगल सिंह तोमर समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
आगे की योजना — श्योपुर और कोटा तक विस्तार
रेल मंत्री वैष्णव के मुताबिक, 117 किलोमीटर लंबे बिरलानगर-बिरपुर सेक्शन पर काम तेजी से आगे बढ़ चुका है। इसके बाद बिरपुर से सेरोनी रोड (37 किलोमीटर) और सेरोनी रोड से श्योपुर कलां (33 किलोमीटर) के सेक्शन भी पूरा होने के करीब हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले महीनों में पूरी ग्वालियर-श्योपुर कलां रेल लाइन आम जनता के लिए खोल दी जाएगी।
आगे चलकर यह लाइन श्योपुर कलां और अंततः कोटा (राजस्थान) तक विस्तारित होगी, जिससे यह क्षेत्र देश के प्रमुख शैक्षणिक और औद्योगिक केंद्रों से जुड़ जाएगा। इसके साथ ही इंदौर-मनमाड़ लाइन जैसी नई परियोजनाएं ग्वालियर-चंबल क्षेत्र और मालवा के बीच संपर्क को और बेहतर बनाएंगी।
और कौन-कौन से नए रेल नेटवर्क जोड़े जा रहे हैं?
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में कैलारस-बिरपुर सेक्शन के अलावा भी कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं प्रगति पर हैं:
1. ग्वालियर-श्योपुर ब्रॉड गेज लाइन यह परियोजना 2018 में शुरू हुई थी, लेकिन बजट संबंधी दिक्कतों के चलते वास्तविक काम मार्च 2020 के बाद शुरू हो सका। मूल रूप से इसे मार्च 2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन प्रोजेक्ट अभी भी अधूरा है। रेलवे ने अब इसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 2,350 करोड़ रुपये है। फिलहाल ग्वालियर से कैलारस तक MEMU ट्रेन चल रही है। 2026-27 के रेल बजट में इस लाइन के लिए 250 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
2. बिरपुर-सेरोनी रोड-श्योपुर कलां सेक्शन जैसा ऊपर बताया गया, बिरपुर से सेरोनी रोड (37 किमी) और सेरोनी रोड से श्योपुर कलां (33 किमी) तक के सेक्शन पूरा होने के करीब हैं। इनके पूरा होते ही पूरी ग्वालियर-श्योपुर कलां लाइन चालू हो जाएगी।
3. श्योपुर कलां-कोटा विस्तार आगे चलकर यह पूरी लाइन राजस्थान के कोटा तक बढ़ाई जाएगी, जिससे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र देश के प्रमुख शैक्षणिक और औद्योगिक केंद्रों से सीधे जुड़ जाएगा।
4. इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन यह नई परियोजना ग्वालियर-चंबल क्षेत्र और मालवा क्षेत्र (इंदौर-उज्जैन बेल्ट) के बीच संपर्क को मजबूत करेगी, जिससे व्यापारिक और औद्योगिक आवाजाही आसान होगी।
5. ग्वालियर-बेंगलुरु साप्ताहिक एक्सप्रेस हाल ही में शुरू हुई ग्वालियर-SMVT बेंगलुरु वीकली एक्सप्रेस ने क्षेत्र के युवाओं, खासकर IT क्षेत्र में करियर बनाने वालों के लिए सीधी कनेक्टिविटी दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात बताया था।
6. दोहरीकरण, तिहरीकरण और चौहरीकरण (Doubling, Tripling, Quadrupling) मध्य प्रदेश भर में रेलवे लाइनों के दोहरीकरण, तिहरीकरण और चौहरीकरण का काम जारी है, जो ग्वालियर-चंबल क्षेत्र सहित पूरे राज्य में रेल क्षमता और गति बढ़ाने में मदद करेगा।
ग्वालियर रेलवे स्टेशन का सुंदरीकरण — पूरी डिटेल
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी बढ़ने के साथ-साथ ग्वालियर जंक्शन रेलवे स्टेशन का भी बड़े पैमाने पर पुनर्विकास और सुंदरीकरण किया जा रहा है, जिससे इसे विश्वस्तरीय स्टेशन का रूप दिया जा रहा है।
प्रोजेक्ट की मुख्य जानकारी
- कुल लागत: करीब ₹534.70 करोड़ (कुछ रिपोर्ट्स में ₹535 करोड़ और ₹463 करोड़ का भी जिक्र मिलता है, क्योंकि परियोजना के अलग-अलग चरणों की लागत अलग बताई गई है)
- ठेकेदार कंपनी: KPC Projects Ltd (₹462 करोड़ का ऑर्डर, नवंबर 2022 में लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस जारी)
- मॉडल: EPC (Engineering, Procurement, and Construction)
- क्षेत्रफल विस्तार: मौजूदा स्टेशन परिसर में करीब 24,000-24,111 वर्ग मीटर का इजाफा, कुल निर्मित क्षेत्र 48,061 वर्ग मीटर
- यात्री क्षमता: नया स्टेशन प्रतिदिन करीब 1.5 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा
- सुविधाएं: 19 लिफ्ट, 23 एस्केलेटर, स्पेशियस रूफ प्लाजा, वेटिंग एरिया, रिटेल-शॉपिंग और फूड एंड बेवरेज (F&B) आउटलेट्स
- डिजाइन: स्टेशन को एयरपोर्ट जैसा अनुभव देने के लिए डिज़ाइन किया जा रहा है, साथ ही ग्वालियर किले की झलक देने वाला पैनोरमिक व्यू भी शामिल होगा
- हेरिटेज संरक्षण: 1908 में बने मूल हेरिटेज भवन को संरक्षित रखते हुए आधुनिकीकरण किया जा रहा है — हाई-क्वालिटी स्टोन फ्लोरिंग के जरिए ग्वालियर की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया जाएगा
- जिम्मेदार संस्था: रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA)
समयसीमा में देरी
यह प्रोजेक्ट मूल रूप से दिसंबर 2024 तक पूरा होना था, लेकिन काम में देरी हुई। इसके बाद नई डेडलाइन सितंबर 2026 तय की गई। 2026-27 के रेल बजट में इस परियोजना के लिए ₹100 करोड़ का आवंटन किया गया है। काम में देरी को लेकर सख्ती भी बरती गई — डिप्टी चीफ इंजीनियर का तबादला तक किया जा चुका है।
सिंधिया की सख्ती
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खुद निर्माणाधीन स्टेशन का दौरा कर अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा था कि — “ग्वालियर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास सिर्फ ढांचे के आधुनिकीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के साथ-साथ यह क्षेत्र की विरासत को भी दर्शाएगा और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देगा।”
संपादकीय नोट
यह खबर 19 अगस्त 2026 को हुए कैलारस-बिरपुर सेक्शन उद्घाटन कार्यक्रम और उपलब्ध नवीनतम रिपोर्ट्स पर आधारित है। श्योपुर कलां तक लाइन पूरी होने, कोटा तक विस्तार, और ग्वालियर स्टेशन के सुंदरीकरण की सितंबर 2026 डेडलाइन जैसी जानकारी अलग-अलग स्रोतों और समयबिंदुओं पर आधारित है, इसलिए वास्तविक पूर्णता तिथि में बदलाव संभव है। प्रकाशन से पहले नवीनतम आधिकारिक स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है।
FAQ (स्कीमा के लिए)
प्रश्न 1: कैलारस-बिरपुर रेल सेक्शन कितना लंबा है?
उत्तर: यह गेज-परिवर्तित रेल सेक्शन 56 किलोमीटर लंबा है, जो कैलारस, सबलगढ़ होते हुए बिरपुर तक जाता है।
प्रश्न 2: इस नई रेल लाइन से किन शहरों/कस्बों को फायदा मिलेगा?
उत्तर: बिरपुर, विजयपुर और सबलगढ़ को अब ग्वालियर से सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे 100 से अधिक गांवों को लाभ होगा।
प्रश्न 3: क्या यह रेल लाइन आगे भी विस्तारित होगी?
उत्तर: हां, रेल मंत्रालय के मुताबिक यह लाइन आगे श्योपुर कलां और अंततः राजस्थान के कोटा तक विस्तारित की जाएगी।
प्रश्न 4: इस परियोजना का उद्घाटन किसने किया?
उत्तर: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वर्चुअल माध्यम से इसका उद्घाटन किया।
प्रश्न 5: ग्वालियर रेलवे स्टेशन के सुंदरीकरण पर कितना खर्च हो रहा है?
उत्तर: ग्वालियर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास पर करीब ₹534.70 करोड़ की लागत आ रही है, जिसे KPC Projects Ltd द्वारा EPC मॉडल पर पूरा किया जा रहा है।
प्रश्न 6: ग्वालियर स्टेशन का सुंदरीकरण कब तक पूरा होगा?
उत्तर: प्रोजेक्ट की मूल डेडलाइन दिसंबर 2024 थी, लेकिन देरी के बाद अब इसे सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
