VB-G RAM G योजना 1 जुलाई 2026 से लागू है। इसमें ग्रामीण परिवारों को 125 दिन मजदूरी रोजगार की गारंटी है। पात्रता, कार्ड, भुगतान और मनरेगा से अंतर जानें।
ग्रामीण भारत में रोजगार का कानून बदल गया है। 1 जुलाई 2026 से मनरेगा की जगह Viksit Bharat–Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin), यानी VB-G RAM G लागू है। इसके तहत हर ग्रामीण परिवार को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिन के मजदूरी रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है। पहले यह गारंटी 100 दिन की थी। यह केंद्र सरकार का कानून है और पूरे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होता है। मध्य प्रदेश कैबिनेट ने राज्य में इसके क्रियान्वयन को मंजूरी दी है।
मुख्य बातें एक नज़र में
- कानून: Viksit Bharat–G RAM G Act, 2025, जो MGNREGA (2005) की जगह लेता है
- लागू होने की तारीख: 1 जुलाई 2026, पूरे देश के ग्रामीण इलाकों में
- रोजगार गारंटी: प्रति ग्रामीण परिवार प्रति वर्ष 125 दिन (पहले 100 दिन)
- खर्च का बंटवारा: केंद्र और राज्य 60:40 के अनुपात में
- मजदूरी भुगतान: साप्ताहिक या मस्टर रोल बंद होने के 15 दिन के भीतर, सीधे बैंक खाते में
कानून कैसे बना?
यह कानून बहुत तेज़ी से पारित हुआ। विधेयक 16 दिसंबर 2025 को लोकसभा में पेश हुआ और 18 दिसंबर 2025 को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों से पारित हो गया। इसे MGNREGA, 2005 की जगह लाने के लिए लाया गया था। बाद में राष्ट्रपति ने इसे मंजूरी दी और केंद्र सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी की।
नाम का मतलब: कानून का पूरा नाम लंबा है, इसलिए इसे VB-G RAM G या “जी राम जी” कहा जा रहा है। इसमें “विकसित भारत” का लक्ष्य “विकसित भारत @2047” के विजन से जुड़ा है।
योजना क्या है?
VB-G RAM G अकुशल मजदूरी रोजगार की कानूनी गारंटी देने वाला कानून है। इसका लक्ष्य सिर्फ रोजगार देना नहीं, बल्कि गांव में टिकाऊ ढांचा बनाना भी है। इसमें पानी का संरक्षण, सड़कें, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, जलवायु के अनुकूल काम और आजीविका से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी गई है।
कानून में मछली पालन, पशुपालन, कृषि से जुड़े रोजगार और कुदुम्बश्री जैसे स्वयं सहायता उद्यमों को भी आजीविका के साधनों में शामिल किया गया है। साथ ही युवाओं के कौशल विकास और स्टार्टअप को बढ़ावा देने की बात भी है।
MGNREGA से क्या बदला?
| बिंदु | MGNREGA (2005) | VB-G RAM G (2025) |
|---|---|---|
| रोजगार गारंटी | 100 दिन | 125 दिन |
| लागू होने की स्थिति | 2005 से | 1 जुलाई 2026 से |
| फोकस | रोजगार और संपत्ति निर्माण | रोजगार, टिकाऊ ढांचा, पानी, आजीविका |
| योजना प्रक्रिया | विकेंद्रीकृत | ग्राम पंचायत योजना और PM Gati Shakti से जुड़ाव |
| खर्च का बंटवारा | मुख्य रूप से केंद्र | केंद्र और राज्य 60:40 |
| मौजूदा कार्ड | जॉब कार्ड | नए Gramin Rozgar Guarantee Card |
एक जरूरी बात: MGNREGA के जो जॉब कार्ड e-KYC पूरा कर चुके हैं, वे नए गारंटी कार्ड जारी होने तक मान्य रहेंगे।
पात्रता कौन है?
- ग्रामीण परिवार का वयस्क सदस्य (18 वर्ष या उससे अधिक)
- जो अकुशल शारीरिक (मैनुअल) काम करने के लिए तैयार हो
- ग्रामीण क्षेत्र में रहता हो
कुछ वर्गों के लिए विशेष रोजगार गारंटी कार्ड दिए जाने की बात सामने आई है। इनमें एकल महिलाएं, दिव्यांगजन, 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग, ट्रांसजेंडर व्यक्ति, PVTG समुदाय और मुक्त बंधुआ मजदूर शामिल बताए गए हैं। इसका विवरण केंद्र के दिशानिर्देशों से मिलाएं।
रोजगार कैसे मिलेगा?
- ग्राम पंचायत में काम की मांग दर्ज करें। डिजिटल माध्यम से भी आवेदन की व्यवस्था बताई गई है।
- आवेदन के 15 दिन के भीतर काम देना अनिवार्य है।
- यथासंभव काम आपके वार्ड में या लगभग 5 किलोमीटर के दायरे में मिलना चाहिए।
- 15 दिन में काम न मिले, तो बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान है।
भुगतान और बेरोजगारी भत्ता
- मजदूरी साप्ताहिक दी जाएगी, या मस्टर रोल बंद होने के 15 दिन के भीतर।
- मजदूरी DBT के जरिए सीधे कार्यकर्ता के बैंक खाते में जाएगी।
- देरी होने पर मुआवजे का प्रावधान है। एक स्रोत के अनुसार यह प्रतिदिन 0.05% की दर से होगा।
- काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। स्रोतों के अनुसार पहले 30 दिन तक यह नोटिफाइड मजदूरी के एक-चौथाई के बराबर और उसके बाद आधे के बराबर होगा।
खेती के मौसम में ढील
राज्य बुवाई और कटाई के मौसम को पीक कृषि सीजन घोषित कर सकते हैं और इस अवधि में अधिकतम 60 दिन तक काम रोक सकते हैं। इसका उद्देश्य किसानों के लिए मजदूरों की उपलब्धता बनाए रखना है। इस दौरान भी कम से कम 25 दिन का रोजगार इस अवधि के बाहर सुनिश्चित रहता है।
डिजिटल निगरानी और पारदर्शिता
- सरकार ने गांव स्तर पर काम और खर्च की निगरानी के लिए जियोस्पेशियल तकनीक का प्रावधान किया है।
- रियल-टाइम ट्रैकिंग के लिए मोबाइल ऐप आधारित डैशबोर्ड बनेगा।
- साप्ताहिक सार्वजनिक खुलासे की व्यवस्था है, ताकि जनता को काम और भुगतान की जानकारी मिले।
योजना का क्रियान्वयन
- केंद्र और राज्य स्तर पर गारंटी परिषदें बनाई जाएंगी, जो नीति और निगरानी देखेंगी।
- ग्राम सभा और पंचायत योजना (Viksit Gram Panchayat Plan) से काम तय होंगे।
- ग्रामीण सड़कें, जल सुरक्षा और टिकाऊ संपत्ति निर्माण पर जोर है।
मध्य प्रदेश में क्या हुआ?
मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की, ₹41,000 करोड़ से अधिक की विकास और कल्याण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इसमें VB-G RAM G के क्रियान्वयन को 1 जुलाई 2026 से मंजूरी दी गई। रिपोर्ट के अनुसार 2026-27 में इस पर अनुमानित खर्च ₹3,183 करोड़ है।
आगे क्या होगा?
- नए Gramin Rozgar Guarantee Card जारी होंगे।
- राज्यों को अपने नियम और दिशानिर्देश जारी करने होंगे। कई राज्यों ने इसकी अधिसूचना जारी की है।
- मध्य प्रदेश में काम की मांग, कार्ड वितरण और भुगतान की प्रक्रिया की जानकारी संबंधित विभाग और ग्राम पंचायत से लें।
कुछ रोचक तथ्य
- तेज़ी से बना कानून: विधेयक 16 दिसंबर 2025 को पेश हुआ और 18 दिसंबर 2025 को दोनों सदनों से पारित हो गया।
- 25 दिन का इजाफा: MGNREGA में 100 दिन की गारंटी थी, जबकि अब 125 दिन है।
- कृषि सीजन में ढील, पर गारंटी बनी रहती है: 60 दिन तक काम रोका जा सकता है, फिर भी कम से कम 25 दिन का रोजगार बाहर सुनिश्चित रहता है।
- भत्ते का प्रावधान: 15 दिन में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता।
- सीधा बैंक भुगतान: मजदूरी DBT से सीधे खाते में।
- पुराने कार्ड चलते रहेंगे: e-KYC वाले जॉब कार्ड नए कार्ड आने तक मान्य।
- खर्च का नया बंटवारा: केंद्र और राज्य 60:40।
- डिजिटल निगरानी: जियोस्पेशियल तकनीक और मोबाइल ऐप डैशबोर्ड।
FAQ
Q1. VB-G RAM G योजना कब से लागू है?
1 जुलाई 2026 से पूरे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में।
Q2. इसमें कितने दिन का रोजगार मिलता है?
प्रति ग्रामीण परिवार प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिन।
Q3. क्या यह MGNREGA का नया नाम है?
यह MGNREGA का स्थान लेने वाला नया कानून है, जिसमें गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिन की गई है।
Q4. पुराना जॉब कार्ड अब भी चलेगा?
e-KYC पूरा होने वाले कार्ड नए कार्ड जारी होने तक मान्य हैं।
Q5. काम न मिले तो क्या होगा?
15 दिन में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता।
Q6. मजदूरी कब तक मिलेगी?
साप्ताहिक या मस्टर रोल बंद होने के 15 दिन के भीतर। देरी पर मुआवजा।
Q7. आवेदन कहां करें?
ग्राम पंचायत में सीधे या डिजिटल माध्यम से।
