प्रतीक यादव की अनसुनी कहानी: करोड़ों का बिजनेस एम्पायर, लग्जरी लाइफस्टाइल और बेटियों के नाम लिखी वसीयत

प्रतीक यादव प्रॉपर्टी

प्रतीक यादव राजनीति के सबसे बड़े गढ़ ‘मुलायम परिवार’ से ताल्लुक रखने के बावजूद एक शख्स ऐसा भी था, जिसने चमक-दमक वाली सियासी गलियों को छोड़कर अपनी एक अलग राह चुनी। हम बात कर रहे हैं मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की। महज 38 साल की उम्र में 13 मई की सुबह हार्ट अटैक की वजह से उनका अचानक अलविदा कह जाना हर किसी को स्तब्ध कर गया।

वह फिटनेस के प्रति इतने जुनूनी थे कि उन्हें देखकर कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता था कि दिल का दौरा उनकी जिंदगी पर इस कदर फुलस्टॉप लगा देगा। आइए जानते हैं राजनीति से दूर रहने वाले प्रतीक यादव की लाइफस्टाइल, उनका बिजनेस एम्पायर और उनकी उस आखिरी वसीयत के बारे में, जो आज चर्चा का विषय बनी हुई है।


1. स्कूल के दिनों का प्यार: कैसे हुई थी प्रतीक और अपर्णा की मुलाकात?

प्रतीक यादव और अपर्णा बिष्ट (अब अपर्णा यादव) की प्रेम कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। दोनों की पहली मुलाकात तब हुई थी जब वे स्कूल में पढ़ते थे और प्रतीक की उम्र महज 15-16 साल थी। एक कॉमन फ्रेंड की बर्थडे पार्टी में शुरू हुआ यह सिलसिला धीरे-धीरे ईमेल के जरिए बातचीत में बदला।

करीब 8 से 10 साल तक एक-दूसरे को समझने और लंबा रिलेशनशिप निभाने के बाद दोनों ने अपने परिवारों को इस रिश्ते के बारे में बताया। मुलायम सिंह यादव और अपर्णा के पिता अरविंद सिंह बिष्ट (वरिष्ठ पत्रकार) की सहमति के बाद दिसंबर 2011 में दोनों की सगाई हुई और फरवरी 2012 में सैफई में एक बेहद भव्य समारोह में दोनों शादी के बंधन में बंध गए।


2. करोड़ों का फिटनेस और रियल एस्टेट कारोबार

राजनीति में कदम न रखने का फैसला प्रतीक का व्यक्तिगत था। उन्होंने अपनी ऊर्जा को बिजनेस और फिटनेस में लगाया। वे रियल एस्टेट सेक्टर के एक सफल व्यवसायी तो थे ही, साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश के प्रीमियम फिटनेस इंडस्ट्री में अपनी एक अलग धाक जमाई थी।

  • प्रीमियम जिम चेन्स की स्थापना: प्रतीक ने लखनऊ में ‘आयरन कोर फिट’ (Iron Core Fit) और गोमती नगर के पॉश इलाके में ‘द फिटनेस प्लैनेट’ जैसे हाई-एंड जिम चेन्स की शुरुआत की।
  • ग्लोबल स्टैंडर्ड: उनके जिम में इटली और अमेरिका (US) से इम्पोर्ट की गई अत्याधुनिक मशीनें थीं। लखनऊ के हाई-प्रोफाइल और फिटनेस फ्रीक युवाओं के बीच यह जिम स्टेटस सिंबल माने जाते हैं।

3. लग्जरी लाइफस्टाइल और ₹5.21 करोड़ की लेम्बोर्गिनी का शौक

प्रतीक यादव की जीवनशैली बेहद आलीशान थी। वे लखनऊ के सबसे वीआईपी इलाके गौतमपल्ली के एक शानदार बंगले में रहते थे और उन्हें महंगी गाड़ियों व कार रेसिंग का जबरदस्त शौक था।

उनके कार कलेक्शन की सबसे बड़ी यूएसपी थी उनकी लेम्बोर्गिनी एवेन्टैडर (Lamborghini Aventador) कार, जिसकी कीमत करीब ₹5.21 करोड़ थी। दिलचस्प बात यह है कि इस सुपरकार को खरीदने के लिए उन्होंने एक बड़ा बैंक लोन (कर्ज) भी लिया था, जो दिखाता है कि वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए कितने जुनूनी थे। इसके अलावा उनके काफिले में रेंज रोवर और फॉर्च्यूनर जैसी कई अन्य लग्जरी गाड़ियां भी शामिल थीं।


4. बेटियों के नाम कर गए करोड़ों की वसीयत (Property & Will)

प्रतीक यादव अपने पीछे करोड़ों रुपये का बिजनेस और चल-अचल संपत्ति छोड़ गए हैं। पूर्व में सामने आए चुनावी हलफनामों के अनुसार, इस दंपत्ति के पास करीब ₹23 करोड़ से अधिक की घोषित संपत्ति थी, जिसमें लखनऊ और आसपास के कमर्शियल व रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।

आखिरी इच्छा और वसीयत: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रतीक यादव ने अपने निधन से पहले ही एक कानूनी वसीयत (Will) तैयार करवा ली थी। इस वसीयत के तहत उन्होंने अपनी अधिकांश संपत्ति और बिजनेस एम्पायर का मालिकाना हक अपनी दोनों बेटियों के नाम कर दिया है। पिता के अचानक चले जाने के बाद, अब कानूनी प्रक्रियाओं के तहत उनकी विरासत का यह बड़ा हिस्सा उनकी बेटियों को ही सौंपा जाएगा।


निष्कर्ष (Conclusion)

प्रतीक यादव का जीवन इस बात का उदाहरण है कि विरासत में मिली सियासत को छोड़कर भी कड़ी मेहनत और लगन से अपनी एक अलग पहचान बनाई जा सकती है। एक तरफ जहां उनका आलीशान जीवन और करोड़ों का बिजनेस लोगों को प्रेरित करता है, वहीं उनकी असमय मृत्यु हमें यह सिखाती है कि जिंदगी कितनी अनिश्चित है। आज वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन लखनऊ के फिटनेस वर्ल्ड और अपनी बेटियों के भविष्य के लिए सुरक्षित की गई वसीयत के रूप में उनकी यादें हमेशा जिंदा रहेंगी।

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