BBC की जांच में खुलासा: Instagram पर बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक विज्ञापन दिखाए जा रहे थे। जानें पूरा मामला, भारत सरकार की कार्रवाई, मेटा का जवाब और खुद को कैसे बचाएं।
“The Careless Machine” — BBC की इस डॉक्यूमेंट्री ने पूरी दुनिया को हिला दिया है। जानिए कैसे इंस्टाग्राम का एल्गोरिदम आपको लत लगाता है, और क्यों भारत सरकार ने मेटा को सीधी चेतावनी दे दी है।
Instagram का भारत और दुनिया में प्रभाव
भारत में सिर्फ एंड्रॉइड फोन्स पर ही इंस्टाग्राम के 500 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड्स हो चुके हैं, और भारत दुनिया भर में इसके सबसे बड़े बाजारों में गिना जाता है। दिलचस्प बात यह है कि जहां दुनिया भर में ChatGPT जैसी ज्ञानवर्धक AI ऐप्स की मांग तेजी से बढ़ी है, वहीं भारत में इंस्टाग्राम जैसे मनोरंजन ऐप्स की लोकप्रियता कहीं आगे रही है। लेकिन अब यही ऐप एक बहुत बड़े विवाद के केंद्र में आ गया है।
विवाद की शुरुआत: BBC की खोजी डॉक्यूमेंट्री
3 जुलाई 2026 को BBC की पत्रकार दिव्या आर्या ने एक खोजी रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसका नाम है “The Careless Machine: Exposing Instagram’s Darkest Secret”। इस रिपोर्ट में गंभीर आरोप लगाया गया है कि इंस्टाग्राम पर विज्ञापनों और एल्गोरिदम की आड़ में बच्चों से जुड़ी अवैध और यौन शोषण से संबंधित सामग्री (Child Sexual Exploitation Material) प्रचारित की जा रही थी।
BBC की टीम ने भारत में एक टेस्ट अकाउंट बनाया और खाने-पीने, मौसम और रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जुड़ी पोस्ट डालने वाली 10 महिलाओं को फॉलो किया, जो उत्तेजक कपड़ों में नज़र आती थीं। एक हफ्ते के भीतर ही एल्गोरिदम ने वयस्क अश्लील सामग्री से जुड़े विज्ञापन दिखाने शुरू कर दिए, और कुछ दिनों बाद ऐसे विज्ञापन भी सामने आने लगे जो बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री की ओर इशारा करते थे और यूज़र्स को Telegram चैनलों पर भेज रहे थे। BBC के मुताबिक उनके टेस्ट अकाउंट पर करीब 30 ऐसे विज्ञापन दिखाए गए, साथ ही वयस्क अश्लील सामग्री से जुड़े करीब 20 और विज्ञापन भी दिखे।
व्हिसलब्लोअर का बड़ा खुलासा
फेसबुक के पूर्व वाइस प्रेसिडेंट और अब व्हिसलब्लोअर बने ब्रायन बोलैंड ने BBC को बताया कि वे इन खुलासों से “स्तब्ध लेकिन हैरान नहीं” हैं। उनके मुताबिक मेटा का एल्गोरिदम एक “बेपरवाह मशीन” (careless machine) की तरह काम करता है, जो सिर्फ रेवेन्यू और क्लिक्स के पीछे भागता है, और अगर कंपनियां सुरक्षा को लेकर गंभीरता से काम नहीं करतीं तो ऐसे नतीजे सामने आना तय है। बोलैंड ने यह भी कहा कि कंपनी के भीतर बड़े फैसले टॉप लीडरशिप की जानकारी के बिना नहीं लिए जाते।
गौरतलब है कि बोलैंड इससे पहले अमेरिका के न्यू मेक्सिको राज्य में मेटा के खिलाफ एक मुकदमे में गवाही भी दे चुके हैं, जिसमें कोर्ट ने मेटा पर 375 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया था।
भारत सरकार का सख्त एक्शन
इस रिपोर्ट के सामने आते ही भारत सरकार हरकत में आ गई। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मेटा को नोटिस जारी करते हुए 7 दिनों के भीतर जवाब देने और आपत्तिजनक विज्ञापनों व सामग्री को तुरंत हटाने का अल्टीमेटम दिया है। इसके अलावा केंद्रीय IT मंत्री अश्विनी वैष्णव के निर्देश पर मंत्रालय ने मेटा के अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर सफाई देने के लिए भी बुलाया है।
मेटा ने अपने बयान में कहा कि “बच्चों का यौन शोषण एक भयावह अपराध है और मेटा इसके खिलाफ अपने ऐप्स पर सख्ती से काम करता है।” कंपनी ने यह भी दावा किया कि BBC के सवालों के बाद उसने कई विज्ञापन हटा दिए, संबंधित अकाउंट्स को सस्पेंड कर दिया और नीति उल्लंघन से जुड़े URLs को ब्लॉक कर दिया। वहीं Telegram ने कहा कि उसने 2026 में अब तक ऐसी सामग्री से जुड़े 2 लाख 74 हज़ार से ज़्यादा ग्रुप्स और चैनल्स हटाए हैं।
भारत में कितना बड़ा है यह संकट?
NCMEC (National Center for Missing & Exploited Children) के आंकड़ों के मुताबिक भारत से 2025 में करीब 19 लाख शिकायतें दर्ज हुईं, जो अमेरिका (लगभग 20 लाख) के बाद दुनिया में दूसरे नंबर पर है। तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो की डायरेक्टर शिखा गोयल का कहना है कि मेटा के प्लेटफॉर्म्स से सबसे ज़्यादा रिपोर्ट्स आती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वहां सबसे ज़्यादा ऐसी सामग्री मौजूद है — बेहतर डिटेक्शन सिस्टम की वजह से भी ज़्यादा अलर्ट जनरेट हो सकते हैं।
इंस्टाग्राम का एल्गोरिदम आपको ‘लती’ कैसे बनाता है?
यह पूरा मामला सिर्फ विज्ञापनों तक सीमित नहीं है, बल्कि इंस्टाग्राम-फेसबुक जैसे ऐप्स की पूरी डिज़ाइन ही यूज़र को ज़्यादा से ज़्यादा समय तक ऐप पर बनाए रखने के लिए बनाई गई है।
डोपामाइन रश: जब आप छोटी रील्स या आकर्षक म्यूज़िक वाले वीडियो देखते हैं, तो दिमाग में खुशी का हार्मोन ‘डोपामाइन’ रिलीज़ होता है, जिससे बार-बार स्क्रॉल करने की इच्छा बनी रहती है।
30 मिनट का टारगेट: मेटा की टीम की कोशिश रहती है कि हर यूज़र कम से कम 30 मिनट तक ऐप पर बना रहे। अगर कोई जल्दी बाहर निकलता है, तो अगली बार उसे ज़्यादा आकर्षक और कभी-कभी असामान्य सामग्री दिखाकर रोके रखने की कोशिश की जाती है।
कमाई का इंजन: मेटा विज्ञापनों के ज़रिए सालाना करीब 200 बिलियन डॉलर कमाता है, जो उसकी कुल कमाई का करीब 98% हिस्सा है। यही वजह है कि आलोचकों का कहना है कि यूज़र सेफ्टी से ज़्यादा एंगेजमेंट और रेवेन्यू को प्राथमिकता दी जाती है।
कानूनी चेतावनी: सिर्फ अपलोड करना ही नहीं, देखना भी अपराध
यह जानना बेहद ज़रूरी है कि भारतीय कानून (पॉक्सो एक्ट और IT एक्ट की धारा 67B) के तहत ऐसी अवैध सामग्री बनाना और अपलोड करना जितना बड़ा अपराध है, उतना ही बड़ा अपराध जानबूझकर ऐसी सामग्री को देखना (consume करना) भी है — जिसके लिए 5 साल तक की सज़ा का प्रावधान है।
साइबर एजेंसियां किसी भी व्यक्ति का IP एड्रेस, डिवाइस का IMEI नंबर, मोबाइल लोकेशन और यहां तक कि वाई-फाई राउटर की जानकारी भी आसानी से ट्रैक कर सकती हैं, इसलिए कोई भी यूज़र खुद को “सुरक्षित” न समझे।
इस एल्गोरिदम ट्रैप से कैसे बचें?
अगर आपके इंस्टाग्राम फीड पर भी अवांछित या अश्लील सामग्री बार-बार दिख रही है, तो इन आसान तरीकों से आप खुद को बचा सकते हैं:
- रिपोर्ट और अनफॉलो करें: ऐसी सामग्री दिखाने वाले अकाउंट्स को तुरंत रिपोर्ट करें और अनफॉलो करें।
- सजेस्टेड कंटेंट रिसेट करें: Settings में जाएं → Content You See या Suggestions पर क्लिक करें → वहां से सजेस्टेड कंटेंट रिसेट करें और ‘Not Interested’ या ‘Don’t Recommend’ चुनें।
- री-इंस्टॉल करें: ज़्यादा दिक्कत होने पर ऐप का डेटा क्लियर करें या उसे फैक्ट्री रीसेट/री-इंस्टॉल करके नए सिरे से इस्तेमाल करें।
निष्कर्ष: BBC की इस रिपोर्ट ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सोशल मीडिया कंपनियां वाकई यूज़र्स, खासकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं, या फिर मुनाफे के आगे बाकी सब कुछ गौण है। भारत सरकार का यह सख्त रुख आने वाले दिनों में मेटा के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
अगर आप या आपके आस-पास कोई ऐसी सामग्री देख रहा है, तो उसे तुरंत रिपोर्ट करें और नज़दीकी साइबर क्राइम सेल को सूचित करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. BBC की “Instagram Darkest Secret” डॉक्यूमेंट्री किस बारे में है?
यह BBC की एक खोजी रिपोर्ट है जिसका नाम “The Careless Machine: Exposing Instagram’s Darkest Secret” है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे Instagram का एल्गोरिदम और विज्ञापन सिस्टम बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री को बढ़ावा दे रहा था।
2. यह रिपोर्ट कब और किसने प्रकाशित की?
यह रिपोर्ट BBC की पत्रकार दिव्या आर्या ने 3 जुलाई 2026 को प्रकाशित की।
3. भारत सरकार ने मेटा के खिलाफ क्या कार्रवाई की है?
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मेटा को नोटिस भेजकर 7 दिनों के भीतर जवाब देने और आपत्तिजनक विज्ञापन हटाने का आदेश दिया है। साथ ही मेटा के अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए भी बुलाया गया है।
4. मेटा ने इन आरोपों पर क्या जवाब दिया?
मेटा ने कहा कि बच्चों का यौन शोषण एक भयावह अपराध है और कंपनी इसके खिलाफ सख्ती से काम करती है। BBC के सवालों के बाद कंपनी ने कई विज्ञापन और अकाउंट्स हटाने का दावा किया।
5. क्या ऐसी अवैध सामग्री देखना भी भारत में अपराध है?
हां। भारतीय कानून (पॉक्सो एक्ट और IT एक्ट की धारा 67B) के तहत ऐसी सामग्री बनाना और अपलोड करना ही नहीं, बल्कि जानबूझकर उसे देखना भी अपराध है, जिसके लिए 5 साल तक की सज़ा हो सकती है।
6. Instagram पर अवांछित या आपत्तिजनक कंटेंट दिखने से कैसे बचें?
Settings में जाकर “Content You See” या “Suggestions” ऑप्शन से सजेस्टेड कंटेंट रीसेट करें, संबंधित अकाउंट्स को रिपोर्ट व अनफॉलो करें, और ज़रूरत पड़ने पर ऐप को री-इंस्टॉल करें।
7. क्या Instagram जानबूझकर यूज़र्स को एडिक्ट बनाता है?
आलोचकों और व्हिसलब्लोअर्स के मुताबिक, Instagram का एल्गोरिदम यूज़र्स को ज़्यादा से ज़्यादा समय तक ऐप पर बनाए रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है, क्योंकि कंपनी की 98% कमाई विज्ञापनों से आती है।
8. अगर मुझे ऐसी सामग्री दिखे तो मुझे क्या करना चाहिए?
तुरंत उस कंटेंट या अकाउंट को Instagram पर रिपोर्ट करें और अपने नज़दीकी साइबर क्राइम सेल या NCMEC/भारत की साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर सूचना दें।
