CJP Founder Abhijeet Dipke Inside story पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम पर एक ही नाम की गूंज है—Cockroch Janta Party (CJP)। सिर्फ 4 से 5 दिनों के भीतर इस ‘पैरोडी’ और व्यंग्यात्मक राजनीतिक दल ने 12 मिलियन (1.2 करोड़) से अधिक फॉलोवर्स का आंकड़ा पार कर इतिहास रच दिया है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स कर चुके 30 वर्षीय पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रेटेजिस्ट अभिजीत दिपके ने आखिर इस अनोखी ‘पार्टी’ का गठन क्यों किया? इसके पीछे की कहानी महज़ एक मजाक नहीं, बल्कि देश के युवाओं का एक बड़ा आक्रोश है।
🔍 वो बयान जिसने ‘CJP’ को जन्म दिया (The Trigger Point)
इस पूरी कहानी की शुरुआत 15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट की एक लाइव सुनवाई के दौरान हुई। एक मामले की सुनवाई करते हुए देश के माननीय मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कथित तौर पर टिप्पणी करते हुए कहा:
“समाज में कुछ ऐसे परजीवी (Parasites) हैं जो सिस्टम पर हमला करते हैं… कुछ युवा कॉकरोच (तिलचट्टों) की तरह होते हैं, जिन्हें कोई रोजगार नहीं मिलता और पेशे में कोई जगह नहीं होती। उनमें से कुछ मीडिया बन जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया, कुछ आरटीआई कार्यकर्ता बन जाते हैं और वे हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं…”
हालांकि बाद में CJI ने स्पष्ट किया कि उनके इस बयान को गलत संदर्भ में (Out of Context) पेश किया गया था और वे केवल फर्जी डिग्री वाले लोगों की बात कर रहे थे। लेकिन तब तक इंटरनेट पर तीर कमान से छूट चुका था। देश के पढ़े-लिखे और नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को यह ‘कॉकरोच’ शब्द चुभ गया।
🎯 अभिजीत दिपके ने क्यों बनाई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’?
अभिजीत दिपके ने मीडिया इंटरव्यूज़ (जैसे Al Jazeera और The Hindu) में साफ किया कि उन्होंने इस नाम को विरोध के एक हथियार के रूप में चुना। उनके CJP बनाने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
1. ‘कॉकरोच’ शब्द को सम्मान का प्रतीक बनाना (Reclaiming the Label)
अभिजीत के मुताबिक, “सत्ता में बैठे लोग या बड़े पदों पर बैठे लोग आम नागरिकों और बेरोजगार युवाओं को ‘कॉकरोच और परजीवी’ समझते हैं। हमने इस अपमानजनक शब्द को ही अपनी ताकत बना लिया। अगर व्यवस्था हमें कॉकरोच समझती है, तो हम सब कॉकरोच बनकर एक साथ खड़े होंगे।”
2. देश में बढ़ती बेरोजगारी (29.1% ग्रेजुएट अनइम्प्लॉयमेंट)
रिसर्च और रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में ग्रेजुएट्स (स्नातक) के बीच बेरोजगारी दर लगभग 29.1% तक पहुंच गई है। देश में हर साल 80 लाख से ज्यादा छात्र ग्रेजुएट होते हैं, लेकिन नौकरियां नहीं हैं। CJP का गठन इसी कड़वी सच्चाई को सरकार और कोर्ट के सामने व्यंग्य के जरिए रखने के लिए किया गया था।
3. NEET और CBSE पेपर लीक का गुस्सा
पार्टी के गठन से ठीक एक हफ्ते पहले देशभर में NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक होने के आरोपों को लेकर छात्र सड़कों पर थे। युवाओं में सिस्टम के प्रति भारी गुस्सा था। अभिजीत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI Tools) जैसे ChatGPT और Claude की मदद से महज़ 24 घंटे में CJP का घोषणापत्र (Manifesto) और “हां मैं हूं कॉकरोच” नाम का एक रैप सॉन्ग तैयार कर दिया, जो सीधे छात्रों के दिल को छू गया।
4. पारंपरिक राजनीति से युवाओं का मोहभंग
अभिजीत दिपके का मानना है कि आज का युवा न तो मौजूदा सरकार की नीतियों से खुश है और न ही विपक्ष के ढीले रवैये से। उन्हें एक ऐसे प्लेटफॉर्म की तलाश थी जहां वे बिना किसी राजनीतिक एजेंडे के अपनी भड़ास निकाल सकें। CJP की पात्रता (Eligibility) ही यही है: “बेरोजगार, आलसी, चौबीसों घंटे ऑनलाइन रहने वाले और पेशेवर रूप से भड़ास निकालने वाले।”
💼 कौन हैं अभिजीत दिपके? (Abhijeet Dipke Bio & AAP Connection)
अभिजीत दिपके मूल रूप से छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। उन्होंने पुणे से पत्रकारिता (Journalism) की पढ़ाई की और हाल ही में अमेरिका की प्रतिष्ठित बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स डिग्री पूरी की है।
- पॉलिटिकल बैकग्राउंड: अभिजीत कोई नए खिलाड़ी नहीं हैं। साल 2020 से 2023 के बीच उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) की सोशल मीडिया और डिजिटल कैंपेनिंग टीम में काम किया था। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान ‘आप’ के मीम-आधारित प्रचार के पीछे भी उन्हीं का दिमाग था।
- विपक्ष का समर्थन: CJP के वायरल होते ही आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने भी इस डिजिटल आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।
⚖️ क्या यह सिर्फ एक मजाक है या बनेगी असली पॉलिटिकल पार्टी?
शुरुआत में अभिजीत ने इसे सिर्फ एक ‘गूगल फॉर्म’ के जरिए मजाक के तौर पर शुरू किया था, लेकिन जब 4 दिनों में 2 लाख से ज्यादा लोगों ने पार्टी की सदस्यता के लिए साइन-अप कर लिया, तो यह बेहद गंभीर मामला बन गया।
हाल ही में भारत सरकार की कानूनी मांग के बाद CJP के मुख्य ‘X’ (ट्विटर) अकाउंट को भारत में बैन (Withheld) कर दिया गया है। इस पर शिकागो से बात करते हुए अभिजीत ने तंज कसा, “मुझे लगता है कि जैसे ही मैं भारत (दिल्ली एयरपोर्ट) वापस लौटूंगा, पुलिस मुझे सीधे तिहार जेल ले जाएगी।” हालांकि, वे इस आंदोलन को जमीनी स्तर पर ले जाने के लिए जल्द ही दिल्ली आकर युवाओं के साथ सर्वे करने की योजना बना रहे हैं।
