नई दिल्ली/लखनऊ। Severe Heatwave मई का महीना बीतते-बीतते उत्तर और मध्य भारत के बड़े हिस्से में सूरज की तपिश अब जानलेवा ‘टॉर्चर’ में बदल चुकी है। देश के कई राज्यों में भीषण लू का प्रकोप जारी है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-NCR और मध्य प्रदेश के कई जिलों में आसमान से आग बरस रही है। उत्तर प्रदेश का बांदा जिला (Banda) लगातार तीसरे दिन देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा रिकॉर्ड 48.2°C दर्ज किया गया।
इस भीषण गर्मी का सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ा है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है, बाजारों में ताले लटक रहे हैं, और खेतों में काम करने वाले किसान अब रात में काम करने को मजबूर हैं। मौसम विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों के लिए रेड अलर्ट (Red Alert) जारी किया है। इसके साथ ही 25 मई से पारंपरिक ‘नौतपा’ (Nautapa 2026) की शुरुआत होने जा रही है, जिससे तापमान और बढ़ने की आशंका है।
अस्पतालों में हाहाकार: 20-30% बढ़े हीट स्ट्रोक के मरीज
भीषण गर्मी और ‘लू’ (Loo) के थपेड़ों के कारण लोग तेजी से बीमार पड़ रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों के आपातकालीन वार्ड (Emergency Wards) फुल हो चुके हैं।
- बांदा ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों के मुताबिक, रोजाना आने वाले मरीजों की संख्या में 300 से 400 की बढ़ोतरी हुई है। अस्पताल में हर दिन 200 से 300 लोग केवल हीट-रिलेटेड बीमारियों के कारण आ रहे हैं।
- प्रमुख लक्षण: मरीजों में तेज बुखार, उल्टी-दस्त (Diarrhoea), पेट दर्द, चक्कर आना और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) की शिकायतें सबसे ज्यादा देखी जा रही हैं।
- प्रशासनिक मुस्तैदी: अस्पतालों और एम्बुलेंस सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है। दिल्ली और यूपी के कई अस्पतालों में विशेष ‘कूलिंग जोन’ (Cooling Zones) बनाए गए हैं, जहां ओआरएस (ORS) और ठंडे पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
बूंद-बूंद पानी को तरसे लोग: गहराया जल संकट
तापमान 45 डिग्री के पार जाते ही देश के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में पानी का गंभीर संकट (Water Crisis) खड़ा हो गया है। नदियों, तालाबों और कुओं का जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है, जिससे मिट्टी की नमी पूरी तरह खत्म हो गई है।
महाराष्ट्र के विदर्भ और लातूर जैसे इलाकों से लेकर बुंडेलखंड के गांवों तक, लोग टैंकरों के पीछे भागने को मजबूर हैं। भूजल स्तर गिरने के कारण हैंडपंपों ने पानी छोड़ दिया है। पीने के पानी के साथ-साथ मवेशियों और पक्षियों के लिए भी पानी का अकाल पड़ गया है, जिससे वन्यजीवों की मौत की खबरें भी सामने आ रही हैं।
14 शहरों की ग्राउंड रिपोर्ट: कहां कितना रहा तापमान?
देश के 14 प्रमुख शहरों में गर्मी ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। नीचे दी गई तालिका में शहरों का हाल देखें:
| शहर | राज्य | अधिकतम तापमान (Approx.) | मुख्य स्थिति / प्रभाव |
| बांदा | उत्तर प्रदेश | 48.2°C | देश का सबसे गर्म शहर, स्कूल बंद, अस्पतालों में अलर्ट |
| फरीदकोट | पंजाब | 47.3°C | पंजाब का सबसे गर्म इलाका, जनजीवन अस्त-व्यस्त |
| रोहतक | हरियाणा | 46.9°C | भीषण लू का प्रकोप, दोपहर में कर्फ्यू जैसे हालात |
| अमरावती | महाराष्ट्र | 46.8°C | विदर्भ क्षेत्र में पानी की भारी किल्लत |
| झांसी | उत्तर प्रदेश | 46.5°C | बुंडेलखंड में पारा रिकॉर्ड स्तर पर |
| आगरा | उत्तर प्रदेश | 46.5°C | पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट, दोपहर में स्मारक खाली |
| श्रीगंगानगर | राजस्थान | 46.5°C | सीमावर्ती इलाके में रेतीली गर्म हवाओं का कहर |
| चित्तौड़गढ़ | राजस्थान | 46.3°C | राजस्थान का सबसे गर्म केंद्र दर्ज |
| दिल्ली (Ridge) | दिल्ली | 45.8°C | राजधानी का सबसे गर्म स्टेशन, बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर |
| प्रयागराज | उत्तर प्रदेश | 45.8°C | रात का तापमान भी 30°C के पार, रातें भी हुईं गर्म |
| दिल्ली (Safdarjung) | दिल्ली | 45.1°C | सामान्य से लगभग 5 डिग्री अधिक तापमान |
| नार्नौल | हरियाणा | 45.0°C | लगातार चल रही गर्म ‘लू’ से त्वचा झुलसने जैसी गर्मी |
| चंडीगढ़ | चंडीगढ़ | 43.2°C | सामान्य से 4 डिग्री अधिक, सुखना लेक पर सन्नाटा |
| लखनऊ | उत्तर प्रदेश | 40.9°C | राजधानी में उमस और गर्मी से लोग बेहाल |
मौसम वैज्ञानिकों की राय: वैज्ञानिकों के अनुसार, अल-नीनो और ग्लोबल वार्मिंग के कारण इस साल दक्षिण एशिया में प्री-मानसून हीटवेव का खतरा तीन गुना बढ़ गया है। हालांकि, यह भीषण गर्मी एक संकेत भी है; मैदानी इलाकों में बनने वाला यह कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) ही आगे चलकर हिंद महासागर से मानसूनी हवाओं को अपनी ओर खींचेगा, जिससे अच्छी बारिश की उम्मीद बनती है।
प्रशासन की गाइडलाइन और डॉक्टरों की सलाह
बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासनों ने स्कूलों में समय से पहले गर्मियों की छुट्टियां घोषित कर दी हैं। डॉक्टरों ने आम जनता के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है:
- दोपहर में निकलने से बचें: सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच बहुत जरूरी न होने पर घर से बाहर न निकलें।
- खाली पेट बाहर न जाएं: घर से निकलते समय भरपूर पानी, छाछ, या नींबू पानी पीकर निकलें। अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें।
- शरीर को ढककर रखें: धूप में निकलते समय सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनें। सिर को स्कार्फ, टोपी या छतरी से ढककर रखें।
- इलाज में देरी न करें: यदि अचानक चक्कर आए, तेज सिरदर्द हो या उल्टी महसूस हो, तो इसे आम कमजोरी न समझें। तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क करें।
