भोपाल | 15 मई, 2026: देश भर में ईंधन की कीमतों में हुई अचानक बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर मध्य प्रदेश के उपभोक्ताओं पर पड़ा है। करीब 4 साल के लंबे अंतराल के बाद सरकारी तेल कंपनियों ने आज पेट्रोल और डीजल के दामों में ₹3 से ₹3.30 प्रति लीटर तक का भारी इजाफा किया है। मध्य प्रदेश, जो पहले से ही देश में सबसे अधिक ईंधन कर (VAT) वाले राज्यों में शुमार है, वहाँ कई जिलों में पेट्रोल की कीमतें ₹112 के पार पहुँच गई हैं।
मध्य प्रदेश के 10 सबसे महंगे शहर (15 मई, 2026)
राज्य के भीतर अलग-अलग जिलों में लगने वाले स्थानीय करों और डिपो से दूरी के कारण रेट्स में अंतर होता है। आज की बढ़ोतरी के बाद सबसे महंगे 10 शहरों की सूची यहाँ दी गई है:
| रैंक | शहर/जिला | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
| 1 | रीवा (Rewa) | ₹112.85 | ₹97.45 |
| 2 | अनूपपुर (Anuppur) | ₹112.50 | ₹97.20 |
| 3 | शहडोल (Shahdol) | ₹112.35 | ₹97.10 |
| 4 | बालाघाट (Balaghat) | ₹111.95 | ₹96.85 |
| 5 | सतना (Satna) | ₹111.55 | ₹96.40 |
| 6 | छिंदवाड़ा (Chhindwara) | ₹110.90 | ₹95.80 |
| 7 | जबलपुर (Jabalpur) | ₹109.87 | ₹95.06 |
| 8 | ग्वालियर (Gwalior) | ₹109.70 | ₹94.99 |
| 9 | भोपाल (Bhopal) | ₹109.58 | ₹94.98 |
| 10 | इंदौर (Indore) | ₹109.58 | ₹94.97 |
क्यों है मध्य प्रदेश इन शहरों में दाम सबसे ज्यादा?
मध्य प्रदेश के पूर्वी जिलों जैसे रीवा, अनूपपुर और शहडोल में कीमतें हमेशा ऊँची रहती हैं। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- परिवहन लागत (Logistics): ये शहर मुख्य तेल डिपो से काफी दूर स्थित हैं, जिससे ढुलाई का खर्च बढ़ जाता है।
- राज्य वैट (State VAT): मध्य प्रदेश में पेट्रोल पर लगभग 29% और डीजल पर 19% के करीब वैट लगता है, जो कीमतों को ₹100 के पार बनाए रखता है।
- अतिरिक्त उपकर (Cess): सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार अतिरिक्त सेस भी वसूलती है।
कांग्रेस का तीखा प्रहार: ‘महंगाई मैन’ और ‘मोदी की वसूली’
विपक्षी दल कांग्रेस ने इस बढ़ोतरी को ‘चुनावी लाभ’ से जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव खत्म होते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता पर ‘महंगाई का हंटर’ चला दिया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि तेल कंपनियों के नुकसान की भरपाई अब आम जनता की जेब काटकर की जा रही है।
आम आदमी के बजट पर असर
ईंधन की कीमतों में ₹3 की वृद्धि केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगी। इसका सीधा असर लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन पर पड़ेगा, जिससे आने वाले दिनों में:
- सब्जी, फल और दूध जैसी आवश्यक वस्तुएं महंगी होंगी।
- माल ढुलाई के रेट बढ़ने से निर्माण सामग्री (ईंट, सीमेंट) के दाम बढ़ेंगे।
- ऑटो और टैक्सी किरायों में भी बढ़ोतरी की संभावना है।
