तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राजनीतिक संकट गहराया। जानें राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने थलापति विजय (TVK) के सामने सरकार बनाने के लिए कौन सी 4 बड़ी शर्तें रखी हैं।
तमिलनाडु में सत्ता का सस्पेंस: 108 सीटों के साथ विजय ‘सिंगल लार्जेस्ट’, पर बहुमत अब भी दूर!
तमिलनाडु की राजनीति में आज (8 मई 2026) का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। सुपरस्टार से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने अपने पहले ही चुनाव में 108 सीटें जीतकर द्रविड़ राजनीति की नींव हिला दी है। लेकिन, सत्ता की कुर्सी और विजय के बीच अब राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर की संवैधानिक दीवार खड़ी है।
राज्यपाल ने रखीं ये 4 बड़ी शर्तें (Governor’s Conditions)
चूंकि TVK बहुमत के जादुई आंकड़े (118) से 10 सीटें पीछे है, इसलिए राजभवन ने सरकार गठन के लिए कड़ी शर्तें रखी हैं:
- हस्ताक्षर युक्त समर्थन पत्र (Physical Proof): राज्यपाल ने स्पष्ट किया है कि केवल ‘सबसे बड़ी पार्टी’ होना काफी नहीं है। विजय को कम से कम 118 विधायकों के समर्थन वाले हस्ताक्षर पत्र सौंपने होंगे।
- गठबंधन की वैधता की जांच: कांग्रेस (5 सीटें) ने DMK का साथ छोड़कर विजय को समर्थन देने का फैसला किया है। राज्यपाल इस नए गठबंधन की स्थिरता की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
- 15 दिनों का ‘फ्लोर टेस्ट’ (Floor Test): अगर विजय दावेदारी पेश करते हैं, तो उन्हें विधानसभा के पटल पर अपनी ताकत साबित करने के लिए सिर्फ 15 दिन का समय मिलेगा।
- हॉर्स-ट्रेडिंग पर सख्त रुख: राज्यपाल ने “अनैतिक खरीद-फरोख्त” (Horse-Trading) के प्रति शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की चेतावनी दी है।
2026 चुनाव परिणाम: एक नजर में (Current Status)
| पार्टी / गठबंधन | सीटें | वर्तमान स्थिति |
| TVK (विजय) | 108 | बहुमत के लिए 10 और सीटों की जरूरत |
| DMK और सहयोगी | 73 | विपक्षी खेमे में, सत्ता से बाहर |
| AIADMK और सहयोगी | 53 | ‘ग्रैंड अलायंस’ की चर्चाओं के बीच वेटिंग मोड |
| कांग्रेस | 05 | TVK को समर्थन का ऐलान किया |
क्यों हो रहा है विरोध प्रदर्शन?
चेन्नई में TVK कार्यकर्ता और वामपंथी दल (CPI/CPM) राज्यपाल के फैसले के खिलाफ सड़कों पर हैं। समर्थकों का तर्क है कि लोकतंत्र की परंपरा के अनुसार, सबसे बड़ी पार्टी के नेता को पहले सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए और बहुमत राजभवन के बजाय विधानसभा में साबित होना चाहिए।
कौन हैं राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर?
राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने 12 मार्च 2026 को तमिलनाडु के राज्यपाल के रूप में अतिरिक्त कार्यभार संभाला था (आर.एन. रवि के पश्चिम बंगाल तबादले के बाद)। गोवा से ताल्लुक रखने वाले अर्लेकर बिहार और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल भी रह चुके हैं और वे अपनी “वेट एंड वॉच” नीति के लिए जाने जाते हैं।
Tezkhabar Opinion: क्या होगा अगला कदम?
सूत्रों की मानें तो DMK और AIADMK एक ऐतिहासिक “एंटी-विजय” गठबंधन बनाने पर विचार कर रहे हैं। क्या विजय इन 10 विधायकों का समर्थन जुटा पाएंगे या तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन की आहट सुनाई देगी?
