भारत में सड़क हादसे 2026: ताज़ा आंकड़े, राज्यवार स्थिति और खतरनाक हाईवे

भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा की स्थिति का प्रतीकात्मक चित्र

भारत में सड़क हादसे 2026 में अब तक सड़क हादसों के ताज़ा आंकड़े, राज्यवार स्थिति और सबसे खतरनाक हाईवे हिस्से। जानिए 2025 के पूरे साल से कैसी है तुलना।

Key Highlights

  • 2026 में 27 जुलाई तक देश में 2,96,447 सड़क हादसे और 1,01,139 मौतें दर्ज हो चुकी थीं। यह आंकड़ा पूरे साल का नहीं है।
  • इसी अवधि में पैदल यात्रियों की 24,446 मौतें हुईं, जो कुल मौतों का लगभग 24% है।
  • राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) पर 27 जुलाई 2026 तक 34,610 मौतें दर्ज हुईं। यह डेटा अधूरा है।
  • Tamil Nadu में हादसे सबसे ज़्यादा हैं (39,666 इसी अवधि में), जबकि Uttar Pradesh में मौतें सबसे ज़्यादा (14,794)।
  • 2025 का पूरा साल: 5,13,563 हादसे और 1,83,382 मौतें, यानी हर घंटे लगभग 21 मौतें।
  • 2023–2025 के बीच 6,358 black corridors पर 37,164 मौतें हुईं।

भारत में सड़क हादसे 2026 में अब तक का हाल

2026 के आंकड़े अभी अधूरे हैं, लेकिन शुरुआती तस्वीर साफ़ है। MoRTH के अनुसार 27 जुलाई 2026 तक देश में 2,96,447 हादसे और 1,01,139 मौतें दर्ज हुई थीं। इस संख्या को पूरे साल के आंकड़े के रूप में न पढ़ें।

एक अनुमान के मुताबिक 2026 में सड़क मौतों में लगभग 3.2% की गिरावट आ सकती है, यानी लगभग 1,77,500 मौतें। वहीं हादसे थोड़े बढ़कर लगभग 5,20,200 तक पहुंच सकते हैं। यह केवल एक अनुमान है, सरकारी आंकड़ा नहीं।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थिति

27 जुलाई 2026 तक NH पर 77,234 हादसे और 34,610 मौतें दर्ज हुईं, और 60,224 लोग घायल हुए। यह डेटा e-DAR पोर्टल से लिया गया है और संसद में इसे अधूरा बताया गया। इसलिए 2025 के पूरे साल से सीधी तुलना सावधानी से करें।

एक ध्यान देने वाली बात: कुछ रिपोर्टों में 2026 के लिए 62,122 मौतों का आंकड़ा दिखता है, लेकिन वह 2025 का पूरे साल का आंकड़ा है।

कौन से राज्य सबसे आगे हैं

27 जुलाई 2026 तक के आंकड़ों में राज्यों की स्थिति इस तरह है:

श्रेणीराज्यआंकड़ा
हादसेTamil Nadu39,666
हादसेMadhya Pradesh34,947
हादसेKerala29,494
मौतेंUttar Pradesh14,794
मौतेंTamil Nadu10,298
मौतेंMaharashtra9,279

Tamil Nadu में जून 2026 तक 37,292 हादसे दर्ज हुए, जबकि 2025 की इसी अवधि में 35,226 थे। Chennai में हादसे 2.68% घटे, लेकिन मौतें 8.44% बढ़ीं। Madhya Pradesh के Ratlam जिले में जुलाई 2026 तक मौतें पिछले साल की इसी अवधि से लगभग 29% बढ़ीं।

सबसे खतरनाक हाईवे और black corridors

सरकार “black corridor” उस 500 मीटर के हिस्से को कहती है जहां तीन साल में पांच हादसे हुए हों, जिनमें मौत या गंभीर चोट शामिल हो, या जहां 10 मौतें हुई हों। 2023–2025 के बीच ऐसे 6,358 corridors पहचाने गए, जिनकी कुल लंबाई 6,409.7 km है।

राज्यवार सबसे ज़्यादा corridors: Tamil Nadu 958, Uttar Pradesh 671, Karnataka 607, Maharashtra 477, Kerala 386, Andhra Pradesh 384।

जिलों के स्तर पर सबसे ऊपर: Villupuram (70), Pune Rural (60), Trichy (56), Purba Medinipur (52), Cuddalore (49)।

नाम वाले हाईवे हिस्से:

  • NH-44 (Haryana): 2023 में 266 km के इस हिस्से में 715 मौतें हुईं, यानी लगभग तीन मौतें प्रति किलोमीटर। Sonipat–Ambala और Faridabad–Palwal इसके सबसे खतरनाक हिस्से बताए गए।
  • NH-44 (Delhi): 30 km के हिस्से में 2023 में 63 मौतें। Mukarba Chowk–Singhu Border और Ashram–Badarpur Border भी खतरनाक हैं।
  • NH-48 (Gurugram): 2025 में 233 हादसे और 127 मौतें। NHAI ने Iffco Chowk, Atlas Chowk, Jharsa और Sector 33 पर सुरक्षा सुधार शुरू किए हैं।
  • NH-44 (Punjab, GT Road): Sahnewal (Ludhiana), Mandi Gobindgarh और Sirhind के थाना क्षेत्रों में सबसे ज़्यादा मौतें दर्ज हुईं।
  • NH-44 (J&K): Ramban और Udhampur में हादसे ज़्यादा होते हैं।

2025 के पूरे साल से तुलना

2025 में देश में 5,13,563 हादसे और 1,83,382 मौतें दर्ज हुईं। यह 2024 से हादसों में लगभग 5.3% की बढ़ोतरी थी। लेकिन NH पर मौतें 4% घटकर 62,122 रह गईं। यह कोविड के बाद पहली गिरावट बताई गई है। UP में राष्ट्रीय राजमार्गों पर मौतें 9,560 से घटकर 7,573 हुईं।

सरकार क्या कर रही है

  • 6,358 black corridors की पहचान AI-आधारित टूल से हुई है, जो IIT Kanpur ने विकसित किए हैं और e-DAR डेटा पर आधारित हैं।
  • 531 km के National Highways पर Advanced Traffic Management Systems (ATMS) की मंज़ूरी मिली है, और 6,000 km के लिए प्रक्रिया शुरू हुई है।
  • NH परियोजनाओं के लिए सड़क सुरक्षा ऑडिट अब अनिवार्य है।
  • PM-RAHAT योजना के तहत 2026 में 12,000 से ज़्यादा कैशलेस इलाज के दावे प्रोसेस हुए।
  • फ़िलहाल 1,191 NH परियोजनाएं (25,917 km) निर्माणाधीन हैं, जिनमें से 629 अपनी मूल समय-सीमा से आगे चल रही हैं।

Important Details

विषयआंकड़ाअवधि / स्रोत
2026 में कुल हादसे (अधूरा)2,96,44727 जुलाई 2026, MoRTH
2026 में कुल मौतें (अधूरी)1,01,13927 जुलाई 2026, MoRTH
2026 में NH पर मौतें (अधूरी)34,61027 जुलाई 2026, संसद
2026 में NH पर हादसे (अधूरे)77,23427 जुलाई 2026, संसद
2025 में कुल हादसे5,13,563पूरा साल, संसद
2025 में कुल मौतें1,83,382पूरा साल, संसद
2025 में NH पर मौतें62,122पूरा साल, संसद
Black corridors6,3582023–2025, संसद
Black corridors में मौतें37,1642023–2025, संसद

Background / Context

सड़क हादसों में मानवीय गलती सबसे बड़ा कारण बताई जाती है। रिपोर्टों में तेज़ रफ़्तार (2026 में 46,075 हादसे सिर्फ़ तेज़ रफ़्तार से जुड़े बताए गए), गलत दिशा में ड्राइविंग और सड़क इंजीनियरिंग की कमियों का बार-बार ज़िक्र हुआ है। NH-48 के Gurugram वाले हिस्से के ऑडिट में भी ज़्यादातर जगहों पर तेज़ रफ़्तार और गलत दिशा में ड्राइविंग दर्ज हुई।

वैश्विक तस्वीर में, विश्व सड़क आंकड़ों के अनुसार भारत में सड़क मौतों की संख्या दुनिया में सबसे ज़्यादा है, इसके बाद चीन और अमेरिका का नंबर आता है।


What Happens Next?

  • पूरे 2026 का आधिकारिक आंकड़ा MoRTH की सालाना रिपोर्ट आने पर मिलेगा, जो आम तौर पर अगले साल आती है।
  • NH पर 2026 के आंकड़े e-DAR पोर्टल के पूरा होने के साथ और साफ़ होंगे।
  • ATMS और black corridors के सुधार कार्यों का असर आने वाले महीनों में आंकड़ों पर दिख सकता है।

FAQ

2026 में अब तक सड़क हादसों में कितनी मौतें हुईं?
MoRTH के अनुसार 27 जुलाई 2026 तक 1,01,139 मौतें दर्ज हुई थीं। यह पूरे साल का आंकड़ा नहीं है।

2026 में सबसे ज़्यादा हादसे कहां हुए?
27 जुलाई 2026 तक Tamil Nadu में सबसे ज़्यादा 39,666 हादसे दर्ज हुए। इसके बाद Madhya Pradesh (34,947) और Kerala (29,494) हैं।

सबसे ज़्यादा मौतें किस राज्य में हुईं?
Uttar Pradesh में 14,794 मौतें दर्ज हुईं, इसके बाद Tamil Nadu (10,298) और Maharashtra (9,279)।

सबसे खतरनाक हाईवे कौन सा है?
सरकारी डेटा “black corridors” के रूप में जिलों और हिस्सों के आधार पर दर्ज है। किसी एक पूरे हाईवे की रैंकिंग नहीं मिली। 2023 की SaveLife रिपोर्ट में Haryana और Delhi के NH-44 हिस्से सबसे असुरक्षित पाए गए थे।

Black corridor का मतलब क्या है?
500 मीटर का वह हिस्सा जहां तीन साल में पांच हादसे हुए हों, जिनमें मौत या गंभीर चोट शामिल हो, या 10 मौतें हुई हों।

क्या 2026 में मौतें कम होंगी?
एक अनुमान के अनुसार मौतों में लगभग 3.2% की गिरावट संभव है, लेकिन यह केवल अनुमान है। आधिकारिक आंकड़ा साल के अंत में आएगा।


Sources / Fact-Check

  • MoRTH 2026 आंकड़े (27 जुलाई तक): राष्ट्रीय और कुल आंकड़े।
  • संसद में दिए गए लिखित उत्तर (Lok Sabha/Rajya Sabha): NH के 2026 आंकड़े, 2025 का पूरा साल, black corridors, ATMS और निर्माणाधीन परियोजनाएं।
  • DT Next (Tamil Nadu और राज्यवार आंकड़े): राज्यों के हादसे और मौतें।
  • SaveLife Foundation / MoRTH (2023 रैंकिंग): NH-44 और NH-48 के हिस्से।
  • NHAI Gurugram सुरक्षा कार्य (2026): NH-48 के आंकड़े।
  • ThePrint, Outlook, Swarajya: black corridors और राज्यवार विश्लेषण।

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