भोपाल में बड़ा तालाब फुल होने से भदभदा-कलियासोत डैम के गेट खुले, श्योपुर में गुप्तेश्वर मंदिर डूबा। जानें MP के किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट और स्कूल बंद हैं
मध्य प्रदेश में बीते तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ने राजधानी भोपाल से लेकर श्योपुर तक हालात बिगाड़ दिए हैं। भोपाल का बड़ा तालाब फुल टैंक लेवल पार करने के बाद भदभदा और कलियासोत डैम के गेट खोलने पड़े, वहीं श्योपुर में गुप्तेश्वर महादेव मंदिर परिसर में पानी भर गया। मौसम विभाग ने शनिवार, 5 सितंबर को प्रदेश के 19 से ज्यादा जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिसके बाद कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित करनी पड़ी।
भोपाल: बड़ा तालाब लबालब, भदभदा-कलियासोत डैम के गेट खुले
भोपाल का बड़ा तालाब शुक्रवार, 4 सितंबर की शाम तक फुल टैंक लेवल 1666.80 फीट तक पहुंच गया। जलस्तर बनाए रखने के लिए शाम करीब 6 बजे भदभदा डैम का गेट नंबर 6 खोला गया। मौजूदा मानसून सीजन में भदभदा डैम का यह पहला गेट था जो खोला गया।
भदभदा डैम से निकलने वाला पानी सीधे कलियासोत डैम में पहुंचता है, जिससे वहां भी जलस्तर बढ़ गया। इसी असर के चलते कलियासोत डैम के भी 2 गेट खोलने पड़े। भोपाल नगर निगम (BMC) ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि बड़े तालाब का फुल टैंक लेवल 1666.80 फीट बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
लगातार तीसरे दिन हो रही बारिश के बीच शनिवार को भदभदा डैम के भी एक घंटे के भीतर 2 गेट खोलने की जानकारी सामने आई है। कैचमेंट एरिया और सीहोर जिले में हो रही बारिश की वजह से तालाब में पानी की आवक लगातार बनी हुई है।
श्योपुर: गुप्तेश्वर मंदिर में घुसा पानी, क्वारी नदी उफान पर
श्योपुर जिले में लगातार बारिश से कदवाल नदी उफान पर आ गई, जिससे गुप्तेश्वर महादेव मंदिर परिसर में पानी भर गया। एहतियात के तौर पर श्रद्धालुओं की मंदिर तक आवाजाही रोक दी गई है।
शहर में क्वारी नदी भी उफान पर है। इसके चलते निचले इलाकों में पानी भरने लगा है। सब्जी मंडी की दुकानों में पानी घुस गया, वहीं कोठारी गार्डन की दीवार भी पानी भरने से गिर गई। स्थिति की जानकारी मिलते ही तहसीलदार और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जलभराव वाले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
जिले में आवदा डैम भी ओवरफ्लो हो गया है, जिससे क्वारी नदी में और पानी बढ़ा है। इसके चलते विजयपुर-टेटरा मार्ग बंद कर दिया गया है। विजयपुर और आसपास के गांवों में नदी खतरे के निशान के करीब पहुंचने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, कई जगह पुल भी पानी में डूब गए हैं।
5 सितंबर को श्योपुर तहसील में 110 मिलीमीटर, कराहल में 100.40 मिलीमीटर, विजयपुर में 76 मिलीमीटर और वीरपुर में 30 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। स्थानीय रिपोर्टों में अमराल और कूनो नदी के भी उफान पर होने की जानकारी है, हालांकि इन दोनों नदियों के आधिकारिक जलस्तर या डिस्चार्ज के आंकड़े फिलहाल उपलब्ध स्रोतों में स्पष्ट नहीं हैं।
प्रदेश के अन्य बांधों से भी छोड़ा जा रहा पानी
भोपाल-श्योपुर के अलावा मध्य प्रदेश के कई और बांधों से भी पानी छोड़ा जा रहा है।
जबलपुर में बरगी डैम का जलस्तर 421.85 मीटर तक पहुंचने के बाद 5 गेट करीब 1 से 1.50 मीटर तक खोले गए हैं। इस मानसून सीजन में बरगी डैम के गेट तीसरी बार खोले गए हैं। इससे पहले 18 अगस्त को 9 गेट और 20 अगस्त को 5 गेट खोले गए थे, 29 अगस्त को सभी गेट बंद करने के बाद 3 सितंबर को फिर से 5 गेट खोलने पड़े।
शहडोल में बाणसागर बांध लगभग भराव के करीब पहुंच चुका है। जल संसाधन विभाग के मुताबिक बांध का जलस्तर 341.58 मीटर दर्ज किया गया, जबकि पूर्ण भराव स्तर 341.64 मीटर है यानी बांध करीब 98.42 प्रतिशत भर चुका है। बांध के गेट नंबर 6 से 13 तक कुल 8 रेडियल गेट 2-2 मीटर तक खोलकर सोन नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। सोन नदी किनारे बसे गांवों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टरों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।
अशोकनगर और उत्तर प्रदेश के ललितपुर की सीमा पर स्थित राजघाट (रानी लक्ष्मीबाई) बांध का जलस्तर भी लगातार बढ़ने पर रात 10 बजे इसके 14 गेट खोलने का फैसला लिया गया। इसके अलावा गुना में गोपी कृष्ण डैम से भी 164 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया है, जबकि छतरपुर के कुटनी बांध से भी पानी छोड़ा जा रहा है।
नर्मदा-मंदाकिनी उफान पर, चित्रकूट में SDRF ने बचाई 100 लोगों की जान
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर 138.52 मीटर पर पहुंचकर डेंजर लेवल के करीब बना हुआ है। हालात को देखते हुए SDRF ने करीब 100 लोगों को सुरक्षित बचाया है।
मंडला में नर्मदा नदी का जलस्तर 436.1 मीटर तक पहुंच गया है, यानी नर्मदा भी उफान पर है। बुंदेलखंड क्षेत्र में हालात सबसे ज्यादा गंभीर बताए जा रहे हैं, जहां कई नदियां और बांध एक साथ दबाव में हैं।
19 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में स्कूल बंद
मौसम विभाग ने 5 सितंबर के लिए शिवपुरी और श्योपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड सहित प्रदेश के करीब 19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मौसमी तंत्र का असर 5 और 6 सितंबर को ग्वालियर-चंबल, सागर और उज्जैन संभाग के कई जिलों में सबसे ज्यादा रहेगा। इसके बाद 7 और 8 सितंबर को भी कुछ इलाकों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है, हालांकि इंदौर में इस दौरान तेज बारिश की संभावना कम बताई गई है।
लगातार बारिश और कई जगह बने बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए 5 सितंबर को कई जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला लिया है। मुरैना में सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद हैं। श्योपुर में नर्सरी से 12वीं तक के स्कूल बंद किए गए हैं। शिवपुरी में सभी शैक्षणिक संस्थान और आंगनवाड़ी केंद्र बंद हैं, जबकि गुना में भी नर्सरी से 12वीं तक की कक्षाओं में छुट्टी है। ग्वालियर और पन्ना में भी बारिश के चलते स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 3 से 5 सितंबर के दौरान राज्यभर में यह तीव्र बारिश का दौर सक्रिय रहा। पूर्वी मध्य प्रदेश के दमोह, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, नरसिंहपुर, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, सिवनी, छिंदवाड़ा और टीकमगढ़ सहित करीब 22 जिलों में अचानक बाढ़ आने की आशंका जताई गई है।
फिलहाल जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन बांधों के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। नदी किनारे बसे गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने और नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी जा रही है।
FAQ:
Q1. भोपाल में कलियासोत और भदभदा डैम के गेट क्यों खोले गए?
Answer: लगातार बारिश से भोपाल का बड़ा तालाब फुल टैंक लेवल 1666.80 फीट तक पहुंच गया, जिसके बाद जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए पहले भदभदा और फिर कलियासोत डैम के गेट खोले गए।
Q2. श्योपुर में गुप्तेश्वर मंदिर में पानी कैसे घुसा?
Answer: कदवाल नदी में तेज उफान आने से गुप्तेश्वर महादेव मंदिर परिसर में पानी भर गया, जिसके बाद एहतियातन श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी गई।
Q3. मध्य प्रदेश में किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है?
Answer: शिवपुरी और श्योपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है, जबकि ग्वालियर-चंबल, सागर और उज्जैन संभाग सहित करीब 19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
Q4. मध्य प्रदेश में किन बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है?
Answer: भदभदा, कलियासोत, जबलपुर के बरगी, शहडोल के बाणसागर, अशोकनगर-ललितपुर सीमा के राजघाट और गुना के गोपी कृष्ण डैम सहित कई बांधों से जलस्तर नियंत्रित करने के लिए पानी छोड़ा जा रहा है।
Q5. 5 सितंबर को किन जिलों में स्कूल बंद किए गए हैं?
Answer: 5 सितंबर को ग्वालियर, गुना, श्योपुर, शिवपुरी, पन्ना, भिंड और मुरैना में बारिश के चलते स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित की गई है।
SOURCE/FACT-CHECK NOTE:
यह रिपोर्ट निम्न स्रोतों से जुटाई गई सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित है (सभी 5 सितंबर 2026 या उससे ठीक पहले प्रकाशित): Free Press Journal (भदभदा डैम, 2 गेट), भोपाल नगर निगम (BMC) का आधिकारिक ट्वीट, Amar Ujala (क्वारी नदी, ब्रिज डूबा, स्कूल बंद, मौसम अलर्ट), Mediasaheb (आवदा डैम ओवरफ्लो, बाणसागर डैम, स्कूल बंद), Navabharat (कदवाल नदी, गुप्तेश्वर मंदिर), Navbharat Live (क्वारी नदी, मंडी जलमग्न), Prime TV India (मंदाकिनी नदी, बरगी डैम, बाणसागर डैम, CM निर्देश), Tarun Mitra (नर्मदा-मंदाकिनी, राजघाट डैम), Malwa Abhi Tak (28 जिलों की चेतावनी, गोपी कृष्ण डैम)।
पारदर्शिता के लिए स्पष्ट किया जा रहा है: उपयोगकर्ता द्वारा दी गई मूल हेडलाइन में “अमराल-कूनो उफान पर” का उल्लेख था, लेकिन उपलब्ध स्रोतों में इन दोनों नदियों के जलस्तर या डिस्चार्ज से जुड़े स्वतंत्र, सत्यापित आंकड़े नहीं मिल सके। इसलिए इस जानकारी को लेख में केवल “स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक” के तौर पर उल्लेखित किया गया है, तथ्य के रूप में नहीं। कलियासोत डैम के “2 गेट” खुलने की पुष्टि उपयोगकर्ता की मूल हेडलाइन और एक स्वतंत्र मीडिया रिपोर्ट (Dainik Bhaskar) दोनों से मिलती है।
