MP Flood: चित्रकूट-सतना में मंदाकिनी नदी उफान पर, रामघाट पूरी तरह जलमग्न। 23 साल का रिकॉर्ड टूटा, SDRF-NDRF और हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू जारी। पूरी खबर पढ़ें तेज़ख़बर पर।
तीर्थनगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने कहर बरपा दिया है। मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित चित्रकूट में पिछले 14 घंटों की लगातार भारी बारिश के बाद मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से 8 से 9 मीटर ऊपर बहने लगी, जिसने पिछले 23 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका रामघाट है, जो पूरी तरह पानी में डूब गया है। घाट किनारे की सैकड़ों दुकानें जलमग्न हो गई हैं और प्रशासन ने लोगों से नदी और घाटों से दूर रहने की अपील की है।
रामघाट से भरतघाट तक तबाही का मंजर
रिपोर्टों के अनुसार, मंदाकिनी नदी का पानी घाट किनारे स्थित करीब 400 दुकानों में घुस गया है। रामघाट के साथ-साथ भरतघाट भी जलमग्न हो चुका है। चित्रकूट के प्रमुख धार्मिक स्थल जैसे आरोग्यधाम, गुप्त गोदावरी और सती अनुसुइया क्षेत्र में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन सतर्कता बरती जा रही है।
चित्रकूट नगर पालिका परिषद के कार्यपालन अधिकारी लाल जी वर्मा के अनुसार, मंदाकिनी नदी का जलस्तर पिछले दो दिनों से लगातार बढ़ रहा था, जो अब घटना शुरू हो गया है।

पुल क्षतिग्रस्त, यातायात प्रभावित
तेज बहाव के कारण रामघाट से हनुमानधारा जाने वाले मार्ग पर बना पुराना पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। करवी शहर में नदी पर बने पुल के ऊपर से भी पानी बहने लगा, जिसके चलते NH-35 पर यातायात रोक दिया गया। मझगवां के पास रेलवे ट्रैक पर जलभराव होने से आनंद विहार-रीवा ट्रेन को आगे बढ़ने से रोकना पड़ा। तारौंहा, गोबरिया और बहादुर सहित कई गांवों में भी पानी भर गया है। जिला प्रशासन ने करीब 36 गांवों को हाई अलर्ट पर रखा है।
SDRF-NDRF के साथ हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य के लिए चार NDRF टीमें, चार SDRF टीमें और दो PAC टीमें तैनात की गई हैं। जरूरत पड़ने पर तैनाती के लिए 10 अतिरिक्त टीमों को भी बुलाया गया है। जलमग्न सड़कों पर नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों को भी हवाई निगरानी और फंसे हुए लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए तैनात किया गया, हालांकि कम दृश्यता के कारण कुछ समय के लिए बचाव अभियान में बाधा भी आई।
प्रशासन के मुताबिक अब तक 50 से अधिक लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है और अब तक किसी जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है। यह जानकारी घटनाक्रम के समय उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है और स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि होने तक सावधानी बरतना जरूरी है।
बाढ़ से विस्थापित हुए लोगों के लिए चित्रकूट में छह राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां भोजन और चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव लेंगे स्थिति का जायजा
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव रीवा में एक बैठक कर चित्रकूट की बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही रविवार को वे सतना जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का प्रत्यक्ष निरीक्षण भी करेंगे। समीक्षा बैठक में राहत कार्यों में तेजी लाने और नुकसान का आकलन करने पर मुख्य फोकस रहने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में क्षेत्र में और बारिश की संभावना जताई गई है, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। रिपोर्टों के अनुसार मंदाकिनी नदी का जलस्तर अब घटने की दिशा में है और अधिकतम बाढ़ स्तर 136 मीटर की ओर बढ़ रहा है।
चित्रकूट, जो मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश सीमा पर बसा एक प्रमुख तीर्थ स्थल है और भगवान राम के वनवास काल से जुड़ा माना जाता है, हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। ऐसे में बाढ़ की यह घटना धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल सकती है।
नोट: यह खबर घटनाक्रम पर आधारित है और स्थिति लगातार बदल रही है। मृतकों/घायलों की आधिकारिक संख्या और नुकसान का पूर्ण आकलन प्रशासन की ओर से जारी होने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।
स्रोत: जिला प्रशासन चित्रकूट के आधिकारिक बयान, IANS, तथा विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स (आधिकारिक और मीडिया स्रोतों में अंतर स्पष्ट रखा गया है)
बायलाइन: सोमिल कुमार प्रकाशित: 30 अगस्त 2026 अपडेटेड: 30 अगस्त 2026
6. FAQ Section
Q1. चित्रकूट में बाढ़ की वजह क्या है?
14 घंटे की लगातार भारी बारिश के कारण मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से 8-9 मीटर ऊपर बहने लगी, जिससे चित्रकूट में बाढ़ आई है।
Q2. क्या यह मंदाकिनी नदी का अब तक का सबसे बड़ा जलस्तर है?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह पिछले 23 वर्षों का रिकॉर्ड है, यानी इतने वर्षों में नदी इतने ऊंचे स्तर पर नहीं पहुंची थी।
Q3. रेस्क्यू ऑपरेशन में कौन-कौन सी टीमें शामिल हैं?
चार NDRF टीमें, चार SDRF टीमें, दो PAC टीमें और भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर रेस्क्यू और राहत कार्य में लगे हुए हैं।
Q4. क्या चित्रकूट में जान-माल का नुकसान हुआ है?
अब तक उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार किसी जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि 400 से अधिक दुकानें और कई पुल-सड़कें प्रभावित हुई हैं। आधिकारिक आंकड़े आने पर पुष्टि की जाएगी।
Q5. मुख्यमंत्री का चित्रकूट-सतना दौरा कब है?
मुख्यमंत्री मोहन यादव रीवा में समीक्षा बैठक करेंगे और सतना के बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करेंगे।
