MP बिजली कंपनी संविदा कर्मी नियमितीकरण 2026: 6500 पदों पर मौका, बोनस अंक और शर्तें

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MP बिजली कंपनियों में 6500 संविदा कर्मी नियमित होंगे। अक्टूबर से पहले ऑनलाइन परीक्षा, अनुभव पर बोनस अंक और चयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी पढ़ें।

मध्य प्रदेश की बिजली कंपनियों में वर्षों से सेवा दे रहे संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य के ऊर्जा विभाग ने करीब 6500 संविदा कर्मियों को नियमित नियुक्ति का रास्ता खोल दिया है। इसके लिए विभाग ने एक विशेष परीक्षा और चयन प्रक्रिया तय की है, जिसे “संविदा आधार पर कार्यरत कार्मिकों की समकक्ष नियमित पदों पर नवीन नियुक्ति योजना 2026″ नाम दिया गया है।

नोट: यह जानकारी ऊर्जा विभाग के आदेश और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। अंतिम तिथियों और प्रक्रिया में बदलाव संभव है, इसलिए संबंधित कंपनी की आधिकारिक सूचना जरूर देखें।

किन कंपनियों के कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

इस योजना का फायदा पांच बिजली कंपनियों के संविदा कर्मचारियों को मिलेगा:

  • एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड
  • मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, जबलपुर
  • मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, इंदौर
  • मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, भोपाल
  • मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी, जबलपुर

मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी को फिलहाल इस योजना से बाहर रखा गया है, यानी वहां कार्यरत संविदा कर्मचारी इस स्कीम का लाभ नहीं उठा सकेंगे।

किन पदों के कर्मचारी होंगे शामिल

नियमितीकरण की इस योजना में मुख्य रूप से चार तरह के पदों के संविदा कर्मी और अधिकारी पात्र होंगे:

  1. लाइन अटेंडेंट
  2. टेस्टिंग अटेंडेंट
  3. जूनियर इंजीनियर
  4. असिस्टेंट इंजीनियर

आदेश को लागू करने की जिम्मेदारी संबंधित कंपनियों के प्रबंध संचालकों को सौंपी गई है, यानी हर कंपनी अपने स्तर पर इस योजना को क्रियान्वित करेगी।

पात्रता की शर्तें

योजना का लाभ लेने के लिए कुछ स्पष्ट शर्तें रखी गई हैं:

  • संबंधित कंपनी में न्यूनतम दो साल की संविदा सेवा पूरी होनी चाहिए, और यह अवधि योजना की स्वीकृति तिथि तक गिनी जाएगी।
  • अगर दो अनुबंधों (कॉन्ट्रैक्ट) के बीच कुछ समय का गैप रहा है तो उसे सेवा में रुकावट नहीं माना जाएगा, लेकिन उस बीच की अवधि अनुभव में नहीं जुड़ेगी।
  • दोबारा संविदा नियुक्ति की स्थिति में भी अनुभव जोड़ा जाएगा, हालांकि खाली अवधि घटाकर ही कुल अनुभव निकाला जाएगा।
  • अनुभव प्रमाण पत्र कार्यपालन अभियंता स्तर या उससे ऊपर के अधिकारी द्वारा जारी होना जरूरी है, और यह आवेदन के समय अनिवार्य दस्तावेज होगा।

परीक्षा और चयन प्रक्रिया

नियमित पदों पर नियुक्ति के लिए पात्र संविदा कर्मचारियों की एक ऑनलाइन परीक्षा आयोजित होगी। यह परीक्षा अक्टूबर 2026 महीने से पहले करानी होगी, और भर्ती सिर्फ उन्हीं पदों पर होगी जिनके बराबर के नियमित पद खाली हैं।

अंतिम मेरिट सूची परीक्षा में मिले अंकों और सेवा अवधि के आधार पर मिलने वाले बोनस अंकों को जोड़कर तैयार होगी।

बोनस अंकों की गणना इस तरह होगी:

  • पहले दो साल की सेवा पर 10 अंक
  • इसके बाद हर पूरे साल की सेवा पर अतिरिक्त 2 अंक
  • अधिकतम बोनस अंक की सीमा 30 तय की गई है
  • अनुभव की गणना 31 मई 2026 की स्थिति के आधार पर होगी

मेरिट सूची में जगह बनाने के लिए न्यूनतम अंक भी तय हैं — सामान्य वर्ग के लिए 50 अंक और आरक्षित वर्ग के लिए 40 अंक जरूरी होंगे।

एक बार का मौका, आरक्षण और उम्र सीमा में छूट

यह अवसर हर पात्र संविदा कर्मचारी को सिर्फ एक बार ही मिलेगा, दोबारा प्रयास की सुविधा नहीं होगी। सभी नियुक्तियां मध्यप्रदेश शासन के आरक्षण नियमों के अनुसार होंगी, और हर वर्ग (सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी) के लिए अलग-अलग मेरिट सूची तैयार होगी। इसके साथ ही आवेदन के लिए अधिकतम उम्र सीमा में भी छूट दी जाएगी, जिससे उम्र सीमा पार कर चुके कर्मचारियों को भी राहत मिलेगी।

चयन के बाद क्या करना होगा

अगर कोई संविदा कर्मचारी नियमित पद के लिए चुना जाता है, तो उसे पहले अपने मौजूदा संविदा पद से त्यागपत्र देना होगा। आमतौर पर त्यागपत्र स्वीकार होने में एक महीने की सूचना अवधि लगती है, लेकिन इस योजना के तहत यह नियम शिथिल कर दिया गया है, जिससे नई नियुक्ति जल्दी मिल सकेगी।

एक जरूरी बात यह भी है कि त्यागपत्र देने के बाद पुरानी संविदा सेवा पूरी तरह समाप्त मानी जाएगी। इसके आधार पर वरिष्ठता, पदोन्नति या किसी अन्य तरह के लाभ का दावा नहीं किया जा सकेगा। यानी नियमित नियुक्ति के बाद कर्मचारी की सेवा नए सिरे से गिनी जाएगी।

निष्कर्ष

ऊर्जा विभाग की यह नई नियुक्ति योजना उन हजारों संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, जो लंबे समय से नियमितीकरण का इंतजार कर रहे थे। हालांकि इसमें शर्तें और सीमाएं भी जुड़ी हैं, जैसे एक बार का मौका और त्यागपत्र के बाद पुरानी सेवा का समाप्त होना। पात्र कर्मचारियों को समय पर दस्तावेज तैयार रखने और परीक्षा की तैयारी शुरू करने की सलाह दी जाती है।


FAQ (Schema Ready)

Q1. एमपी की बिजली कंपनियों में कितने संविदा कर्मी नियमित होंगे?

मध्य प्रदेश की बिजली कंपनियों में करीब 6500 संविदा कर्मचारी और अधिकारी नियमित हो सकेंगे। इसके लिए उन्हें ऊर्जा विभाग की निर्धारित परीक्षा और चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा।

Q2. यह परीक्षा कब आयोजित होगी?

यह ऑनलाइन परीक्षा अक्टूबर 2026 महीने से पहले आयोजित की जाएगी।

Q3. किन बिजली कंपनियों के कर्मचारी इस योजना के पात्र हैं?

एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (जबलपुर), पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (इंदौर), मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (भोपाल) और पावर ट्रांसमिशन कंपनी (जबलपुर) के कर्मचारी पात्र हैं। पावर जनरेटिंग कंपनी को इस योजना से बाहर रखा गया है।

Q4. किन पदों के संविदा कर्मी आवेदन कर सकते हैं?

लाइन अटेंडेंट, टेस्टिंग अटेंडेंट, जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर कार्यरत संविदा कर्मी इस योजना के लिए पात्र होंगे।

Q5. पात्रता के लिए न्यूनतम सेवा अवधि कितनी होनी चाहिए?

संबंधित कंपनी में न्यूनतम दो साल की संविदा सेवा पूरी होनी जरूरी है।

Q6. बोनस अंक कैसे तय होंगे?

पहले दो साल की सेवा पर 10 अंक मिलेंगे, इसके बाद हर पूरे साल पर 2 अतिरिक्त अंक जुड़ेंगे। अधिकतम बोनस अंक 30 निर्धारित हैं और अनुभव की गणना 31 मई 2026 की स्थिति के आधार पर होगी।

Q7. मेरिट सूची में शामिल होने के लिए न्यूनतम अंक कितने चाहिए?

सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 50 अंक और आरक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम 40 अंक जरूरी होंगे।

Q8. क्या यह मौका एक से ज्यादा बार मिलेगा?

नहीं, यह अवसर हर पात्र संविदा कर्मचारी को सिर्फ एक बार ही मिलेगा।

Q9. चयन के बाद कर्मचारी को क्या करना होगा?

चयनित कर्मचारी को अपने मौजूदा संविदा पद से त्यागपत्र देना होगा। इसके बाद पुरानी संविदा सेवा के आधार पर वरिष्ठता, पदोन्नति या किसी अन्य लाभ का दावा मान्य नहीं होगा।

Q10. क्या उम्र सीमा में छूट मिलेगी?

हां, आवेदन के लिए अधिकतम उम्र सीमा में छूट दी जाएगी।

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