NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI को बड़ी कामयाबी मिली है। दिल्ली की अदालत ने मुख्य आरोपी PV Kulkarni और मनीषा वाघमारे को 10 दिन की CBI रिमांड पर भेज दिया है। जानिए कैसे लीक हुआ था पेपर।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को लेकर मचे बवाल के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कथित ‘इनसाइडर’ और पेपर लीक के मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी (PV Kulkarni) और उनकी सहयोगी मनीषा वाघमारे (Manisha Waghmare) को दिल्ली की एक अदालत ने 10 दिनों की CBI रिमांड पर भेज दिया है।
इस हाई-प्रोफाइल स्कैंडल की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के लिए इसे एक बहुत बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। अब अगले 10 दिनों की कस्टडी में इस बात से पर्दा उठने की उम्मीद है कि इस पूरे नेक्सस (Nexus) में NTA के कौन-कौन से अधिकारी शामिल थे और यह लीक कितनी दूर तक फैला हुआ था।
कौन है मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी? (Who is PV Kulkarni?)
सीबीआई की जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। आरोपी पीवी कुलकर्णी महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला एक रिटायर्ड केमिस्ट्री लेक्चरर है।
- NTA से सीधा कनेक्शन: कुलकर्णी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के परीक्षा पैनल और पेपर सेट करने वाली कमेटी का हिस्सा रह चुका था। इसी वजह से उसके पास गोपनीय प्रश्नपत्रों (Confidential Question Papers) तक सीधी पहुंच थी।
- लगातार जुड़ाव: वह सालों से नीट परीक्षा की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ था, जिसका फायदा उठाकर उसने इस घिनौने खेल को अंजाम दिया।
सीक्रेट कोचिंग क्लास और हाथ से लिखे नोट्स: ऐसे लीक हुआ पेपर
CBI के मुताबिक, पीवी कुलकर्णी ने अपनी सहयोगी मनीषा वाघमारे (जो पुणे की रहने वाली है) के साथ मिलकर अप्रैल 2026 के आखिरी हफ्ते में एक साजिश रची।
- छात्रों को इकट्ठा करना: मनीषा वाघमारे ने मोटी रकम देने को तैयार छात्रों को जाल में फंसाया और उन्हें कुलकर्णी के पुणे स्थित घर पर इकट्ठा किया।
- सीक्रेट ट्यूशन: कुलकर्णी के घर पर चुनिंदा छात्रों के लिए “विशेष कोचिंग क्लास” आयोजित की गई।
- मुंहजुबानी लिखाया पेपर: किसी भी डिजिटल सबूत से बचने के लिए कुलकर्णी ने प्रश्न, उनके विकल्प (MCQs) और सही उत्तर छात्रों को बोलकर (Dictate) लिखाए। छात्रों ने इसे अपनी नोटबुक में दर्ज किया।
CBI का बड़ा दावा: जांच एजेंसी को छापेमारी में जो छात्रों की हैंडराइटिंग वाले नोट्स मिले हैं, वे 3 मई 2026 को हुए असली NEET UG के केमिस्ट्री पेपर से हूबहू (100%) मैच कर रहे हैं। इस सीक्रेट क्लास में शामिल होने के लिए हर छात्र से लाखों रुपये वसूले गए थे।
मनीषा मंधारे की गिरफ्तारी से और गहराया मामला
इस मामले में कड़ियां जुड़ती जा रही हैं। पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे से पूछताछ के आधार पर CBI ने एक और बड़ी मछली मनीषा गुरुनाथ मंधारे (Manisha Mandhare) को भी गिरफ्तार कर लिया है। मंधारे पुणे की एक सीनियर बॉटनी (Biology) टीचर हैं और वो भी इस बार NTA की पेपर-सेटिंग कमेटी में शामिल थीं। उन्होंने कथित तौर पर बायोलॉजी (बॉटनी और जूलॉजी) का पेपर लीक किया था।
अब तक इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक और पुणे से 9 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
10 दिन की CBI रिमांड में क्या सामने आएगा?
विशेष लोक अभियोजक (Special Public Prosecutor) ने कोर्ट से आरोपियों की कस्टडी की मांग की थी, जिसके बाद दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दोनों को 10 दिन की CBI रिमांड पर सौंप दिया। इस रिमांड के दौरान CBI मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जांच करेगी:
- NTA के अंदरूनी कनेक्शन: क्या NTA के बड़े अधिकारियों ने भी इस पेपर लीक के बदले रिश्वत ली थी?
- पैसों का लेन-देन (Financial Trail): छात्रों से वसूले गए करोड़ों रुपये कहां और किस-किस बैंक अकाउंट या ट्रांजैक्शन के जरिए ट्रांसफर किए गए?
- डिजिटल सबूत: आरोपियों के डिलीट किए गए व्हाट्सएप चैट और मोबाइल डेटा को रिकवर कर पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश करना।
रद्द हो चुकी है परीक्षा, 21 जून को होगा दोबारा एग्जाम
आपको बता दें कि 3 मई 2026 को आयोजित हुई इस परीक्षा में करीब 22 लाख छात्र शामिल हुए थे। पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई थी। अब यह परीक्षा दोबारा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी।
इस लीक कांड ने देश के लाखों ईमानदार छात्रों के भविष्य को अधर में लटका दिया है। अब देखना यह होगा कि 10 दिनों की रिमांड में कुलकर्णी और वाघमारे कौन से नए राज उगलते हैं।
